• tumhare_khatt 37w

    तुझसे दूर होकर एक पल नहीं रहा जाता था माँ ;
    और आज उन पलों को अपनी कश्ती में लेकर निकलता हूँ,
    आऊँगा घर वापिस मैं जल्द ही यह वादा रहा;
    तेरी ममता के आँचल को फिर से मैं गले लगाना चाहता हूँ ।
    बस कुछ ऐसी ही यादें हैं जो हौंसला देती हैं मुझे,
    कि कहीं और कोई बेटा रहे ना माँ से दूर यूँ,
    बस इसलिए मैं दूर हूँ तुझसे
    और तुझसे मिलने की ख़्वाहिश को रोज़ सिराहने रख अपने,
    आँसुओं को मूँद के सो जाता हूँ,
    पर आऊँगा घर वापिस मैं जल्द ही यह वादा रहा;
    तेरी ममता के आँचल को फिर से मैं गले लगाना चाहता हूँ ।


    ©tumhare_khatt