• aronstone 33w

    खत्म कर दी थी सारी जिंदगी की सारी खुशियां तुम पर
    कभी फुरसत मीले तो सोंचना वो बेइन्तेहाँ मोहब्बत किसकी थी

    कभी यू ही रूठ जाते थे बेबजह अक्सर
    कभी फुरसत मीले तो सोंचना
    वो बार बार तुम्हे मनाने की अदा किसकी थी

    जी भर रोया करते थे पास आकर घण्टो
    कभी फुरसत मिले तो सोंचना तुम्हारे हर एक एहसास को समझने की समझ किसकी थी

    बड़े रोब से हक़ जताया करते थे हमपर
    कभी फुरसत मिले तो सोंचना तुम्हारे हक़ को हक़ से अपनाने की फितरत किसकी थी. ........
    कभी फुरसत मीले तो सोंचना
    वो खट्टी मीठी यादें किसकी थीं...... .
    आज थाम लिया है हाथ किसी और ने तुम्हारा
    कभी फुरसत मीले तो सोंचना इस पल को जीने की चाहत किसकी थी
    ©tuk~tuk