#merikalamse

708 posts
  • pushhkywrites 4w

    मैंने दो कदम ही दूर किए थे,
    उसने मीलो की दूरिया बना ली ।

    ©pushhkywrites

  • pushhkywrites 4w

    मैं अपने भीतर के लेखक को ज़िंदा रखूंगा,
    तुम बस याद दिलाते रहना, दर्द देते रहना ।।

    ©pushhkywrites

  • rangreziya 11w

    पुरानी दिल्ली का सब सरमाया
    रखा कर गिरवी हमने
    ख़ुदाई में तुम्हीं को मांगा था

    राब्ता यूँ तो तुझसे ख़्वाबों में भी होता है
    मुख़ातब अब दिल्ली से मगर लाहौर नहीं होता

    ©रंगरेज़िया

  • ektasaluja 14w

    एक किताब

    मन तो करता है कि कुछ बहुत अच्छा सा लिख दूँ । ऐसे शब्द ले आऊँ कहीं से ढूंढ के ,जो मेरी बातों को सादगी से कह दें ।पढ़ने वाले को बात समझ भी आ जाए मगर उसकी पीछे की वजह पता न चले।बस शब्द ऐसे होने चाहिए कि दर्द भी खूबसूरत लगे,बेचैनी भी सुन्दर दिखे।मकसद बस दिल के सुकून का है।तुम्हें सब बताने का ,खुद के किस्से जताने का नहीं है।सुना ये भी है कि शब्द धोखा दे जाते हैं अगर लहजा न समझ आये तो। बस यही देख कर पन्ने पलटे ही नहीं जाते। बात जो न समझ आये वो ज़्यादा अच्छा बजाय इसके की गलत समझी जाए।तो निष्कर्ष यही निकला हर बार, के इस किताब को बंद ही रहने दिया जाए।
    एकता सलुजा
    ©ektasaluja

  • ektasaluja 14w

    कहानियाँ

    वो कहते हैं के कहानियाँ
    लोगों को जोड़ती हैं
    शायद सच कहते हैं!

    कुछ बातें कभी-कभी
    यूँ ही मन में आ जाएं
    तो लिख देनी चाहियें

    कहीं न कहीं
    किसी न किसी
    कड़ी से जुड़ ही जाती हैं

    फिर उस कहानी का
    दूसरा पहलू समझ आता है
    के ये सिरा यूँ फ़िज़ूल नहीं
    धागा इसका बहुत दूर तक जाता है

    और जो दुसरे सिरे पर
    इसे पकडे बैठे हैं
    वो समझ तो बराबर गये
    बस उन्हें कहना नहीं आता है

    जब हम मुसाफिर एक ही कश्ती के हैं
    तो सवाल कैसा
    समझ जाओ तो मुस्कुराना ज़रूर
    बस ख्याल है ऐसा!

    एकता सलुजा
    ©ektasaluja

  • ektasaluja 15w

    गुफ़्तगू यूँ ही

    पल भर में यूँ बदल जाती हैं बातें
    पल भर में यूँ बदल जाते हैं वादे
    पल भर में यूँ वक़्त पराया हो जाता है
    पल भर में ही बन जाती हैं कुछ यादें

    चलते चलते भी रास्ते ख़त्म नहीं होते
    इंतज़ार की तुम्हें क्या हम अब सलाह दें
    वक़्त तेज़ चलता है तो रुकता भी है
    और निकल आती है फिर नयी कुछ बातें

    तो सोचते हैं के थोड़ा और जिया जाए
    इस दिल का कहा कभी यूँ ही तुम्हें जता दें
    इकठ्टा हो होकर , जो ढेर बढ़ गया है
    एक शाम की चाय पे ,तुम्हें सब बता दें!

    न समझ पाओगे तो बुरा नहीं मानेंगे
    तुम्हें नाराज़ होने की क्यूँ कोई वजह दें
    सँभालते इस ज़िन्दगी को बहुत वक़्त हो चला है
    अब कहीं किसी और को ही थोड़ा मरहम लगा दें!

    एकता सलुजा
    ©ektasaluja

  • _raja_ 19w

    Khushi

    My friend to me : tujhe Zindagi me kya chahiye
    Me : khushi
    wait..
    Khushi uski bandi ka naam hai..

    ©_raja_

  • rangreziya 20w

    मैंने जब-जब तुम्हारी ओर देखा
    मैं बहुत गहरे गर्त में उतरती गई
    तुम किसी समंदर की भांति थे।
    तुम्हें सदा अभिमान रहा इसका,
    काश की तुम्हें कोई बतलाता कि
    अभिमान ऊँचे उठने का किया जाता है

    काश की मैं तुम में डूबने की
    बजाय तुम में उभर पाती

    ©रंगरेज़िया

  • sneh0907 21w

    बाहर शोर बहुत है,
    पर अरसे बाद मेरे अल्फ़ाज कहीं घूम है,
    लगा कि यू़ँही खामोश रहने में बेहतरी है,
    गिला करे भी तो किसे और क्यों करे,
    कोई सवाल भी तो करने नहीं आया,
    तकलीफ होती है जब अपनो के रवैयें में तबदीली
    आ जाती है,
    मानो यहां लोग अपना बनाकर गैर बन जाता है !!
    -merikhamoshkalam
    -snehbiruli

  • _raja_ 23w



    डाली जो अलग हुई पेड़ से जला दी गई
    मेरे उसे भूल जाने कि झूठी खबर फैला दी गई

    कि मेरे रहते शहर में कोई कुछ न कर सका जब तो
    मेरे जाते ही उसकी ड़ोली सजा दी गई

    जीन्दगी में मेरी मैंने किसी का तो दिल दुखाया नहीं
    कि फिर किस बात की मुझको ये सजा दी गई

    और मैं उसको क्यूँ दूँ दोष कि उसकी क्या खता
    वो भोली तो जबरन बिहा दी गई

    डाली जो अलग हुई पेड़ से जला दी गई
    मेरे उसे भूल जाने कि झूठी खबर फैला दी गई

    कि मेरे रहते शहर में कोई कुछ न कर सका जब तो
    मेरे जाते ही उसकी ड़ोली सजा दी गई..

    ©_raja_

  • _raja_ 26w



    Ishaar_e mohobbat naa kar sake to
    logon ki nazar me kayar ban gae

    Phir sameta bikhre dil ko
    aor janaab SHAYAR ban gae

    ©_raja_

  • iamkrsna97 29w

    बड़े हसीन होते थे वो पल
    जब ज़िन्दगी में इतवार आया करता था
    ©iamkrsna97

  • rangreziya 30w

    किताबें

    जब सारा शहर सोता है यह किताबें जागती हैं रात भर, ये अपना अस्तित्व ढूँढ़ती हैं, कभी तुम्हारी शेल्फ़ पर कभी तुम्हारे बस्ते में, तो कभी तुम्हारे सीने पर। वही अस्तित्व वही अस्मिता जो हमने एक अरसे पहले रद्दीयों के भाव बेच दी। अब तक तो फ़र्श से इनकी अभिलाषाओं से रिसते लहू की बूँदें भी साफ़ की जा चुकी हैं। दीवार से लगी वह बेबस बिस्तुइया उनकी किंकर्तव्यविमूढ़ता की साक्षी है।

    बिसरी यादों को सहलाने के लिए इनके पास केवल अमलतास का वह सूखा हुआ फूल रह गया है इनके पन्नों के भीतर, जो गर्मी की एक शाम तुम्हारे महबूब ने इनकी कविताएं तुम्हें सुनाते हुए तुम्हारे ठीक कानों के पीछे खोंसा था। यह फूल बेजान हो चुका है और सुबह तुम्हारी आँख खुलने तक वे क़िताबें भी इस फूल की तरह तुम्हें पहले से ज़्यादा बेजान नजर आएंगी। मग़र वे बेजान नहीं हैं, वे बस थक चुकी हैं रात-भर की गई अपने अस्तित्व की खोज़ से।

    ©रंगरेज़िया

  • _raja_ 33w



    Ishq love mohobbat yaa shayad
    pyaar jisse kehte hain

    humne Sab kar k dekh liya
    ab hum akele rehte hain..

    ©_raja_

  • ridam007 33w

    इश्क है तुमसे यह मैं कैसे झुठला दूं
    तुम कहो तो
    अपने सीने को फाड़ कर तेरा नाम दिखला दूं।

    ©ridam007

  • newcomerspoetry_official 37w

    सप्रेम

    प्रेम संग हर चिज़ सुहानी लगती है।
    प्रेम ना मिलें प्रेम में तो अधूरी हर कहानी लगती है।

    जब प्रेम ना हो आपस में तो जबरदस्ती प्रेम जताना क्या
    अगर बसा है प्रेम दोनो ओर तो गाकर सुनाने में घबराना क्या..

    रीत हैं सब बहाना , बहाना बताकर प्रेम बतलाना क्या
    अगर सिर्फ अहसास ही है प्रेम तो गठबंधन में बंध जाना क्या..

    दिलों में रहे दूरी तो प्रेम का अर्थ लगाना क्या
    समर्पण ही है प्रेम अगर, राधे-कृष्ण का प्रेम समझाना क्या..

    ©newcomerspoetry_official

    अंकित सिंह राणा

  • sneh0907 38w

    यहाँ लोग मशरूफ इतने हो गए हैं,
    कि हम पहल न करे..
    तो आगे से भी कोई कुछ नहीं कहता..
    कितना अजीब सा हो जाता है सब,
    जाना हुआ चेहरा एक बार फिर से अंजान बन जाता है..
    खूब कहा है वक्त के साथ सब बदल जाता है,
    और ये कहने में कोई गलत नही
    कि मौसम के साथ लोग भी बदल जाते हैं!!
    - merikhamoshkalam
    -snehbiruli

  • sneh0907 38w

    उस गुज़रती हवा ने आखि़र मुझसे पूछ ही लिया..
    जिसका रोज़ खुले आसमान के नीचे खड़े
    शिद्दत से इंतजार रहता है,
    क्यूं चेहरे में हल्की-सी मुस्कुराहट और
    आँखें छलक क्यों उठती हैं तुम्हारी?
    कैसे बताऊँ जिसका दीदार हुए बरसों
    बीत गए ,
    सुकून सा महसूस होता है जब ये
    हवा उसे छू मुझसे हो गुज़रती है,
    सामने न हो कर भी उसके करीब होने का
    एहसास दे जाती हैं !!
    -merikhamoshkalam
    -snehbiruli

  • satyankit 38w

    नहीं आता

    इक दिन जैसा दिन कभी नहीं आता
    वो जो दिल भर दिन भर देखा करता था
    वो एक बार की कहानी देकर फिर लौटकर नहीं आता
    बस रह जाता है वो बस यादों में
    जहाँ से वापस अगर वो आ भी जाए तो
    जैसा गया होता है वैसा नहीं आता

  • pushhkywrites 39w

    फिर कभी करेंगे, पर तुम सोना मत ।।

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    03.06.20

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    उस रात हमे बाते तो बहुत करनी थी,
    पर अफसोस तुम्हे नींद आ गयी जल्दी ।।

    ©pushhkywrites