#Mukti

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  • xykon_noir 2d

    ज़माना ख़राब है

    देख कर मुझे दर्द में, तुम जो हंस पड़े हो xykon...
    "क्यों समझूं इंसान इसे, जब अपना नहीं तो है कौन?"
    यही सोचते हो अगर, तो सोच यह लाजवाब है...
    और तुम कहा करते हो, कि ज़माना ख़राब है!

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    देख समृद्धि को जिसकी, हो तपन में गुम...
    हुए उसके संग बड़े हो खेल-पढ़ कर तुम...
    क्यों दुखी हो तुम, जो साथी क़ामयाब है!
    और तुम कहा करते हो, कि ज़माना ख़राब है!

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    वो लड़की जिसके साथ, कल हो गई बदसलूकी,
    सब से कहा तुमने, "उसे न हिस थी आबरू की...
    बद्चलन है हर वो औरत, जो बेनक़ाब है!"
    और तुम कहा करते हो, कि ज़माना ख़राब है!

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    कह "हरिजन" चल दिये थे, जिसकी तुम चौखट से,
    वो दिलाता मुक्ति सब को, काशी के पनघट पे...
    जाति, रंग, धर्मों का तुमने, अच्छा किया हिसाब है!
    और तुम कहा करते हो, कि ज़माना ख़राब है!

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    घर जला कर आये हो, तुम जिस मुहाजिर का...
    रब तुम्हारा भी वही है, जो था काफ़िर का!
    माथे पर, न इक शिकन, न नयन में आब है!
    और तुम कहा करते हो, कि ज़माना ख़राब है!

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    क्या कहोगे चित्रगुप्त से, न रहोगे जब?
    हैं फ़रिश्तों के ज़हन, करतब तुम्हारे सब...
    तुम को पर मालूम बेशक़, यह भी जवाब है!
    कह देना, "क्या करें, ज़माना ख़राब है!"

    ©xykon_noir

  • preranarathi 14w

    मौत का धंधा

    जब मौत को गले लगाया,
    तब दुनिया का एक और सच सामने आया।
    सुना था, मरने के बाद सारी परेशानियाँ खत्म हो जाती हैं,
    सुकून होता है और रुह को जन्नत मिल जाती हैं।
    मैं भी चढ़ा था उस खुदा के घर की सीढ़ियाँ,
    पर न आया वो बाहर, न खोली उसने खिडकियाँ।
    फिर कही से एक आवाज़ आई-
    तु तो मर कर भी नहीं मर पाया,
    इस दुनिया ने तुझ पर मुकदमा हैं चलाया।
    जा पहले उन से अर्जी लेकर आ,
    इस दुनिया से मुक्ती लेकर आ।

    तुझे अपने घर में पनाह नहीं देनी तो मत दे, नाटक क्यों करता है,
    जिन्होंने मेरी मौत का षड़यंत्र रचा, उन्हीं से भीख माँगने को कहता है।
    क्या फर्क पडता हैं, मैने खुदखुशी कि या उन्होनें मुझे मार डाला,
    दोनों ही तस्वीरो में, कीचड़ मुझ पर ही तो उछाला।
    मेरे शरीर को कभी नहीं अपनाया,
    और आज मेरी रूह पर भी है दाग लगाया।
    और तु कहता है कि इन फर्जी लोगों कि अर्जी लेकर आऊ,
    मुकदमा जो चलाया इन्होनें मुझ पर, उसमें बेकसूर साबित होकर आऊ।
    ओ मेरे खुदा, तु कितना भोला है, जाकर नीचे तो देख,
    नरक से भी बत्तर सर्वग, इंसान ने खोला हैं।
    पर तुझसे क्या शिकायत करू, तु तो अपना काम कर रहा है,
    जन्नत मिले उसी को, जो बेगुनाह है।
    बर्बाद तो मुझे तेरी बनाई दुनिया ने कर दिया,
    छीन ली मेरे पैरों से जमींन, अब आसमान भी ले लिया।
    पर अगर तु चहाता हैं, तो थोड़ा और भटक लूगाँ, थोड़ा और तड़प लूगाँ,
    जब तक बेगुनाह साबित नहीं हो जाता, बर्बादी का दर्द थोड़ा और सह लूगाँ।
    पर तुझसे एक वादा मैं लेना चहाता हुँ,
    होगा इस मुकदमे का अंत, बस इतना यकीन दिला दे तू।
    क्योंकि मुझे इस दुनिया पर पूरा भरोसा है, ये मुझे कभी रिहा नहीं होने देगें,
    मेरी मौत को धंधा बनाकर हर रोज बाजार में बेंचेगे।

    - प्रेरणा राठी
    ©preranarathi

  • _kiranwrites_ 38w

    वक्त

    बदलते वक्त के साथ हर कोई काफी
    हद तक बदल जाते है ...
    कोई बोहोत अच्छा और कोई बोहोत बुऱ्हा बन जाते है....
    जिंदगी का ये वक्त हमे कुछ अच्छा सिखा जाता है...
    ©_kiranwrites_

  • neha_gaur 87w

    नदी के किनारे

    नदी के दो किनारे
    एक इस पार एक उस पार
    दोनों मिलते नहीं कहीं
    फिर भी बहते पानी के ज़रिए बात कर लेते हैं
    लेकिन वो जो इस पार से थोड़ा आगे हैं
    और उस पार से बहुत पीछे
    जो सदियों से वहीं हैं
    जो किसी को नज़र नहीं आते
    इसी उधेड़बुन में रहते हैं कि किस ओर जाएं
    उनकी मुक्ति इस ओर है या उस ओर
    वो वहीं तटस्थ हो जाते हैं
    और कहीं नहीं पहुँच पाते
    ना इस पार ना उस पार

    ©neha_gaur

  • mr_ayaan_13 108w

    हिन्दू कोड बिल

    सुना है बहुत पढ़ लिख गई हो तुम
    कभी उसे भी पढ़ लेना
    जिसने तुम्हारी जिंदगी बदल दी
    ✒bkchaudhary

  • karsh7 118w

    Mukti : ek ashi gosht jicha arth sutka pn he nemk sutka kashapasun tr ya dehapasun
    Te tr tasahi melya nantr milnarch aahe. Ka sutka swatahalach swatahapasun kadachit nahi jr nahi tr ka Mukti ya shabdacha Arth shodhnyasathi kadachit mala koni bhetayla hawas hot titkyat tya shant watawrnat ek wichitr ashi aswasthta janwu lagli ti kadachit konachya yenyamule watat Hoti
    Pn tyathikani me sodlo tr konich nawht me swatahchya pawlanchya aawaza la Sudha ghabru laglo karn mala kunachya Tari yenyachi chahool lagli Hoti ti chahool kadachit me Aadhi kadhi Tari anubhawleli asel kadachit. Me ti gosht shodhat hoto ji mala aadhich milaleli Hoti. Karn mala ji gosht hawi Hoti ti mulat astitwat ch nawhti.
    #mukti

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    मुक्ति

    ©karsh a darkest feeling

  • writeitout 140w

    मृत्यु और मुक्ति

    जीवन की इच्छायें बची रहें और प्राण निकल जाए वो मृतयु है, पर इच्छायें समाप्त हो जायें और आप ज़िंदा हो वो मुक्ति है।

    - राम कथा के अंश