#ghar

340 posts
  • xykon_noir 1w

    ज़माना ख़राब है

    देख कर मुझे दर्द में, तुम जो हंस पड़े हो xykon...
    "क्यों समझूं इंसान इसे, जब अपना नहीं तो है कौन?"
    यही सोचते हो अगर, तो सोच यह लाजवाब है...
    और तुम कहा करते हो, कि ज़माना ख़राब है!

    •••••••••••••••••••••••••••

    देख समृद्धि को जिसकी, हो तपन में गुम...
    हुए उसके संग बड़े हो खेल-पढ़ कर तुम...
    क्यों दुखी हो तुम, जो साथी क़ामयाब है!
    और तुम कहा करते हो, कि ज़माना ख़राब है!

    •••••••••••••••••••••••••••

    वो लड़की जिसके साथ, कल हो गई बदसलूकी,
    सब से कहा तुमने, "उसे न हिस थी आबरू की...
    बद्चलन है हर वो औरत, जो बेनक़ाब है!"
    और तुम कहा करते हो, कि ज़माना ख़राब है!

    •••••••••••••••••••••••••••

    कह "हरिजन" चल दिये थे, जिसकी तुम चौखट से,
    वो दिलाता मुक्ति सब को, काशी के पनघट पे...
    जाति, रंग, धर्मों का तुमने, अच्छा किया हिसाब है!
    और तुम कहा करते हो, कि ज़माना ख़राब है!

    •••••••••••••••••••••••••••

    घर जला कर आये हो, तुम जिस मुहाजिर का...
    रब तुम्हारा भी वही है, जो था काफ़िर का!
    माथे पर, न इक शिकन, न नयन में आब है!
    और तुम कहा करते हो, कि ज़माना ख़राब है!

    •••••••••••••••••••••••••••

    क्या कहोगे चित्रगुप्त से, न रहोगे जब?
    हैं फ़रिश्तों के ज़हन, करतब तुम्हारे सब...
    तुम को पर मालूम बेशक़, यह भी जवाब है!
    कह देना, "क्या करें, ज़माना ख़राब है!"

    ©xykon_noir

  • xykon_noir 2w

    दर-ए-दिल पर दस्तक, दे रहा ये कौन है!
    इश्क-ए-मजाज़ी में लिपटा, ये क्यों फ़िरौन है!
    क्या असर है, चाभियाँ ले, जो खड़े हैं हम!
    ये आ घुसा है, और न जाने, हम भी मौन हैं!

    बिन बुलाये ही सही, बस गया है अब जो ये!
    नुक्सान कर के जायेगा, जाने तलक जो ये!
    कर लें वसूल कुछ... बचेगा कुछ तो हाथ!
    किराये के तौर, क़ैद हो रोज़, इसकी झलक जो ये!

    ©xykon_noir

  • _purple_ 6w

    Ghosla

    Ek ghosle ki khwaish ne,
    Jane kitne sheher bhej diye.
    ©_purple_

  • ira_21 8w

    ऐसे शैतानी खेल देखे अपने ही आंगन में
    कि परायों की हैवानियत भी इंसानियत सी लगती हैं।

    ©ira_21

  • princehamdard 10w

    घर

    घर जो था पहले अब घर नही रहा हमदर्द
    उसमे भी सियासत के सदन लगने लगे है

    ©princehamdard

  • gumnam_adda 10w

    Diwali

    चमकती रोशनी मेँ जगमगाते हुए मकान
    क्या इसी को घर कहते है लोग...

    ©gumnam_adda

  • pikachoo04 12w

    Kayi dino ke baad maine ghar ki dahleez paar ki
    Toote huye khwabon ne phir se aawaz di ,...
    Hum apni kismat khud likhte hain .....
    Phir kyon khud ke liye doosron ke alfaz bikte hain..............
    ©pikachoo04

  • gumnam_adda 13w

    ilteza

    कुछ बातें हुई घर में जो अच्छी नहीं लगी
    करू किस से इल्तिजा कि हुआ क्या है

    ©gumnam_adda

  • shaabie 15w

    The places I have lived at,
    Live in me.
    .
    .

    This is an older one, but more relevant during these times- when the boundaries of what defines home is blurred. Is it where your work is, is it where your family is, is it where beloved stays, or is it where you are "caught up" right now? Probably, all of them? ��
    #hindi #ghar #home @hindiwriters @hindikavyasangam

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    घर

    शायद, वो चार दीवार,
    वो कवेलू की छत,
    हर जगह ही थी।
    शायद, वो घर का बिस्तर,
    अपना सा वो कोना,
    हर जगह ही था।
    शायद, वो ताक झाक करती,
    पत्तियों से छन के आती किरणें,
    और साथ देती शाखों की छाया,
    हर जगह ही थी।

    शायद, जिस जगह मैंने सांसे भरी,
    जिस जगह पाँव दीदार को ठहरे,
    हर उस जगह मैंने घर बसा लिया।

    शायद पूरा न सही,
    थोड़ा थोड़ा दिल,
    हर जगह दे दिया,
    थोड़ा थोड़ा घर,
    हर जगह बसा लिया।

    ©शाबी

  • aaditi_ 17w

    घर, घर नहीं होता।��
    #ghar
    #i_am_a_day_dreamer ��

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    घर

    घर, घर नहीं होता,
    पहली सीढ़ी होती है।
    इस जगत को देखने की,
    आशा भी यही सीढ़ी होती है।

    घर, घर नहीं होता,
    एक पाठशाला होती है।
    जहाँ सिखाया जाता है,
    की इस जगत में कैसे घूमना है।

    घर, घर नहीं होता,
    एक मंदिर होता है।
    जहाँ संस्कार सिखाने के लिए,
    भगवान की कहानी सुनाई जाती है।

    घर, घर नहीं होता,
    एक ऐसी जगह होती है।
    जहाँ लिंग में भेद,
    या ऊपर-नीचे वाले भेद नहीं होते।

    घर, घर नहीं होता,
    एक ड़ोर होती है।
    जो सुबह झगडे लोगों को,
    शाम के खाने के वक़्त पास लाती है।

    सही सुना,
    घर सिर्फ घर नहीं होता है,
    हमारी यादें होती है।
    जो बचपन से लेके आजतक,
    रुसवाई से लेके प्यार तक,
    हर बात खुदके अंदर रखती है।
    -आदिती शिंदे.

  • gullz_siddique 18w



    Hum kuch Ese ban Gaye hai k,
    Ghar ki zemeidariya ab,
    Humme nah tootne deti hai,
    Aur
    nah humme rootne deti hai...!!

    ©gullz_siddique

  • the_quote_queen 18w

    #lost #ghar #winters #bleak
    @mirakee @hindiwriters

    Picture Credit to the rightful owner

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    Jab aana nahi tha toh mil hi kyu gaya ?
    Jab mann lagna nahi tha...
    Toh lag hi kyu gaya ?
    Jab dil tootna hi tha ...
    Toh jud gaya ?
    Ye sawaalon ka hai ye kaise bhavar ...
    Ye andhero ka hai ye kaisa nagar ...
    Ki sau diye bhi kam pade ...
    Dhoondhne k liye ek laapata ghar!!!


    ©the_quote_queen

  • newbud 19w

    Ghar

    Jaha sukkon mile, jo dil me basta ho, jiski chat ki niche sab kuch apna ho, jise mai saja saku, a place where I can fly like a butterfly, har kona favourite ho, jaha na koi shikve ho na shikayat ho , jaisa bhi ho mera ho....
    ©newbud

  • sesame_ 19w

    @writersnetwork1
    Hoping you all guys watching this IPL season and cheering your fav team, but#GHAR SE��

    Do comment if you thoda sa bhi relate✌

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    Cricket is my religion
    Virat is my god
    And indeed, IPL is my favorite festival.
    I was brought up as a fan,
    Huge number of victory demands
    And the least were their watching remands.
    Bright was my future watching the night matches
    And dull were my eyes with all those untidy patches.
    Loud was my roar on every cover drive,
    But then, there was always a remote fight.
    Mumma had her serials
    Sissy had boring Big bang
    Pa did supported
    And we finally were rewarded
    With all those
    Helicopter shots, cover drives, sweeps and pulls.
    Indeed it's a hard phase
    But we cricket fans will support in all of these corona days.
    ©shruti5212

  • akash_rajendra 20w

    बाहेर पाऊस पडत असताना
    मी घरात असतो,

    सौमित्राने शब्दबद्ध केलेला
    मिलिंदच्या आवाजातील
    गारवा ऐकतो.....

    मी देखील ओलाचिंब होतो
    बाहेर पाऊस पडत असताना

    # akash____rajendra

  • akash_rajendra 20w

    उंबरठा आशेने वाट पाहत उभा राहतो
    कोणीतरी परतुन येईल घरी सांजवेळी
    # akash___rajendra

  • harshitrai 20w

    शहर

    शांति की तलाश खींच लायी यहा,
    शहर में सपनों का शोर बहुत है।
    ©harshitrai

  • ravi_shukla1 21w

    मां के हाथ की दाल नहीं मिलती,
    पापा की डांट नहीं मिलती,
    जल्दी सोने की नसीहत नहीं मिलती,
    नहीं रहना मुझे ऐसे महलों में,
    जहां घर की मिट्टी की खुशबू नहीं मिलती,
    ©ravi_shukla1

  • anshikasinha_ 21w

    परछाई

    इस बारिश ने भी एक धुंधली सी झलक लाई है,
    सन्नाटे ने भी एक गूंजती हुई आवाज़ सुनाई है,
    कहने को तो बहुत दूर है वो मुझसे लेकिन,
    मेरे खाली घर ने भी मुझे उसकी एक परछाई दिखाई है।।।
    ©anshikasinha_

  • vakilankita 38w

    Lockdown

    Kabhi kabhi ro ne ko bahut mann karta hai
    toh kabhi kabhi kisi ko zor se gale milne ki chahat.

    Hum sab iss ghar mein bandh apnein ek naye safar shuru kar rahein hain,

    Koi apne gharwalo se durr hogaye hain toh koi apno ke bahut paas aa gaye hain.

    Yeh zindagi kya rukh le rahi hai, yeh shayad hi koi samajh paye;
    Koi sote sote kisi ko rula raha hai toh koi naa sote hue kisi ko zindagi de hasaa raha hai.

    Yeh zindagi haaye tu kahan jaa rahi hai?

    Hum toh bas iss safar mein sabka pyaar chahte hai,
    Par zindagi tu toh bas humse khelna janti hai.

    Aab toh kabhi kabhi hassi ki awaaz sunnai deti hai,
    Iss diwaaron mein chupa bacchpan dikhai deti hai.
    ©vakilankita