• sachinroyal 14w

    कलम

    जब रूह से रूह मुलाकात करती है, तो कलम कुछ एहसास करती है।
    मैं तो कुछ नही कहता साहिब, जो कहना होता है वही अपने शब्दों में इजहार करती है।।


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