diksha_verma

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Reposts
  • diksha_verma 5w

    कौन हो तुम, मरहम तो नही
    एक चोट से, जिस्म से उखड़ रहे हो।

  • diksha_verma 5w

    अच्छे हो, तो अच्छाई की उम्मीद ना करो।
    फ़ूल खिलते ही है, तोड़े जाने के लिए...


    ©diksha_verma

  • diksha_verma 5w

    Mirakee

    Those 200 mirakee posts traced my evolution from broken till healed, from growing till maturity.

  • diksha_verma 5w

    There are too many realities between us to get back together...
    So lets limit our worlds to that of dreams...
    Where you and i, can still hold hands,
    walk through that corridor and
    pass smiles in the hallway..
    Coz true love never dies, and the bigger truth is in accepting that it never survives.
    ©diksha_verma

  • diksha_verma 5w

    जो मेरा अपना नही , उसे छीनू क्या?
    जो मेरा अपना ही हैं, उसे माँगू क्या?

    ©diksha_verma

  • diksha_verma 6w

    We didn't need to break up.
    You were my best friend,
    not my boyfriend.

    ©diksha_verma

  • diksha_verma 14w

    क्या सोचा था
    और क्या पाया है,
    वक़्त उसी मोड़ पर लाया है।
    एक सूखा पत्ता टूटा था,
    भू से मिलने की चाहत में,
    कुचला गया फिर पैरों से।
    किसी के जूतों की आहट में,
    दब गया उसका रोना भी,
    अब मिट्टी में मिला हूँ मैं,
    मिट्टी से जी चुराकर ही।


    Kya socha tha,
    Aur kya paaya hai,
    Waqt usi mod pr laaya hai,
    Ek sukha patta toota tha,
    Bhu se milne ki chahat mein,
    Kuchla gya phir pairon se.
    Kisi ke jooton ki aahat mein,
    Dab gya uska rona bhi,
    Ab mitti me mila hu mai,
    Mitti se jee churakar hi.

    ©diksha_verma

  • diksha_verma 19w

    मुझे डर है तू चला जायेगा
    और मैं तुझे कागज़ पर नही उतार पाऊँगी
    जो इतना कुछ ता हमारे बीच मे
    उसे कविता में कैसे सवार पाऊँगी

    वो सपना जो हकीकत था
    उसे नींदों में कैसे सुला पाऊँगी
    मुझे डर है तू चला जायेगा
    और मैं तुझे कागज़ पर नही उतार पाऊँगी



    ©diksha_verma

  • diksha_verma 19w

    टूटी-बिखरी यादें है
    टूटे-बिखरे लोग
    दिल है खाली दर्द भरा है
    कैसा है यह रोग

    टूटे-बिखरे लोग है
    टूटी-बिखरी यादें
    ज़ख़्मी होकर, सुन्न पड़े है
    साथी तेरे वादे।

    ©diksha_verma

  • diksha_verma 19w

    To be continued...

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    टूटी-बिखरी यादें है
    टूटे-बिखरे लोग
    दिल है खाली दर्द भरा है
    कैसा है यह रोग
    टूटी-बिखरी यादें है
    टूटे-बिखरे लोग

    ©diksha_verma