• shayartera 14w

    एहसास...१३४

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    " खाली पन्नों पर खींच देता था , लकीरें टेढ़ी मेढ़ी ,
    कुछ न जानता था मैं तब , उन लकीरों के सिवा ,
    .
    .
    बचपन था जो भूल गया , बचपना नहीं भुलाता । "

    ।।✍ब्रिज।।
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