• prakhar5779 16w

    हमसफ़र

    ज़रा -ज़रा पास आने लगे है
    दूर ना जाना तू कभी
    ज़रा ज़रा मुस्कुराने लगे है
    ना तोड़ जाना मुझको कभी

    के फ़ासले मिट जाएंगे जो पास तू है मेरे
    हर मंज़िले मिल जाएँगी जो पास तू है मेरे

    ज़रा ज़रा पास आने लगे है
    दूर ना जाना तू कभी

    एक ख्वाइश है मेरी कि बन जाए तू मेरा हमसफ़र
    साथ चले हर मोड़ पर, दुनिया से हो बेखबर
    तू मुझमे रहे, मै तुझमे रहूं
    कि रहे एक दूज़े के लिए बेसबर
    सारी मुश्किलें तेरी अपनी बना लूँ
    कि हस्ता रहे तू इसी कदर

    ज़रा ज़रा पास आने लगे है
    दूर ना जाना तू कभी

    अब तो तू ही मेरा ठिकाना है
    तू ही मेरा अफसाना है
    मेरी ज़िन्दगी का तू ही
    हाँ तू ही, है हमसफ़र |
    ©prakhar5779