#hindii

5702 posts
  • amitsingh____ 15h

    कट जायेगा

    इतना साफमन तू ना समझ दुनिया को.....
    तेरा "कट जायेगा"और तुझे पता भी नहीं चलेगा!!


    ©amitsingh____

  • shobharani 21h

    #hindii #mirakee #stree #pinterest
    स्त्री हूं मैं..
    गर्व है मुझे कि स्त्री हूं मैं..
    मेरा स्त्रीत्व मेरी कमजोरी नही...
    अपितु मेरी ताकत का आधार है...
    मेरा स्त्रैण ही मेरा असली श्रृंगार है...
    जिसके आगे साजो-सज्जा निराधार है...
    सृजन, पोषण, परिवर्तन...
    मैं सृष्टि के हर कला में दक्ष हूं..
    ये दक्षता ही धरोहर है मेरी..

    Read More

    स्त्री हूं मैं..
    गर्व है मुझे कि स्त्री हूं मैं..
    मेरा स्त्रीत्व मेरी कमजोरी नही...
    अपितु मेरी ताकत का आधार है...
    मेरा स्त्रैण ही मेरा असली श्रृंगार है...
    जिसके आगे साजो-सज्जा निराधार है...
    सृजन, पोषण, परिवर्तन...
    मैं सृष्टि के हर कला में दक्ष हूं..
    ये दक्षता ही धरोहर है मेरी..
    ©shobharani

  • shobharani 1d

    #love #hindii #mirakee #pinterest #poetry
    रिश्ते अनमोल होते हैं..
    उसे निभाये जाते हैं दिल से...
    उसे सहेजे जाते हैं पुरी शिद्दत से...
    पर कुछ लोगों ने अब मायने ही बदल दिए हैं रिश्तों के...
    महज खेलने की चीज रह गई है अब रिश्ते उनके लिए...
    जी भर के खेल लिए..
    और मन भरते ही रिश्तों से दूरी बना लिए...!!

    Read More

    रिश्ते अनमोल होते हैं..
    उसे निभाये जाते हैं दिल से...
    उसे सहेजे जाते हैं पुरी शिद्दत से...
    पर कुछ लोगों ने अब मायने ही बदल दिए हैं रिश्तों के...
    महज खेलने की चीज रह गई है अब रिश्ते उनके लिए...
    जी भर के खेल लिए..
    और मन भरते ही रिश्तों से दूरी बना लिए...!!
    ©shobharani

  • anita_sudhir 2d

    #Hindinama#hindiwriters#mirakee
    #hindilekhan#tod_wt
    #mirakee#hindi_panktiyaan#writerstolli#hindii
    #Hindiwriters#hind


    सूर्यमुखी की मंजरी,लिए प्रेम का रंग।
    खिले सूर्य के साथ ही,देख मनुज है दंग।।

    सूर्यमुखी की प्रीत भी,जैसे चाँद चकोर।
    आस लगाए रात भर,कब आएगी भोर।।

    सूर्यमुखी के पौध की,बड़ी निराली बात।
    औषध गुण भंडार भर,रखे बीज जड़ पात ।।

    ऊर्जा के संचार का ,पीला रंग प्रतीक।
    सूर्यमुखी का पुष्प भी,देता अर्थ सटीक।।


    ©anita_sudhir

    Read More

    सूर्य मुखी

    सूर्यमुखी की प्रीत भी,जैसे चाँद चकोर।
    आस लगाए रात भर,कब आएगी भोर।।

    ©anita_sudhir

  • shobharani 2d

    खामोशी की भी अपनी ही एक कहानी है...
    बेआवाज हो कर भी अल्फाजों के समुन्दर को समाये हुए...
    न जाने ये आँखें अपनी गहराई में कैसे-कैसे जज्बात छुपाये रखती है...
    जुबान से कुछ न कह कर भी ..
    न जाने कितने अनकहे लफ्ज कह जाती है..!!
    ©shobharani

  • anita_sudhir 3d

    स्वास्थ्य

    दोहावली

    तन साधन है कर्म का,मिला हमें उपहार।
    स्वास्थ्य पूंजी जान कर,शुद्ध रखें आचार।।

    स्वास्थ्य सुख की चाह में,मची योग की धूम।।
    गर्व विरासत पर हमें,भारत माटी चूम ।

    सूर्य किरण सँग जागिये,करिये आसन योग।
    प्रकृति चिकित्सा खुद करे,उत्तम जीवन भोग।।

    योग साधना चक्र की,मन हो मूलाधार।
    स्वास्थ्य मन का श्रेष्ठतम, यही धर्म आधार।।

    अग्नि तत्व मणिपुर सधे,योग साधना तंत्र।
    साधक मन को साधते,जपें सूर्य के मंत्र ।।

    करते प्रतिदिन योग जो ,रहें रोग से दूर।
    श्वासों के इस चक्र से,मुख पर आए नूर ।।

    आसन बारह जो करे,होता बुद्धि निखार ।
    सूर्य नमन से हो रहा ,ऊर्जा का संचार ।।

    पद्मासन में बैठ कर ,रहिये ख़ाली पेट।
    चित्त शुद्ध अरु शाँत कर,करें स्वयं से भेंट।।

    ओम मंत्र के जाप से ,होते दूर विकार।
    तन अरु मन को साधता,बढ़े रक्त संचार।।


    अनिता सुधीर आख्या
    ©anita_sudhir

  • shobharani 3d

    #hindii #love #poetry #mirakee #pinterest

    बडी़ अजब सी कसमकस में हूँ मैं...
    न जाने कहाँ खो कर, खुद को...
    खुद की ही तलाश में हूँ मैं
    खो दिया पतवार कहीं..
    फंसी बीच मझदार में हूँ मैं...
    ढूंढे भी न मिले...
    न इस पार हूँ न उस पार हूँ मैं...

    Read More

    बडी़ अजब सी कसमकस में हूँ मैं...
    न जाने कहाँ खो कर, खुद को...
    खुद की ही तलाश में हूँ मैं
    खो दिया पतवार कहीं..
    फंसी बीच मझदार में हूँ मैं...
    ढूंढे भी न मिले...
    न इस पार हूँ न उस पार हूँ मैं...
    ©shobharani

  • shobharani 4d

    #hindii #mirakee #pinterest #love
    एक बार ...
    बस एक बार....
    तुमसे रूबरू होने की चाहत है...
    इसलिए नही कि..
    तेरी कोई जुस्तजू है मुझे...
    बस देखना है,
    होकर तुझसे रूबरू....
    क्या है कैफियत तेरी....
    होकर मुझसे यूं बेराब्ता...!!

    Read More

    एक बार ...
    बस एक बार....
    तुमसे रूबरू होने की चाहत है...
    इसलिए नही कि..
    तेरी कोई जुस्तजू है मुझे...
    बस देखना है,
    होकर तुझसे रूबरू....
    क्या है कैफियत तेरी....
    होकर मुझसे यूं बेराब्ता...!!
    ©shobharani

  • shobharani 1w

    #mirakee #hindii #pinterest

    आज के इस पुरूष प्रधान समाज में स्त्रियाँ हर पल हर लम्हा अपनी एक अलग पहचान बनाने की जद्दोजहद में एक नई लडा़ई लड़ रही है..
    फिर वो लडा़ई किसी अपने से हो किसी गैर से हो या फिर खुद से ही क्यो न हो, लडा़ई जारी ही है..
    ऐसे में एक त्रासदी झेलती है स्त्री जब उसे लड़ना होता है, समाज के कुछ असमाजिक तत्वों के हैवानियत और वासना से भरी गन्दी नजरों का...
    किसी नारकीय स्थिति से कम नही होते वो पल , जब वो खुद पर महसुस करती है किसी के गिद्ध दृष्टी के स्पर्श का...
    इस जहर को रोज पीती हैं स्त्रियाँ..
    कभी आक्रोषित हो जाती हैं तो कभी मौन रह जाती है...
    इन "कुछ" की वजह से किसी पर यकिन कर पाने या न कर पाने की असमंजस की लडा़ई लड़ती है स्त्रियाँ..

    Read More

    आज के इस पुरूष प्रधान समाज में स्त्रियाँ हर पल हर लम्हा अपनी एक अलग पहचान बनाने की जद्दोजहद में एक नई लडा़ई लड़ रही है..
    फिर वो लडा़ई किसी अपने से हो किसी गैर से हो या फिर खुद से ही क्यो न हो, लडा़ई जारी ही है..
    ऐसे में एक त्रासदी झेलती है स्त्री जब उसे लड़ना होता है, समाज के कुछ असमाजिक तत्वों के हैवानियत और वासना से भरी गन्दी नजरों का...
    किसी नारकीय स्थिति से कम नही होते वो पल , जब वो खुद पर महसुस करती है किसी के गिद्ध दृष्टी के स्पर्श का...
    इस जहर को रोज पीती हैं स्त्रियाँ..
    कभी आक्रोषित हो जाती हैं तो कभी मौन रह जाती है...
    इन "कुछ" की वजह से किसी पर यकिन कर पाने या न कर पाने की असमंजस की लडा़ई लड़ती है स्त्रियाँ..
    ©shobharani

  • shobharani 1w

    #mirakee #hindii #writeup
    कुछ बातें ऐसी भी होती हैं,
    जिन्हे हम कभी किसी से बोल नही पाते..
    और वो हमारे दिल में ही दबी रह जाती हैं...
    और वो ही खामोश बातें हमारे अन्दर बहुत शोर मचाती हैं...

    Read More

    कुछ बातें ऐसी भी होती हैं,
    जिन्हे हम कभी किसी से बोल नही पाते..
    और वो हमारे दिल में ही दबी रह जाती हैं...
    और वो ही खामोश बातें हमारे अन्दर बहुत शोर मचाती हैं...
    ©shobharani

  • lalitjoshi 2w

    ऐसा सौदा किया हज़ार दफा,
    अपना सब कुछ लुटा दिया हमने,
    सारे घाटों पे हक जमा अपना,
    फ़ायदा उनको दे दिया हमने ।
    इश्क उनको हुआ जो गैरों से,
    अपना दिल ही बदल लिया हमने।
    जिस गली थी कभी बसर अपनी,
    उससे रस्ता बदल लिया हमने।
    सब तो गुलशन से फूल लेके चले,
    एक जो कांटा था ले लिया हमने।
    जब न चल पाया ज़ोर औरों पर,
    क़त्ल ख़ुद ही का कर लिया हमने।

    ©lalitjoshi

  • amitsingh____ 2w

    झंडा

    झंडा मेरा नैतिकता का प्रतीक,
    किन्तु कार्य "मेरे" सभी अनैतिक !!!

    ©amitsingh____

  • anita_sudhir 3w

    चित्रण

    प्रेम और बेरोजगारी

    बाली उमरिया देखिए, लगा प्रेम का रोग ।
    साथ चाहिए छोकरी,नहीं नौकरी योग ।।

    रखते खाली जेब हैं,कैसे दें उपहार।
    प्रेम दिवस भी आ गया,चढ़ता तेज बुखार।।

    दिया नहीं उपहार जो,कहीं न जाये रूठ।
    रोजगार तो है नहीं,उससे बोला झूठ ।।

    स्वप्न दिखाए थे उसे,ले आऊँगा चाँद ।
    अब भीगी बिल्ली बने,छुप जाऊँ क्या माँद।।

    साथ छोड़ते दोस्त भी,देते नहीं उधार ।
    जुगत भिड़ानी कौन सी,आता नहीं विचार।।

    भोली भाली माँ रही,पूछे नहीं सवाल ।
    बात बात पर रार है, करते पिता बवाल।।

    नहीं दिया उपहार जो,साथ गया यदि छूट।
    लिए अस्त्र तब चल पड़े,करनी है कुछ लूट।

    मातु पिता का मान अब ,सरेआम नीलाम।
    आये ऐसे दिन नहीं,थामो प्रेम लगाम ।।

    रोजगार अरु प्रेम में,सदा रहे ये तथ्य ।
    दोनों का ही साथ हो ,जीवन सुंदर कथ्य ।।

    ©anita_sudhir

  • prakhu_13 4w

    .

  • anita_sudhir 4w

    षड़यंत्र

    आज विदेशी ताकतें, खूब रचें षड़यंत्र।
    सत्य झूठ के फेर में,घूम रहा जनतंत्र।।

    तर्क बुद्धि रख ताक पर,रचते रहे कुचक्र।
    राजनीति हित साधती,चाल सदा से वक्र।।

    दूध धुला अब कौन है,लगा मुखौटे आज।
    खेल खेल षड्यंत्र का,चाह रहे सब ताज।।

    पासे शकुनी फेंकता,फँसते पक्ष विपक्ष।
    कब तक का षड्यंत्र है,प्रश्न पूछते यक्ष।।

    राजनीति के क्षेत्र में,घुट घुट मरता साँच ।
    खबर बिके बाजार में,करें तीन अरु पाँच।।

    अनिता सुधीर
    ©anita_sudhir

  • anita_sudhir 4w

    बजट

    भानुमती का खोल पिटारा
    बाहर आया जिन्न

    नचा रहे हैं बड़े मदारी
    नाचें छम छम लोग
    तर्क पहनता नूतन चोला
    कहता उत्तम योग
    वायुयान में बैठ विपक्षी
    आज हुए हैं खिन्न।।
    बाहर आया जिन्न

    दाल गलाए जनता कैसे
    नायलॉन का मेल
    टुकुर टुकुर वो बगले झाँके
    रहे आँकड़े खेल
    सोच रहे हैं अमुक फलाने
    स्वप्न हुए अब छिन्न।।
    बाहर आया जिन्न

    अर्थ पड़ा बीमार कभी से
    कबसे रहा कराह
    बाजार उछलता जोरों से
    लाया नया उछाह
    सत्य झूठ आपस में लड़ते
    बुद्धि रखें हैं भिन्न।।
    बाहर आया जिन्न

    अनिता सुधीर आख्या
    ©anita_sudhir

  • amitsingh____ 9w

    वाह

    पैदल बंदा, मारुति देख कर वाह कहता है ।
    और मारुति का बंदा....
    रॉल्स रॉयस देख कर वाह कहता है ।।

    ©amitsingh____

  • amitsingh____ 9w

    धमाका और तमाशा

    धमाका और तमाशा सबको पसंद है.....
    बशर्ते, वो खुद के घर में ना हुए हों !!!!

    ©amitsingh____

  • eternal_desire 12w

    काला चाँद

    आज‌ चाँद काला क्यूँ दिख रहा है मुझे।
    सराय में बैठ ख्वाबों से बात करता मैं आज,
    हर सराय पर ताला क्यूँ दिख रहा है मुझे।
    जो कातिल के नाम से मशहूर है ज़माने में,
    वो मेरा रखवाला क्यूँ दिख रहा है मुझे।
    सोच रहा था पूरा सफर तय कर डालूँगा आज,
    मगर ये क्या!
    अपने पैर पर छाला क्यूँ दिख रहा है मुझे।
    आज‌ चाँद काला क्यूँ दिख रहा है मुझे।
    ©eternal_desire

  • amitsingh____ 12w

    किसान

    एक तरफ "किसान" खड़ा था.....
    दूजी ओर खाखी वर्दी में "किसान का बेटा" !!!!


    ©amitsingh____