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Reposts
  • akshitamidha 2w

    बस कुछ इस तरह।।

    अपने सपनों को पंख दो तुम कुछ इस तरह,
    जब भी उड़ो तो हो विचार इस तरह।
    बेपरवाह भी नहीं और बेखौफ़ जिस तरह,
    चर्चा का विषय बनो तुम लो वो उड़ान कुछ इस तरह। ।
    ©akshitamidha

  • akshitamidha 2w

    आज खुद की फिर से याद सता रही है,
    थोङी पहले जैसी हो सकूं, बस यही आस अब बाकी है।
    क्यो खोया है खुद को इस कदर मैंने,
    कि अब पहले जैसा बनने को दिल भी तरस गया।।
    ©akshitamidha

  • akshitamidha 8w

    It might not matter where we are,
    Sometimes all that matters is with whom we are.

    Because in the presence of the right people,
    We tend to feel lighter and happier.
    ©akshitamidha

  • akshitamidha 10w

    IMPERFECT

    Being perfect for the world,
    I became imperfect for myself!
    ©akshitamidha