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  • bal_ram_pandey 2d

    खिला हुआ फूल भी, अब खार सा लगे
    इंसान आज ,बिजली की तार सा लगे

    चाहता हूं लौट आऊं, तेरे गांव पर
    मुझ में भी एक शहर, बीमार सा लगे

    अहले नज़र मुझे ,तुझसा ना मिला कोई
    भीड़ आशिकों की ,इश्क बाज़ार सा लगे

    सुब्ह से सुखा रहे, कुछ ख्वाब धूप में
    चांद तन्हा है , मन में गुबार सा लगे

    वक्त ए आईना में , देखा जब चेहरा
    दरमियां मेरे- तेरे , एक दीवार सा लगे

    खिला हुआ फूल भी खार सा लगे
    इंसान आज बिजली की तार सा लगे

    ©bal_ram_pandey

  • bal_ram_pandey 1w

    जुगनूओं की तरह जगमगाना क्या
    न मिले मंज़िल तो जख्म खाना क्या

    कागज के फूलों से उम्मीद ख़ुशबू की
    झूठी तसल्ली में ज़िंदगी बिताना क्या

    मयस्सर नहीं उनसे मुख्तसर मुलाक़ात
    उनसे मिलना क्या हाथ मिलाना क्या

    दोस्तों से हुई मुझे मेरी ख़बर अक्सर
    मुझ सा होगा कहीं कोई दीवाना क्या

    बू ए ख़ुशबू कौन रोक सकता है कभी
    ज़ाहिर हो जाएगा प्यार छुपाना क्या

    बावफा की उम्मीद बेवफ़ा को ग़ज़ब है !
    दरख़्त के साए को पानी पिलाना क्या

    जर ज़मीन महल कजा ले जाएगी साथ
    अब यहां रहना आशियां बनाना क्या

    ©bal_ram_pandey

  • bal_ram_pandey 1w

    इश्क़ में ना गर इतने सदमे होते
    आज हम भी अपने घर में होते

    खुला आसमां है हमसफ़र हमारा
    हम वरना आंधियों के डर में होते

    न तैर सके हम दरिया ए दिल में
    वरना तेरी आंखों के समंदर में होते

    गर जीत जाते वक़्त की अदालत में
    हम भी दुनिया की हर ख़बर में होते

    न बेचा इमान दौलत के लिए हमने
    हम वरना फूलों के बिस्तर में होते

    हमने ना बनाया सियासत को पेशा
    वरना लहू के भी दाग खंजर में होते

    ©bal_ram_pandey

  • bal_ram_pandey 1w

    बग़ैर तेरे ज़िंदगी , ज़िंदगी है क्या
    मोहब्ब्त में इतनी दीवानगी है क्या

    खयालों को कैसे बांधे ज़ंजीरों में
    जिस्म की इतनी , बेबसी है क्या

    क़ैद हो जाता हूं, जब भी देखता हूं
    आईना देखना भी खुदकशी है क्या

    ख़ुश होकर भी, मर जाता है कोई
    मौत की, खुशी से दुश्मनी है क्या

    तपती सड़क और , दूर है मंजिल
    धूप के बिना कहो ,चांदनी है क्या

    गुज़र जाता है दिन, जो साथ होते हो
    वक्त को न जाने इतनी जल्दी है क्या

    ©bal_ram_pandey

  • bal_ram_pandey 2w

    हुनर को पहचाने मेरे ,अब वह नज़र कहां है
    पहुंचा दे मंज़िल मुझे वह रहगुजर कहां है

    मेरे तनाफ्फुस ना है क़ैद अब मेरे जिस्म में
    एहसास करें दर्द अब , वह ज़िगर कहां है

    कत्ल कर रहे हो जिससे सारे रिश्तों का
    छुपा के रखा हुआ तुमने वो खंजर कहां है

    साल भर देता था फल, फूल और पत्तियां
    सूख गया अब बूढ़ा सा प्यारा शजर कहां है

    उड़ गए सारे परिंदें अब गांव के शहर को
    गांव में बचा अब सुहाना वो मंज़र कहां है

    सूने चौपाल , कजरी सोहर और नाच गाने
    तीज त्यौहार पर मिलना अब अक्सर कहां है

    सुना है ,अब बहू -बेटे मां से अलग ही रहते हैं
    बुजुर्गों के हाथों से रखे नींव के पत्थर कहां हैं

    ©bal_ram_pandey

  • bal_ram_pandey 2w

    #mirakee#hindiwriters
    #hindilekhan#gazal
    @riya_expression#anitya
    @rangkarmi_anuj
    #osr#jhala#naajnaaj
    @naushadtm
    @odysseus#sumit_
    #anjali_chopra#agentrkd007
    @Vishal__
    #mirakeeworld#naajnaaj#universe

    गमगुस्सार..... दिलासा देने वाला
    इखलास........ प्रेम, श्रद्धा
    पयाम............ संदेश
    गमदीदा......... दुखित
    अब्सार......... आंखें
    इत्तहाद........... दोस्ती
    आब ए चश्म..... आंसू

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    चंद ख्वाब अभी हैं ज़िंदा,
    मचलने के लिए
    आए हैं तेरे शहर, कुछ
    दिन ठहरने के लिए

    तू ही है एक गमगुस्सार,
    मेरे नाशाद दिल का
    चल पड़े आज तेरी,
    गली से गुजरने के लिए

    कैसा होगा मंज़र ,
    रू-ब-रू होगा सितमगर
    आब ए चश्म तैयार हैं,
    कुछ कहने के लिए

    कोई समझा दे उनको ,
    इखलास मेरे दिल के
    पयाम ले कर आए हैं,
    इत्तिहाद करने के लिए

    गमदीदा है मेरे अब्सार,
    एक अरसे से
    अब्र ए उम्मीद छा गए हैं,
    अब बरसने के लिए

    ©bal_ram_pandey

  • bal_ram_pandey 2w

    तू चैन में
    बेचैन मैं

    तू प्रभात में
    मैं रैन में

    तू प्राण बसी
    मैं नैन में

    हिय मुग्ध हुआ
    मीठे बैन में

    दुग्धालय सूने पड़े
    ज़हर बीके 'केन' में

    'कस्तूरी' ढूंढे कहां
    ईश बसे देह में

    कर्म उलझाते रहे
    'लेन' 'देन' में

    आंखें विरही भई
    प्रियतम प्रेम में

    मन अर्पण कृपासिंधु
    मुक्ति 'योगक्षेम' में

    ©bal_ram_pandey

  • bal_ram_pandey 2w

    तन्हाई पढ़ना, सपनों में खो जाना
    बड़ा मुश्किल है, किसी का हो जाना

    उम्र बीत गई , साये लंबे होते गए
    साथ छूटेगा, डूबा सूरज तो जाना

    मझधार मे थे पड़े , खुली आंख तो
    देखा लहरों का ,कश्ती डूबो जाना

    आंखों के कुएं में , रहा हरदम पानी
    दिल की जमीं पर, इश्क तेरा बो जाना

    ख्वाबों के काफ़िले , लेकर चलना
    तन्हाई सिरहाने रख कर सो जाना

    ©bal_ram_pandey

  • bal_ram_pandey 3w

    दुश्मनों के लिए भी दुआ कीजिए
    आये बात हक़ की तो लड़ा कीजिए

    चलना उजालों में आसान है कितना
    शम्आ बनकर कभी तो जला कीजिए

    हर ज़वाब पर नए करते हो सवाल
    दो कान है मुंह एक अजी सुना कीजिए

    नशा मोहब्बत का है शराब से जियादा
    बहक जाऊं तो सहारा दिया कीजिए

    लड़ें दंगों में सिर्फ ओ सिर्फ हैवान ही
    गीता - कुरान पर यक़ीन किया कीजिए

    आपकी बातों पर मुझको बड़ा यक़ीन है
    अमल कर सकूं ऐसी सलाह दीजिए

    बड़ी नफ़रत है मुझको झूठ ओ फरेब से
    नक़ाब चेहरे का हटाकर मिला कीजिए

    ©bal_ram_pandey

  • bal_ram_pandey 3w

    #mirakee#hindiwriters
    #hindilekhan#gazal
    @riya_expression#anitya
    @rangkarmi_anuj
    #osr#jhala#naajnaaj
    @naushadtm
    @odysseus#sumit_
    #anjali_chopra#agentrkd007
    @Vishal__#mirakeeworld#naajnaaj#universe

    Inspired by
    जुदा हुए तुमसे जमाना हुआ है
    दिल वीराना था सो वीराना हुआ है
    #empty__heart ��

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    तुझको देखे हुए ज़माना हुआ
    यह भी कोई आजमाना हुआ

    न होती उल्फत तो ना याद करते
    तेरा मगर गज़ब का भुलाना हुआ

    इबादत की तरह ज़हन में है तू
    तेरा भी क्या रिश्ता निभाना हुआ

    मुकद्दर क्या लिखा कैसे पढ़ें कोई
    ख़ुद से ख़ुद को यह बताना हुआ

    मुखालिफ ही रहे सफीने हरदम
    कश्ती का हर बार यूं डूबाना हुआ

    न लौटे परिंदे शजर पे कभी फिर
    वक्त का शाखों का यूं गिराना हुआ

    ©bal_ram_pandey