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Reposts
  • advait_thakur8 23w

    दो अक्षर की मौत
    तीन अक्षर के जीवन में ,
    ढाई अक्षर का दोस्त हमेशा
    बाजी मार जाता है ।

  • advait_thakur8 28w

    बेइंतहा जिस्म की ख्वाहिश तो पहले भी ना थी
    यूं टूट कर तुझमें मिलने की आजमाइश तो पहले भी ना थी
    गुलाबी शमा है रातें हसीन है
    बस तेरा साथ चाहिए
    बातें बहुत सारी हैं करने को
    बस एक मुलाकात चाहिए
    लिखनें को लिख दुं
    यूं तो जज़्बात काफी हैं
    पर यूं जाया हो जाएं
    कागज़ों पर तो क्या खाक बाकी है
    बातें दिलचस्प तो तब होंगी
    जब तू मेरे साथ हो
    अब मिल कर ही पूरे होंगे
    जो मेरे ख्वाब बाकी हैं।

    ©advait_thakur8

  • advait_thakur8 30w

    बड़ी बेफिक्र है वो
    शायद ये कहना ग़लत होगा
    उसने खुद को संभाल रखा है
    उसकी चंचलता उसके पीछे के राज छिपा लेती है
    लिखना आसान नहीं है उसके बारे में
    ऐसा नहीं की वो बदल रही
    बस उसका ये भोलापन मुझे उसके दर्द से रूबरू नहीं होने देता
    वो कभी टूटी थी ये उसने कभी जाहिर ही नहीं होने दिया
    वो अभी भी अपने कुछ गम छिपा लिया करती है
    में नहीं रोकता उसे ऐसा करने से
    मुझे यकीन है की वो खुद को बखूबी संभाल लेगी
    उसके अंदाज बड़े दिलकश है
    बड़े साफ दिल की है
    कभी उसे रोकने का दिल ही नहीं करता
    वो आजाद है कैद में रखना भी नहीं मुझे
    ©advait_thakur8

  • advait_thakur8 31w

    एक घर

    एक घर की चाहत तो हर किसी को है होती
    में भी अपने लिए एक घर सोचता हूं
    भले थोड़ा छोटा या कच्चा भले हो
    सहर में अगर हो कहीं एक ठिकाना
    वो अपनी ही छत हो खुला आसमां हो
    जहा अपनी सारी उमर हो बिताना
    तेरे साथ सपने जहां में सजा लूं
    वो चाय की प्याली लबों पर लगा लूं
    हो महफूज जिसमें मेरी सारी यादें
    वो गर्मी के दिन हों या सर्दी की रातें
    हो दिन चाहे जैसे बुरे या भले
    थकावट भरे हों या उलझन भरे
    में खोलू जो आंखे मेरा घर मिले
    निकलू कहीं से कहीं को में जाऊ
    मगर शाम ढलते में घर अपने आऊ
    जहां मेरे यारों की महफ़िल सजे
    जहां मेरी बांहों में वो जा मिले
    कुछ ऐसा ही में अपना में कल सोचता हूं
    एक छोटा सा घर ना में महल सोचता हूं।
    ©advait_thakur8

  • advait_thakur8 32w

    Kon mujhe u pyar karega
    Jaise tum karti ho

  • advait_thakur8 32w

    मेरी राहतों का जरिया तू ही है
    मेरी चाहतों का दरिया तू ही है
    यूं तो भोले की भक्ति में पहले भी था
    जो अब करता हूं तो मेरी फरियाद भी तू ही है
    सोचा था की अब अकेले ही काट लूंगा
    पर जो तू आया तो जाना की मेरी दुनिया तू ही है
    इंतजार की आदत तो पहेल भी थी मुझे
    पर अब मेरी बेसब्रिया भी तू ही है
    यूं तो काफी खुश हूं काफी दिनों से घर पर हूं
    पर तेरे यूं आ जाने की खुशियां तू ही है
    ये जो मेरे बिना कहे हर बात जान लेती हो
    कभी कभी तो लगता है कि जन्नत से आई परियां तू ही है
    तेरी ये बातें तेरा ये हंसना देखता हूं
    तो लगती प्यारी सी गुड़िया तू ही है

    ©advait_thakur8

  • advait_thakur8 33w

    FOR MY LOVE

    Chand si mehbuba ho meri
    Kab aisa maine socha tha
    Han tum bilkul waisi ho
    Jaisa maine socha tha
    Naa kasme hain naa rasme Hain
    naa shikwe hain naa wade Hain
    Ek surat bholi bhali hai
    Do naina sidhe sade hain
    Do naina sidhe sade hain
    Aisa hi rup khayalo me tha
    Aisa maine socha tha
    Han tum bilkul waisi ho
    Jaisa maine socha tha

  • advait_thakur8 34w

    Ek Kahani aisi

    बात जरा पुरानी है या अब लगने लगी है
    रिश्ते पहले से ही थे अपने बीच बस अब दिखने लगे हैं
    ना मिला वो मुझे मेरे बचपन में
    ना वो क्लासरूम वाला इश्क़ था
    ना कैंटीन की थी वो मुलाकाते
    ना ही बारिश में भीगी यादें
    तुम सोच सकोगे ना शायद कुछ यूं ही है अपनी बातें
    वो पहली नजर का प्यार नहीं था
    ये रिश्ता जन्मों का लगता है
    अब यूं ही नहीं कोई एक दूजे को
    बिन बोले ही पढ़ सकता है

    ©advait_thakur8

  • advait_thakur8 34w

    प्यार मोहब्बत कशमें वादे
    ये लफ्ज़ पुराने लगते हैं
    चल मिल कर एक सुरुआत करें
    खुद को इनसे आजाद करें
    क्यूं खुद को ढाले सांचे में
    क्यूं औरो सी ही बात करें
    क्यूं गीत पुराने दोहराए
    क्यूं बस बातों में ही खो जाएं
    वो रात तलक क्यूं बात करें
    जिन बातों का अस्तित्व नहीं
    क्यूं कह दूं दूंगा साथ तेरा जब खुद में ही विस्वास नहीं
    चल छोड़ो इन सब बातों को
    बस इतना सा एक काम करो
    कुछ सच्ची यादें दे जाओ
    कुछ पल तुम मेरे नाम करो
    कुछ अपने धुन में गाओ तुम
    कुछ अपनों सी ही बात करो
    यूं आंखे मूदों कुछ पल को
    में माथा तेरा चूम लूं
    में तेरी प्यारी जुल्फों को चेहरे पे अपने ओढ़ लूं
    में देंखू तुझको जी भर के तुझे दुनिया से में छीन लूं
    और तुझको पाने की खातिर
    में फिर से खुद में ठान लूं।
    ©advait_thakur8

  • advait_thakur8 35w

    Tum aaoge mujhe Milne
    Khabar ye bhi tumhi lana