• ankita_dubey 10w

    ❤❤❤❤

    मोहब्बत से मुखातिब ....
    मुकम्बल ... मुनासिब ...
    मेहेरबान तुम्ही पे .. ए जान -ए -मुसाफ़िर ...
    तजुर्बा मिले तो तजुर्बा सही ...
    गर तन्हा दिखूंगी तो ईश्क -ए -करम ...
    गर अश्को से दूरी तो रहम -ए -खुदा ...
    मोहब्बत की राहों से मोहब्बत मे गर ...
    कयामत मिले तो कयामत सही ...
    तू सफर -ए -मौत की नुमाइश ना कर ...
    तुझे कुछ बेहतर मिले तो बेहतर सही..
    खुदा कुछ देकर तो नवाजेगा ही मुझे ..
    गर कुछ बदतर मिले तो बदतर सही ...��

    ©ankita_dubey