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Reposts
  • ankahi_baatein_teri_meri 2d

    सफर लंबा है, मालूम है, मेरी ज़रूरत तो है ना??

    कुछ और हो न हो, ये कहो, मोहब्बत तो है ना ???

    ©ankahi_baatein_teri_meri

  • ankahi_baatein_teri_meri 6w

    तेरी रूह, तेरे जिस्म, तेरी ज़ात से डर लगता है,
    आजकल मुझे तेरी हर एक बात से डर लगता है।

    तू नहीं साथ तो एक सुकून सा है, तसल्ली है,
    जाने कब तू बदल जाये, तेरे साथ से डर लगता है।

    तुझसे मिलूंगी तो होगा तेरी बेरुखी से सामना,
    नींद में भी तुझसे मुलाकात से डर लगता है।

    आँगन में बिखरे हुए, सब ख्वाब समेट लायी हूँ,
    इस वक़्त बेवक़्त की बरसात से डर लगता है।

    अब आये कोई, तो, आये फरिश्ता बनकर,
    हर पल रंग बदलती आदमजात से डर लगता है।
    ©ankahi_baatein_teri_meri

  • ankahi_baatein_teri_meri 6w

    न जाने क्या मायने
    तय किये हैं खूबसूरती के
    जमाने ने
    मेरे लिए तो तेरा हर एक रूप
    दिलनशीं है,

    मैं अब भी चाहती हूँ
    तेरे बालों में उंगलियां घुमाना,
    तेरी चुप सी आँखों को
    पढ़ते रहना
    तेरी हथेलियों को चूमना,
    तेरी गोद मे सर रखकर
    सुनते रहना तेरी
    बेमतलब की बातें
    और सो जाना,

    मैं तब भी चाहूँगी ये सब
    जब उम्र के पड़ाव पार कर,
    हम दोनों बैठे होंगे
    किसी बगीचे में
    देखेंगे
    नन्हें बच्चों का झूले झूलना
    सूरज का निकलना,
    शाम से रात होना,
    चिड़ियों का चहचहाना,
    और हौले से मुस्कुराकर
    मैं रख दूँगी
    तुम्हारे काँधे पर सर,
    और तुम थाम लोगे
    वो झुर्रियों वाला हाथ मेरा।
    ©ankahi_baatein_teri_meri

  • ankahi_baatein_teri_meri 7w

    दुनिया भर से मोहब्बत
    तेरी वज़ह से थी...

    दुनिया भर से शिकायत
    तेरी वज़ह से है...
    ©ankahi_baatein_teri_meri

  • ankahi_baatein_teri_meri 8w

    सितमगर सुन ले मेरी, आएगा एक दौर मेरा,
    मेरा वक़्त अभी बुरा है, मेरा दिल बुरा नहीं है।

    ©geeta_kumawat

  • ankahi_baatein_teri_meri 8w

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    कस कर मेरी बाजू, अपने हाथों में,
    मेरे काँधे पर रख सर, सो जाता था।

    कितना मासूम सा ख़्वाब था मेरा,
    रातों को जागता देख, रो जाता था।

    देर तक सुलझाता था जुल्फे मेरी,
    धीरे से माथा चूमकर, खो जाता था।

    थाम लेता था हाथ मेरा, हर मोड़ पर,
    मैं सैलाब ,वो कश्ती हो जाता था।

    देर तक सुनाता था गीत हलके-शीरी,
    खुदको हर सिम्त मुझमे डुबो जाता था।
    ©geeta_kumawat

  • ankahi_baatein_teri_meri 8w

    चलो तुम कहते हो, तो
    फिर से पा लेती हूँ तुम्हें...

    मगर ये तो कहो
    मुझसा मुझमें कुछ मिलेगा अब तुम्हें ???

    ©geeta_kumawat

  • ankahi_baatein_teri_meri 8w

    जिसका वज़ूद ही नहीं, वो भी दिखता है,
    बाज़ार अफवाहों का है, यहाँ झूठ बिकता है।

    मुझे जानना हो तो पूछा करो बस मुझसे,
    यूँ कोई कुछ भी कहता है, कुछ भी लिखता है।

    ©geeta_kumawat

  • ankahi_baatein_teri_meri 9w

    शक नहीं अब कोई, तुझे खोने का गम नहीं,
    इश्क़ भी बहुत था, खुद्दारी भी कम नहीं।

    हज़ारों तोहमतों में, एक पत्थर का कलेजा,
    हर दर्द को सहने की, तैयारी भी कम नहीं।

    एक सुकूँ की झपकी, न मिलनी थी, न मिली,
    कमबख्त नींद न आने की, बीमारी भी कम नहीं।

    अब मग़रूर होने का, करना है दिखावा भी,
    यूँ बेमौत मरने की, लाचारी भी कम नहीं।

    ©geeta_kumawat

  • ankahi_baatein_teri_meri 9w

    उसूल कुछ अलग है जनाब, इन शायरों की बस्ती का,
    चोट जब तक ना खाई हो, अल्फ़ाज रूखे लगते हैं।

    ©geeta_kumawat