Grid View
List View
Reposts
  • 26tarunkkumar 1w

    उससे इस क़दर उम्मीद लगा बैठे थे,
    अपना हो जाए कभी ये मान बैठे थे,

    अब तो उम्मीद भी भुला बैठे है,
    ज़िन्दगी अकेले का नाम है,
    दिल को यही समझा बैठे है।
    © तरुन कुमार।

  • 26tarunkkumar 1w

    Happy rakshabandhan❤️

    Return wish mat karna
    Galti se bhi.

    _______ धन्यवाद _____
    © तरुन कुमार

  • 26tarunkkumar 3w

    आंखो के खेल से शुरूआत हुई,
    कुछ उसकी सुनी, कुछ मेरी बात हुई,
    अनजान से लोग,पहचान वाले बन गए,
    सोचे जो ना थे,वो एहसास कुछ अंदर भर गए।

    कुछ तो महसूस होने लगा,
    कुछ उसके होने पे मिलने लगा,
    तो कुछ उसके ना होने से खोने लगा,
    कुछ पल की बातें अब घंटो में बदल गई,
    मै नहीं नहीं केह कर भी उसकी हो गई।

    उसकी बातो में मेरा ज़िक्र होना,
    नज़रों में मेरी फिक्र होना,
    उदासी में मेरे साथ होना,
    उसकी हर बात में कुछ बात होना
    गुस्से में मुझे प्यार से मनाना,
    मुझे उसका वो टोकना,
    कुछ गलत करने से उसका रोकना।

    सब कुछ मुझे उसके और करीब ले आता है,
    बस यही थम जाएं ये वक़्त,ऐसा खयाल आता है।

    पहली बार उसका एहसास,
    उससे वो पहली मुलाक़ात,
    उसका वो मुझे समझना,
    वो उसका मेरी खुशी की वजह बनना,
    छोटी मुलाकातों के लिए भी वो,
    उसका बेसब्री से इंतजार करना,
    काश वो वक़्त फिर लौट आए।

    वो उसका मेरे बिना कहे,
    मेरी उदासी समझ जाना,
    वक़्त वक़्त पे मुझे प्यार जताना
    मेरी हरकतों पे उसका मुस्कुराना,
    मेरे बचपने पे उसको प्यार आना,
    सब ठीक हो तो रावण की तरह हस्ते जाना,
    वरना वो छोटी छोटी बातों पे गुस्सा हो जाना
    जैसी शुरूआत हुई थी हमारी ,सब वैसा हो जाए,
    अधूरी ख्वाहिश बहुत है बस ये एकख्वाहिश पूरी हो जाए,
    बस ये एक ख्वाहिश पूरी हो जाए।
    © SoNaLi ₹ajPuT

  • 26tarunkkumar 3w

    अनसुना सा एक जादू है,
    महसूस करने पे, बेकाबू है,
    इस एहसास को बयान करने के लिए,
    मेरा पहला प्यार काफी है।
    © तरुन कुमार।

  • 26tarunkkumar 3w

    बस्ती का हुनर।

    बस्ती के हुनर को उड़ने दो,
    बाकी ज़माने से मिलने दो,
    चलने दो उनकी मेहनत को,
    बस रास्ता दो,
    रुकावट बनने से अच्छा है,
    एक दो पत्थर तुम भी हटा दो,
    जहा नदी आए एक उम्मीद का पुल बना दो,
    जंगल में भटके तो दिशा बता दो,
    बस एक ही गुज़ारिश है,
    हुनर के नाम पे ये,
    अमीरी गरीबी का भेद भाव हटा दो।
    © तरुन कुमार।

  • 26tarunkkumar 3w

    कलम से।
    नन्ही आंखो में आस को देखा,
    अपने लोगो के विश्वास को देखा
    नन्हे से पैरो को बढ़ते देखा,
    उंगलियां पकड़ खुद को चलते देखा,
    नन्हे से कंधो पे किताबो का बोझ देखा,
    उस बोझ के ज्ञान को प्राप्त कर के देखा,
    कुछ दुनिया अपनी आंखो से देखी,
    कुछ को अपनी कलम से देखा।
    सपनो को हकीकत बनते देखा,
    देखा जहां मैंने प्रेम,
    वहा मैंने फरेब भी देखा,
    जज्बातों को पन्नों पे बिखरते देखा,
    किसी को उलझते,
    तो किसी को समझते देखा,
    कुछ दुनिया अपनी आंखो से देखी ,
    कुछ को अपनी कलम से देखा,
    पेड़ों को बढ़ते देखा,
    मौसम को बदलते देखा,
    आराम को मेहलो में देखा,
    मेहनत को कड़ी धूप में चलते देखा,
    देखा मैंने भूखो को सड़क पे,
    और रहिसो के खाने को कूड़े में देखा,
    कुछ दुनिया अपनी आंखो से देखी,
    कुछ को अपनी कलम से देखा।
    देखी एक किसान की मेहनत,
    उसकी मेहनत को कर्ज में जकड़े देखा
    देखा मैंने गाव को,
    उसकी सदकी को देखा,
    गाव की बंजर ज़मीन को फिर,
    हरा भरा देखा,
    शहर में बसे लोगो के मतलब को देखा,
    देखा मैंने मुस्कुराहटों को अक्सर गरीबी में,
    मेहलो में तो बस मायूसी को देखा
    देखा मैंने बहुत कुछ आंखो से,
    और फिर इस कलम से उन तक पहुंच के देखा।
    @तरुन कुमार।

  • 26tarunkkumar 4w

    अपनी ज़िन्दगी अपने हिसाब से जियो,
    किसी और के हिसाब से चलोगे,
    तो खुद से नफ़रत कर बैठोगे।
    © तरुन कुमार।

  • 26tarunkkumar 4w

    दुनिया का सच।

    इस दुनिया को जात के,
    नाम पे बटते देखा,
    कई घरों को उजड़ते देखा,
    मां की रोनी सूरत देखी,
    तो कहीं बाबा की लाचारी को देखा,
    अमीरों को मेहलो में हस्ते देखा,
    तो गरीबों को भूखा सोते देखा,
    शहर में खो गई ,
    इंसानियत को गाव में देखा,
    देखी नहीं मैंने पूरी दुनिया,
    पर इतने में पूरी दुनिया का सच देखा।
    © तरुन कुमार।

  • 26tarunkkumar 5w

    सौतेले से शहर में,
    सपनो की दौड़ है,
    कुछ मंज़िल करीब,
    तो कुछ मिलो दूर है,
    कुछ तो गाड़ियों में बैठे है,
    तो कुछ पैदल ही मशरूफ है,
    पर अदा करती किस्मत उन्हीं को है,
    जिनके हांथ में मेहनत की लकीर है।
    © तरुन कुमार।

  • 26tarunkkumar 6w

    हुनर दुर्लभ होता है,
    नुमाइश ना किया कर,
    बिना मेहनत के ,
    फरमाइश ना किया कर,
    करना ही है, तो मदद कर,
    जरूरतमंदों की,
    यू बस तस्साली देके,
    दिखावा ना किया कर।
    © तरून कुमार।