#2310

46691 posts
  • badluckboy 31m

    मर कर भी न जायेगी वतन की उल्फ़त,
    कि मिट्टी से भी मेरी ख़ुशबू ए वतन आयेगी~ शहीदएआज़म भगत सिंह साहब ने ये कहा था जब नंबरदार छत्तरसिंह उन्हें फाँसी के लिये ले जाने आये थे।
    इस कदर वाकिफ है मेरी कलम, मेरे जज्बातों से कि अगर मैं इश्क लिखना भी चाहूं तो इंकलाब लिख जाता है-भगत सिंह

    मां भारती के वीर सपूत, शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी की जयंती पर कोटिश: नमन
    वन्दे मातरम्- सभी महान क्रान्तिकारियों का आज के पावन दिन पर मेरा प्रणाम

    Read More

    Jai hind

  • mkpinki 53m

    दो पल की जिंदगी
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    लिमिट में नहीं अनलिमिटेड जिओ,
    कल जी लेंगे इस ख्याल में मत रहो,
    क्या पता कल हो ना हो,

    ये ज़िन्दगी किराये का मकान है
    वो थोड़े समय का मेहमान है
    पता नहीं कब घर बदल जायेगा
    छोड़ कर सारे रिश्ते नाते, धन दौलत
    वो वापस चला जायेगा,
    फिर किसी और को आना है,
    फिर किसी को जाना है,
    यही जिंदगी का तराना है।

    कल जो बीत गया सो बीत गया,
    क्यों करते हो आने वाले कल की चिंता,
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    आज और अभी जिओ, दूसरा पल हो ना हो।

    जिंदगी बहुत कुछ सिखाती हैं,
    कभी हंसती है तो कभी रुलाती हैं|
    पर जो हर हाल में खुश रहते है,
    जिंदगी उनके आगे सर झुकाता हैं|
    दो पल की जिंदगी
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    कल जी लेंगे इस ख्याल में मत रहो,
    क्या पता कल हो ना हो ।।।

    Read More

    दो पल की जिंदगी

    दो पल की जिंदगी
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    लिमिट में नहीं अनलिमिटेड जिओ,
    कल जी लेंगे इस ख्याल में मत रहो,
    क्या पता कल हो ना हो,

    ये ज़िन्दगी किराये का मकान है
    वो थोड़े समय का मेहमान है
    पता नहीं कब घर बदल जायेगा
    छोड़ कर सारे रिश्ते नाते, धन दौलत
    वो वापस चला जायेगा,
    फिर किसी और को आना है,
    फिर किसी को जाना है,
    यही जिंदगी का तराना है।

    कल जो बीत गया सो बीत गया,
    क्यों करते हो आने वाले कल की चिंता,
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    आज और अभी जिओ, दूसरा पल हो ना हो।

    जिंदगी बहुत कुछ सिखाती हैं,
    कभी हंसती है तो कभी रुलाती हैं|
    पर जो हर हाल में खुश रहते है,
    जिंदगी उनके आगे सर झुकाता हैं|
    दो पल की जिंदगी
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    कल जी लेंगे इस ख्याल में मत रहो,
    क्या पता कल हो ना हो ।।।

  • dil_ke_bol_alfaaz 1h

    फ़िर इन आंखों में वो शरारत हो ना हो
    इस दिल में मोहब्बत का दर्द हो ना हो

    गुलाब ए रुखसार पर एक नमी आ बनी
    शायद फ़िर कल उसका दीदार हो ना हो

    आई है फिर याद बेवफ़ा की दिल को
    फ़िर वफ़ा का मौसम शायद हो ना हो

    दिल की धड़कन बढ़ाती है मुलाक़ात
    बेताबियां दिल को ये फ़िर हो ना हो

    एक दिन की मोहब्बत फ़िर निभा लूं
    कल उसे इश्क़ की तबीअत हो ना हो
    #dil_ke_bol_alfaaz

    Read More

    फ़िर इन आंखों में वो शरारत हो ना हो
    इस दिल में मोहब्बत का दर्द हो ना हो

    गुलाब ए रुखसार पर एक नमी आ बनी
    शायद फ़िर कल उसका दीदार हो ना हो

    आई है फिर याद बेवफ़ा की दिल को
    फ़िर वफ़ा का मौसम शायद हो ना हो

    दिल की धड़कन बढ़ाती है मुलाक़ात
    बेताबियां दिल को ये फ़िर हो ना हो

    एक दिन की मोहब्बत फ़िर निभा लूं
    कल उसे इश्क़ की तबीअत हो ना हो

    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • amateur_skm 1h

    अभी भी तुझे मरे हुए ना होंगे सोलह भी दिन
    लेकिन उठाते रहे है हमारे प्यार पे सोलह हजार सवाल रात दिन
    अब तो हर रात को मैं मरता हूं सोलह लाख भर
    अब बस भगवान एक ही उपकार करना
    अब मत भेजना इस मृत्युलोक में एक भी बार बस

    ( रक्तरंजित- blood stained, लहू- blood, आयुध- weapon, चौसर- just like ludo but play with three dices, रिसता-percolate, प्रारब्ध- destiny, कुंद आयुध- blunt weapon, विषाक्त- poisonous)

    #hindi #hindipoem #hindiwriters @mirakee @writersnetwork

    Read More

    रक्तरंजित प्रेम

    है ये अर्जुन के गांडीव की टंकार या तेरे पायलों की झंकार
    है ये धर्म युद्ध का मैदान या तो हमारे सच्चे प्रेम का श्रृंगार

    अभी भी लहू बह रहे है इस धर्म युद्ध में या तो मेरे प्रेम युद्ध में
    फिर भी हम सींच रहे है तुम्हारे प्रेम को अपने इन लहू आयुध में

    सामने से आ रहे है शकुनि के छल या तो वो चौसर का खेल
    फिर भी हम अपने प्रेमबल पर खेलेंगे यह अधर्म युद्ध का खेल

    है समय यह बीतता जा रहा है और मेरा रक्त रिसता जा रहा
    फिर भी इस कठिन डगर में अपने प्रेम उपवन को सीचता जा रहा

    है ये प्रारब्ध का मेल या तो हमारे विधि विधान का खेल
    फिर भी हम लड़ेंगे या तो मरेंगे लेकिन करेंगे अपने प्रेम का मेल

    काटेंगे,तोड़ेंगे और तृप्त होंगे हर पापी के हाथ और जांघ तोड़ कर
    जो कुछ भी कहेंगे हमारे सच्चे प्रेम की मर्यादा को लांघ कर

    सामने खड़े है पापी बड़े जो प्रेम लीलते जा रहे है भक्षक बन कर
    करेंगे उनका भी सर्वनाश अपने प्रेम की गांडीव की प्रत्यंचा तान कर

    लेकिन दुख की घड़ी में तूने क्यू अकेला कर दिया साथ छोड़कर
    अब समाज के उलाहने करते है जैसे भीष्म के शरीर को वेधकर

    तुम्हारे साथ के बिना मेरा जीवन बस एक निर्जन कुरुक्षेत्र युद्ध है
    अब तुम्हारे आत्मबल के बिना इस अधर्मयुद्ध में मेरे कुंद आयुध है

    अभी तुम्हारी मृतशैय्या की अग्नि भी ना शीतल पड़ी,
    लोग बाण छोड़ रहें है उस अग्नि से ताप कर
    काश मेरे भी पास होता कर्ण का वो कवच कुंडल
    हमारा भी कोमल हृदय बच जाता उन विषाक्त बाणों को रोक कर
    ©amateur_skm

  • dil_ke_bol_alfaaz 2h

    दिल करता है तेरे पास बैठी रहूं
    दिन के उजाले भी
    रात के अंधेरे भी
    तेरे ही साथ गुजारूं

    है इश्क़ मौसिक़ी से और
    शायरी के अल्फ़ाज़ों से
    लम्हे कुछ फुरसत भरे
    पन्नों के हाशिए पर गुजारूं

    कुछ शब्दों से कर के मित्रता
    अंधकार को तनिक हटा
    रात के अंधेरों से मैं
    चांद को निहारूं

    इश्क़ के किस्से उल्फत की बातें
    जुल्फ़ों कि उलझन यादों के जाले
    ना जाने कितनी बातें है पुरानी
    कागज़ों पर क्या क्या उतारूं

    हरफनमौला तू और तेरी जादूगरी
    और आंखो के नम किस्से सारे
    लफ्ज़ दर लफ्ज़ पन्नों पर बेआवाज़
    और मैं खामोशी इख्तियार लूं

    #dil_ke_bol_alfaaz
    #कलम_पन्ने_इश्क़

    Read More

    दिल करता है तेरे पास बैठी रहूं
    दिन के उजाले भी
    रात के अंधेरे भी
    तेरे ही साथ गुजारूं

    है इश्क़ मौसिक़ी से और
    शायरी के अल्फ़ाज़ों से
    लम्हे कुछ फुरसत भरे
    पन्नों के हाशिए पर गुजारूं

    कुछ शब्दों से कर के मित्रता
    अंधकार को तनिक हटा
    रात के अंधेरों से मैं
    चांद को निहारूं

    इश्क़ के किस्से उल्फत की बातें
    जुल्फ़ों कि उलझन यादों के जाले
    ना जाने कितनी बातें है पुरानी
    कागज़ों पर क्या क्या उतारूं

    हरफनमौला तू और तेरी जादूगरी
    और आंखो के नम किस्से सारे
    लफ्ज़ दर लफ्ज़ पन्नों पर बेआवाज़
    और मैं खामोशी इख्तियार लूं

    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • tomendra 6h

    Good morning ❤️ तुम्हे भी आती है न ऐसे सपने����

    Read More

    वो कुछ सुबह की चाय जैसी ही है
    जरूरी नहीं थी पहले पर अब जरूरत बन गई है

    सुबह जब तक चाय न मिले , अच्छा नहीं लगता
    उससे बात हुए बिना मेरा हाल भी कुछ वैसा ही होता है

    चाय मिलते ही एक ताजगी सी मिलती है
    उससे मिलकर मेरा रोम रोम मचलता है
    चहेरे में मुष्कान देखते ही बनता हैं
    निगाहें हटते नहीं उनकी निगाहों से
    बस देखता ही रहता हूं उसे जी भर
    जैसे चकोर चंदा को देखता है ❤️

    उसकी बाते चाय सी उतरती हैं जब रगों में
    एक न्यी उमग सा भर जाता है ❤️
    मेरी हर खुशी मानो उससे जुड़ी हो
    उसकी खुशी लगता मेरा अपना है
    मेरे सारे गम ले लेती है वो ,
    मानो जैसे ये उनका अपना है

    और माफ करना मेरे दोस्त
    इस दुनिया में मुझे ऐसे कोई मिली नहीं
    ये तो बस मेरे आज का सपना है
    जो अपना तो है अच्छा तो हैं
    पर मात्र एक सपना है मात्र एक सपना है ❤️
    ©tomendra

  • childauthor_345 6h

    ना किसी का भरोसा
    ना किसी का प्यार पाया है
    बस इतने में मै हूं खुश
    मैंने मां का आंचल और उनका प्यार बेपनाह पाया है ।
    मेरा मायूस चेहरा देख , वो और मेहनत करती थी
    बटुए में उसके भी ना था पैसा , और फरमाइश पहले मेरी पूरी करती थी ।
    उनके चेहरे पर मुस्कान अर्सों बाद आती थी
    काम इतना करती थी वो के कभी उसे देखने को आंखे तड़प जाती थी ।
    उसी से हुआ शुरू मेरा संसार है
    दुनिया कर सकता हूं मुट्ठी में अगर मेरे साथ मेरी मां का प्यार है ।

    Read More

    मेरी ममतामयी मां

    Please read the caption
    ©childauthor_345

  • geet_001 9h

    ज़िंदा मुर्दों के बीच,एक लाश ही है जो बोल रही
    ठंडे बदन में भी उसके,इंसाफ की आग जल रही।
    ©geet_001
    #hindiurduwriters #hundiurdu #hindiwrites #sahitya #du #balatkaar #darindagi #chuppi #khamosh #thanda #ekkoshishseekhneki #bolkilabaazadhaitere
    @__dipps__ @soul_in_pen @aquariansoul199 @kuch_mere_alfaz @naman_khandelwal

    Read More

    ठंडा शरीर

    'बोलते' लोगो की खामोशी में शोर था।
    एक लाश का,
    जो जिंदा थी।।
    भीड़ जो मूक दर्शक थी।
    खड़ी चारो और थी।
    वहीं लेटी थी एक लड़की।
    जो  मर चुकी थी।
    शरीर ठंडा था।
    हाथ बंधे हुए।
    पैर काटे हुए।
    और मुंह, बंद!
    खुली थी तो सिर्फ आंखें।
    और कैद था उनमें,
    दरिंदों का चेहरा।
    पुतलियां आंखो की खींच रही थी,
    कहानी दरिंदगी की।।
    पर खौफ इतना था कि,
    दिख किसी को ना रही थी।
    सब अंधे,मूक दर्शक बने रहे।
    आज़ाद वो दरिंदा भीड़ में खड़ा था।
    खुशी अपने राज़ की,
    झूठे आंसुओ से छिपा रहा था।
    चश्मदीद गवाह भी,
    ज़िंदा मुर्दे ही रहे।
    एक लाश ही थी बस,
    जो निडर बोल रही।।
    थी भीड़ जो सोई हुई,
    उसका एक हिस्सा मै भी था।
    बस यही सोच कर चल पड़ा,
    शुक्र है जो मेरा घर बच गया।।
    ©geet_001

  • ahsaaswords 10h

    मै गीत लिखूं ,या सार लिखूं,
    या चिड़ियों की चेहकार लिखूं।

    मै प्यार लिखूं ,या तकरार लिखूं,
    या पहले प्यार का इजहार लिखूं।

    बच्चे का तुतलातापन, या पटर-पटर ज़ुबान लिखूं,
    मै बचपन-ए-नादान लिखूं ,या सिर्फ मुर्दा जान लिखूं।

    मै सड़के सुनसान लिखूं, या भेड़िए इंसान लिखूं,
    या सबकी तरह सिर्फ "मेरा भारत महान" लिखूं।

    मै झांसी का हिन्दुस्तान लिखूं ,या आज का कब्रिस्तान लिखूं,
    या सबकी तरह सिर्फ "मेरा भारत महान" लिखूं।

    मै दादू की झुर्रियां लिखूं, या उनके सफेद बाल लिखूं,
    या इस धरती के शहीद लाल लिखूं।

    फूल की नाजुक्ता लिखूं ,या कांटों की चुबन लिखूं,
    या फिर बस शांत नीला गगन लिखूं।

    मै आन लिखूं ,या शान लिखूं,
    या खून से लथपथ जान लिखूं।

    -ahsaas.words

    Read More

    ©ahsaas.words

    में गीत लिखूं ,या सार लिखूं,
    या चिड़ियों की चेहकार लिखूं।

    में प्यार लिखूं ,या तकरार लिखूं,
    या पहले प्यार का इजहार लिखूं

    Read caption

  • ahsaaswords 10h

    तुमसे जिस दिन मुलाकात होगी,
    ना जाने उस पल क्या बात होगी,
    घाफिल हम दोनों होंगे उस वक्त ,
    जब आंखो से कुछ बात होगी।

    हम तुम बैठे रहेंगे उस मेज़ किनारे,
    निहारेंगे एक दूसरे को प्यारे,
    कुछ पल बस यूंही उद जाएंगे,
    हम तुम बड़ा शर्माएंगे।

    फिर निकलेंगे उस रास्ते पे जहा,
    फूल हो हर किनारे यहां वहां,
    जब भवरे भी हो रहे होंगे मदमस्त,
    हाथ थामेंगे पहली दफा उस वक्त।

    अचानक जो तुम अपनी ओर खींचागे हमें,
    दिल की धड़कन को हम ना छुपा पाएंगे,
    लबो पे तुम्हारे जो तिल है छोटा ,
    हाल उसका भी उस दिन हम जान जाएंगे।

    फिर अलविदा लेंगे एक दूसरे से,
    आरज़ू मिलने की रखेंगे फिर से,
    घर पर भी उस दिन कहा चैन होगी,
    जागती, खोई , तरसती ये नैन होगी।

    - ahsaas.words

    Read More

    मुलाकात

    ©ahsaas.words

    तुमसे जिस दिन मुलाकात होगी,
    ना जाने उस पल क्या बात होगी....(read caption)

  • ink_and_fable 10h

    मैं आऊंगी तुमसे मिलने,
    तुम्हें यह बताने की तुम क्या थे,
    और अब तुम्हारी गैरहाजिरी में मैं खो सी गई हूं कहीं। #nature #love #travel #life #friendship #inspiration #poetry #diary #thoughts

    Read More

    मैं सवालों में उलझी हूं,
    और सवाल मुझ में।
    ©ink_and_fable

  • vipin_bahar 10h

    2122 2122

    आज वो बोली नहीं हैं...
    2 1 2 2 2 1 2 2

    रात भी आघात देती
    2 1 2 2 2 1 22
    नींद भी ना साथ देती
    2 1 2 2 2 1 22
    मौत सा अब हो गया हैं
    2 1 2 2 2 122
    साँस भी ना हाथ देती
    2 1 2 2 21 22
    कह रहे हो यार भोली
    2 1 2 2 21 22
    यार वो भोली नहीं हैं
    2 1 2 2 2 122
    आज वो बोली नही हैं

    फोन करके थक गया हूँ,
    2 1 22 2 1 2 2
    याद करके पक गया हूँ,
    2 1 22 2 122
    काल पीछे पड़ गया हैं
    21 22 2 122
    धूल से में ढक गया हूँ
    2 1 22 2 122
    सोचता हूँ मौत आए
    2 1 2 2 2 122
    मौत दर खोली नही हैं
    2 1 2 2 21 22
    आज वो बोली नही हैं

    बात मेरी मान जाए
    2 1 22 21 22
    चाहता जो जान जाए
    2 12 2 21 22
    कब तलक नाराजगी हैं
    2 1 2 2 2 12 2
    बोलने में शान जाए
    2 12 2 21 22
    चाहतों का नोट आए
    21 22 2122
    पास में झोली नही हैं
    2 1 2 2 2122
    आज वो बोली नही हैं

    विपिन"बहार"
    ©

    Read More

    "वो"

    2122 2122

    आज वो बोली नहीं हैं...


    रात भी आघात देती ।
    नींद भी ना साथ देती ।।
    मौत सा अब हो गया हैं ।
    साँस भी ना हाथ देती ।।

    कह रहे हो यार भोली।
    यार वो भोली नहीं हैं ।।
    आज वो बोली नही हैं...

    फोन करके थक गया हूँ।
    याद करके पक गया हूँ ।।
    काल पीछे पड़ गया हैं।
    धूल से में ढक गया हूँ।।

    सोचता हूँ मौत आए।
    मौत दर खोली नही हैं।।
    आज वो बोली नही हैं...

    बात मेरी मान जाए ।
    चाहता जो जान जाए।।
    कब तलक नाराजगी हैं।
    बोलने में शान जाए।।

    चाहतों का नोट आए।
    पास में झोली नही हैं।।
    आज वो बोली नही हैं...

    विपिन"बहार"
    ©
    ©vipin_bahar

  • _markandey_painkra 11h

    1). रूह - आत्मा, 2). बामुशक्कत - पत्थर तोड़ने जैसा,
    3). बामुराद - पूर्ण कामना वाला, 4). नामुराद - अभागा.
    इधर से सुकून का तो पता नहीं पर हौसला जरूर दे सकता हूं, आदत है बस लिखने की.....
    #Inspirational_poem ...#late_night

    Read More

    "कोई बात नहीं"

    होठों से निकलकर रूह तक चलना है, ये बात तो तय है
    मंजिल दूर ही सही कोई बात नहीं,
    मंजिल का सफर आसान तो नहीं कोई बात नहीं,
    अगर है खुद पर भरोसा और हिम्मत है तो कोई बात नहीं,
    अफ़सोस तो तब होगा जब सोच कर भी,
    रास्ता चलना हमने सीखा नहीं,
    अगर तय किया तो कोई बात नहीं,
    चलते - चलते थक गए तो कोई बात नहीं,
    आगे बढ़ कर पीछे मुड़े तो हम बामुराद नहीं,
    होगा नामुराद जो मुड़ा चलकर भी आगे,
    बामुशक्कत होगी जिंदगी की राहें फिर भी चलना होगा,
    चलो चलते हैं चाहे जो भी आगे .....सफर यह आसान नहीं

    _markandey_painkra

  • __kumudini__ 11h

    कुछ चीजें आज भी नहीं बदली।
    जैसे मेरा तुम्हारे लिए हमेशा से उस प्यार का जताना और तुम्हारा हमेशा मेरे प्यार का समझना।
    ©__kumudini__
    -27th sep'2020

    Read More

    ❤️

  • naimishawasthi 12h

    #आओ_लिखें_प्रीत_के_गीत की श्रंखला में थोड़ी सी कोशिश @satyamprakash @mittal_sab

    Read More

    【 गीत 】

    चाँद से चाँदनी का मिलन हो रहा,
    देख करके धरा मुस्कराने लगी ।।
    उर्मियाँ सिंधु की अनगिनत कंठ से,
    मुक्त स्वर में मधुर गीत गाने लगीं ।।

    रश्मियों की थकन दूर होने लगी ,
    पाँव उनके जमीं पर थिरकने लगे ।
    गात छू गुनगुनाती हवा चल पड़ी,
    रात के फूल फिर से महकने लगे ।

    मौन तरु थे खड़े , घोसलों में मगर ,
    पंछियों को मधुर नीद आने लगी ।।
    चाँद से चाँदनी का मिलन हो रहा ,
    देख करके धरा मुस्कराने लगी ।।
    चाँदनी की धवल झील में मेदिनी,
    लग रही आज फिर से नहायी हुई ।
    ओस के मधु कणों से निमज्जित हुई ,
    वल्लरी लग रही है , लजायी हुई ।
    देख मोहक मनोरम छटा आज की ,
    कुमुदनी खिल उठी,रात भाने लगी ।।
    चाँद से चाँदनी का मिलन हो रहा ,
    देख करके धरा मुस्कराने लगी ।।
    ©naimishawasthi

  • shashiinderjeet 12h

    #बिटिया रानी
    बिटिया रानी, गुड़िया रानी
    तुझ बिन अधूरी है ज़िंदगानी

    तेरे प्यार से महके गुलशन मेरा
    आमद से गुलज़ार जन्नत है मेरी
    बिटिया रानी , गुड़िया रानी

    तूँ जो मुस्काई ज़िंदगी गुनगुनाई
    तेरी किलकारियाँ रौनके ले आई
    बिटिया रानी, गुड़िया रानी

    दूर भी रह कर बनें तूँ सहारा
    दुःख में संभाले दे कर सहारा
    बिटिया रानी , गुड़िया रानी

    शापित है घर वो जहाँ तूँ न हो
    तेरी पायल की छमछम न हो
    बिटिया रानी , गुड़िया रानी

    ©shashiinderjeet


    आज बेटी दिवस पर सब को शुभकामनाएँ ...!

    @mirakee #hks #hindilekhan #hindiwriters #hindi_poetry #hindisahitya #hindinama #writersofinstagram #stories #wds

    Read More

    बिटिया रानी

    बिटिया रानी, गुड़िया रानी
    तुझ बिन अधूरी है ज़िंदगानी

    तेरे प्यार से महके गुलशन मेरा
    आमद से गुलज़ार जन्नत है मेरी
    बिटिया रानी , गुड़िया रानी

    तूँ जो मुस्काई ज़िंदगी गुनगुनाई
    तेरी किलकारियाँ रौनके ले आई
    बिटिया रानी, गुड़िया रानी

    दूर भी रह कर बनें तूँ सहारा
    दुःख में संभाले दे कर सहारा
    बिटिया रानी , गुड़िया रानी

    शापित है घर वो जहाँ तूँ न हो
    तेरी पायल की छमछम न हो
    बिटिया रानी , गुड़िया रानी

    ©shashiinderjeet

  • inked_selenophile 12h

    की वह पहली मुलाकात ,हमने कुछ ख़ास ग़ौर नहीं किया ,
    जब उसके बारे में सुना तोह मिलने की एक ख्वाहिश सी हुई !
    उसके बाद उस पहेली मुलाकात में हमने उस दिल पर आये दस्तक को महसूस किया
    फिर हमने उससे वार्तालाब करने की कोशिश की
    कुछ दिन बीते और ये हुआ -----

    हमने कहा हमे आप से मोहब्बत है (उतावली जो टेहरी ����)
    हमने कहा आपका जवाब , उसने कहा सब्र रखो
    (बड़े लोगों का रीववया ��)

    हमने किया सब्र फिर हमारी बातें चलती रही .....
    कुछ दिन बीते इसी दरमियान हमारी जो चाहत थी उसके लिए वो कभी न ख़त्म होने वाली मोहब्बत में तब्दील होगयी !!

    और आज तक हम उनके जवाब का इंतेज़ार करते हुवे उनसे एक तरफ़ा प्यार कर रहे है !!

    ©inked_selenophile ��

    Ps - Mein yeh bolna nahi chahati par yeh sachmei lame hai �� and yes meri 2nd language hindi hai so mistakes saaf nazar aayengi and other thing I mix urdu and hindi words �� (jaise yahan ab hin-eng kar rahi hoon)

    @rekhuu thank you for this theme . I hope kuch toh acha likha maine ����

    And sabse badi baat yahan mei friendzone hogayi

    Agar bura lage toh Maafiiiiii

    Read More

    .

  • rani_shri 13h

    न जाने में देरी करो,
    न आने में देरी करना...

    Read More

    जा रहे हो ना? जाओ बेशक जाओ
    लेकिन कभी दोबारा लौटो, तो देरी मत करना
    और इतनी देरी तो बिल्कुल भी मत करना
    कि मुझे तुम्हारे बिन ही जीने की आदत हो जाए..
    ©rani_shri

  • shaayar_raahi 13h

    रोज़ दिल पर क़यामत गुज़र रही है ,,
    रोज़ दिल पर ऐसे रात गुज़र रही है !!

    लोग चौंक उट्ठे यकायक ,,
    मैंने जो कहा हवा गुज़र रही है !!

    हर इक पल गवाह है इसका ,,
    इक इक साँस गुज़र रही है !!

    लोग मिलने पर पूछते हैं कैसे हो ??
    क्या बताएँ कैसे गुज़र रही है ??

    जाने कब आख़िरी साँस आएगी ??
    धीरे-धीरे आख़िरी आस गुज़र रही है !!


    ©shaayar_raahi

  • gunjit_jain 11h

    याद है!
    कैसे हम दोनों उन गलियों में घूमा करते थे।
    यूँ ही बेवजह, सुबह से शाम। ज़रूरत भी कहाँ थी किसीकी, बस तू और मैं काफी थे! काफी थे एक दूसरे की सब बातें सुनने के लिए, काफी थे एक दूसरे के साथ हमेशा चलने के लिए। काफी तो आज भी हैं।
    हाँ मानता हूँ अब काफी टाइम हुआ तुझसे मिले, पर जल्द ही आऊंगा... फिर वो पल जीयेंगे, उन गलियों में दोनों साथ मिलकर घूमेंगे❤️
    हर पल तेरा साथ रहा, और मैं जानता हूँ रहेगा! मेरा भी ये वादा है❤️
    हमेशा तेरे साथ था, हूँ और रहूंगा। फर्क़ नहीं चाहे बात कम हो, फर्क़ नहीं चाहे मिलना कम हो, पर एक दूसरे के साथ हम हमेशा हैं। जल्द ही मिलेंगे मेरी जान❤️

    A very happy birthday tanishk, mere bhai meri jaan❤️ @her_love_2819

    यारा तेरी यारी को, मैंने तो खुदा माना
    याद करेगी दुनिया, तेरा मेरा अफसाना
    ❤️❤️❤️❤️

    Read More

    .