#2306

78153 posts
  • aayush_joshi 11m

    #बारिश #मौसम #हिंदी_रचना #mirkee #own_words

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    वर्षा

    कुछ तो है वर्षा के मौसम की अलग बात
    भर देती है हर चेहरों पर मुस्कान
    पहले बादलों को काला कर के
    आसमां और धरती का भेद मिटाता है ।
    फिर बिजली और बादलों की आवाजो से
    मानो चीख चीख कुछ कहना चाहता है ।
    पानी की बूंदे पड़ते ही व्यक्ति मानो
    अपना हर दुख दर्द भूल जाता है ।
    फिर धरती को सीच सीच कर
    पुनः प्रकृति को हरा भरा बनाता है ।
    जब एक छोटा सा बच्चा वर्षा के जल
    में उछल - उछल कर नहाता है ।
    वो मोटी - मोटी बूंदों की टप टप आवाज़
    मानो हृदय में वीणा वाद्य बजाता है
    इसीलिए बारिश का मौसम
    हम सबको इतना ज्यादा लुभाता है ।
    ©aayush_joshi

  • noisey_peace 31m

    वो लहरों सा छूकर मुझको यूँ ही लौट जाता है

    और मैं किनारों सी उसका इंतज़ार करती हूँ।

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    (Please read the caption)
    ©noisey_peace

  • jassi17217 34m

    अपने अंदर के इंसान को पहचानो,

    उसके साथ एक दिन रहो,

    आप खुद से प्यार करने लगेंगे

    और

    इस पल के बाद आपको कभी भी अकेलापन नहीं लगेगा l

    29/09/2019 10.40 P.M.

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    प्यार

    ©jassi17217

  • happy_rupana 54m

    "ना नफरत कर इन पन्नों से
    तुमसे ज्यादा इन पर ऐतबार है
    तुम तो हर बार ठुकरा कर मुझे चले जाते हो
    तुम्हारे बाद इन्होंने ही मुझे संभाल कर रखा बरकरार है...!
    ना नफरत कर इन पन्नों से......."

    #kuch_bhi #random
    @sprinklet @_aradhana @dadiesprincess @rani_shri @khalishhhh

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    बिखरे पन्ने,बिखरे अल्फाज,
    या कुछ अनकहे से जज्बात,

    और क्या मिलेगा तुझे..?
    मेरी दुनिया में आकर...!

    बस यही कुछ है मेरे पास......
    ©happy_rupana

  • yuvrajnayak 1h

    छोटी छोटी खुशीयां
    हमे जिने का सलीका सिखाती है
    जिंदगी के हर मोड़ पर घर परिवार दोस्तों मे
    बस इसे सार्थक करना जरूरी है
    फिर पता नही इन्सान कयुं इतना मगरुरी है

    किसी दोस्त ने कहा आ यार बैठ
    अगर हम नही बैठे तो समझो
    हम ने एक छोटी सी खुशी को नजरअंदाज कर दिया

    इतनी भी कया जलदी है
    जो हमारे पास कोई आया
    तो हम ने कम वक्त का हवाला देकर टाल दिया
    अरे यार कुछ तो सोचो शायद
    उसकी मुलाकात मे कोई हमारी ही खुशी छुपी हो

    माहौल संगत हालात चाहे कैसे भी हो
    पर उसमे कही ना कहीं एक खुशी छुपी होती है
    जिसे हमे सिखने की जरुरत है

    हम ने अगर दो शब्द मुसकुरा कर बोल दिये तो
    समझो हम ने किसी को छोटी सी खुशी भेंट कर दी

    दोस्तों जब मै ये पंक्तियां टाइप कर रहा था
    तो मेरा एक दोस्त मेरे पास
    कोल्ड ड्रिंक लेकर आया खोलकर मुझे दी

    उस वक्त मै भी यह कह सकता था
    की मेरे पास वक्त नही
    पर नही हमे ऐसा नही करना है

    यही होती है वो छोटी छोटी खुशीयां

    तो मैने मुस्कुराहट के साथ उसका अभिनंदन किया

    उसके चहरे पर एक छोटी सी खुशी थी
    जिसने मुझे भी खुश किया . Next.... रिश्ता
    ������ ����������

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    #.umeed 53

    छोटी छोटी खुशीयां

  • _suprabhat_ 1h

    मजदूर भूका सोता है इस देश का या फिर कर्ज केकारण अपनी जिंदगी खतम कर लेता है इस देश में हर वर्ग तरक्की करेगा आगे बढ़ेगा पर मजदूर बेचारा हर बार पिसेगा।

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    @

  • likhahuakuch_14 1h

    यादों का काफिला ��
    .....thought only....☺️��
    .
    @mirakee @mirakeeworld @writerstolli @writersnetwork @jiya_khan
    .
    #yaad #sanam ....

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    " तेरा छोड जाना भी तो कमाल था सनम
    भरी भरी आँखों से मुस्कुराये थे हम ।"

    ©likhahuakuch_14

  • shiv__ 2h

    मामलात बड़े ही ग़मगीन नज़र आ रहे हैं।
    जाहिर सी बात है तफ़्तीश की जरुरत है।।

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    आँखों में नमी और मोहब्बत बेतहाशा।

    हजरत ने कहा था -
    तकदीर बदलती नही, बदली जाती है!
    ©shiv__

  • syaahi_22 2h

    वह मुझसे अक्सर उसके कौरे सफहों पर रंग बिखेरने को कहता है फिर जब मैं उससे पूछती हूं क्यों तो वह मुझे स्याही के रंगों में मोहब्बत बताता है !
    फिर,
    मैं उसमें प्यार लिखती हूं
    उससे किया गया इजहार लिखती हूं
    मेरी स्याही से शब्दों का आकार लिखती हूं
    उसमें मेरा इरादा लिखती हूं
    उस से किया हुआ वादा लिखती हूं
    मेरी स्याही से इश्क का कायदा लिखती हूं
    मैं उसमे कुछ राज लिखती हूं
    उसी के कुछ अल्फाज लिखती हूं
    मेरी स्याही से मैं शफक की परवाज लिखती हूं
    मैं उसमें कुछ ख्वाहिशात लिखती हूं
    उससे बनी है जो मेरी कायनात लिखती हूं
    मेरी सही से अपने कुछ जज्बात लिखती हूं
    मैं उसमें हमको गुमनाम लिखती हूं
    उसे मेरी दुनिया का मुकाम लिखती हूं
    मेरी स्याही से मैं सदियों के इश्क का इंतजाम लिखती हूं
    मैं उसमें उस पर यकीन लिखती हूं
    उसे आकाश मैं अपने आप को जमीन लिखती हूं
    मेरी स्याही से मैं हमारी जिंदगी बेहतरीन लिखती हूं
    वह मेरे रंगों से मोहब्बत करता है
    मैं उसके कौरेपन से मिले सुकून से
    वह मेरे अश्कों से मोहब्बत करता है
    मैं उसकी जिंदगी की सादगी से
    वह अपनी स्याही से मोहब्बत करता है
    मैं जो मेरी किताब है उससे !!
    © स्याही_22

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    मैं उसकी स्याही , वह मेरी किताब सा!

  • kd15aug 3h

    कुछ इस कदर...
    बदनाम हुए हम इस ज़माने में...
    तुमको सदियां लग जाएंगी...
    हमें भुलाने में..

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    बदनाम

    ©kd15aug

  • ranarahul 3h

    दो पल की ज़िंदगानी��

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    वक्त भी बदला और इंसान भी बदल गए,
    और एक हम हैं..! जो आज भी दिल मे पुराना दर्द लेकर घूमते हैं...

  • kd15aug 3h

    महज एक चांद गवाह था
    मेरी बेगुनाही का...
    और अदालत ने पेशी
    अमावस की रात मुकर्रर की...

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    बेगुनाही

    ©kd15aug

  • sonusjinha007 3h

    चला जो भलाई के रास्ते..
    लोगों ने उसकी मासूमियत को अंधेरे मे कैद कर दिया..

    ��. Sinha..��

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  • shaill 5h

    #jindgi #जिंदगी #जज्बात #रिश्ते

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    इमारते बड़ी और दिल छोटे होने लगे हैं,
    जज्बातों के सौदे बड़े सस्ते में होने लगे हैं।
    ©shaill

  • flame_ 5h

    वही आँगन काँटों से भरा,
    वही बंजर बगीचा था,
    वही सूखे पत्ते जो मेरे शिथिल मन और
    मंद गति के बहाव में
    चलते जीवन को दर्शाते,
    वही टूटा हुआ दरीचा था,
    इसके इलावा कुछ ना नज़र आता था,
    ये कैसा शंकाओं और निराशाओं ने घेरा था?!
    हर इक पल जो स्नेह से सींचा था,
    नफरतों का अंश कैसे उसने खींचा था?
    शोर था कुछ अंजाना सा,
    जानती थी उसे,
    नाजानें क्यों लगता था पहचाना सा,
    एकांत पसंद था इसके बावजूद भी
    अकारण ही,
    सब कुछ दूर जाने का लगता महज़ बहाना सा,
    हम्मम...पास में दरीचा था,
    पर वो प्रसन्नता का संसार ना अबतक रचा था,
    दुःखों से पीड़ित फ़कत सज़ा था।
    ©flame_

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    दरीचा

    ©flame_

  • jazbaat_30 5h

    दुनिया की इस भीड़ में
    न तू अपने अरमान रख
    भीड़ से हटकर छोटी ही सही
    पर अपनी एक पहचान रख ।
    अनीता

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    पहचान

    ©jazbaat_30

  • varun1143 6h

    चलते हुए वक्त को हम यूं ही नहीं रखते।
    जलते हैं हम के हम;
    अपने आप से के हम अपने आप को बदल नहीं सकता ;
    हम अच्छे पतों में जी ते हैं हम;
    मगर हम बुरे वक्त नहीं चाहते।

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    वक्त के पल

  • varun1143 7h

    जिंदगी के वक्त में हम अपनी सोच को हर वक्त बदलते हैं।
    हर जिंदगी के पहलुओं में हम अपने करवटें बदलते हैं।
    चाहते हैं हम हर एक लम्हे हो;
    उस को पाने के लिए हम ;
    अपने आप को बदलते हैं।

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    हमेशा हमें बदलते रहना चाहिए।
    जिंदगी में हमें हमेशा दूसरों की समस्या को समझना चाहिए।

  • sabdokbanse 8h

    सत्य के बाण पर असत्य नही टिकता।
    लाख तुम जोड़ लगाओ,सत्य नही बिकता।
    घनघोर घटा भले सोचे अंधियारा करने की
    किन्तु सूरज निकलने पर धुन्ध नही टिकता।।

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    सत्य

    ©sabdokbanse

  • shivam_raj 83w

    अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

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    जब कोई मातृभाषा में

    बोले तो गर्व से कहो ये हमारी भाषा है।

    Shivu