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  • divyatiwari19 1d

    .

    Dil nhi tuta h
    Bs mn udhas h
    ©divyatiwari19

  • divyatiwari19 3w

    ..

    जरा मौसम का मिजाज तो देखिए
    हमारी वार्तालाप से
    ठंड कुछ ज्यादा है या हो गई है
    या हमें लग रही है
    बिना मौसम के बरसात हो रहे हैं
    यह प्राकृतिक हमसे क्या कुछ नहीं कहती....
    क्या अभी भी हम अलग नही है

    ©divyatiwari19

  • divyatiwari19 3w

    .

    Jo log bolte h ki hm bure h
    To thik h .
    Hm bure h .
    Bure wqat me kam aate h. .
    ©divyatiwari19

  • divyatiwari19 3w

    backspace

    लो उसकी फिर याद आ गई
    देख उसे online टेक्स्ट टाइप कर backspace बटन दबाया करते
    online देख सोचते कि ऐ ऑनलाइन क्यों रहता है
    विमूढ् मन कहता कि क्या ये मेरे से जैसे बात करता था
    अब किसी और से तो नहीं
    तभी सुलझन ने कहा जैसे तुम ऑनलाइन देखा करती हो
    वैसे ही वे भी तुम्हें ऑनलाइन देखा करता हो
    तभी वैरी मन उसकी गुड मॉर्निंग से गुड नाइट के प्रति क्षण को याद करने लगा
    और उसकी वे जो वे अक्सर कहाकरता था
    कि तुम मेरे मन की बात व मेरे के ख्याल की आवाज को कैसे पढ़ लेती हो
    तभी भाव मन से उसकी वे आवाज आती है कि तुम मेरी जिंदगी से चली जाओ तुम तोcharacterless हो
    तभी शान्त ध्वनि कहती गुस्से में बोल दिया होगा
    इतना attitude के साथ क्या करोगी चलो माफ करो
    उसे फिर online हो टैक्स करते कि तभी क्रुद्ध दिमाग कहता कि तेरे तेरे इक massage के बाद तेरी मैसेज के बाद hmmm .ok का रिप्लाई आएगा फिर backspace दबाया
    फिर मन का ख्याल कहता कि अगर वापस आया तो
    फिर मेरी जिंदगी माता सबरी का अनुसरण करेगी
    जब आएगा क्या कहेंगे क्या बोलेंगे कैसे रहेंगे कैसे दिखेंगी
    तमाम अनसुलझे मन का मन में चित्रण करते हैं
    लो उसकी फिर याद आ गई
    लो उसकी फिर याद आ गई
    ©divyatiwari19

  • divyatiwari19 5w

    ??

    Kya sach me hota h ..
    Ise jana chahti hu
    Bhagwa
    ©divyatiwari19

  • divyatiwari19 5w

    किरन

    तू एक मस्त मौली सी लड़की है
    तू खुद के आवेग में बहती रहती है
    तुझे खुद की बातें व बातों की तारीफ ही पसंद है
    तू सूर्य के प्रकाश से जगमगाती रहना
    तू मन खोल के अपनी किरण से प्रकाशित करना
    तू खुद को हद में ना रहना तू एक विस्तार बन जाना
    तू विश्वविद्यालय की विजय नहीं तो अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक बन जाना

    तू एक मतवाली सी लड़की है
    तू खुद को पाना कभी अकेले तो धरती आकाश पताल की और देखना
    तू खुद पंचतंत्र से निर्मित तो तुझे किसकी तलाश होगी
    तू खुद की बातों पर अभिमान करना तुझे छलावा की जरूरत क्या

    तू एक मस्त मौली से लड़की है
    तू जीना जिंदगी के लिए जीने के लिए नहीं
    तू चट्टान सी है कंकड़ से डरना नहीं
    तू नौवका चलाना सीखना पर तैरना भूलना नहीं
    तू सात समुद्र पार कर जाना पर खुद के जमीर को लाघना नहीं
    तू 33 % की मांग न करना तो 50 % हकदार है भूलना नहीं
    तू सफर ही सफर है पर ठहराव भूलना नहीं
    तू आज के विजय पर कल का संघर्ष भूलना नहीं

    तेरी हिचकी बन्द ना हो तो हमे भूलना नहीं
    तू एक मस्त मौली से लड़की है
    तू एक मस्त मौली से लड़की है
    ©divyatiwari19

  • divyatiwari19 6w

    मकर संक्रांति

    देखो जरा-सा सूरज कितना खुश है
    कर्क रेखा छोड़ मकर रेखा में प्रवेश रहा है
    प्रवेश करते ही राते छोटी व दिन बड़े करने लगा
    जो लाया साथ अपने कई नामो का त्योहार
    कहीं पोंगल कहीं लोहणी कहीं मकरसंक्रातिं व खिचड़ी
    कई नाम तो कई काम तो कई अर्थ व कई कहानिया है

    हिन्दूधर्म का प्रथम त्योहार जो तारीख से होती
    माघ मेले का आगाज करता

    मां कहती फिरती
    आज सभी लोग स्नान करते हैं
    जल में गंगाजल व तिल डाल स्नान करते है
    खिचड़ी खिचड़ी व दही चूड़ा का प्रसाद खाते
    चारों तरफ चूल्हे में जलती आग
    उनमें गुड़ के पाग की सोंधी सोंधी खुशबू आती
    माँ मामा का इंतजार करती हैं
    अपने भांजे के लिए पिताजी को ढूनडा के साथ तैयार करती
    बच्चों अपनी पतंगों के साथ आसमान को निहारते
    जो आज सतरंगी दिखाई दे रही है
    वे कटी वे कटी की आवाज गूंज रही है

    उन पतंगों की डोर शिव लिए खड़े हैं
    जो दिखा रहे हैं
    काया को कब ढील देना है
    कब उतार-चढ़ाव होगा
    कब दुखवा सुख का बवंडर आएगा

    Happy makrsankranti my friends
    ©divyatiwari19

  • divyatiwari19 7w

    Om

    ओम

  • divyatiwari19 8w

    लो नया साल आया

    लो नया साल आया
    लो नया साल आया फिर से एक बार आया
    उन बच्चों के लिए भी आया जो ग्रीटिंग कार्ड बना उनमें चॉकलेट भर अपने मित्र को दे रहे हैं
    उन बच्चों के लिए भी आया जो उसी ग्रीटिंग को बनाकर बेच रहे हैं
    उनके लिए भी जिन्हें सुबह से एक निवाल नसिब नहीं बदन पर वस्त्र नहीं रहने को छत नहीं
    उनका भी आया जो सुबह से घूम रहे हैं नवीन वस्त्र धारण करें रात्रिभोज व मधुशाला की ओर जायेगें
    लो नया साल आया
    लो नया साल आया फिर से एक बाल आया
    उनके लिए भी जो मंदिर में बैठकर ईश्वर की स्तुति कर रहें
    उनके लिए भी जो मंदिर के बाहर बैठकर ईश्वर की स्तुति करवा रहें
    उनके लिए भी जो धर्म का पाप बताकर अपना हाथ सेक रहे हैं
    उनके लिए भी जो धर्म के नाम पर अंधे की लाठी बन रहे हैं
    लो नया साल आया
    लो नया साल आया फिर से एक बार आया
    उनके लिए भी जो सरहद पर जान की बाजी लगा रहें
    उनका भी जो घरों में बैठ गुटिया सुलझा रहें
    उस डॉक्टर का भी जो सर्जरी कर रहा है उस परिवार वालों का भी हाय अब क्या होगा का सवाल लिए खड़े हैं
    उस परिवार का भी जो मे श्मशान पर चिता जला रहे हैं
    उस परिवार का भी जो शिश महल में सोहर गवार रहे हैं
    उस विद्यार्थी का जो खुद से कह रहा है अगली बार जश्न के साथ
    उस विद्यार्थी का भी जो कह रहा 365 में एक बार आता है
    लो नया साल आया
    लो नया साल आया फिर से एक बाल आया
    उस पत्नी का भी जो रात में दिन मना रही है
    उस पत्नी का जो तस्वीर देख उजालों में भी अंधेरा है
    उस आशिक का भी जो अपनी महबूबा के बाहों में बाहें डाल उसके जुल्फों को समझा रहा है
    उस का भी जो एक मैसेज का इंतजार कर रही
    लो नया साल आया
    लो नया साल आया फिर से एक बार आया
    लो नया साल आया
    लो नया साल आया फिर से एक बार आया
    ©divyatiwari19

  • divyatiwari19 8w

    Happy new year

    नूतन वर्ष का नव प्रभात आप के जीवन को सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य से आलोकित करे। सर्वत्र मंगल व कल्याण हो, आपके जीवन का हर क्षण असीम आनंद और प्रसन्नता से भरा रहे; यही परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है। Jay Shri Krishna #HappyNewYear2020

    be happy and make everyone happy
    ©divyatiwari19