_ishaani_

instagram.com/ishaaniwrites?igshid=kfdbu0fv

target 1000 followers pls help me guys if i follow u do follow me back do click on the link guys

Grid View
List View
  • _ishaani_ 5w

    उसे जानने का केवल एक हीं तरीका है, उसकी भक्ति, उसे बुद्धि द्वारा कोई न जान सकता है, न समझ सकता है ।
    ©_अंबिका_

  • _ishaani_ 5w

    कोइ मुझे मेरे से मिलवा दो
    ____________________
    वो चले गए
    क्यु‌‌कि देश जों ज्यादा प्यारा था
    माना हम उनके धन थे
    पर तन मन देश को वारा था

    अकेली सी रातें रहें गई हैं
    दिन में कहा उजियारा अब
    सोच के मुस्कुराती थी जिन यादो पर
    अब वही आंसू ले आता है।

    मै खुद से बिछड़ गई हूॖॅ़ं
    मेरा आईना भी अब खाली है
    जो रॏनक ज़िन्दगी में थी
    वहां अब अंधियारा पसरा था

    ना सुहाग रहा
    ना चिराग कोई था
    बस कांच के उस फ्रेम में मुस्कुराता
    वो चेहरा मेरा सहारा था

    दिल चीख रहा था
    पर कोई नहीं हमारा था
    जब देश के नाम बलिदान चरा
    तब तन मन से धन यह हरा था

    अब चौखट पे सनाटा है
    कोई लोट कर ना आना
    क्युकी इस आगन की खुशियों
    सब देश पे वारा है

    खुद को खुद से बिचार कर
    अब हम नहीं मुस्कुराते है
    सजना संवरना तो चोरों
    अब रंग भी हमें ना भाता है
    ©_ambika_

  • _ishaani_ 8w

    बिखरे हुए से टुकड़े यू चारों ओर फैले थे मेरे
    समेटने का दिल नहीं कर रहा था
    तकलीफों में इतना डूब गया था मै की
    अपनों का भी ना रहा

    मंज़िल तो थी पर राह खोजना था
    तलाश भी थी पर मन हताश था
    वाजूद भी था बास मन दिल निराश था
    समय का तो क्या कहे

    उसके तो रंग हजार थे
    अपनों को तो बदल दिया
    गैर तो साथ हजार थे
    कसमकस में फसा दिल

    उसपे कितने वार थे
    फिर उन टुकड़ों को देखा मैंने
    जी नहीं करता उतने का
    यूंही दर्द सब लगते अच्छे

    क्यूकी अधेरे में भी वो बेकरार थे
    मेरी खुशियों सबको भाती
    पर तन्हाई मेरा प्यार था
    जब परछाई ने भी छोर दिया
    तब यह टुकड़े मेरा संसार था

  • _ishaani_ 16w

    फ़ुरसत में बैठ कर सोचती हूं
    तो मालूम पड़ता है
    तुम्हे तो सिर्फ हमारी आदत थी
    बेवजह हमने है उससे चाहत का नाम से दिया
    तुम्हने तो सिर्फ फ़ुरसत होने पर हमसे बात किया
    खामखा हमने वक़्त निकाल कर उससे जाया किया
    प्यार तो तुम मेरे थे बेशक
    पर मुझे तुमने सिर्फ इस्तमाल किया।
    और किसी को धोका मात देना जनाब
    हमें तो तुमने वैसे भी तौर दिया।
    ©_ishaani_

  • _ishaani_ 20w

    अंधेरा तो यू ही बदनाम है
    डर तो तुमने फैलाया है
    कपड़ों तो यू ही बदनाम है
    नज़रे तो तुमने गडा़ई हुई है
    तुम उम्र की बात करते हो
    पर यह हरकते तो हर उम्र के साथ दोहराई है
    अरे कौन सी ६ महीने की बच्ची अंधेरे में बाहर निकलती हैं ?
    और कोनसी तुम्हारी दादी छोटे कपड़ों में घूमती है?
    पापा को तो हीरो मानती थी ना यह बेटियां !
    फिर उसने ऐसा क्यों किया ?
    भाई तो सबसे प्यारा था ना फिर उसी ने इज्जत क्यों लिया ?
    अरे इतनी हवस की आग लाते कहा से हो?
    की आपनो को भी जला जाते हो!
    प्यार का नाम देकर उसे अपनी हवस का शिकार क्यों बनाते हो?
    सरम आती है ऐसी सवतांत्रता पर
    जब अब भी हम यूं छोटे सोच के गुलाम है
    क्यों कुछ गलत करने पर भी उससे मिलता मरादांगी का नाम है?
    अरे बस कर अब तो हर हद पार हो गई है !
    किसी को तो छोर दे
    मां जिसने तुझे पला
    बहन जिसने तुझे रक्षक माना
    बीवी जिसने तेरे लिए घर बार छोरा
    सबको तो तूने अपने हवस में हलाल कर डाला
    तेरे इंसानियत को क्या हुआ
    कहा दफना आया तू
    अरे उस ऊपर वाले से तो डर ले
    आंख उसका अभी खुला है|
    क्या चिक सुन के तेरे हाथ नहीं फरफरा जाते ?
    क्या आसू देख कर तेरे रोम नहीं काप उठते ?
    जननी बोल कर अगर पूजते हो तो
    जिस्म से फिर क्यों खेलते हो?
    ©_ishaani_

  • _ishaani_ 20w

    मैं उन हाथों में हमेशा के लिए रहना चाहता था लेकिन मेरी
    किस्मत ने उन्हें मुझसे दूर कर दिया
    मैं चाहता उसे बहुत था
    लेकिन उसने मुझे नफरत से भर दिया
    ©_ishaani_

  • _ishaani_ 20w

    उस खंजर के तरह बना दिया तुम्हने मुझे की
    जिसे ज़िन्दगी ले ली जाती है
    हमें तो सिर्फ खून से ही सीचा गया
    बस यूंही दरिंदो के हात आते गए
    ©_ishaani_

  • _ishaani_ 20w

    अक्सर बैठकर सोचा करती हूं कि
    जमाने ने हमें छोड़ दिया या हमने जमाने को छोड़ दिया
    जवाब तो आज तक नहीं मिला
    पर रहस्यों ने हमें घेर लिया
    ©_ishaani_

  • _ishaani_ 20w

    समझने ही नहीं देती सियासत हम को सच्चाई,
    कभी चेहरा नहीं मिलता कभी दर्पन नहीं मिलता।
    ©_ishaani_

  • _ishaani_ 21w

    Guys pls follow me
    @Shirley_khurana

    Read More

    आग लगी दिल में जब वो खफ़ा हुए,
    एहसास हुआ तब, जब वो जुदा हुए,
    करके वफ़ा वो हमे कुछ दे न सके,
    लेकिन दे गये बहुत कुछ जब वो वेबफा हुए।
    ©_ishaani_