#2309

47735 posts
  • _thakurain 5m

    भगत सिंह २७ सितंबर १९०७- अनंत। भगत सिंह को उनके घरवाले प्यार से भागोवाला कहते थे.. क्युकी उनके जन्म के बाद बहुत सारी खुशखबरी घर आई थी।

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    भागोवला भगत

    सांसों में आग भरी और नसो में खून खौलता है,
    ये वो भगत था जो जगत को हिम्मत से तौलता है।
    आंखो में खंजर और चाल में भूचाल लिए चलता है,
    ये वो भगत था जो कैद में भी दुश्मनों को खलता है।
    पड़ी लाठी दुश्मन की , शरीर बर्फ पे सेक दिए,
    बस जिस्म तोड़ पाए ,शेर के आगे रिपु ने घुटने टेक दिए।
    जिंदा तो क्या, वो भगत की मौत से कांप गए,
    अंग्रेज़ नदी किनारे अधा अधूरा शरीर जला कर भाग गए।
    युगों युगों में ऐसा वीर जन्मता है,
    भवानी मा के आचल में ही ऐसा भगत पनपता है।
    ©_thakurain

  • sopiya_uday 38m

    कृपया अपनी राय अवश्य दें..

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    समझे और समझाएं

  • drusha 58m

    बेख्याली में फासलों से,,,,,,,,,,,
    दूर निकल आए,,,,,,
    इस कदर नज़दीक हुए ,,,,,,,,,,,,,
    दूरियां मिटा आए,,,,,,,,

    अंदाज़ा था,,,,,,,,,,,
    अच्छे दिन आयेंगे,,,,,,,,,,
    तेरे साथ मेरे ,,,,,,,,,,,,,,
    वो दिन भी आए,,,,,,,,,

    चन्द लम्हें ही,,,,,,,,,,,,,
    साथ थे कल तक,,,,,,,,,,,,,
    ता उम्र साथ निभाएंगे,,,,,,,,,,,,
    कसम ले आए,,,,,,,,,,,,,,

    सच और झूठ की ,,,,,,,,,,,,,,
    कोई बिसात नहीं ,,,,,,,,,,,,,,
    तेरी खमोशियो पर,,,,,,,,,,,,,
    जा निसार कर आए,,,,,,,,,,,,,

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    बेख्याली

  • badluckboy 1h

    मर कर भी न जायेगी वतन की उल्फ़त,
    कि मिट्टी से भी मेरी ख़ुशबू ए वतन आयेगी~ शहीदएआज़म भगत सिंह साहब ने ये कहा था जब नंबरदार छत्तरसिंह उन्हें फाँसी के लिये ले जाने आये थे।
    इस कदर वाकिफ है मेरी कलम, मेरे जज्बातों से कि अगर मैं इश्क लिखना भी चाहूं तो इंकलाब लिख जाता है-भगत सिंह

    मां भारती के वीर सपूत, शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी की जयंती पर कोटिश: नमन
    वन्दे मातरम्- सभी महान क्रान्तिकारियों का आज के पावन दिन पर मेरा प्रणाम

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    Jai hind

  • mkpinki 2h

    दो पल की जिंदगी
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    लिमिट में नहीं अनलिमिटेड जिओ,
    कल जी लेंगे इस ख्याल में मत रहो,
    क्या पता कल हो ना हो,

    ये ज़िन्दगी किराये का मकान है
    वो थोड़े समय का मेहमान है
    पता नहीं कब घर बदल जायेगा
    छोड़ कर सारे रिश्ते नाते, धन दौलत
    वो वापस चला जायेगा,
    फिर किसी और को आना है,
    फिर किसी को जाना है,
    यही जिंदगी का तराना है।

    कल जो बीत गया सो बीत गया,
    क्यों करते हो आने वाले कल की चिंता,
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    आज और अभी जिओ, दूसरा पल हो ना हो।

    जिंदगी बहुत कुछ सिखाती हैं,
    कभी हंसती है तो कभी रुलाती हैं|
    पर जो हर हाल में खुश रहते है,
    जिंदगी उनके आगे सर झुकाता हैं|
    दो पल की जिंदगी
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    कल जी लेंगे इस ख्याल में मत रहो,
    क्या पता कल हो ना हो ।।।

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    दो पल की जिंदगी

    दो पल की जिंदगी
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    लिमिट में नहीं अनलिमिटेड जिओ,
    कल जी लेंगे इस ख्याल में मत रहो,
    क्या पता कल हो ना हो,

    ये ज़िन्दगी किराये का मकान है
    वो थोड़े समय का मेहमान है
    पता नहीं कब घर बदल जायेगा
    छोड़ कर सारे रिश्ते नाते, धन दौलत
    वो वापस चला जायेगा,
    फिर किसी और को आना है,
    फिर किसी को जाना है,
    यही जिंदगी का तराना है।

    कल जो बीत गया सो बीत गया,
    क्यों करते हो आने वाले कल की चिंता,
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    आज और अभी जिओ, दूसरा पल हो ना हो।

    जिंदगी बहुत कुछ सिखाती हैं,
    कभी हंसती है तो कभी रुलाती हैं|
    पर जो हर हाल में खुश रहते है,
    जिंदगी उनके आगे सर झुकाता हैं|
    दो पल की जिंदगी
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    कल जी लेंगे इस ख्याल में मत रहो,
    क्या पता कल हो ना हो ।।।

  • dil_ke_bol_alfaaz 3h

    फ़िर इन आंखों में वो शरारत हो ना हो
    इस दिल में मोहब्बत का दर्द हो ना हो

    गुलाब ए रुखसार पर एक नमी आ बनी
    शायद फ़िर कल उसका दीदार हो ना हो

    आई है फिर याद बेवफ़ा की दिल को
    फ़िर वफ़ा का मौसम शायद हो ना हो

    दिल की धड़कन बढ़ाती है मुलाक़ात
    बेताबियां दिल को ये फ़िर हो ना हो

    एक दिन की मोहब्बत फ़िर निभा लूं
    कल उसे इश्क़ की तबीअत हो ना हो
    #dil_ke_bol_alfaaz

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    फ़िर इन आंखों में वो शरारत हो ना हो
    इस दिल में मोहब्बत का दर्द हो ना हो

    गुलाब ए रुखसार पर एक नमी आ बनी
    शायद फ़िर कल उसका दीदार हो ना हो

    आई है फिर याद बेवफ़ा की दिल को
    फ़िर वफ़ा का मौसम शायद हो ना हो

    दिल की धड़कन बढ़ाती है मुलाक़ात
    बेताबियां दिल को ये फ़िर हो ना हो

    एक दिन की मोहब्बत फ़िर निभा लूं
    कल उसे इश्क़ की तबीअत हो ना हो

    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • amateur_skm 3h

    अभी भी तुझे मरे हुए ना होंगे सोलह भी दिन
    लेकिन उठाते रहे है हमारे प्यार पे सोलह हजार सवाल रात दिन
    अब तो हर रात को मैं मरता हूं सोलह लाख भर
    अब बस भगवान एक ही उपकार करना
    अब मत भेजना इस मृत्युलोक में एक भी बार बस

    ( रक्तरंजित- blood stained, लहू- blood, आयुध- weapon, चौसर- just like ludo but play with three dices, रिसता-percolate, प्रारब्ध- destiny, कुंद आयुध- blunt weapon, विषाक्त- poisonous)

    #hindi #hindipoem #hindiwriters @mirakee @writersnetwork

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    रक्तरंजित प्रेम

    है ये अर्जुन के गांडीव की टंकार या तेरे पायलों की झंकार
    है ये धर्म युद्ध का मैदान या तो हमारे सच्चे प्रेम का श्रृंगार

    अभी भी लहू बह रहे है इस धर्म युद्ध में या तो मेरे प्रेम युद्ध में
    फिर भी हम सींच रहे है तुम्हारे प्रेम को अपने इन लहू आयुध में

    सामने से आ रहे है शकुनि के छल या तो वो चौसर का खेल
    फिर भी हम अपने प्रेमबल पर खेलेंगे यह अधर्म युद्ध का खेल

    है समय यह बीतता जा रहा है और मेरा रक्त रिसता जा रहा
    फिर भी इस कठिन डगर में अपने प्रेम उपवन को सीचता जा रहा

    है ये प्रारब्ध का मेल या तो हमारे विधि विधान का खेल
    फिर भी हम लड़ेंगे या तो मरेंगे लेकिन करेंगे अपने प्रेम का मेल

    काटेंगे,तोड़ेंगे और तृप्त होंगे हर पापी के हाथ और जांघ तोड़ कर
    जो कुछ भी कहेंगे हमारे सच्चे प्रेम की मर्यादा को लांघ कर

    सामने खड़े है पापी बड़े जो प्रेम लीलते जा रहे है भक्षक बन कर
    करेंगे उनका भी सर्वनाश अपने प्रेम की गांडीव की प्रत्यंचा तान कर

    लेकिन दुख की घड़ी में तूने क्यू अकेला कर दिया साथ छोड़कर
    अब समाज के उलाहने करते है जैसे भीष्म के शरीर को वेधकर

    तुम्हारे साथ के बिना मेरा जीवन बस एक निर्जन कुरुक्षेत्र युद्ध है
    अब तुम्हारे आत्मबल के बिना इस अधर्मयुद्ध में मेरे कुंद आयुध है

    अभी तुम्हारी मृतशैय्या की अग्नि भी ना शीतल पड़ी,
    लोग बाण छोड़ रहें है उस अग्नि से ताप कर
    काश मेरे भी पास होता कर्ण का वो कवच कुंडल
    हमारा भी कोमल हृदय बच जाता उन विषाक्त बाणों को रोक कर
    ©amateur_skm

  • dil_ke_bol_alfaaz 3h

    दिल करता है तेरे पास बैठी रहूं
    दिन के उजाले भी
    रात के अंधेरे भी
    तेरे ही साथ गुजारूं

    है इश्क़ मौसिक़ी से और
    शायरी के अल्फ़ाज़ों से
    लम्हे कुछ फुरसत भरे
    पन्नों के हाशिए पर गुजारूं

    कुछ शब्दों से कर के मित्रता
    अंधकार को तनिक हटा
    रात के अंधेरों से मैं
    चांद को निहारूं

    इश्क़ के किस्से उल्फत की बातें
    जुल्फ़ों कि उलझन यादों के जाले
    ना जाने कितनी बातें है पुरानी
    कागज़ों पर क्या क्या उतारूं

    हरफनमौला तू और तेरी जादूगरी
    और आंखो के नम किस्से सारे
    लफ्ज़ दर लफ्ज़ पन्नों पर बेआवाज़
    और मैं खामोशी इख्तियार लूं

    #dil_ke_bol_alfaaz
    #कलम_पन्ने_इश्क़

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    दिल करता है तेरे पास बैठी रहूं
    दिन के उजाले भी
    रात के अंधेरे भी
    तेरे ही साथ गुजारूं

    है इश्क़ मौसिक़ी से और
    शायरी के अल्फ़ाज़ों से
    लम्हे कुछ फुरसत भरे
    पन्नों के हाशिए पर गुजारूं

    कुछ शब्दों से कर के मित्रता
    अंधकार को तनिक हटा
    रात के अंधेरों से मैं
    चांद को निहारूं

    इश्क़ के किस्से उल्फत की बातें
    जुल्फ़ों कि उलझन यादों के जाले
    ना जाने कितनी बातें है पुरानी
    कागज़ों पर क्या क्या उतारूं

    हरफनमौला तू और तेरी जादूगरी
    और आंखो के नम किस्से सारे
    लफ्ज़ दर लफ्ज़ पन्नों पर बेआवाज़
    और मैं खामोशी इख्तियार लूं

    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • kehta_hai_joker 6h

    Lovers, Lunatics and poets are made of same stuff-
    Bhagat singh
    इस कदर वाकिफ है मेरी कलम मेरे जज़्बातों से,
    अगर मैं इश्क़ लिखना भी चाहूँ तो इंक़लाब लिखा जाता है।
    Bhagat Singh
    His meditation on why he was an atheist is in Bio.

    Picture taken from IndiaColoured instagram.
    This picture was taken at Lahore Railway Police Station in 1927. Here he is speaking with Gopal Singh Pannu,DSP, CID Lahore.

    Celebrating the birth anniversary of one of bravest son of
    India and Pakistan,who was a poet and a revolutionary thinker par excellence, far far beyond his age of just 23

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    .

  • childauthor_345 7h

    ना किसी का भरोसा
    ना किसी का प्यार पाया है
    बस इतने में मै हूं खुश
    मैंने मां का आंचल और उनका प्यार बेपनाह पाया है ।
    मेरा मायूस चेहरा देख , वो और मेहनत करती थी
    बटुए में उसके भी ना था पैसा , और फरमाइश पहले मेरी पूरी करती थी ।
    उनके चेहरे पर मुस्कान अर्सों बाद आती थी
    काम इतना करती थी वो के कभी उसे देखने को आंखे तड़प जाती थी ।
    उसी से हुआ शुरू मेरा संसार है
    दुनिया कर सकता हूं मुट्ठी में अगर मेरे साथ मेरी मां का प्यार है ।

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    मेरी ममतामयी मां

    Please read the caption
    ©childauthor_345

  • ahsaaswords 11h

    तुमसे जिस दिन मुलाकात होगी,
    ना जाने उस पल क्या बात होगी,
    घाफिल हम दोनों होंगे उस वक्त ,
    जब आंखो से कुछ बात होगी।

    हम तुम बैठे रहेंगे उस मेज़ किनारे,
    निहारेंगे एक दूसरे को प्यारे,
    कुछ पल बस यूंही उद जाएंगे,
    हम तुम बड़ा शर्माएंगे।

    फिर निकलेंगे उस रास्ते पे जहा,
    फूल हो हर किनारे यहां वहां,
    जब भवरे भी हो रहे होंगे मदमस्त,
    हाथ थामेंगे पहली दफा उस वक्त।

    अचानक जो तुम अपनी ओर खींचागे हमें,
    दिल की धड़कन को हम ना छुपा पाएंगे,
    लबो पे तुम्हारे जो तिल है छोटा ,
    हाल उसका भी उस दिन हम जान जाएंगे।

    फिर अलविदा लेंगे एक दूसरे से,
    आरज़ू मिलने की रखेंगे फिर से,
    घर पर भी उस दिन कहा चैन होगी,
    जागती, खोई , तरसती ये नैन होगी।

    - ahsaas.words

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    मुलाकात

    ©ahsaas.words

    तुमसे जिस दिन मुलाकात होगी,
    ना जाने उस पल क्या बात होगी....(read caption)

  • ink_and_fable 12h

    मैं आऊंगी तुमसे मिलने,
    तुम्हें यह बताने की तुम क्या थे,
    और अब तुम्हारी गैरहाजिरी में मैं खो सी गई हूं कहीं। #nature #love #travel #life #friendship #inspiration #poetry #diary #thoughts

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    मैं सवालों में उलझी हूं,
    और सवाल मुझ में।
    ©ink_and_fable

  • vipin_bahar 12h

    2122 2122

    आज वो बोली नहीं हैं...
    2 1 2 2 2 1 2 2

    रात भी आघात देती
    2 1 2 2 2 1 22
    नींद भी ना साथ देती
    2 1 2 2 2 1 22
    मौत सा अब हो गया हैं
    2 1 2 2 2 122
    साँस भी ना हाथ देती
    2 1 2 2 21 22
    कह रहे हो यार भोली
    2 1 2 2 21 22
    यार वो भोली नहीं हैं
    2 1 2 2 2 122
    आज वो बोली नही हैं

    फोन करके थक गया हूँ,
    2 1 22 2 1 2 2
    याद करके पक गया हूँ,
    2 1 22 2 122
    काल पीछे पड़ गया हैं
    21 22 2 122
    धूल से में ढक गया हूँ
    2 1 22 2 122
    सोचता हूँ मौत आए
    2 1 2 2 2 122
    मौत दर खोली नही हैं
    2 1 2 2 21 22
    आज वो बोली नही हैं

    बात मेरी मान जाए
    2 1 22 21 22
    चाहता जो जान जाए
    2 12 2 21 22
    कब तलक नाराजगी हैं
    2 1 2 2 2 12 2
    बोलने में शान जाए
    2 12 2 21 22
    चाहतों का नोट आए
    21 22 2122
    पास में झोली नही हैं
    2 1 2 2 2122
    आज वो बोली नही हैं

    विपिन"बहार"
    ©

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    "वो"

    2122 2122

    आज वो बोली नहीं हैं...


    रात भी आघात देती ।
    नींद भी ना साथ देती ।।
    मौत सा अब हो गया हैं ।
    साँस भी ना हाथ देती ।।

    कह रहे हो यार भोली।
    यार वो भोली नहीं हैं ।।
    आज वो बोली नही हैं...

    फोन करके थक गया हूँ।
    याद करके पक गया हूँ ।।
    काल पीछे पड़ गया हैं।
    धूल से में ढक गया हूँ।।

    सोचता हूँ मौत आए।
    मौत दर खोली नही हैं।।
    आज वो बोली नही हैं...

    बात मेरी मान जाए ।
    चाहता जो जान जाए।।
    कब तलक नाराजगी हैं।
    बोलने में शान जाए।।

    चाहतों का नोट आए।
    पास में झोली नही हैं।।
    आज वो बोली नही हैं...

    विपिन"बहार"
    ©
    ©vipin_bahar

  • _markandey_painkra 12h

    1). रूह - आत्मा, 2). बामुशक्कत - पत्थर तोड़ने जैसा,
    3). बामुराद - पूर्ण कामना वाला, 4). नामुराद - अभागा.
    इधर से सुकून का तो पता नहीं पर हौसला जरूर दे सकता हूं, आदत है बस लिखने की.....
    #Inspirational_poem ...#late_night

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    "कोई बात नहीं"

    होठों से निकलकर रूह तक चलना है, ये बात तो तय है
    मंजिल दूर ही सही कोई बात नहीं,
    मंजिल का सफर आसान तो नहीं कोई बात नहीं,
    अगर है खुद पर भरोसा और हिम्मत है तो कोई बात नहीं,
    अफ़सोस तो तब होगा जब सोच कर भी,
    रास्ता चलना हमने सीखा नहीं,
    अगर तय किया तो कोई बात नहीं,
    चलते - चलते थक गए तो कोई बात नहीं,
    आगे बढ़ कर पीछे मुड़े तो हम बामुराद नहीं,
    होगा नामुराद जो मुड़ा चलकर भी आगे,
    बामुशक्कत होगी जिंदगी की राहें फिर भी चलना होगा,
    चलो चलते हैं चाहे जो भी आगे .....सफर यह आसान नहीं

    _markandey_painkra

  • shashiinderjeet 13h

    #बिटिया रानी
    बिटिया रानी, गुड़िया रानी
    तुझ बिन अधूरी है ज़िंदगानी

    तेरे प्यार से महके गुलशन मेरा
    आमद से गुलज़ार जन्नत है मेरी
    बिटिया रानी , गुड़िया रानी

    तूँ जो मुस्काई ज़िंदगी गुनगुनाई
    तेरी किलकारियाँ रौनके ले आई
    बिटिया रानी, गुड़िया रानी

    दूर भी रह कर बनें तूँ सहारा
    दुःख में संभाले दे कर सहारा
    बिटिया रानी , गुड़िया रानी

    शापित है घर वो जहाँ तूँ न हो
    तेरी पायल की छमछम न हो
    बिटिया रानी , गुड़िया रानी

    ©shashiinderjeet


    आज बेटी दिवस पर सब को शुभकामनाएँ ...!

    @mirakee #hks #hindilekhan #hindiwriters #hindi_poetry #hindisahitya #hindinama #writersofinstagram #stories #wds

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    बिटिया रानी

    बिटिया रानी, गुड़िया रानी
    तुझ बिन अधूरी है ज़िंदगानी

    तेरे प्यार से महके गुलशन मेरा
    आमद से गुलज़ार जन्नत है मेरी
    बिटिया रानी , गुड़िया रानी

    तूँ जो मुस्काई ज़िंदगी गुनगुनाई
    तेरी किलकारियाँ रौनके ले आई
    बिटिया रानी, गुड़िया रानी

    दूर भी रह कर बनें तूँ सहारा
    दुःख में संभाले दे कर सहारा
    बिटिया रानी , गुड़िया रानी

    शापित है घर वो जहाँ तूँ न हो
    तेरी पायल की छमछम न हो
    बिटिया रानी , गुड़िया रानी

    ©shashiinderjeet

  • bibadhika 13h

    मख़्सूस : Decide
    हुजरे : Hut
    अलामत-ए-बर्क़ : Sign of lightening
    शादाब-Garden
    जानिब-Direction
    #readwriteunite #mirakee
    #mirakeewriters #writersnetwork
    #urdu_diary #urdushayri
    #writerstolli
    #Ghazal
    #kavyasangam

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    बता ए खिजाँ ! क्यों तेरे जहन में नफरत नहीं आए
    ख़ारिज किये बेजान पत्ते बटोरने सर्द रात दौड़ आए ।।
    जिनका चेहरा न देखने को मख़्सूस किया था हमने
    आज उनके हुजरे में हम बेशर्मी से रोटी तोड़ आए ।।
    अलामत-ए-बर्क़ में याद आए बूढ़े दरख़्त के सुराखें
    तूफाँ में भीग परिन्दें जो आशियाँ से रूख़ मोड़ आए ।।
    भटके रूह-ए-इंसाँ जब पहुंचा शादाब-ए-फिरदौस
    हुसूल-ए-एहसास हुआ ,पीछे जन्नत छोड़ आए ।।
    दुनिया का आलम तो देख ‘बिबधिक’ दिलशोख़ी में
    कल थूक रहे थे,आज उस ज़ानिब हाथ जोड़ आए ।।
    ©bibadhika

  • lekhni_ 13h

    अंजलि चौपड़ा जी की एक ग़ज़ल

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    ग़ज़ल

    अधूरा इश्क़


     पाक-सा शक्स मिला एक अफसाने में,

    खोला जो खुद का ये दिल अनजाने में।


    मैं नहीं जानती थी सुकून उसके दिल का,

    पर दिल लगा रहा उस दिल को बहलाने में।


    हर्फ-दर-हर्फ सजाए जो अपने जज़्बात,

    अब मज़े लेती थी तन्हाई उन्हें दोहराने में।


    इर्द-गिर्द बेतरतीब छाई थी यादें उसकी,

    सुनती थी उसी की आहट मैं विराने‌ में।


    रस्म-ए-आशिकी निभाई उसके इंतज़ार में,

    बहुत वक्त लगा फिर एक नई सुबह आने में।  

                                                                 @ Anjali

  • jazbaat_30 14h

    अगर जीतने का जज़्बा हो
    तो हार नामुमकिन है । ।

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    जज़्बा

    ©jazbaat_30

  • aparnamemoir 22h

    वो चौखट पर खड़ी आज भी उसका इंतज़ार कर रही थी
    शाम का दिया आज फिर उसने जला दिया था
    आज फिर उसकी निगाहें उसको ढूंढ रही थी
    बहुत साल बीत चुके थे पर आज भी वो
    उसके आने की दरकार अपने दिल के किसी
    कोने मे बनायीं हुई बैठी हैं
    दुनिया वाले उसको जो भी कहे
    पर उसे अभी भी लगता हैं वो लौट के आयेगा
    वो रोज़ उसका उसी वक़्त इंतजार करते हैं
    वो सोचती हैं है की भुला भटका वो फिर
    लौटेगा वही
    पर आज फिर वो ना आया
    टूट चुकी थी वो अंदर ही अंदर
    क्या कहती वो लोगों से
    आज उसे खुद पर भी संदेह हो रहा था
    की क्या वो भूल गया हो गया मुझे
    क्या उसका प्यार यूँ ही अधूरा रह जाएगा
    उन खतो की तरह जो अब आते भी नहीं
    आज उसका विश्वास डगमगा रहा था
    सहसा उसने संदूक मे रखी उसके खतो को
    बार बार पढ़ा
    उसने खुद को समझाया उसका प्रेम
    इतना भी कमजोर नहीं हैं
    की वक़्त और दूरिया उनको मिटा
    सकती हैं
    और अपने मन को समझाया एक ना एक दिन
    वो लौटेगा जरूर से ही.....
    वो लौटेगा जरूर से ही.....

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    आज दिल ने यूँ ही नहीं तेरी दस्तक दी हैं
    जरूर कोई बात होंगी,
    खुदा का हैं कोई इशारा
    या आयी तूझे भी मेरी याद होंगी....

  • gunjit_jain 12h

    याद है!
    कैसे हम दोनों उन गलियों में घूमा करते थे।
    यूँ ही बेवजह, सुबह से शाम। ज़रूरत भी कहाँ थी किसीकी, बस तू और मैं काफी थे! काफी थे एक दूसरे की सब बातें सुनने के लिए, काफी थे एक दूसरे के साथ हमेशा चलने के लिए। काफी तो आज भी हैं।
    हाँ मानता हूँ अब काफी टाइम हुआ तुझसे मिले, पर जल्द ही आऊंगा... फिर वो पल जीयेंगे, उन गलियों में दोनों साथ मिलकर घूमेंगे❤️
    हर पल तेरा साथ रहा, और मैं जानता हूँ रहेगा! मेरा भी ये वादा है❤️
    हमेशा तेरे साथ था, हूँ और रहूंगा। फर्क़ नहीं चाहे बात कम हो, फर्क़ नहीं चाहे मिलना कम हो, पर एक दूसरे के साथ हम हमेशा हैं। जल्द ही मिलेंगे मेरी जान❤️

    A very happy birthday tanishk, mere bhai meri jaan❤️ @her_love_2819

    यारा तेरी यारी को, मैंने तो खुदा माना
    याद करेगी दुनिया, तेरा मेरा अफसाना
    ❤️❤️❤️❤️

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