• _pankaj_ 5w

    #यकीन

    कहते तो थे तुम कि यकीन था मुझ पर,
    फिर ये नज़रे चुरा के क्यों जा रहे हो।
    बोल दो, नाराज़गी दिखाओ,
    शिकायते करो, सजा दो ना मुझे।
    मुज़रिम हूं मैं,
    तुम्हारे इस बर्ताव का।
    यूँ खामोश रह कर मुझसे,
    काहे मेरा दिल जला रही हो।
    ©_pankaj_