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  • dil_k_ahsaas 18h

    इतना आसान भी नहीं था जितना समझा गया.....!
    अश्कों को मेरे पानी समझा और अपने अश्कों में भावनाओं का बहता सैलाब दिखा दिया......!

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 22h

    Starving for hugs
    Starvings for kisses
    Starving for a lovely touch of each other
    Starving to cuddle and sleep whole night
    How much more to sacrifice for our day to day life
    I am forced to live without my love hugged tightly in his strong muscular arms
    What a situation has arrived
    We live together but forced to maintain a distance though we are not facing any serious fights
    Soul is also wandering here and there in distress
    O my love please hug me once and hug me little tight
    Let me make pillow of your arms and sleep tonight

    Rekha Khanna
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 1d

    इश्क़ कदमों को‌ बहकने को‌ कह रहा हैं
    होश थोड़ा संभलने की चेतावनियां दे रहा हैं
    दिल हैं जो दिमाग से जंग कर रहा हैं
    दिमाग़ हैं जो अंजाम सोच-सोच पसीने छोड़ रहा हैं

    इश्क़ किसी की नहीं सुन रहा हैं
    बस महबूब की बांहों में सिमट जाने को उकसा रहा हैं
    कदम झिझक रहें हैं फिर भी महबूब की तरफ बढ़ रहें हैं
    इश्क़ हैं कि सारी हदें पार करा रहा है
    दिमाग़ भी बेबस हो चुपचाप साथ निभा रहा हैं

    इश्क़, इश्क में फना हो जाने के लिए दिल को बहका रहा है
    दिल, अपनी मासूमियत में इश्क की सब बातें मान रहा है
    इश्क़ अब बेपर्दा करने पर तुला हैं
    हुस्न ना जाने क्यूं शर्मा रहा हैं
    हैं इक कसमसाहट सी बदन में
    शायद समर्पण के लिए थोड़ा और वक्त मांग रहा हैं

    मोहब्बत दिल में हिलोरें मारने लगी हैं
    हर लहर का थपेड़ा, कश्मकश में उलझा रहा हैं
    हाथ, हाथों को थाम इक मौन वादा कर रहें हैं
    वादे भी क्यूं इक भूल-भुलैया से लग रहें हैं

    इतनी उलझनें पैदा हो गई है दिल में
    पर इश्क हर उलझन को दरकिनार कर
    मोहब्बत में खो जाने को कह रहा हैं
    चारों ओर मोहब्बत की हरियाली दिखा रहा हैं
    झूठ दिख रहा हैं पर फिर भी सच मान जाने को दिल कर रहा है

    और फिर इश्क जीत गया और दिल मोहब्बत के घेरे में फंस गया
    बांहों के घेरे का आंनद आने लगा हैं
    इश्क़, इश्क ने दिल को बहकने के लिए मना ही लिया है

    इश्क़, फरेब ही नहीं कभी कभी सच्चा भी होता हैं
    गर इश्क सच्चा हैं तो इसमें खोने का वक्त आ गया हैं
    सच्चे इश्क से रिश्ता पक्का बन गया है
    मोहब्बत की हरियाली पर अब फूल लहलहाने लगे हैं
    इश्क़ अब जिंदगी बन गया है

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 1d

    #meme60_wt #writerstolli #masti #funtime #care
    #dont_stress #take_chillpill #nature #life #poetry #thoughts #diary

    हर समय करोना‌पर न्यूज देखना बंद कर दो
    ये सिर्फ हमें डर की ओर धकेल रहे हैं और नकारात्मक सोच को हमारे अंदर भर रहें।
    माना बिमारी घातक है पर लगता हैं बिमारी से कम और डर से ज्यादा मर रहे हैं

    Read More

    अब तो कोरोनावायरस की न्यूज देख देख कर ही लगता हैं जैसे करोना चैनल से बाहर निकल कर हमें लग जाएगा।
    चलों ‌कुछ और देखते हैं जिससे कोरोना थोड़ी देर हमें देख ना सकें

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 1d

    Year by year, the seasons are passing in a faster pace
    My soul is craving for your love and slowly burning my heart
    As time passes, every season is craving to see our everlasting love .

    Rekha Khanna
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 1d

    सुकून की बूंद, गुम हुई मृगतृष्णा के रेगिस्तान में
    ढूंढ रहा जगह, बसेरा बन सके जहां पे

    तलाश निरंतर जारी हैं, सपने उगते हो जहां पे
    शहर मिलता ही नहीं, सपने होते साकार जहां पे

    हाथों की लकीरें, ना जाने कहती हैं क्या
    ढूंढ रहा उसे, जो मेरी लकीरों से तेरी लकीरों को मिला दें

    दिल की तरंगे, बजने की कोशिश में
    ढूंढ रहा, उस तरंग को जो तेरे दिल को हिला दे

    रूह मेरी जाग कर, मचा रही है शोर
    तेरी रूह पर हो असर, मैं भी रूह संग चिल्ला रहा हूं जोर से

    मृगतृष्णा बढ़ रही हैं, कस्तूरी ढूंढने की होड़ में
    मैं बेबस घूम रहा, खुद की ही तलाश में

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 2d

    उंगलियों के पोरों पर कई चक्र बने दिखते हैं
    कभी कभी लगता है जिंदगी इन्हीं चक्रों में फंस कर उलझ कर रह गई है
    बस इक ही गोल दायरे में निरन्तर घूम रही हैं बिन मकसद के
    और मैं दर-ब-दर फिर रहा हूं इक मकसद की तलाश में

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 2d

    मेरी प्यास के आगे समुन्दर भी शर्मिंदा हैं।
    पानी में इतना दम नहीं कि मेरी रुह को तृप्त कर सके।।

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 2d

    चाहतों के बवंडर में गुम हो रहा हैं इंसान
    चारों ओर गहरी धुंध में आंखें खोलने को भी बेजार
    लालच के पीछे अंधाधून भागता हुआ इंसान
    चारों ओर से लालच के दलदल में धंसता जा रहा और कोई नहीं बचाव

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • dil_k_ahsaas 2d

    ज़ख्मों के नासूर नहीं
    थोड़ा सा सुकून चाहिए
    जीना चाहता हूं
    थोड़ी सी मोहलत चाहिए

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas