drgouravrathod

phychiatrist ,physician

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  • drgouravrathod 1w

    सुरमई सुबह का अंधेरा है
    या तुम मसगुराइ हो
    ये ओस की है चमक या
    तुमने अपनी आँखों की चमक बिखेरीं है
    और ये जो ओस गुलाब के फूले से फिसल रही है
    या तुम्हारे गालों की है लाली
    ये सुबह सुबह की सर्दी है
    या तुमने अंचल लहराया है
    ये ख़ुशबू हवाओं मै है
    या तुमने उबटन का श्रिंगार किया है
    ये अंधेरी सी है सुबह
    या तुमने बाल खुले रखे हुए है
    ये वादियों मै हवा की धीमी धीमी सी है गूंज
    या तुमने चुपसे कानो मै मेरे कुछ कहा है
    सब तुमसे जुड़े हुए है जैसे
    सब तुमसे मिले हुए है
    यूँ लगता है मुझे मेरी हमसफ़र
    ये वादियाँ तुमसे है और तुम इस सुबह का उजाला

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    #hamesha priority pri

  • drgouravrathod 2w

    जब तुम आए तो ऐसा लगा
    जैसे नयी ताज़गी आयी
    जैसे देर शाम को फूलों की ख़ुशबू आयी
    जैसे दूर शाम को देखलेनेवाला लाल -लाल सूरज
    जैसे झरने का निश्चल स्वर
    जैसे तेज रात को ठंड मै जलता हुआ “अलाव”
    जब तुम आए ,जब तुम आए

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    #Hamesha priority pri

  • drgouravrathod 3w

    आज भी जब मै खुद से कहता हूँ
    और जवाब तुजे सोचकर देता हूँ
    तुम होती तो ये बोलती ,वो कहती
    ऐसे ग़ुस्सा होती,वैसे मान जाती
    आज भी मै जब खुद से बात करता हूँ
    कहीं खो जाता हूँ तूझ मै
    कुछ पल ये वक्त रुक जाता है
    दिल और साँसे मेरी थमसी जाती है
    फिर अचानक सारी आवाज़ें आने लगती है
    मंजर जी उठता है मेरे आस पास
    और मै जैसे नींद से उठ जाता हूँ
    ऐसे होता है मेरे साथ आज भी तेरे बिना
    मुझे पता है तू है नहीं और अब आएगी भी नहीं
    आज जब मै अकेले खुद से बात करता हूँ ............
    आजजब मै खुद से बात करता हूँ.................

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    #hamesha priority pri

  • drgouravrathod 3w

    सिर्फ़ एक तू है
    सिर्फ़ एक मै हूँ
    और बाँकी है
    इस दुनिया भर की मजबूरियाँ

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    #hamesha priority pri

  • drgouravrathod 3w

    शाम है ,आधी सी रोशनी है
    सर्द सा मौसम है ,ख़ालीपन है
    यूँही निकल आया हूँ हाथ जेब मै डाले पैदल
    न टहेलने की कोई वजह है, न अकेलेपन की
    बहुत याद करता हूँ तुजे इन वीरान सड़कों पे
    फिर दिल धड़क सा जाता है और मै वापस आजाता हूँ कहीं से

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    #hamesha priority pri
    #सूनी सड़कें

  • drgouravrathod 4w

    जब झरोके खोलता हूँ
    यादें धूप सी गरमा जाती है मेरी तुम्हारी
    मानो कल ही की कोई बात हो
    मानो तुम और मै वही है खड़े कहीं पे
    ये जो यादें हैं बस यही तो मेरे पास है अब
    बड़ी चुन चुन के खर्च करता हूँ उन लम्हों को इन लम्हों पर
    कहीं ख़त्म ना हो जाएँ वक्त के पलों पर
    बताओ न! बोलो न !कभी कहीं किसी रोज़ मिलोगे न
    दो पल इस ज़िंदगी मै इसके बाद दे दोगे न
    माना मत करना भले मुझसे मिलने मत आना
    कम से कम ये गुमान रहेगा आस को
    के तुम आए नहीं भूले तो नहीं हो

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    #hamesha priority pri

  • drgouravrathod 6w

    कुछ बुझे जले से काग़ज़
    कुछ किताबों मै सूखी सी रखी यादें
    कुछ चीजों को देखकर वापस आती यादें
    हंसी का तेरी सुनाई सा दे जाना
    कभी कुछ सोचकर मेरा यूँही अकेले हंस जाना
    क्या फ़लसफ़ा इश्क़ का यही है
    और ज़िंदगी के उन लम्हों का संजोना अब भी ज़रूरी है

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    #hamesha priority pri

  • drgouravrathod 11w

    मेरे पास तुम नहीं है
    लेकिन मै तेरे पास हमेशा हूँ
    Bimbim मेरी bimbim
    I love u so much

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    #hamesha priority pri

  • drgouravrathod 11w

    रह गया दिल छूट गया दिल तनहा
    अब क्या बातें क्या शिकायतें
    क्या कहना क्या सुनना क्या जताना क्या बताना
    बस अब पुरानी तस्वीरों को रोज़ रोज़ पोंछ कर रखना
    रह गया दिल छूट गया दिल तनहा

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    #दिल
    #hamesha priority pri

  • drgouravrathod 11w

    आज वो जा रही है
    और उसने मेरी बुराई लिखना बंद नहीं किया
    क्या बोलूँ क्या कहूँ कैसे कहूँ नहीं पता
    वो msg करती है ग़ैरों की तरह phone नहीं कर सकती अपनो की तरह
    मै जवाब नाहि देता msg का ग़ैरों की तरह
    क्यूँकि मौक़े रहना चटा हूँ अपनो की तरह
    और इसी कस्मकस मै अब बात नाहि होती

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    #hamesha priority pri