#byank

706 posts
  • _bahetiankita 1d

    प्यार में गुम
    हम तुम
    दुःख दर्द से दूर
    निहारते चांदनी का नूर
    लफ्ज़ों के बिन बातें
    वो रूहानी मुलाकातें
    नज़रें करती बयां
    दिल की दास्तां
    हाथों में हाथ
    जीवनभर का साथ
    वो बेफिक्री का रंग
    बस तुम्हारे संग
    जुस्तजू, गुफ्तगू,
    चाहतें, रिवायतें,
    तुम पर खत्म,
    तुम से ही शुरू,
    बिन तेरे हर चीज़ बेरंग पानी,
    बस यही तेरे मेरे प्यार की कहानी।
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 5w

    Between the shadow and the soul,
    You lie,
    You lie as my hush hush mystery,
    Between the sky and the stars
    You live
    You live as my covert secrecy,
    My love for you,
    Never become exiguous,
    My veneration for you is,
    As strong as diamond,
    But you are pleasure,
    Which I relish in reticence,
    For I don't want you,
    To get anyone's evil eye
    Or I may loose you is my biggest fright,
    I don't know why,
    So I love you moon and back,
    My love,
    But certain dark things,
    Are to be loved in secret,
    At the horizon
    Where land touches sky!!
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 5w

    तुझे बेवफा कहूं भी तो कैसे,
    तुझे रोकने के लिए आवाज़ ना देने की ज़िद भी मेरी थी,
    तुझे पलटकर ना देखने का फैसला भी मेरा था।
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 6w

    Love beyond borders

    Every year pack of birds migrated to that sea,
    To escape the harsh winter and enjoy their time you see,
    But this year one bird fall in love with one who use to live there,
    Both of them would spend all time hand in hand everywhere,
    Soon the time came to get migrated bird to go back,
    Other one was sad but without expressing came too see off him with his pack,
    Both of them promised each other,
    Wait they will do throughout the year till winter,
    As they knew, they can't survive each others land condition,
    So none of them asked to stay or sacrifice their vision,
    Every Year both would meet and enjoy,
    Waited all time and prayed for others joy,
    Soon the time came when one was leaving the world,
    But he crossed thousands miles to see his love for last,
    He relished with her, appreciated her and had a great blast,
    Truly love beyond borders can happen, lived as well,
    Tragically both the birds knew next year they can't dwell,
    Both of them died holding hand in hand,
    Love is above all, nothing can stop it, never it can end!!
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 7w

    मैं अग्नि हूं

    मैं अग्नि हूं
    एक छोटी सी चिंगारी से जन्म लेती हूं
    अगर भड़क जाऊं तो भयावह रूप लेती हूं
    निरंतर जलूं तो सब राख कर देती हूं
    मैं अग्नि हूं

    अच्छे-बुरे, अमीर-गरीब, सच्चे-झूठे में अंतर नहीं करती
    जो मुझसे होकर गुज़रे उसको सीता सा पवित्र करती
    किसी प्रलोभन, लालच में नहीं पड़ती
    हर हाल में निर्भय होकर लड़ती हूं
    मैं अग्नि हूं

    जो लगे रिश्तों में, तो सबसे बड़ा खतरा
    झूठ की हवा और गुस्से का घृत, मुझे बढ़ाए
    समय रहते, डाल सत्य का जल, मुझे बुझाए
    अन्यथा इस हवन कुण्ड में सब स्वाहा करती हूं
    मैं अग्नि हूं

    पञ्च तत्वों से बना मानव शरीर, मैं उनमें से एक
    जो मेरा तत्व अधिक हो जाए तो भीतर ज्वलन हो
    जो मेरा तत्व कम हो जाए तो मावन शिथिल हो
    जो नियंत्रण पाए, तो मानव जीवन सफल करती हूं
    मैं अग्नि हूं

    स्वप्नों को सच करने की लगन मुझसे मिले
    मिलजुल कर जब सबको संग लेकर चले
    यदि इसमें लोभ का विष मिले
    तो मैं सब कुछ ख़ाक कर देती हूं
    मैं अग्नि हूं
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 10w

    कड़ाके की ठण्ड,
    और गरमागरम चाय की चुस्कियां,
    कभी चिक्की, कभी गजक, कभी रेवड़ियां,
    वो मुंह में पानी लाता गाजर का हलवा,
    वो आलू, गोभी, मेथी के करारे पराठों का जलवा,
    रजाई में दुबके, सुहानी सर्दी सबको भाए,
    पर ऐसे में रसोई में घण्टों खड़े रहकर सबकी पंसद बनाने वाली का ख्याल किसी को ना आए,
    शादी से पहले अपने घर में सुस्ताने वाली,
    शादी के बाद ससुराल, पति, बच्चों में खपती जाए,
    अगर है वो गृहणी तो रसोई और मसाले उसकी दुसरी पहचान जाए,
    पर कभी अपने पास बैठाकर, रसोई से ठंड में छुट्टी दिलाकर,
    चहरे पर उसके मुस्कान लाने का ख्याल किसी के मन में ना आए,
    हां मां ही है वो जो बिन शिकायत सभी में और सबके लिए निःस्वार्थ रमती जाए।
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 11w

    क्यों अपने लिए फैसलों पर दिल आवाज़ उठाता है,
    क्यों खुद की काबिलियत पर ही सवाल उठाता है,
    कमाल ये भी है कि मुझको मुझसे बेहतर कोई नहीं जान पाता है,
    फिर भी खुद को शक के घेरों में खुद ही कैद किये जाता है।
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 12w

    बड़े दिन हुए यार घर गए,
    सोचा न था, पर बड़ी दूर निकल गए,
    अपने दर, अपनी गलियों के दीदार को तरस गए,
    दिल करता है, पुराने चंद लम्हे चुराए,
    जी करता है, भागकर अपने घर लौट जाए,
    बेचैन जिनके दीदार को, उनके गले लग जाए,
    पर क्या करें, मुश्किल बडे़ हैं ये मजबूरियों के साए,
    दुःख में जिनके शामिल ना हुए,
    क्या मुंह लेकर उनके सामने जाए,
    बस यही इल्तज़ा है रब से,
    किसी को इतना मजबूर ना बनाए,
    कहीं नाम-ओ-शोहरत की चाह में,
    कोई अपनों से इतना दूर ना हो जाए...
    दूर ना हो जाए...
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 12w

    We learnt to say "its okay" in return of "Sorry",
    But its time to relearn new mannerisms with changing time,
    Sometimes the damage is too much,
    That "sorry" can not make up,
    Sometimes the words make irreversible flaw,
    That "its okay" can not be spoke up,
    Do take good care of your thoughts, words and action,
    For not every "sorry" deserve "its okay" in return!!
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 18w

    Oblivion
    Will go away,
    Just trust yourself,
    Your inner strength.
    Let your
    Spirit flow with
    Alacrity, Zeal &
    Confidence.
    New day will bring
    New Zest,
    Afresh Zephyr
    Of power.
    For you are
    Mesmeric, Enticing,
    Luring from inside.
    And as nature's rule
    What's inside
    is Reflected outside!!
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 19w

    ओस

    निशा की कालिमा में,
    शीतल मद्धम चांदनी में,
    निर्मल बयार होते पवन में,
    सब कुछ हो जाता शांत, पावन, सौम्य,

    तब पवन में पानी की बूंदें,
    आकर ठहरती हर ओर,
    दबाव होता, गर्म शीत को करती एकसार,
    मानो प्रकृति करती है सबका मोहक श्रृंगार,
    सजाती है नन्ही बूंदों से सबको,
    जैसे जताती है चुपचाप अपना प्यार,

    फिर सूर्य की किरणें बेखरती हैं अपना जादू,
    उन बूंदों को चमकाती, करती हृदर बेकरार,
    देखे कोई जो ये कलाकारी, खो जाता है,
    मुग्ध हो जाता है इस दृश्य पर,

    फिर धीरे-धीरे ये बूंदें आ मिलती हैं एक साथ,
    मानो श्रृंगार की अवधि हुई हो समाप्त,
    और एक ओर हो जाती हैं सब,
    या मिल जाती हैं धरा से,
    और नशीला जादू
    टूटता है
    "ओस" का ।
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 20w

    नूतन
    नवरात्रि में
    नवदुर्गा रूप पूजते
    नवीन ऊर्जा, स्फूर्ति भरते
    नित्य प्राचीन अंधकार दूर करते
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 20w

    मौन

    क्या मौन रहना, सही होना है?
    क्या कुछ ना कहना, खुशी देना है?
    क्या चुप रहना, बर्दाश्त करना है?
    क्यों बोलने वाला,
    अपना दिल खोलने वाला,
    अपना पक्ष रखने वाला,
    अपने तर्क साबित करने वाला,
    गलत होता है,
    गुनहगार ठहराया जाता है,
    बेवजह शक से देखा जाता है,
    अनगिनत बार सूली पर चढ़ाया जाता है।
    सिर्फ़ इसीलिए कि
    दूसरा मौन है?

    मैंने देखा है,
    चुप रहने वालोें को लोगों को दर्द देते हुए,
    मौन होकर लोगों पर कौड़े बसराते हुए,
    हृदय में अथाह विष लेकर जीते हुए,
    और ये विष, बरबाद कर देता है
    सब कुछ,
    कुछ नहीं बचता,
    ना खुशी, ना गम,
    ना कमज़ोरी, ना दम,
    ना उत्सव, ना मातम,
    तो किस काम का ऐसा मौन?

    ना,
    मजबूरी का झोला ना ओढ़ना,
    तकलीफों की चादर ना तानना,
    शांति की घीसी पीटी दुहाई ना देना,
    क्योंकि ऐसा कुछ भी नहीं है,
    ये सब एक छालावा है
    मात्र दिखावा है,
    लोगों की नज़रों में,
    सहानुभूति का सहारा है,
    बेचारा बनने का नाटक सारा है।

    पर मौनी बाबा,
    जहां से आए हो,
    जाना भी वहीं है,
    और उसने पूरा हिसाब रखा है,
    सबका, सब कुछ का,
    वहां ना बेचारगी,
    ना सहानूभुति,
    केवल सत्य,
    तटस्थ सत्य है,
    तब क्या करोगे?
    क्या कहोगे?
    तब भी
    रहोगे
    मौन??
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 20w

    इंतज़ार

    इक अलहदा उम्र गुज़ार दी हमने इंतज़ार में,
    मानो जैसे आधी ज़िन्दगी बीता दी इस ख्याल में,

    कभी बिन बोले ज़ाहिर-ए-इश्क का इंतज़ार रहा,
    कभी इक अदद ख्वाहिश-ए-इज़्ज़त का इंतज़ार रहा,

    कभी नन्हीं हथेलियों को अपनी बाहों में भरने का इंतज़ार रहा,
    कभी देर रात घर आने पर उसकी सलामती का इंतज़ार रहा,

    कभी अपने इक मकां पर फक्र करने का इंतज़ार रहा,
    कभी अपनों के संग वहां कुछ लम्हें बिताने का इंतज़ार रहा,

    कभी हैवानियत पढ़ी अखबारों में तो इंसाफ का इंतज़ार रहा,
    कभी देहशतगर्दों को मिले सही अंजाम,उस का इंतज़ार रहा,

    कभी अपनी पहचान बनाने का, अपनी ख्वाहिशें जीने का इंतज़ार रहा,
    कभी इक ज़रा सी तारीफ़, इक छोटी सी मुस्कान का इंतज़ार रहा,

    आज भी बैठे हैं इंतज़ार में, लगा रहे हिसाब वक्त जो बिताया इंतज़ार में,
    बस अब आख़िरी लम्हों में इंतज़ार-ए-रब है, कि बुलावा आए और मिल जाए हम ख़ाक में।
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 21w

    काश (part-19)

    मैं तो तुझ संग बढ़ना चाहती थी,
    पर ना जाने क्यों तू ने ये होने ना दिया।

    जाने किस बात से तुझे तकलीफ थी,
    जिसने तुझे चैन से रोने ना दिया।

    तेरी हर गलती को उम्रभर ढोया मैंने,
    पर मेरे ज़ख्मों पर मरहम तू ने लगने ना दिया।

    दुनिया सच जान कर भी मुझे देती रही ताने,
    पर तू ने कभी भी उन आवाज़ों को चुप होने ना दिया।

    मैं कोई मुकाबला नहीं कर रही थी तुझसे,
    और तुने मुझे अपना हमसफर होने ना दिया।

    मैंने तो देखे थे सपने "हमारे" सुनहरे भविष्य के,
    पर तेरी बेकार की एहम-ए-ज़िद ने उन्हें पूरा होने ना दिया।

    काश तू समझ पाता इश्क में सब साझा होता है,
    पर तेरे वहम के चश्मे ने तूझे कुछ देखने ना दिया।

    मैं तो तुझ संग बढ़ना चाहती थी,
    पर ना जाने क्यों तू ने ये होने ना दिया।
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 21w

    Laugh Dream Love

    Laugh
    For no one is going to cry with you,
    Laugh
    As people are going to laugh at you, behind you, with you for different reasons,

    Dream
    For no one is going to fulfill it for you,
    Dream
    As people are going to demotivate you, frighten you, encourage you in their own way,

    Love
    For no one is going to speak your heart out,
    Love
    As people are going to jealous of you, make you hate, love you back at their best !!
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 21w

    खास दिन

    हर दिन बनने लगा है आजकल एक खास दिन,
    एहमियत और लगाव रिश्तों में घटने लगा प्रतिदिन,
    नुमाइशें दिखावे पर पड़ता है बल हर पल,
    सोशल मीडिया पर सब जागरूक, पर नहीं सोशल,
    एक दिन के लिए खास शक्स को बिठाते हैं सिर पर,
    फिर ना फोन ना खबर, भूल जाते हैं उन्हें साल भर,
    व्यस्त हैं, समझा करो, हर बार क्यों आदि बहाने, ताने सुनाते हैं,
    खास लोग बस सिर्फ उस खास दिन के मोहताज हो जाते हैं,
    सोचो अगर बचपन से तुम्हें भी केवल एक दिन की एहमियत दी जाती,
    तब शायद तुम्हें वो एकेलेपन का दर्द, वो हर पल खास होने की कीमत समझ आती,
    अब भी देर नहीं हुई, अपनी भूल सुधार लो,
    दिनों को नहीं, रिश्तों को मधुरता से सींचो, प्यार दो,
    जीवन से क्या संग लेकर तुम जाओगे,
    मिठास घोलोगे तो वही अंत तक पाओगे।
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 21w

    मुखौटा

    पिरामिड

    है
    ढका
    चेहरा
    मुखौटों से
    यहां सबका
    दब गया सत्य
    झूठी है पहचान

    क्या
    कहें
    ना कहें
    हल नहीं
    फंसे चक्र में
    दुर्भर जीवन
    दिखावा पहचान


    काश
    सरल
    आधार हो
    फेकें मुखौटा
    सच का विस्तार
    खुशियां पहचान
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 22w

    सब को एक साथ खुश नहीं किया जा सकता,
    ये सच जितना जल्दी मान लो, दुःख कम होगा,
    भगवान नहीं हो, बनने की कोशिश भी ना करो,
    बस सरल इंसान बन सको उतना ही बहुत है।
    ©_bahetiankita

  • _bahetiankita 8w

    रिश्ता

    एक अजीब सा रिश्ता है तेरे और मेरे बीच,
    ना प्यार है, ना तकरार है, ना तू यार है, ना रिश्तेदार है,
    फिर भी एक अजीब सा रिश्ता है तेरे और मेरे बीच,

    ये पढ़ी लिखी दुनिया, हर चीज़ को शक की निगाहों से तराशती है,
    ना मिले 'गर वाजीब सबूत, तो उसको गुनहगार ही मानती है,

    कैसे समझेगें ये लोग, तुझसे जुडे मेरे जज़्बात को,
    जीवन की जिन्हें कद्र नहीं, पर खोजते हैं पत्थर में ही आज भी भगवान को,

    तेरा मेरे हर सवाल का जवाब बिन बोले दे जाना,
    मेरा आवेश, मेरा द्वेष, मेरी खुशी मेरा ग़म, सबको तेरा निःशब्द, निर्मल भाव से खुद में समेट जाना,
    यही तो है तेरा, सबसे अन्दाज़ निराला

    फिर भी मुझे उम्मीद है, एक दिन सब समझेगें तेरी व्यथा,
    जब पाएगें कि तुझसे पाकर, तुझमें समा जाना ही है हम सबके जीवन की कथा

    ©bahetiankita