#2361

91276 posts
  • drusha 12m

    बेख्याली में फासलों से,,,,,,,,,,,
    दूर निकल आए,,,,,,
    इस कदर नज़दीक हुए ,,,,,,,,,,,,,
    दूरियां मिटा आए,,,,,,,,

    अंदाज़ा था,,,,,,,,,,,
    अच्छे दिन आयेंगे,,,,,,,,,,
    तेरे साथ मेरे ,,,,,,,,,,,,,,
    वो दिन भी आए,,,,,,,,,

    चन्द लम्हें ही,,,,,,,,,,,,,
    साथ थे कल तक,,,,,,,,,,,,,
    ता उम्र साथ निभाएंगे,,,,,,,,,,,,
    कसम ले आए,,,,,,,,,,,,,,

    सच और झूठ का ,,,,,,,,,,,,,,
    कोई फ़र्क नहीं ,,,,,,,,,,,
    तेरी सादगी पे ,,,,,,,,,,,,,
    जा निसार कर आए,,,,,,,,,,,,,

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    बेख्याली

  • jat_sabh 13m

    होठों पर देशभक्ति के गीत
    आंखों में आजादी थी
    फांसी झुल गया हंसता हंसता
    जिसने जलाई इंकलाब की चिंगारी थी

    पगड़ी सम्भाल जट्टा दुश्मन पहचान जट्टा

    शहीदे आजम भगत सिंह ��
    के जन्मदिवस पर उन्हें नमन ��

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    आजादी के अफसाने जब भी कोई बतलाएगा
    शहीदे आजम का नाम शिर्ष पर आएगा

  • nikital__ 52m

    Relate to me..
    काफिला - समूह, Group

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    लोग एक काफ़िला लेकर चलते हैं
    मैं खुद में एक काफिला हूं..!
    nikital__

  • rani_shri 56m

    शायद तुम उलझना भी नहीं चाहते और सुलझना भी नहीं चाहते
    और सब समझते हुए तुम समझना भी नहीं चाहते ..

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    उलझना ही नहीं चाहते हो या सुलझना नहीं चाहते
    समझते तो तुम सब हो मगर फ़िर भी समझना नहीं चाहते।
    ©rani_shri

  • badluckboy 1h

    मर कर भी न जायेगी वतन की उल्फ़त,
    कि मिट्टी से भी मेरी ख़ुशबू ए वतन आयेगी~ शहीदएआज़म भगत सिंह साहब ने ये कहा था जब नंबरदार छत्तरसिंह उन्हें फाँसी के लिये ले जाने आये थे।
    इस कदर वाकिफ है मेरी कलम, मेरे जज्बातों से कि अगर मैं इश्क लिखना भी चाहूं तो इंकलाब लिख जाता है-भगत सिंह

    मां भारती के वीर सपूत, शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी की जयंती पर कोटिश: नमन
    वन्दे मातरम्- सभी महान क्रान्तिकारियों का आज के पावन दिन पर मेरा प्रणाम

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    Jai hind

  • mkpinki 1h

    दो पल की जिंदगी
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    लिमिट में नहीं अनलिमिटेड जिओ,
    कल जी लेंगे इस ख्याल में मत रहो,
    क्या पता कल हो ना हो,

    ये ज़िन्दगी किराये का मकान है
    वो थोड़े समय का मेहमान है
    पता नहीं कब घर बदल जायेगा
    छोड़ कर सारे रिश्ते नाते, धन दौलत
    वो वापस चला जायेगा,
    फिर किसी और को आना है,
    फिर किसी को जाना है,
    यही जिंदगी का तराना है।

    कल जो बीत गया सो बीत गया,
    क्यों करते हो आने वाले कल की चिंता,
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    आज और अभी जिओ, दूसरा पल हो ना हो।

    जिंदगी बहुत कुछ सिखाती हैं,
    कभी हंसती है तो कभी रुलाती हैं|
    पर जो हर हाल में खुश रहते है,
    जिंदगी उनके आगे सर झुकाता हैं|
    दो पल की जिंदगी
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    कल जी लेंगे इस ख्याल में मत रहो,
    क्या पता कल हो ना हो ।।।

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    दो पल की जिंदगी

    दो पल की जिंदगी
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    लिमिट में नहीं अनलिमिटेड जिओ,
    कल जी लेंगे इस ख्याल में मत रहो,
    क्या पता कल हो ना हो,

    ये ज़िन्दगी किराये का मकान है
    वो थोड़े समय का मेहमान है
    पता नहीं कब घर बदल जायेगा
    छोड़ कर सारे रिश्ते नाते, धन दौलत
    वो वापस चला जायेगा,
    फिर किसी और को आना है,
    फिर किसी को जाना है,
    यही जिंदगी का तराना है।

    कल जो बीत गया सो बीत गया,
    क्यों करते हो आने वाले कल की चिंता,
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    आज और अभी जिओ, दूसरा पल हो ना हो।

    जिंदगी बहुत कुछ सिखाती हैं,
    कभी हंसती है तो कभी रुलाती हैं|
    पर जो हर हाल में खुश रहते है,
    जिंदगी उनके आगे सर झुकाता हैं|
    दो पल की जिंदगी
    चलो हंस कर जिए, चलो खुलकर जिए,
    कल जी लेंगे इस ख्याल में मत रहो,
    क्या पता कल हो ना हो ।।।

  • dil_ke_bol_alfaaz 2h

    फ़िर इन आंखों में वो शरारत हो ना हो
    इस दिल में मोहब्बत का दर्द हो ना हो

    गुलाब ए रुखसार पर एक नमी आ बनी
    शायद फ़िर कल उसका दीदार हो ना हो

    आई है फिर याद बेवफ़ा की दिल को
    फ़िर वफ़ा का मौसम शायद हो ना हो

    दिल की धड़कन बढ़ाती है मुलाक़ात
    बेताबियां दिल को ये फ़िर हो ना हो

    एक दिन की मोहब्बत फ़िर निभा लूं
    कल उसे इश्क़ की तबीअत हो ना हो
    #dil_ke_bol_alfaaz

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    फ़िर इन आंखों में वो शरारत हो ना हो
    इस दिल में मोहब्बत का दर्द हो ना हो

    गुलाब ए रुखसार पर एक नमी आ बनी
    शायद फ़िर कल उसका दीदार हो ना हो

    आई है फिर याद बेवफ़ा की दिल को
    फ़िर वफ़ा का मौसम शायद हो ना हो

    दिल की धड़कन बढ़ाती है मुलाक़ात
    बेताबियां दिल को ये फ़िर हो ना हो

    एक दिन की मोहब्बत फ़िर निभा लूं
    कल उसे इश्क़ की तबीअत हो ना हो

    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • amateur_skm 2h

    अभी भी तुझे मरे हुए ना होंगे सोलह भी दिन
    लेकिन उठाते रहे है हमारे प्यार पे सोलह हजार सवाल रात दिन
    अब तो हर रात को मैं मरता हूं सोलह लाख भर
    अब बस भगवान एक ही उपकार करना
    अब मत भेजना इस मृत्युलोक में एक भी बार बस

    ( रक्तरंजित- blood stained, लहू- blood, आयुध- weapon, चौसर- just like ludo but play with three dices, रिसता-percolate, प्रारब्ध- destiny, कुंद आयुध- blunt weapon, विषाक्त- poisonous)

    #hindi #hindipoem #hindiwriters @mirakee @writersnetwork

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    रक्तरंजित प्रेम

    है ये अर्जुन के गांडीव की टंकार या तेरे पायलों की झंकार
    है ये धर्म युद्ध का मैदान या तो हमारे सच्चे प्रेम का श्रृंगार

    अभी भी लहू बह रहे है इस धर्म युद्ध में या तो मेरे प्रेम युद्ध में
    फिर भी हम सींच रहे है तुम्हारे प्रेम को अपने इन लहू आयुध में

    सामने से आ रहे है शकुनि के छल या तो वो चौसर का खेल
    फिर भी हम अपने प्रेमबल पर खेलेंगे यह अधर्म युद्ध का खेल

    है समय यह बीतता जा रहा है और मेरा रक्त रिसता जा रहा
    फिर भी इस कठिन डगर में अपने प्रेम उपवन को सीचता जा रहा

    है ये प्रारब्ध का मेल या तो हमारे विधि विधान का खेल
    फिर भी हम लड़ेंगे या तो मरेंगे लेकिन करेंगे अपने प्रेम का मेल

    काटेंगे,तोड़ेंगे और तृप्त होंगे हर पापी के हाथ और जांघ तोड़ कर
    जो कुछ भी कहेंगे हमारे सच्चे प्रेम की मर्यादा को लांघ कर

    सामने खड़े है पापी बड़े जो प्रेम लीलते जा रहे है भक्षक बन कर
    करेंगे उनका भी सर्वनाश अपने प्रेम की गांडीव की प्रत्यंचा तान कर

    लेकिन दुख की घड़ी में तूने क्यू अकेला कर दिया साथ छोड़कर
    अब समाज के उलाहने करते है जैसे भीष्म के शरीर को वेधकर

    तुम्हारे साथ के बिना मेरा जीवन बस एक निर्जन कुरुक्षेत्र युद्ध है
    अब तुम्हारे आत्मबल के बिना इस अधर्मयुद्ध में मेरे कुंद आयुध है

    अभी तुम्हारी मृतशैय्या की अग्नि भी ना शीतल पड़ी,
    लोग बाण छोड़ रहें है उस अग्नि से ताप कर
    काश मेरे भी पास होता कर्ण का वो कवच कुंडल
    हमारा भी कोमल हृदय बच जाता उन विषाक्त बाणों को रोक कर
    ©amateur_skm

  • kaifmohammad 2h

    इस ग़ज़ल को मोहब्बत से नवाज़े��

    @jayraj_singh_jhala @prakhar_sony @shriradhey_apt @succhiii
    @roothi_kalam
    #ghazal #shayari #pod #poem #mirakee #writersofinstagram

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    ग़ज़ल

    ये गम  दिल में उतर जाये तो क्या हो
    कोई  खामोश   हो  जाये  तो क्या हो

    नहीं  आसान  तुझ  से  मिलना   मेरा
    चमन सहरा में खिल जाये तो क्या हो

    ज़माने  भर  कि  मायूसी  से  गाफिल
    दिलो  में  रंग  भर  जाये  तो  क्या  हो

    तेरी    टूटी    हुई    तसवीर    में   भी
    मेरी   सूरत   नज़र  आये  तो  क्या हो

    परिंदा    आसमाँ   का   आप   अपने
    कफस  में  कैद  हो  जाये तो क्या  हो

    वो जिस  शीशे में खुद  को  देखती  है
    वो  शीशा  पाश  हो  जाये  तो क्या हो

    सवारी    ग़र    पुले   सैरात   पर   से
    अचानक  लड़खड़ा जाये  तो क्या  हो

    मै जिस साये  से अब तक  बच रहा हूँ
    वो गर मुझ से लिपट  जाये तो क्या हो

    *बहरे हज़ज मुसद्दस महजूफ़
    ©kaifmohammad

  • dil_ke_bol_alfaaz 2h

    दिल करता है तेरे पास बैठी रहूं
    दिन के उजाले भी
    रात के अंधेरे भी
    तेरे ही साथ गुजारूं

    है इश्क़ मौसिक़ी से और
    शायरी के अल्फ़ाज़ों से
    लम्हे कुछ फुरसत भरे
    पन्नों के हाशिए पर गुजारूं

    कुछ शब्दों से कर के मित्रता
    अंधकार को तनिक हटा
    रात के अंधेरों से मैं
    चांद को निहारूं

    इश्क़ के किस्से उल्फत की बातें
    जुल्फ़ों कि उलझन यादों के जाले
    ना जाने कितनी बातें है पुरानी
    कागज़ों पर क्या क्या उतारूं

    हरफनमौला तू और तेरी जादूगरी
    और आंखो के नम किस्से सारे
    लफ्ज़ दर लफ्ज़ पन्नों पर बेआवाज़
    और मैं खामोशी इख्तियार लूं

    #dil_ke_bol_alfaaz
    #कलम_पन्ने_इश्क़

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    दिल करता है तेरे पास बैठी रहूं
    दिन के उजाले भी
    रात के अंधेरे भी
    तेरे ही साथ गुजारूं

    है इश्क़ मौसिक़ी से और
    शायरी के अल्फ़ाज़ों से
    लम्हे कुछ फुरसत भरे
    पन्नों के हाशिए पर गुजारूं

    कुछ शब्दों से कर के मित्रता
    अंधकार को तनिक हटा
    रात के अंधेरों से मैं
    चांद को निहारूं

    इश्क़ के किस्से उल्फत की बातें
    जुल्फ़ों कि उलझन यादों के जाले
    ना जाने कितनी बातें है पुरानी
    कागज़ों पर क्या क्या उतारूं

    हरफनमौला तू और तेरी जादूगरी
    और आंखो के नम किस्से सारे
    लफ्ज़ दर लफ्ज़ पन्नों पर बेआवाज़
    और मैं खामोशी इख्तियार लूं

    ©dil_ke_bol_alfaaz

  • kehta_hai_joker 5h

    Lovers, Lunatics and poets are made of same stuff-
    Bhagat singh
    इस कदर वाकिफ है मेरी कलम मेरे जज़्बातों से,
    अगर मैं इश्क़ लिखना भी चाहूँ तो इंक़लाब लिखा जाता है।
    Bhagat Singh
    His meditation on why he was an atheist is in Bio.

    Picture taken from IndiaColoured instagram.
    This picture was taken at Lahore Railway Police Station in 1927. Here he is speaking with Gopal Singh Pannu,DSP, CID Lahore.

    Celebrating the birth anniversary of one of bravest son of
    India and Pakistan,who was a poet and a revolutionary thinker par excellence, far far beyond his age of just 23

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    .

  • tomendra 6h

    Good morning ❤️ तुम्हे भी आती है न ऐसे सपने����

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    वो कुछ सुबह की चाय जैसी ही है
    जरूरी नहीं थी पहले पर अब जरूरत बन गई है

    सुबह जब तक चाय न मिले , अच्छा नहीं लगता
    उससे बात हुए बिना मेरा हाल भी कुछ वैसा ही होता है

    चाय मिलते ही एक ताजगी सी मिलती है
    उससे मिलकर मेरा रोम रोम मचलता है
    चहेरे में मुष्कान देखते ही बनता हैं
    निगाहें हटते नहीं उनकी निगाहों से
    बस देखता ही रहता हूं उसे जी भर
    जैसे चकोर चंदा को देखता है ❤️

    उसकी बाते चाय सी उतरती हैं जब रगों में
    एक न्यी उमग सा भर जाता है ❤️
    मेरी हर खुशी मानो उससे जुड़ी हो
    उसकी खुशी लगता मेरा अपना है
    मेरे सारे गम ले लेती है वो ,
    मानो जैसे ये उनका अपना है

    और माफ करना मेरे दोस्त
    इस दुनिया में मुझे ऐसे कोई मिली नहीं
    ये तो बस मेरे आज का सपना है
    जो अपना तो है अच्छा तो हैं
    पर मात्र एक सपना है मात्र एक सपना है ❤️
    ©tomendra

  • childauthor_345 7h

    ना किसी का भरोसा
    ना किसी का प्यार पाया है
    बस इतने में मै हूं खुश
    मैंने मां का आंचल और उनका प्यार बेपनाह पाया है ।
    मेरा मायूस चेहरा देख , वो और मेहनत करती थी
    बटुए में उसके भी ना था पैसा , और फरमाइश पहले मेरी पूरी करती थी ।
    उनके चेहरे पर मुस्कान अर्सों बाद आती थी
    काम इतना करती थी वो के कभी उसे देखने को आंखे तड़प जाती थी ।
    उसी से हुआ शुरू मेरा संसार है
    दुनिया कर सकता हूं मुट्ठी में अगर मेरे साथ मेरी मां का प्यार है ।

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    मेरी ममतामयी मां

    Please read the caption
    ©childauthor_345

  • geet_001 9h

    ज़िंदा मुर्दों के बीच,एक लाश ही है जो बोल रही
    ठंडे बदन में भी उसके,इंसाफ की आग जल रही।
    ©geet_001
    #hindiurduwriters #hundiurdu #hindiwrites #sahitya #du #balatkaar #darindagi #chuppi #khamosh #thanda #ekkoshishseekhneki #bolkilabaazadhaitere
    @__dipps__ @soul_in_pen @aquariansoul199 @kuch_mere_alfaz @naman_khandelwal

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    ठंडा शरीर

    'बोलते' लोगो की खामोशी में शोर था।
    एक लाश का,
    जो जिंदा थी।।
    भीड़ जो मूक दर्शक थी।
    खड़ी चारो और थी।
    वहीं लेटी थी एक लड़की।
    जो  मर चुकी थी।
    शरीर ठंडा था।
    हाथ बंधे हुए।
    पैर काटे हुए।
    और मुंह, बंद!
    खुली थी तो सिर्फ आंखें।
    और कैद था उनमें,
    दरिंदों का चेहरा।
    पुतलियां आंखो की खींच रही थी,
    कहानी दरिंदगी की।।
    पर खौफ इतना था कि,
    दिख किसी को ना रही थी।
    सब अंधे,मूक दर्शक बने रहे।
    आज़ाद वो दरिंदा भीड़ में खड़ा था।
    खुशी अपने राज़ की,
    झूठे आंसुओ से छिपा रहा था।
    चश्मदीद गवाह भी,
    ज़िंदा मुर्दे ही रहे।
    एक लाश ही थी बस,
    जो निडर बोल रही।।
    थी भीड़ जो सोई हुई,
    उसका एक हिस्सा मै भी था।
    बस यही सोच कर चल पड़ा,
    शुक्र है जो मेरा घर बच गया।।
    ©geet_001

  • harshrajput_98 10h

    बेहद ख़ूबसूरत सी तू,
    थोड़ा मतलबी सा हूं मैं।��❤️

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    .

  • ahsaaswords 10h

    मै गीत लिखूं ,या सार लिखूं,
    या चिड़ियों की चेहकार लिखूं।

    मै प्यार लिखूं ,या तकरार लिखूं,
    या पहले प्यार का इजहार लिखूं।

    बच्चे का तुतलातापन, या पटर-पटर ज़ुबान लिखूं,
    मै बचपन-ए-नादान लिखूं ,या सिर्फ मुर्दा जान लिखूं।

    मै सड़के सुनसान लिखूं, या भेड़िए इंसान लिखूं,
    या सबकी तरह सिर्फ "मेरा भारत महान" लिखूं।

    मै झांसी का हिन्दुस्तान लिखूं ,या आज का कब्रिस्तान लिखूं,
    या सबकी तरह सिर्फ "मेरा भारत महान" लिखूं।

    मै दादू की झुर्रियां लिखूं, या उनके सफेद बाल लिखूं,
    या इस धरती के शहीद लाल लिखूं।

    फूल की नाजुक्ता लिखूं ,या कांटों की चुबन लिखूं,
    या फिर बस शांत नीला गगन लिखूं।

    मै आन लिखूं ,या शान लिखूं,
    या खून से लथपथ जान लिखूं।

    -ahsaas.words

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    ©ahsaas.words

    में गीत लिखूं ,या सार लिखूं,
    या चिड़ियों की चेहकार लिखूं।

    में प्यार लिखूं ,या तकरार लिखूं,
    या पहले प्यार का इजहार लिखूं

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  • ahsaaswords 11h

    तुमसे जिस दिन मुलाकात होगी,
    ना जाने उस पल क्या बात होगी,
    घाफिल हम दोनों होंगे उस वक्त ,
    जब आंखो से कुछ बात होगी।

    हम तुम बैठे रहेंगे उस मेज़ किनारे,
    निहारेंगे एक दूसरे को प्यारे,
    कुछ पल बस यूंही उद जाएंगे,
    हम तुम बड़ा शर्माएंगे।

    फिर निकलेंगे उस रास्ते पे जहा,
    फूल हो हर किनारे यहां वहां,
    जब भवरे भी हो रहे होंगे मदमस्त,
    हाथ थामेंगे पहली दफा उस वक्त।

    अचानक जो तुम अपनी ओर खींचागे हमें,
    दिल की धड़कन को हम ना छुपा पाएंगे,
    लबो पे तुम्हारे जो तिल है छोटा ,
    हाल उसका भी उस दिन हम जान जाएंगे।

    फिर अलविदा लेंगे एक दूसरे से,
    आरज़ू मिलने की रखेंगे फिर से,
    घर पर भी उस दिन कहा चैन होगी,
    जागती, खोई , तरसती ये नैन होगी।

    - ahsaas.words

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    मुलाकात

    ©ahsaas.words

    तुमसे जिस दिन मुलाकात होगी,
    ना जाने उस पल क्या बात होगी....(read caption)

  • ink_and_fable 11h

    मैं आऊंगी तुमसे मिलने,
    तुम्हें यह बताने की तुम क्या थे,
    और अब तुम्हारी गैरहाजिरी में मैं खो सी गई हूं कहीं। #nature #love #travel #life #friendship #inspiration #poetry #diary #thoughts

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    मैं सवालों में उलझी हूं,
    और सवाल मुझ में।
    ©ink_and_fable

  • vipin_bahar 11h

    2122 2122

    आज वो बोली नहीं हैं...
    2 1 2 2 2 1 2 2

    रात भी आघात देती
    2 1 2 2 2 1 22
    नींद भी ना साथ देती
    2 1 2 2 2 1 22
    मौत सा अब हो गया हैं
    2 1 2 2 2 122
    साँस भी ना हाथ देती
    2 1 2 2 21 22
    कह रहे हो यार भोली
    2 1 2 2 21 22
    यार वो भोली नहीं हैं
    2 1 2 2 2 122
    आज वो बोली नही हैं

    फोन करके थक गया हूँ,
    2 1 22 2 1 2 2
    याद करके पक गया हूँ,
    2 1 22 2 122
    काल पीछे पड़ गया हैं
    21 22 2 122
    धूल से में ढक गया हूँ
    2 1 22 2 122
    सोचता हूँ मौत आए
    2 1 2 2 2 122
    मौत दर खोली नही हैं
    2 1 2 2 21 22
    आज वो बोली नही हैं

    बात मेरी मान जाए
    2 1 22 21 22
    चाहता जो जान जाए
    2 12 2 21 22
    कब तलक नाराजगी हैं
    2 1 2 2 2 12 2
    बोलने में शान जाए
    2 12 2 21 22
    चाहतों का नोट आए
    21 22 2122
    पास में झोली नही हैं
    2 1 2 2 2122
    आज वो बोली नही हैं

    विपिन"बहार"
    ©

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    "वो"

    2122 2122

    आज वो बोली नहीं हैं...


    रात भी आघात देती ।
    नींद भी ना साथ देती ।।
    मौत सा अब हो गया हैं ।
    साँस भी ना हाथ देती ।।

    कह रहे हो यार भोली।
    यार वो भोली नहीं हैं ।।
    आज वो बोली नही हैं...

    फोन करके थक गया हूँ।
    याद करके पक गया हूँ ।।
    काल पीछे पड़ गया हैं।
    धूल से में ढक गया हूँ।।

    सोचता हूँ मौत आए।
    मौत दर खोली नही हैं।।
    आज वो बोली नही हैं...

    बात मेरी मान जाए ।
    चाहता जो जान जाए।।
    कब तलक नाराजगी हैं।
    बोलने में शान जाए।।

    चाहतों का नोट आए।
    पास में झोली नही हैं।।
    आज वो बोली नही हैं...

    विपिन"बहार"
    ©
    ©vipin_bahar

  • writo2 5h

    वो हमेसा केहती थी " हम तूम्हे सोर कभी नहीं जाएंगे " , मेने कहा ना बस केहती थी !

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    Broken

    She always told me ," she never give up never"
    just told
    ©writo2