#dilkibaat

1795 posts
  • dead_brain 2d

    QUOTES - DEAD BRAIN

    Chala Jaunga Yu Hi Kisi Lamhe Ki Tarah

    Aur Tum Waqt Me Ulji Rehna

    ©dead_brain

  • pagal_princess_mariyam 2w

    ©pagal_princess_mariyam

  • alfaaz__dil__se 3w

    गोरे रंग का मिजाज रास नहीं आता, लोग कहते हैं थोड़ा अजीब हूँ।
    मैं कड़क चाय का शौकीन हूं, और रंग भी वैसे ही का मुरीद हूँ।।
    ©alfaaz__dil__se

  • style_throb 5w

    Rista

    Kehta hai, har dil ki baat
    Na jane kaise hoge mulakaat
    Bin baatein ,bin janne accha
    Lagta hai woh, dil ne dhadkan
    Sunli aur bin bole tar jode gayi
    ©style_throb

  • dilselekhika 6w

    अनजान सी राह पर हूं,
    जहां सिर्फ मैं,
    मेरी कलम
    और मेरा दिल है!❤
    ©dilselekhika

  • noorsal 7w



    अक्सर यही होता है
    जिसे हम अपना सब कुछ मानते है
    वही हमे कुछ नहीं मानता है
    वक्त आने पर किसी पुरानी कहानी की तरह
    हमे भुला दिया जाता है
    फिर कभी उसे भुल कर भी हमारी याद नहीं आती
    ©Zindagi

  • soft_y 7w

    बात ना हो तुझसे तो..
    याद तेरी भी आ जाती है...
    और तू ख़ामख़ा ही कहता है....
    घर जाकर मुझे भूल जाती है....
    ©soft_y

  • an_merciful_friend 9w

    घर और २०२०

    अर्ज़ किया है..

    जिस साल की हम आज बात कर रहे है और जो अब एक बीता हुआ कल बन चुका है जैसे कि चांद की रोशनी में भी अंधेरों का साया, वह साल है २०२०।

    जिस पुराने घर को काफी मरम्मत लगी हो, पर फिर भी जिससे हम सबकी बहुत सी यादें जुड़ी हो और आज के आखरी दिन जिससे अलविदा कहने का वक़्त है आया, वह अपना घर पुराना है २०२०।

    बीती हुई जिस याद में जहां घर की छत के नीचे हमें अपनों का समय और साथ मिल पाया तो वहां कोई अपने अपनों को ठीक से आखरी लफ्ज़ भी नहीं कह पाया, जहां किसीने अपनी जगहों को बेघरों का आसरा बनाया वहां जिस बीती यादों के सफर में किसीने किसीके दिल को अपना घर है बनाया, वह मन की अलमारी में बंध हो चुकी बीती हुई याद है २०२०।

    जो साल गुज़र चुका उसकी बातें तो होगई, अब चलिए देखते है कि जो साल आनेवाला है उसमें क्या होगा...

    अरे अरे परेशान मत होइए, आपके और मेरे दोनों के लिए ये सरप्राइज है और वो सरप्राइज ही रहेगा।

    यह जो पल है जिसमें आनेवाला कल हमारा आज होजाएगा, वो वह रास्ता है जो हम सब पुराने घर से नए घर जाने के लिए काटते है, बांटते है और खासकर के जीते है क्योंकि यह रास्ता पलक झपकते ही गुज़र जाता है।

    इसलिए और देर ना करके मेरा जिस नए घर में आपका स्वागत करने का मौका है आया, वह नया घर है २०२१।।

    WISHING YOU AND YOUR FAMILY A WONDERFUL, HAPPY, HEALTHY, POSITIVE AND PROSPEROUS NEW YEAR OF 2021 ✨

    ©an_merciful_friend

  • srk_writes 9w

    जरा सोचना ....
    #srk_writes #srk_poetry #srk_shayari #dilkibaat

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    लोग सुख दुख में साथ
    निभाने की कसमें खाते है
    लेकिन जरा सोचो हम कहा रह गए!!
    ©srk_writes

  • shaifali15011999 9w

    मैंने ख़ामोशी में जाना
    मेरा दिल भी कुछ कहना चाहता था,
    और जब इत्मीनान से इसकी आवाज़ सुनी
    ये सिर्फ मेरे साथ रहना चाहता था,
    शायद ये भी मसरूफ़ था इस जालिम जमाने से
    इसलिए मेरी खामोशी में भी बहुत कुछ कहना
    चाहता था...........
    मैंने खामोशी में जाना
    मेरा दिल भी कुछ कहना चाहता था.......
    _ शैफाली
    ©shaifali15011999

  • an_merciful_friend 11w

    शोर और सन्नाटा

    _*कभी कहीं.. कहीं कभी*_

    जहां शोर है *मन में खयालों* का, वहां *ज़ुबान की आवाज़* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है *रास्तों पर गाड़ियों* का, वहां घर की चार दिवारी में *जल रही रोशनी* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है दोस्तों के साथ खेलते हुए *दिल से निकली हसी* का, वहां *दिल के दर्द से सजे आंसु* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है *दिल की धड़कनों* का, वहां *तेज़ सांसों* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है *उमंगे और रोशनी* का, वहां *दुःख और अंधेरों* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है *आत्मविश्वास और भरोसे* का, वहां *पछतावे और बुरी सोच* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है *शांति और सुकून* का, वहां *क्रोध और टकराव* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है *कुछ पूरी होती बातों* का, वहां *कुछ अधूरी रह जाती कहानियों* का है सन्नाटा।

    इस आखरी पंक्ति के जैसे ही मेरी ये "शोर और सन्नाटा" की कहानी *पूरी होकर भी अधूरी* है।

    हम सब की कहानी भी कुछ ऐसी ही है कि *पिछले कल* में ये पूरी है, *आज* इस कहानी का रहना जरूरी है क्योंकि *आनेवाले कल* के लिए ये अधूरी है।

    इसलिए मेरी बात को यहां पूरी करके में आपसे पूछना चाहता हूं कि *आप अपनी "शोर और सन्नाटा" की कहानी में वह कोनसी एक पंक्ति लिखते* ?

    अगर हो सके तो *ज़रूर बताना* और मेरी यह नई कविता *कैसी लगी* यह भी कहते जाना।

    _*आपको मेरी तरफ से शुभ दिन, शुभ रात्रि और बस अपना खयाल रखना।।*_

    ©an_merciful_friend

  • parihar_sahab 12w

    हासिल हो जायेगी हर एक ख्वाहिश
    इक बार शिद्दत से चाह कर तो देखो॥

    ©parihar

  • ghalibkiduniya 13w

    Dhundla

    Ghalib ki duniya Mae aaj sb dhundhla sa h,
    Jo raatein ko ujagr Kiya tha kvi
    Aaj sb dhundhla sa h,

    Kho chuki h umeedein,
    Kho chuki h muskurahatein,
    Jau toh jau kha ab toh kinare pe baitha ek saap h.

    Ghalib ki duniya Mae aaj sb dhundhla sa h,
    Raaton k sapne Mae v sb anjaan sa h,

    Chahtein toh ab manzil k gehrayi Mae ja chupi h ,
    Ab toh frk v nhi prta Tere pathr marne pe.

    Ghalib ki duniya Mae aaj sb dhundhla sa h.
    ©ghalibkiduniya

  • therevivedsoul 14w

    Tera na aana hi Accha

    Bhul Gaye Woh baatein toh Accha hai
    Bikhar gayi Woh yaadien toh Accha hai
    Kaise kare bayan uss hamrahii se dastane ulfat ye
    Ki Tera lautke naa aana hi Accha hai
    ©therevivedsoul

  • parihar_sahab 15w

    जहाँ अल्फ़ाज़ भी ठहर गये तेरी ख़ूबसूरती देखकर,
    न जाने कब ये शख़्स तेरा दीवाना हो गया॥

    ©parihar

  • an_merciful_friend 15w

    नमस्ते आप को

    आशा है कि आपके वहां सब खैरियत है।

    फुलझड़ी और आतिशबाज़ी के साथ मेरी मन की बातों का नज़राना फिर एक बार लेकर आया हुं।

    अर्ज़ किया है..

    जहां इस साल *होली* पर ना रंगों का मेल, ना *जन्माष्टमी* पर मटकीफोड का खेल और ना *नवरात्रि* पर रास - गरबा का तालमेल हो पाया, वहां जिस त्योहार के आने की खुशी ने घर के आंगन के साथ लोगों के अंतर्मन से लेकर उनकी आंखों की भी चमक ✨ को है बढ़ाया, वह है _*दिवाली*_।

    मिटी नहीं है वजह अभी भी कई महीनों के लोकडाउन की, लेकिन फिर भी जिस *पावनपर्व* ने दिया है होंसले से भरा एक मौका अपने चाहनेवालों से मिलने का, कहीं दूर बेठे अपनों से फिर जुड़ने का, और साथ मिलकर अपने सुनेपन के उस भाव को कम करने का जिस *रोशनी भरे अवसर* ने उत्साह है दिलाया, वह है _*दिवाली*_।

    जिस उत्सव की बातें अधूरी है नमकीन और मिठाइयों के बिना, जिसमें बन रहे है कहीं *लड्डु और चिवडा* तो कहीं *चकरी और शकरपारा*.......बस बस, अगर सारे नाम यहीं सुन लोगे तो हो सकता है कि आपके वहां कोई दूसरा ना खा जाए सारा खाना और फिर जिस शुभ दिन पर आप कहते ही रह जाओ कि, "क्या यार, थोड़ा मेरे लिए तुने क्यूं नहीं है बचाया?", वह है _*दिवाली*_।

    आपको मेरी ये बातें अच्छी लगती है तो इसका मतलब में अच्छा हुं ही पर आप बहुत अच्छे हो, इसलिए अगर आप इस कविता के बारे में या फिर यूंही कुछ अपने मन की बात ज़ाहिर करना चाहो तो ज़रूर कहना, आज जिस पवित्र घड़ी पर आप से बस यही था कहने आया, वह है _*दिवाली*_।।

    _*Wishing you and your family, A Very Happy and Prosperous Diwali*_

    द्वारा लिखित: दोस्त उर्फ _*अंकित महेता*_ ❤️

    ©an_merciful_friend

  • jaya_padiyar 17w

    पढ़ते तो सभी हैं,
    मगर कोई पढ़कर समझ जाए तो बात है ।
    प्यार तो सभी करते हैं,
    मगर कोई प्यार करके निभा ले तो बात है ।
    लड़ते तो सभी हैं,
    मगर कोई लड़ कर मना ले तो बात है ।
    बहकते तो सभी है,
    मगर कोई बहक कर संभल जाए तो बात है ।
    जीते तो सभी हैं,
    मगर कोई हर पल को जिंदा कर जाए तो बात है ।
    मरते भी सभी हैं,
    मगर कोई मर के अमर हो जाए तो बात है ।
    ©jaya_padiyar

  • ashish_panwar 17w

    ""HALAT""

    suna tha ki halato ke sath inshan badal jate hai,
    Mgr ynha inshan kya bdla Sare ""HALAT"" hi bdal gye


    ©ashish_panwar

  • rebellioussoul 18w

    Intzaar

    Duniya ki bheed me chupa hai woh chehra, jise khwabo me dekh kar aksar hum muskuraye hai,,
    Dekhte hai kab didaar hoga unka, jinke liye bin Diwali bhi diye jalaye hai...
    ©rebellioussoul

  • rebellioussoul 18w

    Ziddi sa yeh dil sunta kaha hai ab, chahat rakhta bhi hai aur bayaan karta bhi nahi..

    ©rebellioussoul