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  • _just_akhi_ 8w

    Friends...

    *शीर्षक -*
    *यारों की यारी* *( दिल / दोस्ती / दुनियादारी)*


    यारों की यारी भी चटपटी हुआ करती है ...थोड़ी सी तीखी ...थोड़ी सी मीठी।

    दिल को ख़ुश कर देने वाली यादें हुआ करती है...थोड़ी सी प्यारी ...थोड़ी सी दुनियादारी ।

    सर पर हाथ रख ... गढ्ढे में धकेलना और ख़ुद ही हंसकर कूद जाना ...थोड़ी सी यादें ...थोड़ी सी बातें।

    झगड़ा करना ज़रूरी नहीं फिर ...भी अगर ना हो तो दुखी बैठ जाना ...थोड़ी सी सावधानी...थोड़ी सी मेहरबानी।

    बाथरूम में जाना...घंटो तक नहाना ...खुद नहीं पता कुछ भी लेकिन...फिर भी बताना,
    दिल दोस्ती दुनियादारी ...थोड़ी सी हलकी ...थोड़ी सी भारी।

    हवा की कश्ती ...तेरा मेरे ऊपर सवार होना ...और आहिस्ते! से मुस्कुराना ,
    याद है ना! ...थोड़ी सी मस्ती ...थोड़ी सी सुस्ती।

    दर्द के नगमो को ...झूमते क़दमों को तेरा सहारा दे जाना...
    आना और जाना...थोड़ी सी मार...थोड़ी सी गाली।

    यूं तो वर्षों तक दूर होते हुए भी...मुझमें समा जाना,
    जाग जाती है ना...थोड़ी सी महानता ...थोड़ी सी...कहानी।

    चोट तुझे लगती...तेरे साथ में मेरा बाहर जाना ,
    घाव मुझे भी लगती...थोड़ी सी अछूती...थोड़ी सी आसमानी।


    जग से न्यारी ...सबपे भारी ....यारी हमारी ,
    तुमने भी जानी ...थोड़ा सा फसाना..थोड़ी सी कवाली।।

    अबकी बार मिलना ...रो - रो कर गले लगाना,
    तू जान है ना...थोड़ी सी बेचैन...थोड़ी सी रूहानी।।


    ~Akhilesh upadhyay
    @_just_akhi_


    #HTW#FRIENDS#

  • _just_akhi_ 9w

    क्या लिखूं , क्यूं लिखूं,
    सब जानते है ...........

    थे ये हमारे ,
    हम सबके प्यारे ,
    हम इन्हे अपना मानते है ।

    दुनिया से हारे ,
    मां बाप के दुलारे,
    हम इन्हे सपना मानते है ।

    मसउदी विचार के प्यारे
    अभियंताओं में सबसे न्यारे
    खुद को ये जनता मानते है ।

    क्या लिखूं , क्यूं लिखूं,
    सब जानते है............

    नाम ही जिनका मिसाइल मैन
    जिनके आगे नतमस्तक सारे नैन
    सत्तारुढ़ भी जिन्हें नज़मा मानते है ।

    तीव्र इच्छा, आस्था, अपेक्षा जिनका वसूल
    प्रथम परीक्षण जिनको हम नहीं सकते भूल
    सभी ,जिन्हें कुदरत का करिश्मा मानते है।


    क्या लिखूं , क्यूं लिखूं,
    सब जानते है .........


    दफ्तर के कर्मकारों के दिल के नूर
    जिनके हौसलों पर दुश्मन भी हुए चूर
    जिन्हें दर्द का हम खुशनुमा सदमा मानते है



    विदेशो में भी छायी उनकी झूम
    जिनके पैरो को हमने लिया चूम
    फकत इंसान थे , हम उन्हें खुदा मानते है



    क्या लिखूं , क्यूं लिखूं,
    सब जानते है..........

    कुशल संचलन और प्रबंधन में मशहूर
    पुस्तकें भी जिनकी जन्नत की हूर
    'विंग्स ऑफ फायर ' को नगमा मानते है


    'मिशन इंडिया' में चला जिनका जादू
    एक नई सोच , एक नई उम्मीद !
    'अ विज़न फॉर द न्यू मिलेनियम ' 2020,
    जिनके सपनों को हम अपना सपना मानते है।


    क्या लिखूं , क्यूं लिखूं,
    सब जानते है..........


    कार्यपालक - अध्यक्ष पद से सुशोभित
    सेना नायकों में सबसे मुस्तफ़िज़ूर
    जिनके लफ़्ज़ों को हम मारुफ़ मानते है।

    नाम ही जिसका ' कलाम '
    कलम में भी ही जिसके जान
    इनके जज्बातों को दरियाई मजमां मानते है ।


    क्या लिखूं , क्यूं लिखूं,
    सब जानते है .........!!!

    धन्यवाद् । ✍��✍��✍��


    ~Akhilesh upadhyay
    @_just_akhi_

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    कलाम सर !

    भावपूर्ण - श्रद्धांजली


    अबुल पाकिर जैनुलअब्दीन अब्दुल कलाम
    (A P J Abdul Kalam)
    (15 अक्टूबर 1931 – 27 जुलाई 2015)

    Read caption......



    ©_just_akhi_

  • _just_akhi_ 9w

    बरसात भी भीगी हुई होगी ,
    दानिस्ता !
    छतरी तो जैसे तब्बस्सुम
    जहर का घेरा था।

    हम तो मारुफ़ होने में
    मुसलसल थे,
    नींद टूटी मेरी ,
    सपना उसका अधूरा था।

    Crux_of_akhil

  • _just_akhi_ 9w

    Last wish...

    खुशियां ही तो मांगी थी
    मैंने तुमसे ,
    मौत के करीब ले आओगे,
    सोचा ना था।


    सुकून तो पहले भी
    ना था इस ज़िन्दगी में ,
    कब्र तक भी ना जा पाओगे,
    सोचा ना था।
    ©_just_akhi_

  • _just_akhi_ 9w

    कर्म पथ !

    कर्म भूमि पर जो डरे
    उसका कथित संसार हो

    कर्तव्य रथ पर जो चले
    उसका नामित संचार हो

    संकल्प - दृढ़ कर जो तरे
    किस्मत गृहित लाचार हो

    मद - मोह , लोभ.. ईर्ष्या में मरे
    जीवन अन्तिम अधिभार हो।।

    ©_just_akhi_

  • _just_akhi_ 9w

    ज़ख़्म !

    ज़ख्म मदहोशी में दिया था जानबूझकर
    ....तुमने शायद!

    होश में आने पर तकल्लुफ करते तो
    .... और मजा आता।


    Crux_of_akhil

  • _just_akhi_ 9w

    सत्य - वचन

    ________________________________________________

    भगवान् ने भी निष्काम कर्मयोग की संज्ञा दी है.....


    मन स्थिर , तन स्थिर और इन्द्रियों को पर भी नियंत्रण होना अतिआवश्यक है।।

    एक नई पंक्ति के जो कि व्यंग्य प्रसंग भी छेड़ सकता है -
    ( भावार्थ सहित )

    मन की कामना , गत दूर हो वासना ।

    तन की कामना , निकृष्ट भावना ।

    तल विचल इंद्रियां , बही:क्षिप्त सामना ।

    उपर्युक्त सभी दशाओं में विनाश होना संभव है।

    धन्यवाद्।।।

  • _just_akhi_ 9w

    बिकाऊ ...

    ________________________________

    वक़्त के बाज़ार में बिकने को तैयार हूं मैं;
    इस नाचीज़ को फुटपाथ पर रखवा देना ।

    कोई भूत से खरीददार आए तो साहब
    तो उस नामचीन को पहले मुझे दिखा देना।

    ________________________________

    ~Akhilesh upadhyay

    ©_just_akhi_

  • _just_akhi_ 10w

    **शीर्षक - सफलता**
    _________________________

    आंसूओं के घूट पीकर ...
    फटे हुए कपड़े सीकर ...

    पीछे ना जाने ,कितनी दूर
    जाना था ,उसे जाना था।

    ज़िन्दगी को मौत की तरह जीकर...
    सपनो को नींद में जीकर ...

    सारी कश्मकश को भूल,
    आना था, उसे आना था।

    यही ख्वाहिश सजाने की उसकी...
    सफ़लता पाना था ,उसे पाना था।
    ~~~~~~~~~~~~~~~~~~
    ~Akhilesh upadhyay
    @_just_akhi_

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    Success...

    Plzz read caption.....
    ©_just_akhi_

  • _just_akhi_ 11w

    **KOI NO YOKON**✍��✍��✍��


    *Meaning:- That you will one day fall in love, an extraordinary sense after meeting someone for first time.*

    ✍��✍��✍��✍��✍��✍��✍��✍��✍��✍��
    The weak intellect was "conveying the end of life's journey", when this story had taken a wonderful turn in my mind.
    While reassuring myself, 'Me: again wanted to turn some pages from my memory.

    There was a pleasant atmosphere when her smile went away with sweet songs in my ears amidst sporadic incidents.

    Her eyes, beauty ,coldness will be like a poison that hurts everyone, in this fantasy, sleep had passed over me.
    Hearing the sound of the door, I woke up in the morning! The whole body was falling apart, tried to get up, but the heart did not!
    Suddenly again that same sonorous sound started dancing in my ears.

    "Koi no yokon", I saw that nymph.
    She left a street in my neighborhood and came from another city to as full as an egg her dreams.
    For me, the definition of the climax of love was limited, "intimacy and commitment".
    "Commitment is an expectation that this relationship will last forever and
    Love involves affinity. "
    What is the value of love and what is the effect of love on the autonomy of the lover and the girlfriend, etc.. Love is not thoughtful of anyone, love is just like that.

    This love was the same for me as well, I tried to tell her many times
    But his feelings, dreams and happiness also compelled me.

    Time came close ,when she was going to visit her city, I never wanted to let her get away.
    The silence was also blowing a flame in my body.
    After a while she said "what happened - you will not speak anything even today" I was shocked and asked you to take care of yourself.
    She was gone, today all her dreams are materialistic .
    He took a break from his scheduled life & had vibes that he's not regretful today but "I wish I had stopped him."


    There are 7 stages of love that's followed by combination of two inhabited souls : Attraction to each other's appeared sentiments, perspective thoughts,desire to meet ,tangle together, inculcating efforts to meet up and exchange love & finally tying knots with intimacy .
    Similarly every favourite beloved has to fade away in some way or other as per universal cosmos ! Starting from disagreements regarding each other's thoughts & suffixes
    to instigate " it's not working anymore & i don't wanna be the cause of his/her pains of unhappiness...i can'tbe the onlyone to hurt myself and resiprocate the same "..., they set an eventual farewell in their comfy cognition.




    AKHILESH UPADHYAY
    @_just_akhi_

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    KOI NO YOKON

    READ CAPTION ......PLZZZ
    ©_just_akhi_