• prashantlm 11w

    इश्क़

    इश्क़ से दूर रहो,
    इश्क़ के दरिया में उतर जाना नही,
    पर गर उतर जाओ ,
    तो फिर तूफानी लहरों से भी डर जाना नही!
    इश्क़ न करना भूल कर भी कभी,
    इश्क़ की राहो में बड़े पत्थर है,
    पर ग़र करलो तो,
    राह की मुश्किलो से कभी डर जाना नही!
    इश्क़ में हार मान लेते है वो कायर है,
    रख इरादे बुलंद, हौंसले कम न हो!
    ये जो रोना धोना है मय्यत के लिए छोड़ो,
    इश्क़ में कभी रोना या रुलाना नही!
    जमाना क्या कहता है तेरे इश्क़ को छोड़ो,
    ये तेरा इश्क़ ये तू क्या चाहता है इस से...
    बस यही बात है असल कीमत की,
    ये इश्क तेरे दिल के जज़्बात है!
    ये कोई जमाने भर का फ़साना नही!!
    और ,
    जान ले दुनिया, जितना जल्द उतना बेहतर,
    आशिक हूँ, मिज़ाज़ आशिकी है माना,
    पर डर के हालात से, इश्क़ का साथ छोड दूँ,
    ऐसा भी मिज़ाज़ मेरा कायराना नही !!

    ©prashantlm