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  • akhi_shayar 12w

    तुम

    छोड़ा जब तुमनें साथ मेरा,
    था हालात ख़राब मेरा,
    बहुत कुछ रह गया था तेरे पास मेरा,
    जैसे कुछ कीमती
    जैसे दिल,वक़्त, औऱ कुछ कुछ जब तू मेरे साथ थी
    ख़राब कर दिया था तुमने मेरा,
    वक़्त, दिमाग, और mental health,
    अब भी बात करना चाहता था मैं,
    वो अपने पास वापस रखना चाहता मैं,
    कुछ रह गया था तुम्हारे पास,
    उससे वापस लेने की नहीं रखता अब मैं आस।
    ये बात यूँ फैली और पता चला मेरे दोस्त को,
    फिर क्या था,
    उसने सब कुछ वापस लाकर दे दिया जो कीमती सामान था,
    सिवाय वक़्त दिल और दिमाग के,
    औऱ हां,
    अब कुछ न चाहिए मुझे।
    ©akhi_shayar

  • akhi_shayar 12w

    Long Distance Relationship

    मैं बैठी हूँ यहाँ,
    आप बैठें हैं वहाँ,
    हमारें बीच हैं रिश्ता गहरा,
    शायद नहीं हैं कोई पहरा,
    पर वक़्त तो हैं ठहरा,
    हथेली खोलकर बैठी हूँ मैं,
    जल्द हीं आकर थामोगे मेरा हाथ,
    इस इंतेजार में हूँ मैं,
    आपके प्यार में हूँ मैं,
    ये न बातें हैं मेरी आपकी,
    अब तो बातें हैं हमारी हीं,
    कुछ बातें हैं बतानी,
    सब जानना चाहते हैं
    हमारी कहानी,
    अँगूठी जो मैंने पहनी,
    सबकों हैं इसकी दास्तान सुननी,
    पूछना था आपसे,
    क्या मिलने कि कहानी
    सबको हैं बतानी,
    यूँ तो है,
    हमारी कहानी,
    बहुत पुरानी,
    बस दास्तां ये हैं,
    मुस्कुराकर साथ
    यूँ हीं हैं बितानी,
    ये जिंदगानी!!
    ©akhi_shayar

  • akhi_shayar 13w

    Word Prompt:

    Write a 8 word short write-up on Memories

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    यादें रुलाती हैं तेरी,
    हँसाती है,
    सताती हैं!!

  • akhi_shayar 13w

    Word Prompt:

    Write a 3 word micro-tale on Family

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    परिवार संसार हैं!!

  • akhi_shayar 49w

    दोस्त

    एक शहर में थे,
    एक कॉलोनी में थे,
    एक comapny में थे,
    एक बैच में थे,
    पसंद मिलते थे,
    Height same था,
    Shoes size एक था,
    शौक़ एक था,
    ख़्वाब एक था,
    सपना एक था,
    उसकें नाम के कुछ हर्फ़
    मेरे नाम से मिलता था,
    जन्म एक ही साल में हुआ था,
    एक ही तारीख़ को हुआ था,
    हां पर महीना अलग था,
    अये ख़ुदा तू मुझे बता,
    हमेशा साथ रहने के लिए
    इतना काफ़ी न था,
    क्यों तुझें ये नामंजूर था,
    अच्छा बस इतना बता,
    हम दोनों को क्यों दूर किया था,
    शहर हीं हमारे बदल दिया था,
    या physics का rule apply कर दिया था,
    समान गुण वाले में विकर्षण होता हैं,
    तो अये ख़ुदा तुझसे नहीं,
    औऱ न हीं उससे ,
    बस ख़ुद से,
    एक वादा हैं,
    वो दोस्त थीं,
    दोस्त हैं,
    दोस्त रहेगी!!!
    ©akhi_shayar

  • akhi_shayar 68w

    तुम

    यार कुछ तो खास बात हैं तुझमें,
    जो लगाव कुछ सालों पहले था,
    वो आज भी हैं,
    आगे भी रहेगा,
    तू साथ दे या न दे,
    ये साथ चलता रहेगा,
    जब दूरियां बढ़ेंगी,
    एक बात पे मिट जाएंगी,
    वैसे तो मैं गुम नहीं होउंगा,
    पर लगे तुम्हें मैं गुम होने लगा,
    तुम आवाज दे देना बस,
    मैं वापस आ जाऊंगा,
    साथ निभाउंगा,
    तेरे साथ चलते चला जाऊंगा।।।
    ©akhi_shayar

  • akhi_shayar 101w

    Indian

    जब किसी के जान जाती हैं,
    तब तुम उन्हें याद करते हो,
    ऐसे कहाँ,
    तुम उनके लिए फरियाद करते हों,
    जब भी मन करता है,
    जो भी मन करता हैं,
    वैसी बात करतें हो,
    जब ज़्यादा नराजगी होती हैं न,
    तो whatsapp पे dp change,
    और status शेयर करते हो,
    इंस्टाग्राम पे कुछ भी post करते हो,
    बिना कुछ अशुभ हुए,
    क्यों न तुम इनकी परवाह करते हो,
    रोज का छोड़ो,
    कितने महीनें पे तुम इन्हें याद करते हो,
    किसी AC रूम में बैठकर,
    जनता से पैसा लेकर,
    कुछ भी बकवास करते हो,
    बस पूछना ये था,
    क्यों न हमेशा इनकी बात करते हों,
    बहुत बुरा होने पर ही इनकी परवाह करते हो,
    बस इत्ता निवेदन है,
    क्यों न हमेशा उनसे प्यार करतें हो।।
    ©akhi_shayar

  • akhi_shayar 115w

    #अखि_शायर
    #अखि
    #शायर
    #akhi
    #shayar
    #akhi_shayar
    #swal
    #jwab

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    सवाल जवाब

    वो पूछते हैं अक्सर,
    social media पे इत्ता active क्यों रहते हो,
    सब कुछ यही बता क्यों देते हों,
    सारे दर्द बयां क्यों कर देते हो,
    तो मैं बस बताना चाहता हूँ,
    मैं दर्द, गम को आगे के लिए सम्भाल नहीं रखता,
    किसी खास को अपना गम नहीं सुनाता,
    न किसी खास को सुनाना चाहता,
    जो अपना होगा वो ख़ुद ही जाना जाएगा,
    और जो पराया होगा उसको कुछ फ़र्क न पड़ेगा,
    जो भी ग़म हैं वो बस कागज़ पे ही उतरता,
    किसी के जज्बात से न खेलता,
    बस शब्दों का सहारा लेता,
    उससे ही कहानी रचता,
    सबका मनोरंजन कर सकूँ ऐसा कोशिश करता,
    आप गलत सोचों तो मै कुछ नही कर सकता,
    आप सही सोचों तो बस अच्छा लगता,
    किसी एक को तो मैं दिल कि सुकून दे जाता,
    बस इसी लिए मैं कविता लिखता,
    बस इसी लिए मैं कविता किखता।।
    ©akhi_shayar

  • akhi_shayar 116w

    #दीवाली
    #अखि_शायर
    #akhi_shayar

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    दीवाली

    इस दिवाली तो कुछ अलग हो,
    नई उम्मीद की किरण हो,
    हर कदम पे विस्वास हो,
    अँधेरे में उजाला कि आस हो,
    टूटकर जुटने की क्षमता हो,
    गाँवो में खुशहाली हो,
    खेतों में हरियाली हो,
    न खाली कोई थाली हो,
    हो अगर खाली तो खाने के बाद खाली हो,
    सबके जरूरत पूरी हो,
    ख्वाहिश चाहे अधूरी हो,
    आस्था में प्रतिष्ठा हो,
    बड़ो का आशीर्वाद हो,
    छोटो का प्यार हो,
    घर वालों का साथ हो,
    प्रेमी प्रेमिका का प्यार हो या न हो,
    भाइयों में लगाव हो,
    जिसके न कोई अपने साथ हो,
    अपनो से दूर हो,
    उनके साथ भी दीवाली मनाने के चाह हो,
    कोशिश ऐसी हो,
    इस बार वृद्धा आश्रम खाली हो,
    सड़को पे लगे गुमनामी के पोस्टर न हो,
    वो लोग भी अपने घर हो,
    उनके घर भी दीवाली हो,
    अपनों के साथ दीवाली हो,
    अगर ऐसा कुछ न हो,
    तो ऐसा करने के चाह हो।
    ©akhi_shayar

  • akhi_shayar 118w

    #दीवाली
    #अखि_शायर
    #akhi_shayar

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    दीवाली

    क्यों जलाते हो पटाखें,
    बस जलाते हो अपने पैसों को,
    क्या खुशियां मिल जाती हैं इससे आपको,
    हम खुश तो नहीं हो पाते जलाकर पटाख़े,
    पैसों में आग लगाकर,
    हमने जब भी ऐसा करना चाहा,
    अंदर आत्मा ने कहा,
    मत कर ऐसा,
    इससे कित्ता देर खुश रह पाएगा,
    क्या ये कदम
    क्या ये कदम
    उन बच्चों के जिंदगी में खुशियां ला पाएगा,
    उनकी चेहरे पे चमक ला पाएगा,
    उनके जिंदगी में उजाले ला पायेगा,
    तो क्यों न कुछ ऐसा कर,
    दिल से कर,
    हमेशा खुद के ख़ुशी के लिए किया,
    इस बार औरों के लिए कर,
    कुछ तो कर,
    छोटा ही सही
    कर तो सही,
    शायद उनकी जिंदगी में उजाले आ जाये,
    आप उनकी जिंदगी में खुशियों के वजह आ जाये,
    पटाखों के जलाने से ज्यादा खुशियां मिल जाये,
    क्यों न इस बार
    इस बार ये कदम उठाया जाए,
    हमारा साथ दिया जाय,
    इस मुहिम को आगे बढ़ाया जाय,
    सबमें खुशियां बाँटी जाय,
    इस बार ये दीवाली औरों को अपना बनाकर मनायी जाए।।
    ©akhi_shayar