• viratthinktank 5w

    हमसे बदलो न तुम, तुम से बदले न हम 
    रोज़ चाहे ज़माना बदलता रहे ..

    यूँ ही घड़ियाँ शब्-ए-गम की कटती  रहे ..
    याद आते रहो तुम दिल बहलता रहे ।
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