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  • dev_ansh 11w

    कुछ पागल से दिल ढूढ़े थे अपने ज़िन्दगी के सफर के लिए अब तो वो भी समझदार हो रहे है......


    @thesoulvoice

  • dev_ansh 11w

    Jindagi ka kuch yu rona hai khud ko ho to khasi aur dusro ko ho to corona hai.....
    @tsv

  • dev_ansh 13w

    once i was so sad so tired find myself an ugly weired ,
    seeking an real heart for my accomodation ,
    somebody being my whole nation without any revenge relation ,
    to whom my soul can weep
    one's lap that briengs me keep like fishes are carried by ocean deep,
    to whom my lies fake found behind my wet eyes,
    my cryies make sound that gonna trap in ones lap of universe size,
    how i be protect ? when there is dark all over and light no more so one can kiss my soul just one more,
    where do i go? when my heart gonna slow please give me answer because i just dont know,
    dear god, does it take long ? to find whom my soul belong
    where do i hide ? when sun never seems to shine the one who always be mine,
    all these query arises when i am older as month of nine,
    these query pinch me like thorn even yet i am not born,
    sudden i revealed to world like an raw
    my eyes spinning around and i can saw that all my query has one answer that is "माँ " that is "माँ" and that is "माँ"
    ©dev_ansh

  • dev_ansh 14w

    आज फिर उसी माहौल मे जाने को जी चाहता है|
    क्यों बढ़ गया ये समय आगे इसे फिर पीछे ले जाने को जी चाहता है,
    यूँ तो आँखों मे अश्क़ लाने के बहोत वजह है पर जब याद उनकी आती है तो मुस्कुराने को जी चाहता है,
    आज फिर उसी माहौल मे जाने को जी चाहता है|
    गर्मी बढ़ रही है ख्याल तो इसके साथ उन यादो को जलाने को जी चाहता है,
    पर फिर याद आती है उस याद की उस मुस्कुराहट की और फिर इसे दिल के किसी कोने मे दफ़नाने को जी चाहता है,
    अब बहोत होगया उन रिस्तो को आगे निभाने का दिलासा,
    आज फिर उसी माहौल मे जाने को जी चाहता है|
    एक रात तकलीफ थोड़ी हो गयी कम्बख्त वो यादें मेरी बाहो का तकिया बना के सो गयी,
    उस वक्त ने ही भेजा था इन्हें मेरी नींद चुराने अपना किरदार निभाने और शायद हमें जलाने,
    भगा दिया इन्हें केह कर की तुझे इन अश्क़ो से ही बुझाने को जी चाहता है,
    आज फिर उसी माहौल मे जाने को जी चाहता है , आज फिर उसी माहौल मे जाने को जी चाहता है |
    ~©dev_ansh

  • dev_ansh 14w

    Hyye.. so if we put word "सांड" instead of "चाँद" in hindi songs so how will they look let see...
    sand sifarish jo karta tmhari deta vo hmko bata
    chehra hai ya sand khila hai
    sand mera naraz hai na bat kare na milta hai
    ye sand sa roshan chehra julfo ka rang sunehra
    mai teri sandini

    ©dev_ansh

  • dev_ansh 15w

    Safar kare mera dimag beete vakt ka humsfar yad ata hai...
    Kash dimag se keh skte kyu presan hota hai uss yarr ka ghar to humare hi ghar ke bad ata hai....
    ©dev_ansh

  • dev_ansh 15w

    कुदरत ने ये कैसी शाजिस की है की हर एक बंदा घर से निकलने को मोहताज़ है उड़ रहे है परिंदे और घर मे बंद इंसान आज है |
    उसने बदला लिया है हर एक जख्म का जो सोच कर हमने दिया बेज़ुबान है क्या सोचा था ना उसका कोई धर्म ईमान है अब समझ आया इंसान को इसका अंजाम है मचा चारो ओर त्राहिमाम है |
    खाली सड़के बंद इंसान है सूनी होगयी शाम और जहाँ मैहफिल जम रही उसका नाम शमसान है
    वार तलवार सब बेकार है बनाया तेरा हर हथियार निराकार है तू दूसरे गृह मे जाने का देख रहा ख्वाब है देख कुदरत ने उठाया तेरा ये नकाब है |
    नहीं बदला अभी भी कुछ कर नई शुरुआत है ये तो उसने चेताया भर है कुछ समय का अंधेरा पन फिर वही चान्दिनी रात है कर नई शुरुआत है |
    ©dev_ansh

  • dev_ansh 16w

    क्योंकि ये समय आधी रात का है..
    कुछ ख्वाब कुछ करवटे कुछ बेचैनी अजीब है..
    हवाएं तो चल रहीं पर उसमे एक तहज़ीब है..
    बताना चाह रही वो मुझे पुरे दिन का हाल, पर मै समझ नहीं रहा सायद उनसे भारी हैं मेरे दिल मे मचल रहे सवाल...
    इन हवाओ का कहना हैं ये समय हमारे मुलाक़ात का है...
    कैसे कहुँ इन्हें मत छेड़ो मुझे मेरे ख्वाबो के साथ क्योंकि ये समय आधी रात का है...
    सब शांत__ पर एक आहट है !
    रुको इन हवाओ मे कुछ अकुलाहट है...
    कैह रही ये मै हु गुलाम लायी हु आपका का पैगाम...
    पर हैं कुछ मिलावट इन हवाओ की मेरे ख्वाबो के साथ शरारत...
    छोड़ दो मुझे इस बेचैनी मे ये समय ख्वाबो से मेरे शह और मत का है...
    क्योंकि ये समय आधी रात का है |
    ©dev_ansh