#acceptingchange

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  • jophin 11w

    Accepting Change
    °°°°°••••••√°°°°°•••••√°°°°°°
    Hey, come along,
    with all your tales,
    on an endless journey,
    seeking to bond,
    a friendship you desire,
    and sort out myths,
    to answer your fears,
    and face all odds,
    let whatever comes,
    by accepting change,
    as time demands it,
    with this adventurous life.
    °°°°°••••••√°°°°°•••••√°°°°°°
    ©jophinkulangara 31 May 2020

    #time #pod #writersnetwork #mirakee #readwriteunite #mirakee #writersnetwork #readwriteunite
    #acceptingchange


    Disclaimer: Original pictures used in the background are not mine. All Credit goes to the respective owners. I do not claim any right over them.

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    Accepting Change

    °°°°°••••••√°°°°°•••••√°°°°°°
    Hey, come along,
    with all your tales,
    on an endless journey,
    seeking to bond,
    a friendship you desire,
    and sort out myths,
    to answer your fears,
    and face all odds,
    let whatever comes,
    by accepting change,
    as time demands it,
    with this adventurous life.
    °°°°°••••••√°°°°°•••••√°°°°°°
    ©jophinkulangara
    31 May 2020

  • jyotibonge 98w

    नई सोच

    है नया जमाना और वक़्त है नया
    बदल दे नई सोच से तू,  दुनिया की काया

    पुरानी रीत देख तू, नाप तोलकर
    पुराने रास्तों से तू, अपना तर्क कर
    परख के देख जानकारी, या कोई खबर
    ना चल पढ़े कहीं कदम, आंख मूंदकर

    भीड़ का होना, कोई सच नहीं होता
    भड़कता बयानों से तू, और कुछ नही होता
    अनुयायी उसका बन जो कभी भेद ना करता
    नेतृत्व की मिसाल बन, या चुन सही नेता

    अपनी संस्कृती के ,घमंड को न पाल
    वो तो एक नदी है , ना है कोई ताल
    अपने दिल के बंद द्वारों को खोल डाल
    मिल के दुसरी नदी हो सागर विशाल

    धर्म-जाती के तू चक्करों में न पड़
    कल की तुच्छ बात लेके, आज में न लड़
    भाषा और जगह की व्यर्थ ना कर अकड़
    दोनों ना बनाएं हमनें , बात ये पकड़

    आझाद है नारी पर, है मुक्त वो कहाँ?
    रिवाजों के नाम पर पतन है हो रहा
    कैद कर के शक्ती को है क्या कोई बढ़ा ?
    व्यवहार से अपने तू दे पाठ ये पढ़ा

    आत्मज्ञान और विज्ञान  ,संग लेके चल
    सरकारों को ना कोस, हो जा आत्मनिर्भर
    व्यर्थ भावनाएं जो बढ़ने से रोके
    आगे बढ़ तू उनसे अपनी डोर काटकर

    परिस्थिती पे किसी के ,व्यंग तू न कर
    जय पे जल ना दूसरों के, खुद से जंग कर
    अपने ही गुणों को चमका तू निखारकर
    देख सब की जिंदगी फिर जाएगी सुधर

    - ज्योती बोंगे
    ©jyotibonge