• tejasjain_06 16w

    #शब्द

    काप उठे हर झूठा मन,
    कुछ ऐसा लिखो..
    रो पड़े हर पापी आँख,
    कुछ ऐसा लिखो..
    अपने पर जब तक नाज़ ना कर कवि...
    जब तक हर साँचे इंसान की ज़ुबान तेरा गीत न गाये,
    साले अगर आज में सास लेके तेरा खून नही खोलता थो तू ज़िंदा नही,
    अभी तक इन शब्दों को सुन कर शोक मन्ना रहा क्या...
    उठ..
    और
    कुछ ऐसा लिख की दुनिया थोड़ी सुधार जाए।

    ©6.tenzy