• poojabarchhiha 5w

    इश्क़

    बेशक टेढ़े मेढ़े रास्ते है ज़िंदगी के
    क्या इतना कम है? रास्ते तो है...
    कुछ ठहरे से ख्वाब है मेरे
    ज़िंदा हूँ इसी आस पे कि कुछ ख़्वाब तो है...
    क्या हुआ ग़र मुक़म्मल नहीं इश्क़ मेरा
    इतना काफी है कि किसी से इश्क़ तो है....
    ©poojabarchhiha