#heshe

1023 posts
  • ravi_joshi 2w

    What makes you feel happy after tiring day at office?

    Her picture in ethnic ❤️

    ©ravi_joshi

  • lifeistooochota 2w

    Wo big boss dekhne wala
    Ma Taarak Mehta ka ooltah chashma dekhne wale

    Wo roast videos dekhne wala
    Ma Instagram reels dekhne wale

    Wo pizza khane wala
    Ma aloo paratha khane wale

    Wo cappuccino wala
    Ma tapri ki chai wale

    Wo Gucci ke kapde pehne wala
    Ma pyjamas pehne wale

    Wo rap sune wala
    Ma Gulzar ki poetry sune wale

    Wo Netflix subscription wala
    Ma telegram wale

    Wo har cheez online kharidne wala
    Ma local dukan sa bargaining karne wale

    Wo suba jalde uthne wala
    Ma rat ma ullu ki tarah jagne wale

    Wo football dekhne wala
    Ma ipl dekhne wale

    ©lifeistooochota

  • appyfizzz 5w

    So much?

    He loves her so much
    that he's destroying himself.
    If he's destroyed,
    then whom will she love?

    ©appyfizzz

  • lifeistooochota 8w

    He - yaar bhul ja usa
    She - koi dress hame pasand aye per kuch vajah sa ham kharid nahi paye per jab bhi ham koi naya dress koi dukan ma ya kahe dekhte hai wo dress ata hai ya nahi hamare dimag ma ? Kya dress tha vaisa he mil jaye to
    He - ha ayega
    She - jab ek dress ko ham nahi bhul sakhte dimag ma hai hamare to ek insan ko kaise bhul sakhte jab wo dil dimag ma hai hamare ?

    ©lifeistooochota

  • yours_fortune 19w

    He :- Good morning beautiful ❤️
    She :- Good morning my box of happiness, you're the reason I look for another day
    He :- You are the reason I like smiles
    She :- That's the reason I never lose my hope
    He :- You define the word hope for me babe❤️

    @the.black_quote

  • selcouthhippie 25w

    Artistic Amour!

    Sometimes he read me like poetry.
    Another moment like prose.
    The magic of phrases unveils my olive skins, tenderly igniting sensitivities like mystic falls.
    He wields the metaphor of reverence by the last lines, just to leave me breathless.
    I, thereby, contain my fondness like unrekvised odes, only to be disguised over time.
    Whilst I fawn over his art, he like a hedonist allures my existence.
    And maybe, that's what matters.
    And possibly, that's why.
    *Sometimes, love is love*
    You prefer no mending in it.

    ©selcouthhippie

  • selcouthhippie 25w

    POISE

    What are you looking for? He murmured
    A damaged art.
    A flawed soul.
    Something that is surprisingly apathetic.
    Someone who reeks of love.
    Someone who isn't YOU! - She reverted

    ©selcouthhippie

  • leena_afsha_ishrot 27w

    2️⃣ 7️⃣ - 8️⃣ - 2️⃣ 0️⃣ 2️⃣ 0️⃣ 9️⃣ : 1️⃣ 0️⃣ p.m.
    #leena_unsaidwords #pod #love #loss #mirage #echo #heshe @mirakee @writersnetwork @readwriteunite @mirakeeworld

    Read More

    Despite knowing you aren't mine
    Why my heart echoes your name?
    Why I feel you beside me?
    Maybe I live with a mirage of you
    My heart beat increases, when I miss you
    As if I can touch your crimson cheek
    Above all, I am grateful to you
    For leaving me in darkness,
    In a hundred different ways, you had detached
    Yet every time I stitch our thread
    But this time I ain't take step forward for entrance
    ©leena_afsha_ishrot

  • cutesoulwriter 27w

    Unconfessed love

    "What is your current wish?"
    "Gazing at sky, just like this." The grip was tight this time and there was a string connection.

    "And..."
    "And, what?" She winked

    "And, one more wish"

    "To get drunk with you"

    "Why so?"

    "To confess my unconfessed love. To share everything with you, about YOU"
    ©cutesoulwriter

  • riyajangra 27w

    हम

    मेरी खवाहिशों की सरज़मीं, मेरे आसमां-से हम!
    शज़र पर बैठे परिंदे के खुशहाल आशियां-से हम!

    राज़ छिपे हैं जो दिलों में, उन्हे राज़ ही रहने दो
    जमाने की इस झूठी यारी में, असल राज़-दां से हम!

    छुपा कर हर शख्स से सोचा है जिसे हर दफा
    सदियों से कही नहीं मोहब्बत की दासताँ-से हम!

    इश्क़, इकरार, इज़हार, इबादत, सब था जब
    चाहतों से मुक़्क़मल उसी वक़्त बेईमां-से हम!

    तुम साथ हो मेरे हर पल फिर भी यकीं नहीं आता
    बार बार आंखें मल कर देखूं उस इम्तिहां-से हम!

    होती है असल हुस्न की तौहीन इस जमाने में
    भीड़ से हटकर चलते दुनिया के कारवां से हम!

    इन काली रातों की खामोशी में साथ में खो जाते हैं
    गुमशुदा हयात में सुकून ढूंढते कहकशाँ से हम!

    फूल खिलने से पहले ही मुरझा जाते हैं जहाँ
    जाम पी चुके हैं खुशी-खुशी उस बोस्तां से हम!

    खामोश रहकर भी अक्सर लोग कह जाते हैं सब कुछ
    हुनर सीख ही ना पाए ऐसा इस खफा जहां से हम!

    ©riyajangra

  • soulinwriter 28w

    Am I the only one you narrated before?
    Am I the only one you always wated for?

    ©Ahd

  • herwrites67 31w

    Video call!!!

    Video calls were only rescue,
    As both were able to see each other,
    Virtual dates were planned by not
    so romantic girl,
    Sometimes she just stare him on video calls
    until he says "Bol kuch, kya dekhe ja rhi hai? "
    To which she simply smiles and says " Kuch
    nahi, bs dekh rhi thi"
    As this is her only way to say I miss you
    so much but love you way more than that
    My partner❤

    ©herwrites67

  • soulinwriter 33w

    ©Ahd

  • soulinwriter 34w

    I was a poem.
    But He loved pubg,
    So I became
    No. 1, 2, 3, 4 for him.
    ©Ahd

  • soulinwriter 34w

    He was a poetry.

    But
    I loved stories.

    ©Ahd

  • riyajangra 35w

    नज़्म

    माना मैने चांद से भी खूबसुरत तुम्हारी सूरत होगी
    माना तेरी इस सूरत से लाखों को मोहब्बत होगी!

    तेरे दीवानों का हिसाब मुझे कैसे होगा भला
    फक़त इतना पता है सबसे ज्यादा मेरी चाहत होगी!

    अब तो कई बरस गुज़ार दिये हैं तुझको देखे बगैर
    इसी जनम में किसी रोज़ तुझसे दूर हुए मुद्दत होगी!

    सम्भल कर रहना ओ जानेमन अपने दीवानों के बीच
    तेरी खातिर एक दिन तेरे आशिक़ों में बगावत होगी!

    कौन से दिन नयी कब्र नही खुदती इस बस्ती में
    एक ना एक दिन तो यहाँ भी जरूर क़यामत होगी!

    हर कदम पर दोस्त से ज्यादा दुश्मन हैं यहाँ
    इस ज़माने को तुझसे भी कुछ तो शिकायत होगी!

    सब अपने अपने सितम से अज़ाब हैं इस नगरी में
    भूल जाते हैं कि किसी अपने को भी अज़्ज़ियत होगी!

    किसी की भी परवाह नहीं करता यहाँ कोई भी
    अपनों की जान से ज्यादा कीमती यहाँ दौलत होगी!

    आया हूँ कई दफा तेरे शहर में तेरे हुस्न के दीदार को
    शायद हर बार मुझसे नज़रें चुराना तेरी आदत होगी!

    चाहत है दिल में एक शाम तेरे पहलू में बिताने की
    समझ जाती हूँ हर बार कि कहाँ तेरे पास फुर्सत होगी!

    फिराक़-ए-यार में दिल पर जाने क्या क्या गुजरी
    चांद सा है तू, आशिक़ों को तड़पाना तेरी भी फितरत होगी!

    ©riyajangra

  • riyajangra 36w

    You've always loved me

    In this dark and young night
    Sitting in the lap of these stars
    I've been wondering about you.
    How come you've never told me.
    That you've always loved me.

    Deeply being in love with you
    I never gave up on you.
    I didn't know you're going
    to come back. And tell me
    That you've always loved me.

    I knew you had something to say,
    I knew you weren't ready to leave me,
    I knew you've always cared about me.
    Now I condemn myself of not being aware,
    That you've always loved me.

    We have had our reasons for sure
    We respected each other's decision.
    But we were never happy.
    Always thinking about you, I never realized,
    That you've always loved me.

    Now that you're here with me,
    Having the best times together,
    And making the most beautiful memories.
    Now I'll never let you go 'cause I know,
    That you've always loved me.

    ©riyajangra

  • riyajangra 37w



    एक किस्सा है जो इस जहां को बतलाना है
    एक हिस्सा है उसका जो हर शख्स से छुपाना है!
    राज़ है एक शख्सीयत, राज़ है ये कहानी
    तन्हा थी, तन्हा हूँ; ये तो सिर्फ एक बहाना है!
    खुद से भी नहीं करती मै बयां कभी अपना दर्द
    हर अच्छी बुरी नज़र से बचाया मैने ये अफसाना है!
    मोहब्बत का ज़िक्र होता है गर किसी महफिल में
    समझ गयी हूँ अब कि बस ज़रा सा मुस्काना है!

    यकीं ही ना कर पायी किसी पर, तेरे जाने के बाद
    ये नया शहर है, यहाँ हर कोई लगता बेगाना है!
    उड़ता फिरता है आज भी उन्ही पुरानी गलियों में
    लाख बार रोका क्या करुँ ये दिल भी मस्ताना है!
    आंखों से जो नशा किया था वो किसी जाम में नही
    ना जाने किस काम का भला ये मयखाना है!
    मानती हूँ मुक्कमल नहीँ होगा कभी इश्क़ हमारा
    पर ये मसला अभी मुझे खुद को समझाना है!
    बिखरी ही नहीं मैं आज तक कभी तेरे मुंताज़ीर से
    ये झूठ नहीं सच है, इस पूरे जहां को दिखाना है!

    बहुत दिन गुजार दिये हैं अब तो इस शहर में
    पर किसी से मुलाक़ात को हुआ एक ज़माना है!
    चलो आज जरा बाहर निकल कर देखा जाए
    सुना है यहाँ तो ये पूरा शहर ही तेरा दीवाना है!
    दीदार हो कभी तो तेरी तबस्सुम से फर्क़ ना पड़े
    कुछ ऐसा मिज़ाज मुझे इस दिल को सिखाना है!
    कह दो चांद से छिप जाए फिर कहीं बादलों में
    अभी तो इन आशिक़ों को थोड़ा और तड़पाना है!

    ©riyajangra

  • riyajangra 40w

    खफा क्यूँ होना

    दिल का नाता बांधा था जिनसे हर दफा
    बरसों के उस प्यार से खफा क्यूँ होना!

    लफ्जों के बिना ही अक्सर हो जाता था जो
    नज़रों के उस इज़हार से खफा क्यूँ होना!

    माना रकीब है ये ज़माना भी तेरी खुशी से
    फिर भी इस खफा संसार से खफा क्यूँ होना!

    चाहे लाख खोट हों, है तो तेरा दोस्त ही
    इश्क़ के उस इक़रार से खफा क्यूँ होना!

    हर पल चाहने का वादा कर एक पल में छोड़ दिया
    अपने ही उस इतर ऐतबार से खफा क्यूँ होना!

    किया था हर घड़ी जो तेरे लौट आने की उम्मीद में
    फक़त दिल के उस इन्तज़ार से खफा क्यूँ होना!

    गले लगाकर ही कत्ल कर दिया था तुमने तो मेरा
    तुम्हारे उस रंगीन हथियार से खफा क्यूं होना!

    अपने रहे जो दोस्त मुसीबत के चार दिन
    अपने उन बड़े दिलदार से खफा क्यूँ होना!

    गुजार दिये हैं कई दिन मैने अब तो तेरे बगैर
    समय की इस रफ्तार से खफा क्यूँ होना!

    मुझे क्या लेना तूं खफा है या खुश मुझसे
    कुछ भी हो, अपने उस यार से खफा क्यूँ होना!

    ©riyajangra

  • when_d_writes 40w

    Her last breaths

    During her last couple of breaths
    She said,"Thanks for marrying me"
    For handling my pain
    For holding my tears in the sea
    For blooming flowers in my face
    For making my life a spree
    For accepting my scars
    For setting me free
    For being the best
    For staying without guarantee
    For fulfilling my wishes
    For saying always that, "I agree"
    Baby smile
    Because maybe not physically but I am always holding your soul whenever you see.

    ©when_d_writes