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  • adityaazaad 1w

    मेरी बारिश

    तुम्हारा हाथ पकड़ कर पहाड़ी रास्तों पर बारिश में घूमने का
    मन है मेरा
    तुम आओगी ना...
    चलते चलते सड़क पर भरे पानी में छपाक करने का
    मन है मेरा
    तुम आओगी ना...

    मन है मेरा कि चलते चलते रुक जाएं दोनों चाय की
    टपरी पर
    चाय पिएं कुल्हड़ में,और उतर जाए वो आंखों से दिल में
    तुम आओगी ना...

    चलते चलते जब बारिश रुक जाए और हो जाए अंधेरा
    चलती रहे ठंडी हवा...
    चांद की चांदनी हो उस चांदनी से चमके पहाड़ों की बर्फ
    और तुम बर्फ से भी ज्यादा...
    तुम आओगी ना...

    चांदनी से चमकता झरना और उससे बनती हुई नदी
    तुम्हारा इस्तकबाल करती हो..
    पास ही हरे घास के मैदान में तुम और हम हों,पिलाते रहें एक दूसरे
    को बाहों से मन भरकर इश्क़ और पीते रहें आंखों से नशा...
    वो रात बस यूं ही गुजर जाए,ना तुम तुम रह जाओ ना हम हम रह जाएं..

    बस तब ही मेरी बारिश पूरी है वरना हर बार की तरह अधूरी है....
    ©adityaazaad

  • adityaazaad 1w

    तेरी सादगी....

    बयां को तेरे मेरी गजल मचलती है
    तेरे आने से मेरी जिंदगी संवरती है...

    सुनाता हूं गजल मैं महफिलों में उम्र भर से
    महफ़िल में तू दिखे तो ये जुबां फिसलती है...

    हर जुबां में अल्फाजों को लिखता हूं भर भर के
    लिखने को नाम तेरा मेरी कलम तरसती है...

    मिलती है ये नजरें रोज हजारों चेहरों से
    गुलाम हैं ये तेरी,तेरे चेहरे पर ठहरती हैं...

    ये गजरा ये काजल मौसम हैं दो पल के
    हर वक्त मेरी आंखों से तेरी सादगी बरसती है....
    ©adityaazaad

  • adityaazaad 1w

    अमरबेल जैसी

    अमरबेल जैसी मोहब्बत करोगे
    न दूर हो सकोगे शिकायत करोगे
    सिमट जाओगे मेरे दरमियां तुम
    अभी दूर होकर सलामत रहोगे...

    महकोगे ऐसे कि रात की रानी
    की खुशबू के जैसे शरारत करोगे
    ताकते रहोगे उम्र भर चांद को
    चकोरी के जैसे शफाकत करोगे...

    सनम के लिए हर शख्स से तुम
    तितली के जैसे बगावत करोगे
    जागोगे रातों को जुगनू के जैसे
    हर रात प्रेम की शमा में जलोगे....
    मगर दूर होकर जिरह ना करना
    उम्र भर सनम की अमानत रहोगे.....

    अमरबेल जैसी.....
    ©adityaazaad

  • adityaazaad 1w

    तुम कलम लगा देना लाल गुलाब की
    मैं कलम से लिखूंगा तारीफ आप की
    बनाऊंगा तस्वीर हुस्न ए यार की
    शरमा के हो जाओगी लाल गुलाब सी
    ©adityaazaad

  • adityaazaad 1w

    किरदार

    जो किरदार समझकर वो मिलते रहे मुझसे मै वो किरदार नहीं था...
    लोग होते हैं बहुत पर शायद मैं उतना असरदार नहीं था...
    ©adityaazaad

  • adityaazaad 2w

    वो मेरे रास्ते से गुजरता रहा
    दिल से दिल में कहीं वो उतरता रहा
    आंखों ही आंखों में उसकी हर बात में
    वो सुलझता रहा, मैं उलझता रहा....

    उन सुहानी शामों की बरसात में
    कुछ पलों की सही हर मुलाकात में
    दिल लगाने को मैंने कहा था मगर
    मैं बरसता रहा,वो मुकरता रहा...

    इक घड़ी की सही इक मसाफात में
    वो मुझे मिल गया गैर के साथ में
    देखकर भी मुझे उसने देखा नहीं
    वो निखरता रहा, मैं बिखरता रहा...

    वो मेरे रास्ते से गुजरता रहा....
    ©adityaazaad

  • adityaazaad 2w

    चांद

    हर ताज झुक जाए तेरी अजमत में,
    उस खुदा का यही तकाजा है .....
    वो चांद भी फीका लगे,तेरे साए में
    ऐसी चांदनी से तुझे नवाजा है...

    हम सितारें हैं तेरे आसमान के
    तेरी हर महफिल हमें सजाना है
    तेरी चांदनी में संवरना है
    या खुद टूट जाना है....
    ©adityaazaad

  • adityaazaad 2w

    हसीं बहारों में भी खिजाओं के सताए हुए
    पूछते हैं तेरा मुकां, बनकर शजर पौधे तेरे लगाए हुए

    बेलौस दरख्तों की प्यास नहीं बुझती बारिश से
    तसादुम ए नज़रियात की उम्मीदें लगाए हुए

    चाहते हैं कालिब नहीं धूप तेरे कल्ब की
    जो हैं तेरी असलियत के साए में मुरझाए हुए

    आ जाना देंगे साथ ये गुल तेरी मसाफत में
    तेरी वापसी के रास्ते में नजरें बिछाए हुए

    तेरी खुशबू की बारिश से वो दरिया भी भर जाएंगे
    जो शबनम के प्यासे हैं अब तक रिवायतों के बहकाए हुए.....
    ©adityaazaad

  • adityaazaad 2w

    हर रात तुम्हारी आंखों को एक राज छुपाए देखा है
    हर रोज सुबह की पहरों को वो रात छुपाए देखा है
    किया है हमने आंखों से इजहार सौ सौ बार
    हर मुलाकात में सांसों को इकरार छुपाए देखा है....

    हर शाम नशीली होती है जब साथ तुम्हारा होता है
    धड़कन रुक जाती हैं जब दीदार तुम्हारा होता है
    खिल जाते हैं फूल मेरे आंगन के हर बार
    दिल के आंगन के फूलों को मुस्कान छुपाए देखा है....

    एक चांद रात में मिलता है एक चांद सुबह दिख जाता है
    हर रात सुहानी होती है हर सपना सच हो जाता है
    जब दूर हमें कर देते हैं ये रैना हर इक बार
    हर बारिश में इन नैनों को अब्सार छुपाए देखा है....

    हर रात तुम्हारी आंखों को.....
    ©adityaazaad

  • adityaazaad 3w

    सूर्य जब खो जाए
    गगन से दूर सागर के तले
    तो बता देना अंधेरे में
    कि कितने प्यासे हो तुम...

    मै करूंगी प्रतीक्षा
    समुद्र की रेत में
    रेत के फिसलने से पहले
    बता देना
    कि कितने प्यासे हो तुम...

    देखती रहूंगी
    समुद्र में अनगिनत
    तैरती कश्तियां
    देखकर चुराती रहूंगी आंखों से
    लहरों की मस्तियां

    जब आओगे तुम
    तो दूंगी आंखों से
    तुम्हें मस्तियां
    हां मैं जानती हूं कि
    कितने प्यासे हो तुम.....
    ©adityaazaad