• svikash312 14w

    लिखता इसलिए हूँ !

    लिखता इसलिए हूँ,
    कि मुझे खुद में जिन्दा रख सकें,
    तो कभी इसलिए
    कि तुझमें खुद को जिंदा रख सकें,
    तो कभी इसलिए
    कि बस खुद को किसी तरह ज़िंदा रख सकें,

    तो कभी इसलिए
    कि अपने बिखरे सभी रिश्तों को समेट सके,
    तो कभी इसलिए
    कि सारी बिखरी हुई यादों को समेट सके,
    तो कभी इसलिए
    कि खुद को बिखरने से बचा सके,

    तो कभी इसलिए
    कि खुद को तलाश कर सकें।
    ©svikash312