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  • amittribhuwan 42w

    कुछ भी कहता हूं वो कर जाता है
    यूं हीं रिश्ते वो बदल जाता है
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 42w

    तुमसे जो बात हुई

    तुमसे जो बात हुई
    आंखों में रात हुई
    तेरी तस्वीर सनम
    यूं मेरे साथ हुई

    मुझसे वादे ना करो
    वो इरादे ना करो
    बेवजह ऐसे सनम
    कैसे बरसात हुई

    मुझसे कुछ भी ना कहो
    यूं परेशा न करो
    तेरी चाहत में मेरी
    मुश्किलें तमाम हुई

    तुम संभालोगे मुझे
    फिर से सहारा बनकर
    ऐसी उम्मीद मेरे
    जी का जंजाल हुई

    तुम मेरे नाम कोई
    ख़त ना भेजना सुन लो
    तमाम यादें तेरी
    यूंही गुमनाम हुई

    अमित त्रिभुवन
    8 फरवरी 2020 3:45 दोपहर को मुंबई में लिखी हुई रचना है।
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 42w

    तुमसे हर बार कहता हूं
    नजर के वार सहता हूं
    लौट के जा नहीं सकता
    मैं गम हजार सहता हूं
    जो तुमसे प्यार करने की
    सजा इतनी सी है सुन लो
    गुनाह मैं भी यही फिर से
    हजारों बार करता हूं
    तुम्हें पलकों में रख लूं मैं
    या फिर दिल में छुपा लूं मैं
    इसी कोशिश में मैं अक्सर
    तुम्हें यूं याद करता हूं
    जमाने भर की बातों को
    कहां अब याद करता हूं
    मिलो एक बार मुझको तुम
    यही फरियाद करता हूं
    मैं तुमको याद करता हूं ।
    मैं तुमको याद करता हूं ।।
    मैं तुमको याद करता हूं ।।।
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 42w

    जो भूली सी कहानी है
    मेरी वह जिंदगानी है
    उसे मैं याद रखता हूं
    क्योंकि मेरी दीवानी है
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 42w

    फिर सवालों की तरह मत आना
    यूं ख्यालों में मेरे मत छाना
    तुम मेरे दिल पे ऐसी छाई हो
    फिर बहारों में लौट कर आना
    मैं तेरा इंतजार कर लूंगा
    यूं ही सपनों में बात कर लूंगा
    तुम मेरी जिंदगी में शामिल हो
    यूं ही रातें तमाम कर लूंगा
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 42w

    अपने चेहरे को फिर छुपा लेना
    मुझसे नजरें यूं तुम चुरा लेना
    बेवजह फिर ना खबर बन जाऊं
    अपनी पलकों में तुम छुपा लेना
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 42w

    यूं ठहरने की वजह मत पूछो
    मुझसे उलझे सवाल मत पूछो
    फिर तेरा नाम यूं आ जाएगा
    अब मेरे दिल के राज़ मत पूछो
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 42w

    तुम मिलोगे तो बात कर लेंगे
    यूं ही रातें तमाम कर लेंगे
    तेरे इंतजार में जो बैठे हैं
    सुबह से हम भी शाम कर लेंगे
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 42w

    तेरी खामोशियों से डरते हैं
    हम नहीं फैसले बदलते हैं
    तेरी उम्मीद अभी बाकी है
    हम ज़माने से नहीं डरते हैं
    ©amittribhuwan

  • amittribhuwan 42w

    जिंदगी में नशा नहीं रहता
    अब वो मुझसे खफा नहीं रहता
    भूल जाता हूं सभी बातों को
    अब मैं खुद से जुदा नहीं रहता
    ©amittribhuwan