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  • dil_k_ahsaas 33m

    काँच से बने दिल को मोहब्बत का पैगाम क्या मिला
    देखते ही देखते ज़माना पत्थरों में तब्दील हो गया।

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 10h

    दुश्वार हो कर भी इश्क दुश्वार नहीं है
    गर तुझसे मिलना नसीब नहीं तो ना सही,
    एक तरफा इश्क भी खूबसूरत है।

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 14h

    जब रिश्ते नाराज़गी की भेंट चढ़ने लगते हैं
    मन के भाव, तल्खियों की भेंट चढ़ने लगते हैं।

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    " नाराज़गी "

    मुँह पर दरवाज़े अब बंद करने लगे हैं
    बंद खिड़कियों के पीछे से झाँका करते हैं।

    ना हाल-चाल, ना हाल-ए-दिल की खबर पूछते हैं
    अब वो गैरों से अपने दिल की गुफ्तगू करते हैं।

    नज़रों पर अपनी अब मोटे काले चश्मे रखते हैं
    उन चश्मों के पीछे से गुपचुप ताड़ा करते हैं।

    बातों को लगा कर अल्पविराम चुप रहते हैं
    ज़माने भर को फिर शिकायतें सुनाया करते हैं।

    नाराज़ रिश्ते बस दूरियों को ही पैदा करते हैं
    नाराज़ रिश्ते अक्सर खुशियों को खत्म करते हैं।

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 18h

    कविताओं में क्यूंँ टूटे दिलों के अवशेष यहांँ-वहाँ बिखरे मिलते हैं
    कविताओं में क्यूंँ मोहब्बत के समंदर में मिलन के बादल गरजते नहीं है।

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 21h

    दिल को जंजीरों में बाँध दिया है
    अनचाही बेड़ियों में जकड़ लिया है
    तुम से मिलने की ज़िद्द थी इसे
    मैंने दिल के सीने में जो दिल था
    उसे बेरहमी से मार दिया है
    अब दिल अपने ही दिल को
    जिंदा करने की जद्दोजहद में लगा है
    और मैंने खुद को मरने से बचा लिया है।

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 1d

    आँखों में एक खालीपन भरता ही चला जा रहा है
    आँखे ना जाने किस समंदर की तलाश में सूखती जा रहीं हैं।
    आँखों में जहांँ कभी ज़ज्बातों का बसेरा हुआ करता था
    आँखे ना जाने क्यूँ अब मन को मरता हुआ दर्शा रही हैं।

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 1d

    मसर्रत ..... खुशी, happiness
    @zacksparrow

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    पुरानी तस्वीरों में सिमटे, जवानी तक
    वो याद रहें, बस इक कहानी तक

    बातें करते रहे, दिन के ढलने तक
    भूली-बिसरी यादें ताजा होने तक

    जो खो गया था बीते दिनों के संग
    उसे खोज लाओ हकीकत तक

    जो साथ रहे जिंदगी भर
    उसे मोहब्बत में डूबाओ कयामत तक

    जो उदासियों में खो गए गहराई तक
    उन्हें खींच कर वापस लाओ मसर्रत तक

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 1d

    " कुछ तो है "

    दिन के उजालों में
    सब कुछ ठहर जाता है मेरे अंदर
    दिल अपनी बैचेनी,
    किसी को दिखाना नहीं चाहता
    रात होते ही धीरे-धीरे
    सब कुछ चरमराती पदचापों के साथ
    बेइंतहा शोर करने लगता है मेरे अंदर
    जैसे दुश्मन हो मेरी नींदों का
    कुछ तो है सताता दिल को
    जो किसी से कह नहीं पाता है
    कुछ तो है दिल के अंदर
    जो ज़ख्म बनता जाता है
    दिन गर ठहराव लेकर उगता है
    तो रात दर्द जगाने आती है
    ना चाँदनी बहलाती है
    और ना रात तब मदमाती है
    एक साया मेरे संग चलने लगता है
    अंधेरों में छिप जाऊँ तो
    रौशनी में रूक
    मेरा इंतज़ार करता रहता है
    इर्द-गिर्द ही रहता है
    पर साथ नहीं छोड़ता है
    अंदर की चहलकदमी
    दिन के उजालों में रुक सी जाती है
    कोई सुन ना ले कहीं
    धड़कन भी सामान्य गति पाती है
    रात को निशाचर की भांति
    सारी रात अपने नुकीले पैरों तले
    मेरी तमन्नाओं को दिल में
    कहीं गहरा दबाती है
    कुछ तो है जो दिल को
    गहरा छू कर चला जाता है
    सुबह बस उस छुअन के
    निशान दिखाने को
    मुझे अक्सर जगाती हैं।

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 1d

    " मेरे बनोगे क्या "

    गर किसी रोज़ सवेरे रूठ जाएं मुझसे
    क्या तुम मेरी तारों से भरी रात बनोगे!

    गर किसी रोज़ बारिशें रूठ जाएं मुझसे
    क्या तुम मेरी बादलों से भरी शाम बनोगे!

    गर किसी रोज़ खुशियांँ रूठ जाएं मुझसे
    क्या तुम मेरी उम्मीद से भरी किरण बनोगे!

    गर किसी रोज़ जिंदगी रूठ जाएं मुझसे
    क्या तुम मेरा धड़कनों से भरा दिल बनोगे!

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 2d

    रोज़ रात नींद मुझे अपने आगोश में ले कर ज़ख्म मेरे सहलाती है
    उन ज़ख्मों पर नमक छिड़कने को जिंदगी रोज़ मुझे झिंझोड़कर जगाती है।

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas