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  • an_merciful_friend 8w

    घर और २०२०

    अर्ज़ किया है..

    जिस साल की हम आज बात कर रहे है और जो अब एक बीता हुआ कल बन चुका है जैसे कि चांद की रोशनी में भी अंधेरों का साया, वह साल है २०२०।

    जिस पुराने घर को काफी मरम्मत लगी हो, पर फिर भी जिससे हम सबकी बहुत सी यादें जुड़ी हो और आज के आखरी दिन जिससे अलविदा कहने का वक़्त है आया, वह अपना घर पुराना है २०२०।

    बीती हुई जिस याद में जहां घर की छत के नीचे हमें अपनों का समय और साथ मिल पाया तो वहां कोई अपने अपनों को ठीक से आखरी लफ्ज़ भी नहीं कह पाया, जहां किसीने अपनी जगहों को बेघरों का आसरा बनाया वहां जिस बीती यादों के सफर में किसीने किसीके दिल को अपना घर है बनाया, वह मन की अलमारी में बंध हो चुकी बीती हुई याद है २०२०।

    जो साल गुज़र चुका उसकी बातें तो होगई, अब चलिए देखते है कि जो साल आनेवाला है उसमें क्या होगा...

    अरे अरे परेशान मत होइए, आपके और मेरे दोनों के लिए ये सरप्राइज है और वो सरप्राइज ही रहेगा।

    यह जो पल है जिसमें आनेवाला कल हमारा आज होजाएगा, वो वह रास्ता है जो हम सब पुराने घर से नए घर जाने के लिए काटते है, बांटते है और खासकर के जीते है क्योंकि यह रास्ता पलक झपकते ही गुज़र जाता है।

    इसलिए और देर ना करके मेरा जिस नए घर में आपका स्वागत करने का मौका है आया, वह नया घर है २०२१।।

    WISHING YOU AND YOUR FAMILY A WONDERFUL, HAPPY, HEALTHY, POSITIVE AND PROSPEROUS NEW YEAR OF 2021 ✨

    ©an_merciful_friend

  • an_merciful_friend 10w

    शोर और सन्नाटा

    _*कभी कहीं.. कहीं कभी*_

    जहां शोर है *मन में खयालों* का, वहां *ज़ुबान की आवाज़* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है *रास्तों पर गाड़ियों* का, वहां घर की चार दिवारी में *जल रही रोशनी* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है दोस्तों के साथ खेलते हुए *दिल से निकली हसी* का, वहां *दिल के दर्द से सजे आंसु* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है *दिल की धड़कनों* का, वहां *तेज़ सांसों* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है *उमंगे और रोशनी* का, वहां *दुःख और अंधेरों* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है *आत्मविश्वास और भरोसे* का, वहां *पछतावे और बुरी सोच* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है *शांति और सुकून* का, वहां *क्रोध और टकराव* का है सन्नाटा।

    जहां शोर है *कुछ पूरी होती बातों* का, वहां *कुछ अधूरी रह जाती कहानियों* का है सन्नाटा।

    इस आखरी पंक्ति के जैसे ही मेरी ये "शोर और सन्नाटा" की कहानी *पूरी होकर भी अधूरी* है।

    हम सब की कहानी भी कुछ ऐसी ही है कि *पिछले कल* में ये पूरी है, *आज* इस कहानी का रहना जरूरी है क्योंकि *आनेवाले कल* के लिए ये अधूरी है।

    इसलिए मेरी बात को यहां पूरी करके में आपसे पूछना चाहता हूं कि *आप अपनी "शोर और सन्नाटा" की कहानी में वह कोनसी एक पंक्ति लिखते* ?

    अगर हो सके तो *ज़रूर बताना* और मेरी यह नई कविता *कैसी लगी* यह भी कहते जाना।

    _*आपको मेरी तरफ से शुभ दिन, शुभ रात्रि और बस अपना खयाल रखना।।*_

    ©an_merciful_friend

  • ruminatingrini 12w

    As above, so below
    I don’t ever wanna feel so hollow

    ©ruminatingrini

  • ruminatingrini 12w

    Surface

    Hello
    It’s so good to see you again
    To see the sun, to breathe some air

    It has been a long time since then
    I thought I’d never return here again

    It feels like forever
    Suffocating in the cold
    Blinded by the darknes

    I hope never to return again
    I’m finally above the surface

    ©ruminatingrini

  • an_merciful_friend 15w

    नमस्ते आप को

    आशा है कि आपके वहां सब खैरियत है।

    फुलझड़ी और आतिशबाज़ी के साथ मेरी मन की बातों का नज़राना फिर एक बार लेकर आया हुं।

    अर्ज़ किया है..

    जहां इस साल *होली* पर ना रंगों का मेल, ना *जन्माष्टमी* पर मटकीफोड का खेल और ना *नवरात्रि* पर रास - गरबा का तालमेल हो पाया, वहां जिस त्योहार के आने की खुशी ने घर के आंगन के साथ लोगों के अंतर्मन से लेकर उनकी आंखों की भी चमक ✨ को है बढ़ाया, वह है _*दिवाली*_।

    मिटी नहीं है वजह अभी भी कई महीनों के लोकडाउन की, लेकिन फिर भी जिस *पावनपर्व* ने दिया है होंसले से भरा एक मौका अपने चाहनेवालों से मिलने का, कहीं दूर बेठे अपनों से फिर जुड़ने का, और साथ मिलकर अपने सुनेपन के उस भाव को कम करने का जिस *रोशनी भरे अवसर* ने उत्साह है दिलाया, वह है _*दिवाली*_।

    जिस उत्सव की बातें अधूरी है नमकीन और मिठाइयों के बिना, जिसमें बन रहे है कहीं *लड्डु और चिवडा* तो कहीं *चकरी और शकरपारा*.......बस बस, अगर सारे नाम यहीं सुन लोगे तो हो सकता है कि आपके वहां कोई दूसरा ना खा जाए सारा खाना और फिर जिस शुभ दिन पर आप कहते ही रह जाओ कि, "क्या यार, थोड़ा मेरे लिए तुने क्यूं नहीं है बचाया?", वह है _*दिवाली*_।

    आपको मेरी ये बातें अच्छी लगती है तो इसका मतलब में अच्छा हुं ही पर आप बहुत अच्छे हो, इसलिए अगर आप इस कविता के बारे में या फिर यूंही कुछ अपने मन की बात ज़ाहिर करना चाहो तो ज़रूर कहना, आज जिस पवित्र घड़ी पर आप से बस यही था कहने आया, वह है _*दिवाली*_।।

    _*Wishing you and your family, A Very Happy and Prosperous Diwali*_

    द्वारा लिखित: दोस्त उर्फ _*अंकित महेता*_ ❤️

    ©an_merciful_friend

  • iamsatyajitrout 17w

    Life

    It wouldn't be easy...
    Some days would seem hard...
    Sometimes it seems impossible...
    Sometimes it seems better to give up than trying hard...
    But
    The truth is
    That is exactly the process...
    The path we choose...
    The route to evolving...
    There is no easy way through the process...
    No simpler path to be taken...
    Yes you will overcome...
    Yes you will be risen again...
    Will be more mature when time would come...
    You will be more than just ok...
    That's the life wants us to be like...
    ©iamsatyajitrout

  • an_merciful_friend 22w

    नमस्ते

    कैसे हो आप सब? आशा है कि सब खैरियत होगा। लेकर आया हूं इन तस्वीरों के साथ अपने मन का एक छोटा सा नज़राना, कैसा लगा यह सुनकर ज़रूर बताना..

    अर्ज़ किया है कि..

    कुदरत की ये करामातें हमेशा दिल को छू जाती है।

    आंखों में बंध यादों के डिब्बे में अपनी जगह बना जाती है।

    इन यादों को आप सब से बांटना अच्छा लगता है मुझे क्योंकि इस प्रक्रिया में थोड़े आपके तो थोड़ी मेरे चेहरे की खुशी मुस्कान में बदल जाती है।

    ये कुदरत और मेरा संदेशा है आप सबसे की ज़रा सर उठाके देखिए जी यहां, क्योंकि याद तो हमें भी आप सब की बहोत आती है।।

    द्वारा लिखित: *दोस्त* उर्फ _*अंकित महेता*_ ❤️‍♂️✌
    ©an_merciful_friend

  • rathnakumar 24w

    Love: 1 Lockdown: 0

    I saw you today after ages
    Or 170 days to be precise
    I almost cried at the sight of your beautiful face
    You said, "Shall we go for a ride?"
    That was my quickest "Yes!" ever
    I readied myself mentally, thinking it was going to be almost completely new to go on one of our rides around the city, rides we'd take so often, now considering the fact that we are meeting after all these months
    But, the moment we sat next to each other, it was as if all those lonely days had vanished
    It was normal, so normal
    It was like muscle memory
    Our bodies had gotten so used to being with each other, for all these years, that they hadn't even noticed that a good while had passed between the last time we'd met and now
    When lights suddenly go out, it takes time for the eyes to adjust to the darkness in order for them to be able to see again
    But, our bodies didn't seem to even want that time to get adjusted to one another
    Like water takes on the shape of the container it is in, we swiftly, naturally, adjust each other
    We fit into each other like the perfect puzzle pieces joined together
    This, my love, is a testament to how powerful our love for each other is
    A testament that proves time cannot erase what we have worked towards and built together

    ©Rathnakumar Raghunath

  • alicedmello 26w

    Have you seen him drowning
    in winds, and dancing to
    steady stars?
    I wish I could write him in
    metaphors, how he's a blooming
    poetry in quiet.
    In solace.

    You'll probably catch him
    crying to dying lovers in the book.
    He knows so much about
    the pretty lights,
    about beautiful shades
    of red and blue shirts.
    Bring him dead leaves,
    he'll keep them closer than
    the expensive promises.
    Do you notice how his skin bears temporary scars,
    like melting twilight.
    He chooses the best curtains
    and sheets.
    Yet, all that glory,
    just for his shoulders?
    He's raw, beautiful,
    but you always chose ripe fruits.
    How could you sing
    to his madness?

    You know, he smiles more often,
    when he's alone.
    Four stories at night,
    and he sleeps between two pillows
    like a child fighting the
    monsters under his bed.
    His cheeks are like roses,
    wilting each day a little more.
    That boy, the fragility,
    it fades between traffic signals and a briefcase.

    Red, he folds his smile in a white handkerchief.
    Yellow, he traces worldly expectations on the creases of his forehead.
    Green, he runs,
    chases the label called 'Men'.

    ©alice

  • an_merciful_friend 30w

    Happy Rakshabandhan 2020

    *सबको मेरा नमस्ते। आशा करता हूं कि सब खैरियत है।*

    आया हूं मिलने फिर आपसे लेकर फिर एकबार कुछ *मन की बातें* और ये *नज़राना*, *कैसा लगा* ये अगर हो सके तो ज़रूर बताना।

    _*मेरी नई कविता..*_

    कल मनाके दिन दोस्ती का आओ *सब* मिलकर मनाते है *भाई बहनों वाला* जो *त्योहार* आज, वह है *रक्षाबंधन*।

    इस साल जिस पर्व के दिन *बहनों की राखी* शायद ना पहोंच पाए *भाईयो तक* या फिर इस *सर्वव्यापी महामारी* के चलते हो सकता है कि *रूबरू मिलना ना* हो पाए, ऐसे वक़्त में करके *शुक्रिया* इंटरनेट, सोशियल मीडिया व पत्र व्यवहार का *जिनकी वजह से* हर भाई - बहन तक पहोंचा है *प्रेम, आशीर्वाद व रक्षा* का वो *अहसास* आज, वह है *रक्षाबंधन*।

    जो कई महीनों से इस कोरोना के चलते अपनी *दिन रात भुलाकर* कर रहे है *हमारी ज़िन्दगी और तंदुरस्ती की रक्षा*, उन हर *भाईयो - बहनों* को सर झुकाकर *नमन* और सर उठाके *सलाम* करता हूं में *पूर्णिमा* के जिस *शुभ अवसर* पर आज, वह है *रक्षाबंधन*।

    *"खयाल अपना भी तुम रखना"* ये कहके दुनिया की व मेरी हर बहनों को "*अच्छा स्वास्थ्य* और *खुशहाली* हमेशा बनी रहे ज़िंदगी में तुम्हारे" इस *आशीर्वाद* के साथ भेज रहा है यह भाई *शब्दों में समेटा* हुआ *जज्बातों व प्यारभरा* ये *तोहफ़ा* पूरा करने जिस *पावन घड़ी* को आज, वह है *रक्षाबंधन*।।

    _*Happy Rakshabandhan to All the sisters and brothers*_ ❤️

    द्वारा लिखित: भाई उर्फ *अंकित महेता* ✌

    ©an_merciful_friend

  • khwahishaan 30w

    नाच रही हैं छत पर बूंदें पुरवा ने दी ताल
    सावन आया गांव में सबका पूछ रहा है हाल

    मेढक मिलकर बिरहा गाते कोयल कजरी गाए
    दुबक के बैठी है गोरैया कौवा शोर मचाए

    दादी को लगती है बारिश अब जी का जंजाल
    सावन आया गांव में सबका पूछ रहा है हाल

    दिन में बारिश हुई झमाझम पानी बहता जाए
    मोबाइल में बिजी है बचपन कश्ती कौन चलाए

    टीवी देख रहे सब घर में सूनी है चौपाल
    सावन आया गांव में सबका पूछ रहा है हाल

    खेतों में घुटनों तक पानी उफन रहे हैं नाले
    दलदल में फंस गया ट्रैक्टर बाहर कौन निकाले

    बांध के रस्सी खींच रहे हैं बैल हुए बेहाल
    सावन आया गांव में सबका पूछ रहा है हाल

    महंगू की गिर गई मड़ैया टूट के बरसा पानी
    घर में बैठी सोच रही हैं रामधनी की नानी

    कहां पड़ेगा झूला कट गई पीपल वाली डाल
    सावन आया गांव में सबका पूछ रहा है हाल
    ©देवमणि पांडेय

    #devmanipandey #sawan #love #mirakee #mirakeeindia #mirakeeworld #instagram #instawrite #writers #life #love #time #rahatindori #rekhta #tweeter #fb #coronavirus #khwahishaan #khwahishaanfoundation

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  • khwahishaan 30w

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  • an_merciful_friend 30w

    *मेरे प्यारे दोस्त*, कुछ कहने से पहले ये पुछना चाहता हूं कि *तुम कैसे हो?*

    जानता हुं कि काफी *वक़्त के बाद* कुछ लिखकर कहने और सुनाने आया हूं, इस देरी के पीछे वैसे तो बहोत कुछ है कहने को पर अभी के लिए बस इतना कहूंगा कि *मेरा मन* भी इस लॉकडाउन के माहौल में *क्वारांटाइन* हो गया था।

    वो *तुमसे मिलने* आया है लेकर अपने साथ ये *प्यारभरा नज़राना*, कैसा लगा ये अगर हो सके तो *ज़रूर बताना..*

    _*मेरी नई कविता..*_

    जिस रिश्ते को *आज मनाने का* और जिसके बारे में मन की कुछ बातों को *इज़हारे बयान* करने का है मौका, वह है *दोस्ती*।

    पिछले कुछ सालों में मैंने जिस रिश्ते के बारे में शायद *सबसे ज़्यादा* है लिखा, वह है *दोस्ती*।

    बढ़ती उम्र और जज्बातों के साथ आगे बढ़ती *जिसकी कहानी* में कभी *परिस्थितियां* तो कभी *छोटे बड़े पहलुओं* की वजह से होता रहता है नोका झोंका, वह है *दोस्ती*।

    *जाने अनजाने* में कोई करता है फरियाद कि उसने याद नहीं किया और फिर फरियाद करनेवाले ने ही उसे याद नहीं किया, जिस रिश्ते में कभी ना कभी ऐसा *अनुभव* तुम्हारा, मेरा या किसिका भी हुआ होगा, होता है और शायद होता रहेगा पर फिर भी उसको *निभाने की चाहत* ही बांधे रखती है जिसकी *अदृश्य डोर* का टांका, वह है *दोस्ती*।

    ऐसे कई अनुभव और कई *पाठ* है जो सिखाते है हमें तैरना *उतार - चढ़ावरूपी लहरों* के साथ और कहते है की *विश्वास से ही जुड़ा* है यह संबंध जिसका, वह है *दोस्ती*।

    जैसे मैंने पहले भी कहा था कि पता है मुझे की तुम ये सब जानते हो पर कभी भूल जाते हो तो कभी याद नहीं रहता, *एक बात कहूं..मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही है* इसीलिए तुमको और मुझको *याद कराने व लिखने* ये बातें जिस पे मन ने मेरे *अपने अंदर* है झांका, वह है *दोस्ती*।।

    _*हैप्पी फ्रेंडशिप डे, माय डियर फ्रेंड*_ ❤️

    शुक्रिया तुम्हारी दोस्ती का और मुझे आज सुनने का!!

    एक और दरखास्त है मेरे ए दोस्त की *क्या सोचते हो तुम दोस्ती के बारे में* ये अगर एक या कुछ शब्दों में हो सके तो ज़रूर बताना।।

    *द्वारा लिखित*: दोस्त उर्फ _*अंकित महेता*_ ‍♂️✌

    ©an_merciful_friend

  • khwahishaan 31w

    ऐतबार हो जाएगा हुकूमत का तुझे
    जब तू ज़र्रे ज़र्रे में मुझे पायेगा
    ©ख़्वाहिशाँ

    #abdulkalam #abdulkalamquotes #mirakee #mirakeeindia #mirakeeworld #instagram #instawrite #writers #life #love #time #rahatindori #rekhta #tweeter #fb #coronavirus #khwahishaan #khwahishaanfoundation

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  • khwahishaan 31w

    कितने तूफ़ान लिए साथ में लश्कर की तरह
    मौज साहिल पे चली आयी सितमगर की तरह
    کتنے طوفان لئے ساتھ میں لشکر کی طرح
    موج ساحل پہ چلی آئی ستمگر کی طرح

    उसकी यादों की है सिलवट मेरी पेशानी पर
    मेरी बेख़ाबी से सिमटे हुए बिस्तर की तरह
    اس کی یادوں کی ہے سلوٹ میری پیشانی پر
    میری بے خوابی سے سمٹے ہوئے بستر کی طرح

    वो था इक क़ीमती मलबूस सितारों से सजा
    मेरी मिट्टी ही रही बातिनी अस्तर की तरह
    وہ تھا اِک قیمتی ملبوس، ستاروں سے سجا
    میری مٹی ہی رہی باطنی استر کی طرح

    मेरी ग़ज़लों में उभर आती है सूरत उसकी
    मैंने शहकार तराशें है ये बुतगर की तरह
    میری غزلوں میں ابھر آتی ہے صورت اس کی
    میں نے شہکار تراشے ہیں یہ بتگر کی طرح

    ज़ख़्म दे जाते हैं फिर ऐसे के भरते ही नहीं
    लफ्ज़ जो दिल में उतर जाते हैं नश्तर की तरह
    زخم دے جاتے ہیں پھر اسے کہ بھرتے ہی نہیں
    لفظ جو دل میں اتر جاتے ہیں نشتر کی طرح

    मेरे सब दर्द, ग़मो रंज समेटे खुद में
    अश्क आंखों से निकल आये क़लन्दर की तरह
    میرے سب درد ، غم و رنج سمیٹے خود میں
    اشک آنکھوں سے نکل آئے قلندر کی طرح

    क्या ख़बर वो भी कभी शाह रहा हो पहले
    अब जो कासा लिए फिरता है गदागर की तरह
    کیا خبر وہ بھی کبھی شاہ رہا ہوں پہلے
    اب جو کاسا لیئے پھرتا ہے گداگر کی طرح

    पड़ रहे हैं जो भँवर आंखों के दरियाओं में
    यादें, माज़ी ने कई फेंकी हैं कंकर की तरह
    پڑ رہے ہیں جو بھنور آنکھوں کے دریاؤں میں
    یادیں، ماضی نے کئی پھیکی ہیں کنکر کی طرح

    आज जिनको है 'हिना' दौलते दुनिया पे ग़ुरूर
    वो भी कल जाएंगे दुनिया से सिकन्दर की तरह
    آج جن کو ہے 'حنا' دولتِ دنیا پہ غرور
    وہ بھی کل جائیں گے دنیا سے سکندر کی طرح

    ✍️हिना रिज़वी हैदर
    حنا رضوی حیدر✍️
    #hinarizvihaidar #mirakee #mirakeeindia #mirakeeworld #zigarghaziabadi #instagram #instawrite #writers #life #love #time #rahatindori #rekhta #tweeter #fb #coronavirus #khwahishaan #khwahishaanfoundation

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  • khwahishaan 31w

    तेरे ख़याल को अपनी उड़ान करते हुए।
    नहीं थकेंगे तुझे आसमान करते हुए।

    न बन सका तेरा चेहरा न बन सका पैकर,
    हुदूद-ए-लफ़्ज़-ओ-लिसाँ में बयान करते हुए।

    है दस्तियाब हमें और सब सर-ओ-सामाँ,
    लगेगा बस तेरा नक़्शा जहान करते हुए।

    तू वापसी में तेरी ख़ुद की रहबरी के लिए,
    गुज़र हमारी जबीं पर निशान करते हुए।

    ये मरहला ही रहेगा ये किसने सोचा था,
    तसव्वुरात में घर था मकान करते हुए।

    मआल-ए-सौत-ओ-सदा देख कर यहाँ कितने,
    ख़मोश हो गए ख़ुद को ज़बान करते हुए।

    किसी भी तीर का हासिल बस एक ज़ख़्म ही है,
    ये बात सोचना ख़ुद को कमान करते हुए।

    हर आइने में जुदा अपना अक्स जब देखा,
    तो बद-गुमान हुए हम गुमान करते हुए।

    नवीन जोशी 'नवा'

    शब्दों के अर्थ
    ___________

    पैकर : आकृति
    हुदूद-ए-लफ़्ज़-ओ-लिसाँ : भाषा और शब्द की सीमाएं
    दस्तियाब : उपलब्ध
    सर-ओ-सामाँ : सामग्री, प्रावधान,
    रहबरी : मार्गदर्शन, पथप्रदर्शन
    जबीं : माथा
    मरहला : पड़ाव
    तसव्वुरात : कल्पनाएं
    मआल-ए-सौत-ओ-सदा : ध्वनि और आवाज़ का परिणाम
    बद-गुमान : साशंक
    गुमान : घमंड

    #mirakee #mirakeeindia #mirakeeworld #zigarghaziabadi #instagram #instawrite #writers #life #love #time #rahatindori #rekhta #tweeter #fb #coronavirus #khwahishaan #khwahishaanfoundation
    By unknown writer

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  • khwahishaan 32w

    दिल में किसी के राह किए जा रहा हूँ मैं
    कितना हसीं गुनाह किए जा रहा हूँ मैं
    ©जिगर मुरादाबादी
    #zigarghaziabadi #instagram #instawrite #writers #life #love #time #rahatindori #rekhta #tweeter #fb #coronavirus #khwahishaan #khwahishaanfoundation

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  • bloom12 32w

    Unfinished story ♥️

    She was a vibrant soul wrapped in a mere flesh of blood and muscles, her beauty was mesmerizing and the way she laughed feels like that the sun touched the horizon. Her eyes were nothing less than a stolen diamond . Everyone kept complimenting her beauty but she seeks the attention of a special one. Little did she know he was busy chasing the wrong crowd. But she had her faith that they were destined to be together. She waited and waited in the hope he'll come for her and he did but it's a little late to realise her worth. He cried over her grave thinking he would do anything to get her back, but unfortunately that's the story of life we often realise the worth of someone when they are gone.
    ©bloom12

  • amiravana 34w

    कुछ पंक्तियां उनके नाम जिनको रोटी तो नसीब होती है लेकिन परिवार के साथ रोटी मिलना बहुत मुश्किल है, परिवार यानी जिसमें हमारे बुजुरगों का प्यार, हमारे बच्चे, और पति पत्नी हो वो एक संपूर्ण परिवार की सटीक परिभाषा है और जिनके घर में इनमें से एक भी ना होना परिवार परिवार नहीं होता बाकी तो भैया ऊपरवाला जाने
    राधे राधे
    #roti #रोटी #खाना #write #family #mirakee #instawrite#writetoexpress #words #mindwords #writefromheart

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    रोटी

    कहते हैं कहते हैं की रोटी कमाना
    और खाना तो बहुत आसान बात है
    ओहिं कमाकर परिवार के साथ खाना
    बहुत बड़ी बात है ।
    ©amiravana

  • ruminatingrini 39w

    Skin

    I wish I could skin my skin
    And let you wear the hide that hides me
    Make you feel how I feel
    to be in a shell of the shell
    of the person I used to be

    ©ruminatingrini