#continue

625 posts
  • anushkarathi 1w

    To start is okay.
    To continue is genius.
    ©anushkarathi

  • samuel_ 2w

    Don't think of when will the road ends
    But think of how the road will end

    ©samuel_

  • zamscott 3w

    I continue to follow your footsteps,
    although I have long lost sight of them
    ©zamscott

  • captain_shekhawat 4w

    उसकी हर बात पे हाँ कर दू
    अब ओर बताओ मैं क्या कर दू
    ©captain_shekhawat

  • skypan 5w

    14...15..16 Tage Dunkelheit,
    Eingesperrt hier in- dem Raum und der Zeit.
    16,17,18 Stunden keine Luft..kein Licht, kein Ton, niemand da, der ruft
    -nach uns..:deinen 18 Schatten
    Die einst..deine Herzmaschine hatten.
    Bis die dunklen Meister kamen.., Dich verneinten, sich vereinten-zum Zerstören.
    Der Schall trug weiter "die Maschine wird nur mir gehören"
    18..19..20..Sünder sprachen laut, "Wer Buße tut, der wird uns anvertraut"
    20 Münder formten sich, formten Worte, formten Dich..
    Formten dunkel Dein Leben, 21 Mal..
    Formten die kalte Strecke, ins vergessene Tal.
    -in dem Du lebst, 22 lange Jahre nun..
    allein kommst Du nicht raus,.. dass müssen- 23 andere tun.
    ©skypan

  • zamscott 6w

    ©zamscott

  • prakashinidivya 7w

    Part 6

    लेकिन ये दो औरत यज्ञ की बातें कर हमें भी डरा रहीं थीं तभी सामने के दरवाज़े से दो बच्चे आए वो दोनो बेड पे बैठ गए छोटे दादा ,कमरे के अंदर गए ।दोनों औरत उन् बच्चो को समझा रही थी 4 बजे मतलब 4 बजे लेट नई करना, दोनो बच्चे हां हां में सिर हिला रहे थे उन्होंने उन बच्चो को पैसे की गड्डी दी और कहा मुंह बन्द रखना है नहीं तो बोलने के लायक नहीं रहोगे ... हिदायत बड़ी महारानियां की तरह दे रही थी । छोटे दादा अंदर से 2 बॉक्स लाए जो पूरी तरह बन्द थी अब उन्होंने बुढ़िया को एक एक कर बुलाया और वो उनको एक एक फ़ूड पैकेट्स देकर अंदर भेजने लगे हमें डर था कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं ..हमने एक दूसरे को देखा और आंखो से इशारा करने लगे वक्त आ चुका है इनकी बैंड बजाने का हमने जोर से कहा ........बहुत हुआ...!! अब जेल की हवा खाने का वक्त आ चुका आपलोगों का,,,,... वो सकपका से गए ,और वे भाग गए.. हमने उनका पीछा किया हमारे बड़े दादा जी जो बाहर बरामदे में सोते थे शोरगुल सुन उठ गए थे उन्होंने उनको सामने से पकड़ लिया... वो दो औरतों को भी पकड़ लिया गया था । हमने सबको वो वीडियो दिखाई और सच्चाई बता दी ।पुलिस में complan दर्ज करा दी गई... पुलिस को पता था सच्चाई कैसे पता करनी हैं .... वो दोनो औरत रांची की रहने वाली थी रांची से वे फरार थी। शराब बनाने के जुर्म में रांची पुलिस उन्हें 6 महीनों से ढूंढ रही थी,छोटे दादा से वे ट्रेन में मिली थी और उन्हें पैसों से मालामाल करने का लालच देकर उन्हें जाल में फंसा लिया था। लालची नासमझ छोटे दादा बहकावे में आ गए थे और बुढ़िया को भी पैसों का लालच देकर काम करवाते थे उन्हें रात को 3 घंटा बस काम कराया जाता था फिर फूड पैकेट्स देकर घर तक छोड़ आते थे उन्हें फूड पैकेट्स में धीमा जहर दिया जा रहा था जब उनका काम पूरा हो जाता तब वो उनको full dose का जहर देकर हमेशा के लिए उपर भेजना चाहते थे उनके मिशन का नाम यज्ञ था। बेचारी बूढ़ी औरत बेबस थी पैसों की कमी के वजह से वो ये काम करती थी ,उनके बाद वो बच्चो से ये काम करवाना चाहती थी ।।
    ©prakashinidivya

  • prakashinidivya 7w

    Part 5

    कमरा दिखने में बस छोटा था अंदर से बहुत बड़ा था जिसमें 80 बरस की सैकड़ों बुढ़िया थी वे सभी काम में व्यस्त थी एक आदमी ऊपर मिट्टी की बनी छत से समान फेक रहा था, जिससे बहुत जोर से आवाज़ अाई जैसे कोई गिरा हो ।धीरे धीरे सारे रहस्य खुलते जा रहे थे और कुछ नए रहस्य बनते जा रहे थे ।इतनी सारी बुढ़िया यहां क्या कर रही थी ?और अब तक किसी को दिखी क्यूं नहीं ? रहस्य सुलझ तो रहा था पर उलझ भी रहा था ,,,,हम सब उस वक्त अपने अपने घर आ गए और सुबह होने का इंतज़ार करने लगे । जैसे ही सुबह हुई हम उस घर में दोबारा गए और मटके से छोटे कमरे की चाबी निकाल खोलने का प्रयास किया , हमने कैसे भी करके ताला खोला अंदर कोई नहीं था पर वहां कुछ सामान बिखरे थे जिसमें बहुत सी चीजें जो नशे में use किए जाते हैं वो थी कुछ शराब की शीशी थी और कुछ सिगरेट बनाने की पत्तियां ,, गांजा का ढेरों पौधा उस कमरे के किनारे लगी हुईं थीं माजरा समझ आ चुका था रहस्य ए भूतिया झोपड़ी गुंडों की झोपड़ी थी । जहां तरह तरह के नशेली पदार्थ बनाया जाता था । आधी सच्चाई पता चल चुकी थी पर आधी पता करना बाकी था। उस रात हमने plan बनाया हम अपना फोन लेकर गए और कुछ हथियार भी साथ रख लिए थे आज पोल जो खोलनी थी ......उस रात भी हम वहीं छीपे थे कुछ देर बाद किसी के चलने की आवाज़ अाई , पायल की छम छम ने आवाज़ को और गंभीर बना दिया था वो दो औरतें और छोटे दादा तीनो पीछे वाले दरवाजे से अंदर आए और चटाई पर बैठ गए । सफेद साड़ी वाली ने कहा कल सुबह ठीक 4 बजे यज्ञ चालू होगा और सूरज ढलने के पहले ख़तम करना होगा ।तब छोटे दादा ने कहा उन बूढ़ी औरत का क्या करें जो रहस्य जान चुकी वो कभी ना कभी मुंह खोल सकती है । तब लाल साड़ी वाली ने कहा यज्ञ में कुछ लोग की बली की जरूरत होती हैं,और वो हंसने लगी।एक बार फिर हमारा होश उड़ा अब तो गुस्सा भी आ रहा था हमें समझ आ चुका था वो बुढ़िया कैसे अचानक मरी थी ।हमने सारी बातों का वीडियो बना लिया था .....
    ©prakashinidivya

  • prakashinidivya 7w

    Part 4

    आगे बढते गए तब एक हाल था और बाजू में छोटा सा कमरा था जहां छोटी सी ताला लगी हुई थी हम उस कमरे के पास पहुंच गए और ताला तोड़ने का जुगाड़ करने लगे तभी अचानक हमारी नज़र पास में रखे मटके पर पड़ी जो कि बहुत पुरानी लगती थी उसको जब पास जाकर देखा तब उसमे एक चाबी रखी थी शायद ये उस छोटे कमरे की थी हम जैसे ही चाबी उठाने लगे, तभी अचानक ,एक लाल साड़ी और सफेद साड़ी की औरत घर के पीछे दरवाजे से आते दिखाई दी हम घर की हाल और छोटेकमरे के बीच संकरे पतले जगह में छिप गए, उन्होंने पायल पहन रखी थी जो कि छम छम का रहस्य था पर ये दोनों औरत कौन थी ये पता नहीं था उन्हें देखकर लगता था जैसे वो कोई परीलोक से अाई कोई फरिश्ता होंगी खूबसूरत और गोरी त्वचा और माथे पर काली टीका जिसमें वो पूरी देवी लग रही थी । वो दोनो नींबू और मिर्च वाली चटाई पर बैठ गई...और हंस हंस कर बाते कर रही थी पर क्या बात कर रही थी वो समझना मुश्किल था उनकी भाषा हमारे समझ के परे थी.......तभी एक आदमी दरवाजा खटखटाया सफेद साड़ी वाली ने दरवाजा खोला ,एक आदमी अंदर आया ,जिसे देख हमारे होश उड़ गए वो आदमी और कोई नहीं हमारे छोटे दादा ही थे जिनका वो मकान था। अब वो तीनो उस चटाई में बैठ गए और बाते करने लगे अब वो हमारे भाषा में बात कर रहे थे वे कह रहे थे कि कितना आदमी चाहिए अगले यज्ञ के लिए वो लाल साड़ी वाली ने कहा २ बच्चे चाहिए होंगे 15 16 साल के ,उसने अपने थैले में से एक शीशी निकाली जो बहुत खूबसूरत थी।जिसे उसने छोटे दादा को दे दिया और जोर जोर से हंसने लगे दोनों औरत सामने के दरवाजा से बाहर निकल गई और उनकी पायल की आवाज़ पूरे गली में एक बार फिर गूंजने लगी । छोटे दादा चटाई से उठ सीधे हमारी ओर आ रहे थे हमें लगा उन्होंने हमें देख लिया पर वो मटके से चाबी निकाली और छोटे कमरे के ताला खोल अंदर समा गए जैसे ही हम पतले गली से बाहर आए दरवाजा सट से बन्द हो गया पर एक छोटी छेद थी जिसमें एक आंख लगाकर देखा जा सकता था हमने बारी बारी से आंख लगा कर देखा और स्तब्ध होते गए ..........
    ©prakashinidivya

  • prakashinidivya 7w

    Part 3

    आख़िर वो बुढ़िया कौन थी रात को क्या करती थी , अचानक कैसे मर गई । एक रहस्य था और रहस्य बढ़ता जा रहा था बुढ़िया के जाने के बाद भी वो अजीब आवाज़ आने बंद नहीं हो रहे थे कोई उसमें दखलअंदाज़ी करना पसंद नहीं करते, मोहल्लेवासीयों ने गली के उस छोर में जाना बन्द कर दिया था कई बार तान्त्रिक आए पर कुछ ख़ास प्रभाव नहीं पड़ा, कुछ दिन शांत रहता पर आवाज़ आने बन्द नहीं हुए,बल्कि अब तो पायल की आवाज़ भी आने लगी थी जो पूरे गली में सुनाई देती थी जैसे पूरी रात वो walk करती हो । हमें हमारी बड़ी काकी ने बताया था कि बुढ़िया जादू टोना करने वाली भयंकर चुड़ैल थी जो सबको डसना चाहती थी अच्छा हुआ बला टल गई हर कोई यही कहता था ।पर हमें अंधविश्वास की बातों पर यक़ी ना थी ।उस आवाज़ से हमें भी डर लगता था उस शाम भी किसी के गिरने की आवाज़ आई हमने इस बार खूब हिम्मत बटोरी थी और उस घर के सामने पहुंच गए हमने ठान ली थी कि आज तो रहस्य जानकर रहेंगे ,तभी पायल की छम्मछम्म ने माहौल को और डरावना बना दिया डर के मारे दिल की धड़कन मानो एक एक सेकण्ड में 72 बार धड़क रहा हो ,,,,,, लेकिन आज चाहे तो भूतों के शहंशाह भी आ जाए हम पीछे हटने वाले नहीं थे ,,,,,हमने किबाड़ को जोर से झटकाकर खोला । आधा तो सड़ चुका था और पुरानी लकड़ी थी इसलिए आवाज भी बड़ी अजीब अाई ..... अंदर जाकर देखा तो बहुत ही साफ सुथरे से बेड थे और सुंदर चटाई बिछी थी जिसमे नींबू और मिर्च रखे थे जैसे फिल्मों में भूतों को बुलाने के लिए सजाया जाता है उसी क्रम में नींबू मिर्च रखे थे जिसे देख हमारे होश उड़ गए थे हमें यही ख्याल आ रहा था कि हमें अंधविश्वास की बातों पर यकीन करना चाहिए था हमें यहां नहीं आना चाहिए था.... ख़ैर जलती आग में हम घी तो बन ही चुके थे बस राख बनना बाकी था ..........
    ©prakashinidivya

  • prakashinidivya 7w

    Part 2

    लोगों ने उसे भूतिया झोपड़ी कहना शुरू कर दिया था,
    छोटे दादा के मकान खाली करने के बाद, एक 80 बरस की बुढ़िया ने उनसे मकान में रहने के लिए इजाज़त मांगी थी चुकीं वो बहुत बूढ़ी हो चुकी थी ,अकेली मकान में रहने के लिए सक्षम नहीं थी। जिस वजह से छोटे दादा ने साफ इंकार कर दिया था पर वो अपनी जिद पर अड़ी थी अंत में मकान में उन्हें रहने की इजाज़त मिल गई । वो मोहल्ले में सबसे पहले उठती, और पड़ोसियों के घर के सामने बने ऊंची फर्श पर बैठ जाती थी। जो भी घर से बाहर आता उनसे वो चाय मांगा करती हर सुबह उसे सुकून कि अदरक वाली चाय और गर्म नस्ता मिल जाता था और दोपहर का खाने का इंतज़ाम वो अपने दूसरे पड़ोसी से कर लेती थी । शाम 5 बजे के बाद वो घर से बाहर नहीं निकलती। कभी कभी उनके घर से अजीबो गरीबों आवाज़ आते थे , कभी जोर से चीखने की तो कभी रोने की ,कभी हंसने की आवाजें आती थी । ना जाने वो बुढ़िया कैसी थी कहां से अायी थी किसी को पता नहीं था । कई बार लोगों ने उनसे पूछना चाहा पर वो कुछ बताती नहीं थी । मेरे दादा को अपने बेटे समान प्यार करती थी , पर कभी अपनी जिंदगी का ज़िक्र नहीं करती, वर्तमान में खुश रहती और मोहल्ले कि एक अहम हिस्सा बन चुकी थी।एक रात जोर से चीखने और हंसने की आवाज़ अाई सबने कहा आज माजरा जानकर रहेंगे आखिर ये रात को करती क्या है,,,, कहीं कोई परेतिन् तो नहीं या कोई कालाजादू करने वाली चुड़ैल । हर कोई तरह तरह की बातें बोल रहे थे दादा जी भी उस दिन सहमे से लग रहे थे और घर के बाहर लगे दरवाज़े को खटखटाया , अंदर से किसी के गिरने की आवाज़ अाई सब डरे सहमे थे ही जैसे ही आवाज़ अाई डर कर भग गए...
    अगले सुबह बुढ़िया नहीं दिखी जब घर जाकर देखा तब दरवाज़ा खुला था और बुढ़िया मर चुकी थी ....मेरे दादा जी ने उनका अंतिम संस्कार किया ....रहस्य ,एक राज वो अपने साथ दफन कर गई थी ....
    ©prakashinidivya

  • shradhanegi 14w

    Consistency leads you to a much better way of writing enhancing your intellect everyday.
    Consistency leads you there where you are meant to be.
    Consistency leads you to the person with whom you are meant to be.
    Consistency leads you to your aims in life.
    It shows your reliable nature.

    ©shradhanegi

  • durrakhlaq 14w

    Qayamat kai din sb ka lika deka jayega
    Terai kalai karmo k phal tujai narq mai phaika jayega
    Zuban teri kench laingai
    Chamdi udheri jayegi
    Aag ki lapto mai tera jism seka jayega
    Keh doon batay hai dil mai rehti behti meri
    Do pyasi yai ankai hai kun?
    Cheekh cheekh tka hara mai
    Kaano mai rengai na in ka zra si joon
    Rubarun hona mai chahun
    Terai dhar pai kona mai chahun
    Na lgai dil qafir hai dunia
    Mot k sej mai sona mai chahun

    #durr #rcr #rap #song #to #be #continue

    @optimism @sanawrites @ukwrites96 @ushaikh27

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    Leja khi dhoor khuda
    Krdai muj ko muj sai juda
    Tadpoon tadpai meri ruh
    Tut chuka nai milta tu

  • durrakhlaq 15w

    (pata hai is dunia sai pare ek or dunia hai
    Jha sb kuch tehra howa hai
    Bs wha janai ko dil krta hai)
    Aayi andhar sai awaz khi or hai tera ghr
    Sach jhoot sai pare jha mot ka na dhr
    Noor ki chadar mai so rhi ruhai
    Jahan seenai sai lga k mola choomta hai sar
    Ab wo b pareshan dekh dunia k halat
    Mazhab banta rab banta banti zat pat
    Ro rha dek bhti khoon ki nadiyan
    K kaisai insan, insan ko rha kat
    Kia mar k kisi ko aaj tk rab dika hai
    Kia wo b teri trah chand paiso pai bika hai
    The God is love, love is God Christ nai kha tha
    Jin prem kiyo tin hi prabh paayo baani mai lika hai
    Pr q dharmo ko lekai nafrat k beej bo rhai hai
    Hindu musalman kattarata ki maiyat pai so rhai hai
    Guro piro nai hmai ldna nai sikaya
    Pr q sab sai zyada dharmo pai ho katl-e-aam horhai hai
    Band kr do nautanki khud ko dharmik btanai ki
    Saadhuon ka chola aarat jismo ko kanai ki
    Phna sar sai pawon tk jhoot ka libas
    Or batay krta hai tu sachai rab ko panai ki


    #durr #rcr #rap #song #to #be #continue

    @optimism @sanawrites @ukwrites96 @ushaikh27

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    Leja khi dhoor khuda
    Krdai muj ko muj sai juda
    Tadpoon tadpai meri ruh
    Tut chuka nai milta tu

  • krishnapiya 17w

    Who are you to......?????

    There I go with my own style
    Who are you to say???
    Develop your own level of thinking
    Then the world of people we will be gay......

    Flying like Engle
    Who are you to see my angle???
    I know my limitations
    Next time don't dare to give suggestions.....

    I am a mirror
    Who are you to break????
    Peace inside me is silent
    Now don't make me violent.....

    Touching the top of the sky
    Climbing the mountain high
    Diving inside the ocean light
    Every field I lie
    Messing with me can make you die.....

  • _beautifulparadox 17w

    Life continues after High School
    - Being a Child ends after High School.

    ©beautifulparadoxwriting

  • innervoice_1 18w

    He:tell her that i like her.
    Her friend:she said she don't like you.she felt you as her friend only.
    He:okay
    After 2 months
    Her:can you come with me to a movie?
    He:no i am busy.
    Trying again and again to convince him.
    He Get angry and leaves the topic.
    To be continued....
    #continue #story

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    Part 1

  • lone_healer 23w

    The Story may have ended.
    But the Characters continue to march.



    ©lone_healer

  • captain_shekhawat 24w

    मिलन

    के बन के ठंडी हवा आ जाना तुम
    मै बन के पानी आऊंगा
    दोनो मिल के ठंड मै बारिश कर देंगे
    ©captainshekhawat

  • winret_nv 14w

    I can

    I put my everything in your hands and with a wicked smile you shattered it on the ground,
    I picked myself up and with a proud smile I showed you I can do get up.
    ©winret_nv