Grid View
List View
Reposts
  • archana_tiwari_tanuja 1h

    #writerstolli#tod_wt@panchdoot
    @mirakeeworld

    21/07/19

    कुछ सवाल ज़हन मे आज भी है उलझे हुए,
    उन्हें जो तू सुलझा जाता तो अच्छा होता।।

    Read More

    जाने क्यों??

    जाने क्यों???
    अब तुमसे बिछड़ने का अफ़सोस नहीं होता।
    जाने क्यों??
    अब तू मेरे ख़्वाबों मे भी नहींं आता।
    जाने क्यों???
    तेरे जिक्र से चेहरे पर मुस्कान नहीं आती।
    जाने क्यों???
    ये लम्बी रातें अब मुझें नहीं है जगाती।
    जाने क्यों???
    अब कभी मुझें तेरा इंतज़ार नहीं होता।
    जाने क्यों???
    तेरा नाम आने से बेचैनियां नहीं होती।
    जाने क्यों???
    तुझसें मिलने की बेकरारी नहीं होती।
    जाने क्यों???
    अब तेरी तस्वीर भी मुझें नहीं लुभाती।
    जाने क्यों???
    तेरी यादें अब मेरी धड़कने नहीं बढ़ती।
    जाने क्यों ???
    सोचती हूँ हर-पल यें सब कैसे बदल गया।
    जाने क्यों??
    इश्क़ का हसीन मंज़र आ कर गुज़र गया।
    जाने क्यों???
    इश्क़ के मीठे दरिया में वो जहर घोल गया।
    जाने क्यों???
    बीच सफ़र में वो साथ मेरा छोड़ गया।
    जाने क्यों???
    सवाल स्तब्ध आज भी वहीं खड़ा रह गया।
    जाने क्यों???
    शायद कि जबान के इंतज़ार मे वह रह गया।
    जाने क्यों ???........जाने क्यों ???

    ©archana_tiwari_tanuja

  • archana_tiwari_tanuja 21h

    नत् मस्तक

    नत् मस्तक है ये सिर मेरा
    उस माँ के चरणों मे बारम-बार
    जो खुद के घर में अंधेरा कर
    सरहदों को रौशन करती है
    हर इक माँ का कलेजा !!!!
    ईतना बड़ा हो नहीं सकता
    जो भेज सके लाल अपना
    देश पर कुर्बान होने की खातिर
    रहेंगे हम ऋणी सदा उस माँ के
    जिसने लाल अपना सरहदों
    की रक्षा हेतु है भेज दिया
    नत् मस्तक है ये.....
    ©archana_tiwari_tanuja

  • archana_tiwari_tanuja 1d

    19/07/19

    Read More

    {जल}️️

    अंबर से बादल बरसे है
    सूखीं धरती खुशहाल हुई
    अर्जित करलो यें जल सारा।।

    ©archana_tiwari_tanuja

  • archana_tiwari_tanuja 3d

    #writerstolli#justice_wt@mirakeeworld
    @panchdoot@panchdoot_news

    17/07/19

    आज न्याय व्यवस्था इतनी लचीली और कमजोर हो चुकी है कि हर किसी की आवाज़ कानून तक नहीं पहुंच पाती है। समाज मे लोगों का विश्वास न्यायालय पालिका से अब उठता जा रहा है.... जो हर प्रकार से सबल है न्याय उसी का पक्षधर है पीड़ित का ही सोषण हर स्थान पर हो रहा है ......। फिर क्यों ना करें हम इस न्याय व्यवस्था का बहिष्कार ?? हमें चाहिए निष्पक्ष न्याय प्रणाली जो हर किसी की सुने !! और कम से कम समय मे पीड़ित को संतोषजनक न्याय दे।
    जिससे लोगों मे कानून के प्रति सम्मान बना रहे...।
    और दोषियों मे हमेशा कानून का भय व्याप्त रहे .......।।।।


    "जब एक समान होगी न्याय व्यवस्था,
    तभी जाग्रति होगी कानून में आस्था।।"


    अर्चना तिवारी_तनुजा.....����

    Read More

    न्याय की गुहार

    (1)
    किसी के जीवन का यहाँ कोई भी मोल नहीं
    अदालतों के लिए जीवन रहा अनमोल नहीं,
    गुण्डों की गुण्डागर्दी का होते है नित शिकार
    फिर भी न्याय व्यवस्था उनपे कसती नहीं जंजीर
    पीड़ित घूम-घूम करता न्याय की गुहार.......

    (2)
    जानते कितनी ही बहूं-बेटियाँ नित-नित मरती है
    शारीरिक, मानसिक यातनाएं हर दिन सहती है
    फिर भी दहेज की मांग इनसे की जाती है
    दहेज की आग मे हर रोज़ जलाई जाती है
    कोई बताओ कहाँ जा कर न्याय की गुहार....

    (3)
    किसी भी आयु की स्त्री जाति सुरक्षित नहीं
    बच्चीं,बूढ़ी, किशोरा या हो जवान यहाँ
    होती रहती है वहशी भेड़ियों का शिकार
    बहरी न्याय वयवस्था नहीं सुन पा रही
    उन पीड़ितों की हृदय विदारक चितकार
    फिर बताओ कहाँ लगाए न्याय की गुहार.....

    (4)
    लापरवाही के कारण जब मासूम जान गवाते है
    सनी गोद देख माताएं छाती पीट कर रोती है
    चिकित्सा के आभाव मे बली चढ़ जाता है
    जिन माता-पिता ने अपनी संतान गवाईं हैं
    कौन सुनेगा दुखियारों की न्याय की गुहार....

    (5)
    एक इनकार के कारण कोई लाज गवाती है
    तो कोईआग मे झुलसाई जाती है तो कोई
    तेजाब से झुलसाई जाती है तो कोई बेटी
    टुकड़ों-टुकड़ों मे बाँटी जाती उस!बेटी का बाप
    कहाँ जा कर करें न्याय की गुहार.......

    (6)
    कितने ही परिवार तबाह हुए झूठे दहेज उत्पीड़न
    और बहूँ को सताने के आरोपों में
    तबाह और बरबाद किए है घर जालसाजों ने
    शर्म से गांव, शहर,घर छोड़ दिया लोगों ने
    कोई सुनो पुकार कहाँ लगाए न्याय की गुहार...

    (7)
    तुम ही बताओं ऐ !! न्याय के ठेकेदारों.....
    तुमने तो ईमान,दया, धर्म ,सतकर्म,शर्म
    जमीर,मानवता सब बेच दिया नोटों के बदले में
    बेच दिया "न्याय की देवी" को तुमने सिक्कों के
    बोझ तले है दबा दिया.....
    गुम गई है आत्मा तेरी खन-खन की आवाजों में
    गरीब पीड़ित हाय!! किससे करें आखिर .....
    न्याय की गुहार...हाँ न्याय की गुहार.......

    ©archana_tiwari_tanuja

  • archana_tiwari_tanuja 4d

    #guru_wt#tod_wt#writerstolli@panchdoot
    #panchdoot_social

    16/07/19

    गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर आप सभी को मेरी तरह से बहुत बहुत बधाई .....गुरु कृपा से हम सब का साथ और प्यार ऐसे ही बना रहे.... श्री गुरुवे नमः����������������������������

    Read More

    गुरु बिन

    गुरु बिन ज्ञान मिले नहीं
    ना हो साथ बिन इनके कल्याण
    गुरु चरण शरण मे जो रहे
    मिटें जीवन के सब दुःख अपार।

    भटके को सदमार्ग दिखाते
    देते है सदा सही-गलत का ज्ञान
    क्यों ना करें हम वन्दना
    ऐसे गुरदेव की जो करे उद्धार।

    ज्ञान पुंज के तुम हो स्वामी
    हमारी अज्ञानता को मिटाकर के
    धन्य कर दो मेरा जीवन
    हम अज्ञानी ,मति मूढ़ बहोत है।

    काम,क्रोध,मद,लोभ बहुत है
    अंधकार है छाया जीवन पथ पर
    गुरुवर मेरे ज्ञान दीप जलकर
    कर दो जीवन में सुख का उजियारा।

    गरु ही है स्वर्ग का सच्चा द्वार
    गुरु संगत बिना मिले नहीं मोंक्ष कभी
    गुरु ही है इस भवसागर की
    नौका को सही दिशा दिखाने वाले।

    गुरु महिमा है अपरंपार
    मेरे शब्दों में है इतना "ओज "नहीं
    जो कर सके गरु महिला का
    उच्च, उत्तम , उतकृष्ट ,श्रेष्ठ बखान।।

    ©archana_tiwari_tanuja

  • archana_tiwari_tanuja 1w

    दिल के टुकड़े

    तेरी चाहत को जीने का मकसद बना लिया था
    धड़कते हुए दिल को आशियाँ तेरा बनाया था,
    पर तुझे तो कदर नहीं थी मासूम दिल की भी
    अहम के मद मे चूर दिल के टुकड़े कर चले गए।


    चाहत तो बेशुमार थी हमें तुमसे ऐ पत्थर दिल
    समझ जाते जो तेरे छलने की कलाकरी को,
    तो मुमकिन हैं कि हम तेरे फ़रेब मे ना आते
    काँच से दिल को टुकड़े-टुकड़े होने से बचा पाते।


    किया था भरोसा हमनें तुमपर खुद से भी ज्यादा
    क्या खूब दिया तौफ़ा तूने मेरी पाक मोहब्बत का,
    बेवफ़ाई के जख़्म हजार दिए है तुमने मुझे साथी
    मेरे दिल के टुकड़े बिखेर कर तुम आज़ाद हो लिए।


    हम तो कैद है आज भी तेरी चाहत की तलब में
    घुट- घुट कर के हम जीते - मरते हैं तेरी याद में,
    ख़ता जो हमसे हुई तुझसे दिल लगाने की साथी
    ख़ामियाज़े मे दिल के टुकड़े अब तक समेंट रहें हैं।


    ©archana_tiwari_tanuja

  • archana_tiwari_tanuja 1w

    A Collab With.......@loveneetm ji��❤️

    12/07/19

    Read More

    ऐ सनम!! तेरी रुह तक ऊतर जाना है,
    मुझे तुझमें ही समाना है, इजाजत है क्या??

    ©archana_tiwari_tanuja

  • archana_tiwari_tanuja 1w

    यूं ही चलते - चलते ज़िंदगी के सफ़र में
    हंसते खिलखिलाते,खुशनुमा माहौल में,

    अचानक ही हो जाया करते है हादसे!!
    पर जाते-जाते सबक भी सिखा जाते है

    ना करना तू एतबार महज"सूरत"को देख!!
    मुकम्मल परख कर ले तू पहले"सीरत"की।।

    ©archana_tiwari_tanuja

  • archana_tiwari_tanuja 1w

    मन की'वाटिका'

    अपने मन की"वाटिका"मे मैंने
    कभी बोएं थे कुछ सुन्दर बीज
    अभिलाषा थी मेरी की बने वह
    सुन्दर शुशोभित फूलदार पौधे
    हर दिन मैं उन्हें सीचती देखती
    आतुरता से उन्हें निहारा करती।

    कुछ ही दिनों मे वाटिका मेरी
    हरी -भरी और मनोहारी हो गई
    खूबसूरत पुष्पों को देखने को
    मन ललचाता था मेरा बार-बार
    वक्त - बेवक़्त मुड़ जाते कदम
    रंग-बिरंगे फूलों की क्यारी की ओर।

    सभी फूलों का स्पर्श पा कर
    मन मेरा प्रफुल्लित, आनंदित
    होता रहता था हर वक़्त ही
    उसी मे एक फूल ऐसा भी था
    जो मेरी देख -भाल के बाद भी
    मुझसे उखड़ा,नाराज़ नज़र आता था।

    फूल दे उस पौधे मे बड़े मनमोहक
    सुर्ख गुलाबी फूल खिला करते थे
    जब फूलों को छूने की कोशिश करती
    काँटे चुभा दिया करता!गुलाब का पौधा
    दोष नहीं था कुछ भी उस बेचारे का
    ईश्वर ने उसे फूलों के साथ काँटे जो दिए।

    ""संसार रुपी इस वाटिका के
    हम सब ही है सुन्दर फूल
    सबका अपना अलग रंग-रुप
    सबके अपने अलग-अलग गुण
    महज़ रुप की सुन्दरता काफी नहीं
    जब तक उसमें ना हो विनम्रता के गुण।।""

    ©archana_tiwari_tanuja

  • archana_tiwari_tanuja 1w

    मेरी दुआएं दो हाथों की मोहताज नहीं भाई
    धड़कता हुआ ये दिल मेरा दुआ तुझे देता है,

    रहे सलामत तेरी ज़िन्दगी हर इक मुसीबत से
    आ तेरे सिर की हर बलाएं खुद पर मैं ले लूं,

    चाहतीं हूं मैं इक वचन तुझसे राखी का उपहार
    हो सके तो सदा अपनी बहना का मान बढ़ाना,

    कभी किसी की बहन बेटी पर कभी भी ना
    बुरी नज़र उठा उसे शर्मसार तू करना भाई,

    किसी पल जब तेरे ज़हन मे बुरा ख्य़ाल आए
    उसी छड़ उस लड़की में तूं मेरी छवि देखना।।

    @panchdoot#rakshabandhan_special#panchdoot_magazien#panchdoot_news #writerstolli@mirakeeworld

    09/07/19

    इन पंक्तियों को लिखते वक़्त जाने क्यों मैं भावुक हो
    उठी और मेरी आँखों से आंसू बह निकले मुझे ऐसा
    लगने लगा की मैं अपने दोनों भाईयों के पास बैठ
    कर उनसें यह बातें कर रही हूं......मै हर बहन से चाहतीं
    हूं की अपने भाई से राखी का यही उपहार मागें हर राखी
    पर अपनी दूसरी बहनों की सुरक्षा के लिए....... अब इससे ज्यादा क्या कहूँ...।।।।।����������❤️��

    Read More

    मेरी दुआएं दो हाथों की मोहताज नहीं भाई
    धड़कता हुआ ये दिल मेरा दुआ तुझें देता है
    रहे सलामत तेरी ज़िन्दगी हर इक मुसीबत से
    आ तेरे सिर की हर बलाएं खुद पर मैं ले लूं।।
    ©archana_tiwari_tanuja