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Reposts
  • amittribhuwan 25w

    मेरी दिलरुबा है वो
    मैं गुमसुम हो गया
    जाने किन ख्यालों में
    मैं फिर खो गया
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 25w

    कभी सोचता हूं
    कि तुम से कहूं
    कभी सोचता हूं
    कि कुछ ना कहूं
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 25w

    तुमसे पहचान है मेरी
    तुम्हें मैं खो नहीं सकता
    मैं सब कुछ छोड़ सकता हूं
    किसी का हो नहीं सकता
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 28w

    राज़ तुम मुझसे बता कर जाना
    हाथ तुम मुझसे छुड़ा कर जाना
    यूं नहीं भूल पाऊंगा तुमको
    तुम मुझे आज भुला कर जाना
    तुम मेरी धड़कनों में शामिल हो
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 28w

    उसी दीवार से रिश्ता क्यों है
    फिर वही शख्स फरिश्ता क्यों है
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 28w

    एक दूसरे को देख कर
    मेरा दिल जोर जोर से
    धड़क उठा
    और फिर वही जवाब आया
    और फिर मैं गुमसुम हो गया
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 29w

    . I am also a writer https://youtu.be/pRqD8s6WW_8
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 35w

    कुछ उसने कहा
    ना समझ पाया जिसे कोई
    मैंने हर दर्द बस कुछ यूं ही
    दिल में छुपा लिया
    दिल की हर धड़कन पर
    नाम उसका आता है
    हवाएं जो चलती हैं
    पैगाम उसका आता है
    कहीं भी रहूं मैं
    इस जमाने में
    लेकिन हर शाम
    ख्याल उसका आता है
    ख़त उसे लिखता हूं
    आज भी मैं लेकिन
    अब नहीं उसका
    जवाब कोई आता है।

    अमित त्रिभुवन
    २५/०२/२०२०
    रात ११:०५ मुम्बई में लिखी हुई रचना है।
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 37w

    तुम से जब ऐसे मुलाकात हुई
    आंखों आंखों में तुम से बात हुई
    यूं तो मैं तुमको जानता था मगर
    बेवजह फिर से बरसात हुई
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 38w

    कुछ भी कहता हूं वो कर जाता है
    यूं हीं रिश्ते वो बदल जाता है
    ©amittribhuwan