• dharmil215 29w

    पता नही यार

    तुम्हे पहली बार देखा, आंखे मिली और उनमें खो गया
    पता नही यार कब तुमसे प्यार हो गया...

    ना कोई बात, ना कोई इशारे बस देखते रहे
    ये दिल जागा और दिमाग सो गया...
    पता नही यार कब तुमसे प्यार हो गया...

    ना जानपहचान थी, ना दोस्ती और ना ही प्यार था
    फिर भी कुछ अनोखा ही रिश्ता हो गया...
    पता नही यार कब तुमसे प्यार हो गया...

    आखिर बात शुरू हुई, कब तक खामोश रहते दो दिल
    तुम और मैं की बातों का पिटारा हम में बदल गया...
    पता नही यार कब तुमसे प्यार हो गया...

    आखिर कहे दिए वो तीन लफ्ज़, इंतेजार था जवाब का
    अलार्म बजा, आंखे खुली और सपना अधूरा रह गया...
    पता नही यार कब तुमसे प्यार हो गया...

    ~ दिल