• anjali_reader 16w

    राज

    रात के, अन्धेरे में
    सपने में कुछ आ जाए, अगर
    सन्नाटे में,
    मेरी जुबां खुल जाए, मगर
    सुबह के, उजयारे में
    मेरा राज ना खोलना, तुम
    यूँ शरेआम
    मेरा भरोसा ना तोड़ना, तुम
    मुझे बेशक कर दो बदनाम, मगर
    सुनो, उसका नाम न लेना तुम

    अँजलि..✍
    ©anjali_reader