anuradhasaxena

www.instagram.com/many_feelings_in_my_heart

���� turn on post notifications ����

Grid View
List View
Reposts
  • anuradhasaxena 17w

    वो कहते है ,😊
    बहुत याद आती हो तुम ☹️
    ग़र याद आती हूँ तो🤨
    हिचकियाँ क्यों नही आती है मुझे ?😏

    वो कहते है ,😊
    तेरी आवाज सुनने को , तेरी शरारतें देखने को ,
    तरस जाता हूँ मैं , ☹️
    ग़र तरस जाते हो तो🤨
    मेरी ज़िंदगी में वापसी क्यों नहीं कर लेते हो ?😏

    वो कहते है ,😊
    ख्वाबों में भी नज़र आ जाती हो तो 😴
    मेरे खुशी का ठिकाना नहीं रहता है☺️
    ग़र खुशी का ठिकाना नहीं रहता है 🤨
    तो हक़ीक़त क्यों नहीं बना लेते हो मुझे ?😏

    वो कहते है😊
    तेरी तस्वीरें देख देख के मेरा रात होता है
    तेरी तस्वीरें देख देख के मेरा दिन गुज़रता है❤️
    ग़र तस्वीरें देख दिन गुजारते हो🤨
    तो सामने मुझे देखते ही नज़रें क्यों फेर लेते हो ?😏
    ©️anuradhasaxena

    Read More

    “वो कहते है”

    ❤️
    वो कहते है ,😊
    ख्वाबों में भी नज़र आ जाती हो तो😴
    मेरे खुशी का ठिकाना नहीं रहता है☺️
    ग़र खुशी का ठिकाना नहीं रहता है 🤨
    तो हक़ीक़त क्यों नहीं बना लेते हो मुझे ?😏

    👆🏻 full read caption 👆🏻


    ©anuradhasaxena

  • anuradhasaxena 23w

    किसी और से मोहब्बत करोगे ,
    तो मैं याद आऊँगी ।
    जब भी प्यार भरी नज़रों से उसे देखोगे ,
    तो मैं याद आऊँगी ।

    सुभह की चहचहाट जब तुझे जगाएगी ,
    ख़्वाबों से निकलते हुए ,
    बिस्तरों की सिलवटों पे नजर तेरी जाएगी ,
    तो मैं याद आऊँगी ।

    अपनी महबूबा से जब बातों बातों में ही
    अपनी आपबीती सुनाओगे , सुनाते सुनाते ही ,
    मैं याद आऊँगी ।

    लटों को सवारते सवारते , मन जब बहक जाएगा ,
    तब तेरे होठ उसके होठों तक जाते जाते ,
    मैं याद आऊँगी ।

    अनायास ही जब वो पीछे से आएगी ,
    और अचानक ही तुझे अपनी बाहों में भर लेगी ,
    तो मैं याद आऊँगी ।

    चलते चलते जब वो हाथ थाम लेगी तेरा ,
    तुझे एक अलग सा अहसास दे जाएगी ,
    तो मैं याद आऊँगी ।

    अपने कामों में व्यस्त देख तुझे ,
    उसे जब तंग करने की मस्ती सूझेगी ,
    तो मैं याद आऊँगी ।

    सांझ बेला होने लगे , दिन जब डूबने लगे
    खुशियों का आगमन होते होते , ग़मों का आगाज़ हो जाए ,
    तो मैं याद आऊँगी ।

    चाहोगे हर पल उसके ख़्वाबों में खोना , पर खो बैठोगे मेरे ख़्वाबों में ,
    देखोगे उसकी आँखों को और डूब जाओगे मेरी आँखों में ।

    कुछ यूँ ही मेरी यादों का सिलसिला तेरे दिल मे घर करते जाएगा,
    और एक दिन तुम खुद , खुद से ज्यादा मुझसे मोहब्बत कर बैठोगे ।
    ★अनुराधा सक्सेना★
    ©anuradhasaxena

    Read More

    " मैं याद आऊँगी "

    ©anuradhasaxena

  • anuradhasaxena 25w

    जानता है तू भी, तेरी बांसुरी की पुकार से
    दौड़ी आती हूँ मैं भी,
    फिर क्यों, करते हो ज़ुल्म मुझ पर,
    अपनो की बंदिशों में मुझे पुकार कर,
    ©anuradhasaxena

  • anuradhasaxena 28w

    कुछ तो हुआ है उसको
    पर पता नहीं क्या हुआ है ?

    सजने लगी है सवरने लगी है वो
    पर पता नहीं, किसके लिए ?

    ख़्वाबों में खोने लगी है
    हवाओं से बातें करने लगी है वो
    पर पता नहीं, क्यों ?

    सुबह को जल्दी जगने लगी है
    जल्दी जग कॉफी बनाने लगी है वो
    पर पता नहीं, किस के लिए ?

    रातों को छत पर जा
    चाँद की तरफ देखते हुए
    गुनगुनाने लगी है वो
    पर पता नहीं, किस से ?

    शायद हाँ सब पता है मुझे
    पर मैं वो सब सुनना नहीं चाहती
    और इसलिए बार-बार दोहराती हूँ ,
    पता नहीं .....
    ©anuradhasaxena

    Read More

    " पता नहीं "

    ( Read caption )
    ©anuradhasaxena

  • anuradhasaxena 29w

    #mirakee#hindiwriter#osr


    उसे मुहब्बत है मुझसे,
    मुझे मुहब्बत है,
    रंग बिरंगी तितलियों से ।

    उसे मुहब्बत है मेरी मुस्कुराहटों से,
    मेरी मुस्कुराहटों को मुहब्बत है,
    अपनों की खुशियों से ।

    उसे मुहब्बत है मेरी उड़ान भरती ख़्वाहिशों से,
    मेरी उड़ान भरती ख़्वाहिशों को मुहब्बत है,
    हर रोज बुनते नए ख़्वाबों से।

    उसे मुहब्बत है मेरी चमकती आँखों से,
    मेरी आँखों को मुहब्बत है उन ख़्वाबों से,
    जो वो हर रोज अपनी आँखों मे संजोती है ।

    उसे मुहब्बत हैं, मेरी जुल्फों से,
    मेरी जुल्फ़ों को मुहब्बत है,
    उन हवाओं से, जो आहिस्ता से छूते हुए,
    मुझे एक अलग अहसास, दे जाती है ।

    उसे मुहब्बत है मेरी कविताओं से,
    मेरी कविताओं को मुहब्बत हैं,
    उसमे छिपे हादसाओं से ,
    उनमें छिपे रहस्यमयी दुनिया से ।
    ★अनुराधा सक्सेना★
    ©anuradhasaxena

    Read More

    मुहब्बत

    ( Read caption )


    ©anuradhasaxena

  • anuradhasaxena 29w

    चलो एक बेनाम सा रिश्ता बनाते हैं ,
    बस इतना गहरा की उस गहराई को कोई माप ना सके !!
    ©anuradhasaxena

  • anuradhasaxena 29w

    रिश्ता रूहानी हैं , बातें जुबानी हैं ,
    मुलाकातें हुई नहीं , पर राहें जानी पहचानी हैं !!
    ©anuradhasaxena

  • anuradhasaxena 30w

    @feelings365 love you pita shri ��☺️����

    Read More

    " पिता श्री "

    आप हो मेरे दिल के बहुत करीब ,
    फिर क्यों हो मुझसे मीलों दूर !

    मैं हूँ आपकी लाडली , आपकी गुड़िया ,
    आपके कलेजे का टुकड़ा ,
    फिर क्यों मेरे लिए ही हैं मजबूरियाँ ,

    खेली कभी ना थी आपके आँगन में
    पर लगता है , थमी थी आपकी ही गोद में ,

    चली कभी ना थी आपके संग
    पर लगता है
    अँगुली पकड़ आपने ही चलना सिखाया ।

    खाई कभी ना थी आपके हाथों से
    पर लगता है , कभी डॉट के तो कभी प्यार से ,
    खिलाए हो अपने हाथों से ।

    हर गलत रास्तों से वाकिफ़ कराते हो ,
    हर सही रास्तों पे साथ देते हो मेरा ,

    मेरे सारे ग़मों को अपने बातों बातों में ही
    खुशियों में बदल देते हो ।
    मेरे खुशियों में खुद भी खिलखिला के हँस देते हो ।

    बस मनु को गम रह जाता है ,इस बात का कि
    आप मेरे साथ तो हो पर पास नहीं ।।
    ★अनुराधा सक्सेना★
    ©anuradhasaxena

  • anuradhasaxena 31w

    जब कलियों को फूलों से मुहब्बत हो सकती है,
    चाँद को तारों से मुहब्बत हो सकती है।
    तो नदियों को पर्वतों से मुहब्बत क्यूँ नहीं,
    झाड़ियों को पेड़ों से मुहब्बत क्यों नहीं।

    देख किसी को धड़का ना था दिल ये पहले,
    पर अब उस उम्रदराज़ को देख धड़का है दिल तो क्या हुआ।

    सुना है हम उम्र अक्सर ही धोखा दे जाते हैं
    दिल लगा के दिल ही तोड़ जाते हैं।
    ऐसे में ग़र परिपक्व को सौप दूँ अपना दिल तो क्या हुआ,
    महफूज हो जाऊं उनकी धड़कनो में तो क्या हुआ।

    जिन्दगी जीते जीते , तजुर्बे लेते लेते,
    अपनों के गिले शिकवों का बोझ ढोते ढोते ,
    ग़र वो मेरी बाहों में थम ही गया तो क्या हुआ।

    चिरागों को जलाते जलाते खुद बुझने लगें,
    बुझती दिया में लौ जल जाए तो क्या हुआ ,
    ये दरिया मनु उस सागर में समा जाये तो क्या हुआ ।
    ★अनुराधा सक्सेना★
    ©anuradhasaxena


    ( *मनु - मैं अनु )

    Read More

    " तो क्या हुआ "

    वो उम्रदराज़ सा
    मेरे दिल मे बस गया
    तो क्या हुआ,
    वो मुहब्बत का बहार सा
    मुझमे उमड़ गया
    तो क्या हुआ।
    ( Don't miss Read caption )
    ★अनुराधा सक्सेना★
    ©anuradhasaxena

  • anuradhasaxena 31w

    एक रोज मुहबब्बत कुछ यूँ भी हो ,
    ना उम्र देखे ना देखे खूबशूरती ,
    बस दिल को दिल से हो !!
    ★अनुराधा सक्सेना★
    ©anuradhasaxena