#miraakee

641 posts
  • dheerajkumarnagar 1w

    मीरा कहे है श्याम मेरा
    राधा कहे है घनश्याम मेंरा
    मोहन कहे है श्याम तेरा ,
    नटवर कहे है घनश्याम तेरा
    माखन चूराना है काम मेरा
    माखन बनाना है काम तेरा
    मधुर मुरली बजाना है काम मेरा
    उसकी धुन पर स्नेहित हो जाना है काम तेरा
    मीरा कहे है श्याम मेरा
    राधा कहे है घनश्याम मेंरा
    नागर कहे मीरा मेरी , रुक्मणि मेरी
    राधा मेरी
    दुनिया में हर एक जो है वो बालिका मेरे स्नेह में पड़ी
    मीरा कहे है श्याम मेरा
    राधा कहे है घनश्याम मेंरा
    श्याम कहे स्नेह मुझमें इतना कि
    मेरे प्यारे भी मेरे स्नेह में पड़े
    और मुझसे बेर रखने वाले शत्रु भी मेरे स्नेह में झुके
    चाहे कालिया नाग केहलो
    चाहे कंश मामा केहलों
    चाहे कंश के भेजे कोई राक्षस
    केहलो
    मीरा कहे है श्याम मेरा
    राधा कहे है घनश्याम मेंरा
    वो द्वारका या मधुरा का किस्सा कहलो
    या कुरुक्षेत्र का हिस्सा केहलो
    सब में मेरी जीत ही है
    दुश्मन चाहे कोई भी हो
    सामने आगे झुका ही है
    मीरा कहे है श्याम मेरा
    राधा कहे है घनश्याम मेंरा
    जिस देवी ने तोला मुझको तराजू में उसका भ्रम झुका भी है
    गहनों से भला तोला उसने
    भला अनजान थी वो
    तुलसी के एक टुकड़े से
    मेरा रिश्ता कैसे जुड़ा भी है
    मीरा कहे है श्याम मेरा
    राधा कहे है घनश्याम मेंरा
    अवतार मेरे बहुत से है
    अंतर उनमें एक से है
    कार्य मेरे नेक से है
    देखें तो मेरी बाते है अनेक
    नहीं देखे तो पुराणों आदिलेखो में देख
    विष्णु , राम, कृष्ण , नरसिंह, श्रीहरि , परशुराम,
    वेदव्यास , बौद्ध या गुरु नानक
    इससे भी अधिक मेरे अवतार है
    जब कभी भी आया ये जगद पीड़ा में तब तब मेरा अवतार धरती पर हुआ है
    मीरा कहे है श्याम मेरा
    राधा कहे है घनश्याम मेंरा
    ©dheerajkumarnagar

  • dheerajkumarnagar 1w

    गहरी इतनी थी आंखे उस शक्श की
    कि मैंने उनमें खुदको हर पल डूबता पाया
    आंखो में उसकी जब भी देखा
    मुझे मेरा चेहरा ही नज़र आया
    शाम - सवेरे सिर्फ उसको छोड़ सब ओर
    कोहरा नज़र आया
    और आंखो की गहराई में तेराकी करने में
    इतना मस्त था मै
    कि पहचान ना कर पाया
    उस शक्श की
    कैसा था, क्या था, क्यों था, कब था
    वो भला ऐसा
    उसका झूटा प्यार तो नज़र आया
    पर कंभक्त का फरेब नज़र ना आया
    ©dheerajkumarnagar

  • dheerajkumarnagar 1w

    उसके हाथो की मेहंदी का रंग कुछ कत्थई लाल सा हो गया था
    इश्क़ कितना है रकीब को मेरी जान से ये तेय हो गया था
    और मैं समझा ये मेहंदी मेरी जान ने अपने हाथो पर मेरे नाम की सजाई है
    और जाना तब ये मेहंदी मेरे नाम की नहीं
    रकीब कि है
    जब आंख भर देखा मैंने उस रकीब को
    जो मेरी जान की बाहों में सो गया था
    ©dheerajkumarnagar

  • dreamysuruchi 2w

    यूँ तो,
    हम भी आशिक है, सदियों पुराने
    ज़रा अल्हड़ से।
    पर क्या करें ,
    बस, कोई आशिकी निभा
    सकें पूरी कायनात बटोरकर ,
    ऐसा कोई साथ ही नहीं मिला।
    सुरुचि
    ©dreamysuruchi

  • nisha000 2w

    Mask

    One question to yourself you should ask
    Why Everytime, you have to put up a different mask?
    Are you actually happy when you smile?
    I see you pretending & it's been a while .
    You hide your tears ,your fears
    One question to yourself,you should definitely ask?
    Who are you actually,behind those mask?
    ©nisha000

  • yashshukla636 2w

    कल तुम मेरे रहोगे या नहीं, मैं क्यूं करूं इस पर बहस,
    आज इस पल तुम मेरे हो ये हसीं पल कैसे खोने दूं।
    जो कोई पूछे मेरी ख़ुशी का राज़, मैं हंस के टाल जाता हूं,
    तुम्हारा नाम लेकर तुम्हें हर किसी के खुदा की इबादत करने वजह कैसे होने दूं।
    हां मैं जलता हूं तुम्हें किसी और के नजदीक होते देखकर,
    क्यूंकि जो मेरा है उस पर किसी और का घेरा भी क्यूं होने दूं।
    मेरी रूह बिलख पड़ती हैं तुम्हारी भीगी आंखे देखकर,
    आखिर जो मेरी तमाम मुस्कराहटों की वजह है उसे कैसे रोने दूं।
    जब कभी तुम यूहीं आसमान की तरफ खोई नजरों से कुछ ढूंढ़ती रहती हो,
    मै हर बेइंतहां चमकते सितारे से उस फलक पर खिल जाने की दुआ करता हूं,
    तुम्ही बताओ जिसने मुझ कोयले की खान से हीरा तराश निकाला,
    उसे अमावस के उस स्याह अंधेरे में कैसे खोने दूं।
    मैं ताउम्र करता रहूंगा तुम्हारा इंतज़ार, बस तुम मेरे हो ये वादा देदो मुझे,
    और ये जो हर पल मेरे दिल में तुम्हें खो देने का डर रहता है
    इसे इसी वादे की लोरी सुना कर चैन की नींद सोने दूं।
    जब कभी तुम आओगी तो ये सब रूबरू कहूंगा तुमसे,
    तब तक इन ख्वाबों को माला के दानों सरीखा अपने दिल में ही पिरोने दूं।
    मैंने लाखों ख़्वाब और कई जिंदगियों के सपने सजाए हैं तुम्हारे साथ,
    पर जब तक तुम आ नहीं जाती इन्हें मुकम्मल करने,
    सोच रहा हूं इन्हें अपने दिल की गहराईयों में चुप चाप सोने दूं।।
    ©yashshukla636

  • yashshukla636 2w

    खुदा ही जाने कौन सा जादू करना सिखाया था उसने तुम्हें।
    मैं आज भी तुम्हारे सिवा किसी और हसीन सूरत की तरफ देख लूं,
    तो तुम्हारा गुनहगार समझता हूं खुद को।।
    ©yashshukla636

  • dreamysuruchi 3w

    Tium saans bano m dhadkan ho jaaunga,
    Tum panah bano m ishq m bepanah ho jaaunga,
    Taumar naa baith sako agar ghutno par ,
    Phir bhi m ishq ka izahaar kar hi jaaunga
    Happy propose day
    Suruchi
    ©dreamysuruchi

  • anubhav_say 3w

    कई बरसों से न चांद खिला न चांद का दीदार हुआ,
    देखे तो मन भरता नही और बिना देखे चैन पड़ता नही,
    क्या बताऊँ यारो क्या हाल है,
    मेरा तो जीना दुश्वार हुआ
    ©anubav_say

  • ac_choudhary 3w

    कुरेदती है दिल को मेरे अंदर ही अंदर से

    तुम्हें मैंने ही रखा था दिल में जख्म देने के लिए
    ©ac_choudhary

  • zebadilshad 3w

    Ustaad ho tum meri,
    Ye Ishq, Mohabbat, Pyaar or Aitbaar sab tumse hi to seekha hai


    ©zebadilshad

  • zubizub 4w

    Unknown

    Ishq ki ek khoobsurat misal hai wo samandar se bhi gheeri ek pari hai wo bayan karne uski tarifee alfaz bhi kum.padjate hai aise bhi kya hoor hai wo....
    ©zubizub

  • dheerajkumarnagar 4w

    उसे मुझसे बेहतर की तलाश थी
    मुझसे बेहतर की तलाश में उसने मुझको खो दिया
    आधे - अधूरे रास्ते में मुझको तन्हा छोड दिया
    और कोई दूसरा आये तो
    आ जाए उसकी जिंदगी में
    भला मुझ जैसे उसकी हर एक मुस्कान कैसे याद रख सकता है
    और यकीं तो इतना है मेरी मोहब्ब्त पर मुझको
    मुझसे बेहतर उसको कोई दूसरा ना चाह सकता है
    ©dheerajkumarnagar

  • dreamysuruchi 4w

    तुम ख्व्वाब तो देखो,
    वो तुम्हें हकीकत से चुरा लेगा।
    ज्यादा पहचान की जरूरत नही,
    बासुँरी वाला है , रनछोड़ नाम लेते ही
    जान लिया जाएगा।
    सुरुचि
    ©dreamysuruchi

  • shriti_das_ 4w

    I didn’t know what self-love was but thoughts about self had encountered me. Maybe it wasn’t a naturally evoked feeling but, inkling aroused from vexation and vulnerability.


    ©shriti_das_

  • dreamysuruchi 4w

    एक आदत

    इक आदत सी है मुझे ,
    बस नींद उडाने की।
    इक आदत है मुझे,
    चाय से चाय तक के सफर की।

    इक आदत हो गई है
    ख्व्वाब देखने की,
    हाँ ,इक आदत सी हो गई है ,
    एक कप कॉफी की।

    इक आदत सी है मुझे,
    तुम्हारी जरूरत का
    ख्याल रखने की।
    हाँ इक आदत हो गई है,
    तुम्हारे हर ख्याल की
    जरूरत पूरी करने की।

    इक आदत लग गई है मुझे,
    आदत से मजबूर होने की,
    इक आदत सी है मुझे
    दोस्ती का नशा पालने की।

    हाँ, इक आदत सी
    हो गई है मुझे
    हाँ इक आदत है मुझमें.........

    सुरुचि
    ©dreamysuruchi

  • mrnikku 4w

    Maa ♥️

    Sararat Karne Wale Ab Sab Bade Ho Gaye
    Ghar Ka Aagan Aadura Sunsaan Padaa Hai ,

    Aur Yeh Aaj Kal Ke Ladke Apni Mehboob Ke Baaho me Chand Taare Durrthe hai ,

    Jake Dekho MAA Ke Achal me pura Aashman padaa hai !

    - mr nikku

  • dheerajkumarnagar 5w

    उसको प्यार दिया , सत्कार दिया
    करार दिया दुलार दिया
    बिन निग़ाह हमसफ़र होने का उसको अधिकार दिया
    रफ़्तार दिया , संस्कार दिया
    अपने ही भेष में उसको एक पहरेदार दिया
    उसने क्या किया
    उसने क्या किया
    उसने मुझसे नहीं रुपयों से प्यार किया
    भरी अपनी जेबे उसने मुझको अपने से दूर किया
    लोभ में रुपयों के उसने क्या क्या नहीं किया
    अपनी आरज़ू भी बेकी, अपनी सादगी भी
    मैंने उसको प्यार दिया , सत्कार दिया
    उसने मुझसे नहीं रुपयों से प्यार किया
    जिस्म का कारोबार किया.
    मैंने उसको प्यार दिया , सत्कार दिया
    उसने मुझसे नहीं रुपयों से प्यार किया
    ©dheerajkumarnagar

  • yashshukla636 5w

    चलो अब खाली कर दो मेरे दिल के आशियाने को ।
    तुम्हारे दिए हुए घावों से ये सूख कर रेगिस्तान हो चुका है।।
    जिसमें कभी बहारें हुआ करती थी सिर्फ तुम्हारे लिए वो अब वीरान हो चुका है।।
    चलो अब ख़ाली कर दो मेरे दिल के आशियाने को।
    तुम्हारे दिए हुए घावों से ये सूख कर रेगिस्तान हो चुका है।।

    जिन गालों पर सिर्फ तुम्हारे नाम से ही लाली छा जाती थी ।
    इतना भीगा वो आंसुओ से कि अब बेजान हो चुका है।।
    जिसकी खुशमिजाजी से आस पास की हवा भी मुस्करा उठती थी।
    वो अब एक टूटा और अन्दर से मरा हुआ इंसान हो चुका है।
    चलो खाली कर दो मेरे दिल के आशियाने को।
    तेरे दिए हुए घावों से ये सूखकर रेगिस्तान हो चुका है।।
    ©yashshukla636

  • blog_of_vivaan 6w

    लोग मोहब्बत मे बीते हुये किरदार बनना चाहते है ,
    कोई बन जाना चाहता है लैला मजनू ,
    तो कोई बन जाना चाहता है रोमियो जूलियट ,
    पर हम वो इंसान बनना चाहते है
    जो कर पाए प्रेम छाती और जांघो से बाहर निकल कर
    जो थाम पाए हाथ अपने महबूब का
    किसी मौसम के लिए नही बल्कि जीवन भर के लिए ,
    जो ठिकाना हो आखिरी अपने महबूब का ,
    वो प्रेम करना है हमे,
    जो बस आखिरी होना चाहे 
    और रहना चाहे जीवन पर्यंत एक सा....
    ©blog_of_vivaan