#prayasss19

25 posts
  • dil_k_ahsaas 7w

    #prayasss20 #prayasss19
    #जमीर
    @misty_2004
    @gjain2309
    @rnsharma65
    @loveneetm
    @rani_shri

    बहुत शुक्रिया आपका मुझे संचालन का मौका देने के लिए।


    अक्सर जमीर हम सबमें पाया जाता हैं।
    कुछ में जिंदा होता हैं और कुछ में मर चुका होता हैं।
    मरा हुआ जमीर इंसान को इंसान नहीं रहने देता हैं।

    तो चलो आज इस विषय पर ही कुछ विचारों का आदान-प्रदान हो जाए।

    आज का विषय है ......

    _______________

    """ जमीर """"
    _______________

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    जमीर

    कभी -कभी जमीर जागता ही नहीं है
    कितने भी आइने दिखा लो।
    वो तो बस सोया ही रहता है
    बेईमानी और बेर्शमी की चादर ओढ़े।

    जमीर किसी का सो जाए गर तो
    मर जाती हैं खुद्दारी और ईमानदारी
    धन की अवैध बरसात के नीचे
    भीगते हुए बस लालच की बाढ़ बढ़ती ही जाए।

    अच्छा-बुरा कुछ नजर ना आए।
    धन की चकाचौंध से आंखें इक सुकून पाए
    दिन-रात दिमाग बस
    और पैसा और पैसा की ही
    मन में रट लग‌ जाए।

    उठो और जगाओ जमीर अपना
    कि इंसानियत भी कुछ और सांसें ले पाए
    किसी के दुःख में भागीदार बन
    कुछ तो पुण्य कमाया जाए
    पुण्य मिले ना मिले
    कम से कम किसी के चेहरे पर
    इक मुस्कान तो लाई जाए।

    मदद का एक हाथ ही बहुत है
    सोए हुए जमीर को जगाने के लिए
    अच्छे को अच्छा और
    बुरे को बुरा कहने की
    थोड़ी तो हिम्मत अपने अंदर जगाए।

    अपने अंदर का जमीर ही
    हमें अच्छा यां बुरा इंसान बनाता है
    हमारी अच्छी और ईमानदार सोच ही
    हमरे अंदर के जमीर को जगाती हैं।

    जमीर जिंदा रखिए अपने अंदर
    फर चाहे उसके लिए मरना ही पड़े
    जमीर जिंदा है तो आपका
    आत्मसम्मान भी जिंदा हैं।

    गर जमीर मर गया तो
    आप किसी के कदमों में पड़े हुए
    चाटुकारिता करते हुए ही दुनियां
    को नजर आएंगे।

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • loveneetm 7w

    उम्मीद बदलाव की

    महामारी के मृत्यु फांस से,
    फंसा हुआ जग रूदन करें,
    कब बदलेगा फिर से यह युग,
    नित उम्मीदें हृदय करें।

    सबक सिखाया दाता ने,
    करके उजागर त्रुटियों को,
    भुगत रहा है मानव खुद ही,
    अपनी ही खुदगर्जी को।

    हर मानव उम्मीद करें अब,
    कि यह पीड़ा दूर हटे,
    अब ना होगी गलती फिर से,
    वो ईश्वर से अनुरोध करें।

    हे!मानव सम्मान करों,
    सृष्टि का शोषण बंद करो,
    फिर ना आएगा ईश्वर,
    हर गलती पर हमदर्दी को।
    ©loveneetm

  • tia_2005 7w

    अज़्ज का सिर्षक है "उम्मेद बदलाव की"

    ये विषय @misty_2004 द्वारा निर्मणित है। मुझे बेहद खुशी है, कि मेरे दोस्त ने मुझे इसका काबिल समझा , की मै ये लिख सकती हूं,��
    आसा है अप सभी को और खास कर मेरे दोस्त को निराश ना करू।

    उम्मीद है सबको मेरा लिखा पसंद आयेगा ये #prayasss19

    कृपया करके अपने सभी काबिल मित्रों ,लेखक लेखिको TAG करना मत भूलना .. उन्हें भी TAG करे ताकि वो भी एक कदम आगे बढ़ने में मदद कर सके��
    It would be a great help if u all please tag ur dear friends ���� it's a request please TAG����

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    उम्मेद बदलाव की

    चलो एक कदम मिलाकर बड़ाए सफलता की ओर
    मिलकर सब बदले पूरे समझ का दृष्टि कोन।

    चलो दे एक उड़ान उस सहर की और
    जहां हो मिलाकर रहने वाले इंसान चारो और
    जहां ना हो कोई रंग, जात,अमीर ,गरीब का भेद
    बस हो प्यार से रहने वाले इंसान हर देश।

    चलो कदम बड़ाए अक ऐसे समाज का,
    जहन लड़का - लड़की को मिले समान हक
    जहां हो मां - बाप का भरोसा हर वक़्त।

    चाहिए ऐसा ,समाज, गली,मोहल्ला इस देश में
    जहां ना हो लड़कियों की चरित्र या रूप से पहचान
    बल्कि जहां उनकी पहचान होगी उनकी काबिलियत पे
    कीचड़ उड़ेंगे लड़कियों को नाकामयाब समझने वाले पे।

    ऐसा सफलता चाहिए हमारे समाज में
    जहां ना हो लड़के, लड़कियों की सरिर से विचलित,
    ना करे लड़के उनके सरिर ,इज्ज़त से च्छेरछर
    बल्कि उन्हें दे सनमन अपने बहन समान।

    चलो ले उड़ान उस समाज को और
    जहां बल - विवाह एब भी हो उस और
    चलो उन्हें पढ़ाया जाए वोह किताब का पन्ना
    जिसमें हो "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ " का झंडा
    रोका जाए चोट बच्चो के भाभिशिया के साथ खिलवाड़
    चलो ले जाए उन्हें शिक्षित समझ के दरबार।

    चलो रोक "सती" का खेल
    उन बेजान औरतों को दे एक नया मेल

    चलो बदले इस समझ की दृष्टि
    जो लड़कियों को चोट कपड़ों से करे उनके चरित्र पर वार
    जिन्हे ना हो एक एक सिक्षित समाज का अंदाज़।
    एक नजर अनपर भी डालो
    जो लड़का - लड़की को साथ देख के सोच प्यार का रंग
    बिना सोचे करदे उनके भविष्य का अंत।

    चलो बताए उन्हें की लड़कियां ना होती कपड़ों से पहचान
    पहचान होता अपने कर्मो से।
    जरूरी नहीं हर लड़का - लड़की जो साथ जाते वोह प्यार हो
    कभी सिखशित समाज की नजरो से देखना अगर दोस्त ना हो

    चलो सब मिल कर हाथ थामे
    बदले इन चोटी चोटी नज़रें
    बनाए एक ऐसा सुंदर समाज
    जहां हो सब समझदार इंसान।
    दुआ है खुदा से उस रंगीन समाज का
    जहां ना हो कोई शंख हमारे आने वाले पीढ़ी का।

    --- तिआशा---
    ©tia_2005

  • govinda_bag 7w

    उम्मीद

    काली बादल देख उम्मीद जगा दिया
    अमल अच्छा होगा उम्मीद लगा लिया
    बैरी पवन बैर तेरा तूफान मचा दिया
    सब उम्मीदें पर तुने पानी फिरा दिया
    पानी पानी पानी हाहाकार मचा दिया
    पानी दिए बगैर सावन निकल लिया।

    अरे!
    और एक टुकड़ा बादल का अब फिर से सूरज छुपा दिया
    चिखती मिट्टी और सूखा मेरा पेट का उम्मीद जगा दिया।
    फिर जिंदगी का उम्मीद जगा दिया!!

    ©govinda_bag

  • lazybongness 7w

    #Abhivyakti50 #Prayasss19
    @goldenwrites_jakir @misty_2004

    आज व्यस्तता के कारण कुछ लिख नहीं पा रही हूं ढंग से, बस दो - चार पंक्तियां ही सोच पाई। इसी कारण दोनों शीर्षकों को मिलाकर एक छोटी सी कोशिश की है।
    पहल मतलब शुरुआत , किसी भी बदलाव के लिए।
    ������


    किसी को तोड़कर नही,
    जोड़कर रिश्ते निभाते हैं।
    चलो मिलकर एक पहल करते हैं।
    किसी गरीब के घर में एक
    छोटी सी ज्योत जलाते हैं,
    आओ मिलकर हम पहल करते हैं।
    धर्मो को रंगों में नहीं,
    कर्मों से मिलकर सींचते है,
    चलो मिलकर एक पहल करते हैं।
    जाति भेद से ऊपर उठकर
    भारत की नई पहचान बनते हैं,
    आओ मिलकर हम पहल करते हैं।
    किसी के स्तर को पैसे से, ना नापकर
    उसके हृदय को समझते है,
    चलो मिलकर एक पहल करते हैं।
    सारी जिम्मेदारी सरकार पर ना उंडेलकर
    खुद से भी थोड़ा प्रयत्न करते हैं,
    आओ मिलकर हम पहल करते हैं।
    ©️ lazybongness

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    खुदगर्जी को छोड़ कर , मैं आशियाना बनाने चली हूं,,
    भरी दुनिया से अकेली ही, मुकाबला करने चली हूं!!
    ©lazybongness

  • maakinidhi 7w

    A big change requires bunches of small changes...if we can start it from today on individual level...we are no far from giving the world a right direction...so start it today because tomorrow is never promised����❤️❣️��������✌️����#abhivyakti50#prayasss19@goldenwrites_jakir

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    पहल/बदलाव

    पहल तो हमें करनी ही होगी!
    आज नहीं तो कल ही सही!
    पर सोच तो बदलनी ही होगी!

    रास्ते में छेड़खानी का शिकार होते किसी लड़की को देखकर!
    मुंह फेर लेते हो कि कौन सा हमारी बहन है,हम कर्मों बोलें?
    पहल करोगे जिस दिन हर लड़की में अपनी बहन को देखोगे!

    वृद्धाश्रमों में जो लोग होते हैं ना उनकी संतानें विदेश में हैं!
    क्यों ये संस्कार ये देश उनको‌ भाता नहीं है,क्यों है ऐसा?
    पहल करोगे जब अपनी संतानों को संस्कृति से जोड़ोगे!

    यूं तो बच्चों को हमारे, सुख और साधनों की कमी नहीं होने देते हम
    फिर क्यों यौवन की दहलीज पर कदम रखते ही कटने लगते हैं वो?
    पहल करोगे जब बचपन से ही प्रतिदिन कुछ समय उनको दोगे तुम


    सासों को बहुओं से शिकायत, बहुओं को है सासों से परेशानियां!
    कहने को तो मां और बेटी मान लिया है एक-दूसरे को,सच में क्या?
    पहल करेंगी जिस दिन निजी स्वार्थों को भूलकर अपनाएंगी दोनों!


    प्रेमिका को पत्नी तो बना लिया है सारी दुनिया से लड़कर तुमने!
    पर अब बात उसी के मन की समझना है तुम्हें मुश्किल बड़ा!
    पहल करोगे जब समझोगे कि विवाह विश्वास पर ही टिकता है!

    समाज में रोज होती दुर्घटनाओं पर व्यथित तो होते हैं रोज हम!
    किंतु क्या केवल अफसोस जताने से हो गई जिम्मेदारियां पूरी?
    पहल करोगे जिस दिन सामने होते अन्याय को रोकोगे तुम!
    पहल करोगे जिस दिन मूकदर्शक नहीं बन जाओगे तुम!

    ये पहलें बहुत जरुरी हैं हमें करनी क्योंकि दुनिया को रहने के लिए
    एक बेहतर जगह हमें ही तो बनाना है,नया सवेरा भी तो लाना है!

    कब तक उम्मीद करेंगे कि बदलाव की शुरुआत कोई दूसरा करेगा!
    यह पहल तो हमें खुद ही करनी होगी परिवार और समाज में!
    तभी किसी बेहतर विश्व की परिकल्पना सार्थक हो सकेगी!
    ©maakinidhi

  • rnsharma65 7w

    #Prayasss19 उम्मीद बदलाव की @misty_2004

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    उम्मीद बदलाव की

    Abhivyakti, Umeed aur prayasss
    सब साहित्यकारों के लिए एक एक श्रेष्ठ साधन
    जितने अधिक संख्या में योगदान करेंगे
    उतनी अधिक उम्मीद बदलाव की पूरी होगी ।।
    सब दिन नए नए लेखक के शीर्षक पर रचना होगी
    साथ साथ जिम्मेदारी निर्वाह करने की प्रेरणा मिलेगी ।।
    ©rnsharma65

  • misty_2004 7w

    एकबार फिरसे सुक्र गुज़ार हु @maakinidhi जी का की उन्होंने मुझे ये मौका दिया कि मैं #prayasss19 का संचालन कर सकू।
    आज का विषय,"उम्मीद बदलाव की"।
    मैं आप सबको इस विषय पर लिखने के लिए आमंत्रित करती हूँ। आशा है आप सब इसको सफल बनाने में योगदान देंगे।��

    आजकी #abhivyakti50 का विषय,"पहल"।
    ये विषय @goldenwrites_jakir जी द्वारा निर्धारित है।��

    कोई भूल-त्रुटी हो तो मुझे माफ़ कीजियेगा।

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    *उम्मीद बदलाव की*

    दुनिया की तौर-तरीकों से शिकायत तो सब करते हैं,
    क्यो ना हम आज उम्मीद करे एक बदलाव की।
    चलिए आज आत्मदर्शन करते हैं अपना,
    ढूंढते हैं खुद में छुपी प्रयास में कमियों की।

    बंद आँखों से थे जो सपने देखे,
    चलिए आज उन्हें खुली दृष्टि से देखे।
    आत्मनिर्भर होके चलिए आज
    किसी भटके मन को राह दिखाएं।

    क्यो ना शिक्षन दे आज एक ज़रूरतमंद को,
    उस सरकार के भरोसे ना बैठके,प्रचार करे अपने ज्ञान को।
    ना हो लोभ, ना ही हो लिप्सा।
    अगर होनी है तो, हो बदलाव की प्रतीक्षा।

    चलिए आज एक पौधे को एक ज़मीन का तौफा दे,
    इस धुंए से भरी दुनिया को खुलकर साँस लेने का मौका दे ।
    चलिए हटा देते हैं दूसरों से बदलाव की उपेक्षा,
    चलिए आज कदम बढ़कर करे धरती माँ की सुरक्षा।

    चलिए आज एक साथ धूप में काम करे,अमीर और गरीब,
    चलिए आज गले लगाके मुस्कुराये सीख-ईसाई-हिंदू-मुसलिम।
    एकता की बाती जलाये साथ होकर औरत और पुरुष ,
    समाज मे परिवर्तन के लिए लड़ते हैं चलिए, दिलों को रखकर तन्दरूस्त।

    आज विचार धारा बदलने का समय है आया,
    ना जाना हो बृद्धाश्रम कीसी माँ को,जिसने ज़िंदगी भर आग में लिपट के आपको खिलाया।
    आज हर बेटी पढ़ेगी-लिखेगी जाएगी स्कूल,
    कोई बेटा आज नही बनेगा बाल-मज़दूर।

    चलिए आगे बढ़े, पीछे छोड़के डर को,
    रक्त दान करते हैं, बिना सोचे उच्च-नीच जात-पात के बिषय को।
    चलिए सुने उन खिलखिलाति मुस्कानों के आवाज़ को भी,
    ये भी समझे चलिए, की सिख मिलती हैं छोटो से भी।

    चलिए आज अहंकार को सहनशीलता में बदले,
    चलिए दूसरों की सोच भी आगे बढ़ाएं, हर विचार को बढ़ावा दे।
    धरती घर हैं मेरा ,समाज मेरा कमरा हैं,
    इस सोच को लेकर आज हमे समय को बदलना हैं।

    चलिए आज अपना नज़रिया बदले,एक विधवा को भी दे रंगों की खुशहाली,
    चलिए आज एक दुनिया सजाये जहा हर सड़क फूलों से भरा बाग़ नज़र आये।
    चलिए आज हम सब करे एक सुरुवात नई,बदलाव लाये कुछ इस प्रकार,
    हमारी अगली पीढ़ी इस सोच की सराहना करे, हर रोज़ मने खुशियो का त्यौहार।

    ~स्वर्णाली
    ©misty_2004

  • neha_ek_leher 7w

    उम्मीद रख खुद से
    खुद को इंसान बनाने की
    सामने वाला कभी न बदलेगा
    उम्मीद रख खुद से बस
    खुद में बदलाव लाने की
    रख उम्मीद दूजे से
    मन बस आहत ही होगा
    बदलाव का दौर है ज़नाब
    प्रयास स्वयं ही करना होगा।

    ©neha_ek_leher

  • neha_ek_leher 7w

    #abhivyakti50 #prayasss19
    आज की अभिव्यक्ति का शीर्षक कुछ अलग है और प्रयास श्रृंखला से जुड़ा शीर्षक है।
    खुद के द्वारा पहल किए बिना बदलाव की उम्मीद करना व्यर्थ है।
    पहले प्रयास करे खुद पहल करें तभी बदलाव की उम्मीद करें।

    ,@goldenwrites_jakir,@rnsharma65,@vipin_bahar,@lazybongness,@misty_2004

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    पहल

    खुद को खुद से बेहतर बनाने की
    हर दिन नई पहल करो
    जीवन की कठिनाई से लड़ने की
    हर दिन इक पहल करो
    ना हारो ना ही डरो
    खुद को मजबूत बनाने की
    खुद से ही शुरुवात करो।

    हो पहल इक ऐसी भी
    रहे संग अपने सभी
    हो पहल कल को अपने
    आज से बेहतर बनाने की
    पहल करो नारी को
    उसका सम्मान लौटाने की
    पहल हो इक राष्ट्र को
    फिर से महान बनाने की।

    पहल करे हम सभी आज
    मिलकर भेदभाव मिटाने की
    नही चाहिये कोई ऊंच नीच
    नही चाहिये कोई जाति पांति
    सभी धर्म रहे एक समान
    यही हो पहल का लक्ष्य महान।

    हो पहल हर दिन यही
    धरा को पुनः स्वर्ग बनाने की
    आओ मिलकर प्रण करें
    धरती हरियाली बनाने की।।
    ❤️❤️
    ©neha_ek_leher

  • goldenwrites_jakir 7w

    खुदसे एक उम्मीद

    खुदसे एक उम्मीद लगाए बैठा हूँ
    मन के चोर को मिटाने बैठा हूँ
    जलाकर दीप अभिव्यक्ति का --- उम्मीद की रौशनी में एक प्रयास मन की आत्मा पर एक पहल कुछ कर जाने की लगाए बैठा हूँ ....

    था तन्हा अब तन्हा नहीं दोस्तों - गुरुजनो - बहनो के साथ खड़ा हूँ --- लिए रौशनी का प्रकाश कलम की धारा में
    वो उम्मीद की मसाल लिए सबके साथ चला हूँ ..
    एक बदलाब एक कोशिश की राह पर चल पढ़ा हूँ ...।।

    ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
    ©goldenwrites_jakir

  • cruxoflife 7w

    पहल/बदलाव

    दूसरों में बदलाव की उम्मीद करते, उनके कर्तव्य की याद दिलाते
    क्यों ना इस बार बदलाव की पहल हम खुद से करें।

    दूसरों के बिगड़ते रिश्तों विवादों पर नजर टिकाए बैठे हैं
    क्यों ना पहले घर में बिगड़ते रिश्तों को सुधारने की पहल की जाए।

    सरकार से अपनी मांगों को पूरी करने की आस लगाए बैठे रहते हैं
    क्यों ना इस बार खुद ही कुछ मांगों को पूरी करने की पहल की जाए।

    ©cruxoflife

  • dil_k_ahsaas 7w

    पहल

    समाज को सुधारने की जगह
    खुद में सुधार की पहल होनी चाहिए।

    दूसरों में गलतियां ढूंढने की जगह
    खुद की गलतियों को ढूंढने की पहल होनी चाहिए।

    दूसरों की नकारात्मक सोच को बदलने की जगह
    खुद में सकारात्मक सोच के संचार की पहल होनी चाहिए।

    औरों को ग़लत ठहराने की जगह
    खुद को भी ग़लत कहने की पहल होनी चाहिए।

    दूसरों को राक्षस प्रवृति का ठहराने की जगह
    खुद के अंदर के राक्षस को मारने की‌ पहल होनी चाहिए।

    यूं तो पहल करने के लिए है अनगिनत रास्ते
    खुद के लिए उन रास्तों को ढूंढने की पहल होनी चाहिए।

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • the_stori_ 7w

    अभी भी क्या बदलाव नही आणि चाहिए ,
    अभी भी ऐसे चलते रहेगा क्या ??
    एहि सबल करना चाहूंगी आप सभी से ����

    @misty_2004 शुक्रिया हमे ये #prayasss19 के ये बिचार देने के लिए ��
    और गलती के लिए माफ़ी चाहूंगी ��
    ज़्यादा अच्छा लिख नही पाई।

    �� 12/8/20 ��

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    उम्मीद बदलाव की

    दिल जल जाता है कोयला के तरह
    जब यह भेदभाव देखती हुँ
    लिंग का।

    दिल जल जाता है कोयला के तरह
    जब यह रिश्वत लेते देखती हुँ
    पढ़ाई के दुनिया में।

    दिल जल जाता है कोयला के तरह
    जब यह उच्च नीच देखती हुँ
    गरीब और अमीरो में।

    दिल जल जाता है कोयला के तरह
    जब यह मरते इंसानियत को देखती हुँ
    बदलते वक्त के साथ।

    ~ समादृता सिन्हा

  • misty_2004 7w

    सबकों मेरा नमस्ते��
    उम्मीद हैं की आप सब खुश और सही-सलामत हैं अपने परिवार-परिजनों के साथ।�� #prayasss -एक ऐसी श्रृंखला हैं जिसमें कई नए अंदाज़ की रचनाएँ उभर के आयी। इस श्रृंखला के ज़रिए बहुत उत्तम सोच-बिचार रचनाओं के द्वारा प्रदर्शित हुए।
    मैं तहे दिल से सुक्रिया बोलना चाहूंगी @maakinidhi जी को जिन्होंने मुझे इस काबिल समझा की मैं इस श्रृंखला को आगे ले जा सकू और इसका संचालन कर सकूँ। मैं पूरी कोशिश करूँगी की इस दायित्व को पूर्ण रूप से निभा सकूँ।

    आज की #prayasss19 का शिर्षक हैं," उम्मीद बदलाव की "।

    मैं आप सबको इस विषय पर लिखने के लिए आमंत्रित करती हूँ। आशा है आप रसब इसको सफल बनाने में योगदान देंगे����



    #prayasss19

    ��Please apne dosto ko bhi #tag kre,taki is shrinkhala ko agr badha ske��
    Sukriya ��♥️

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    #prayasss19



    उम्मीद बदलाव की


    ❤️ मैं आप सबको इस विषय पर लिखने के लिए आमंत्रित करती हूँ।❤️

    #prayasss श्रृंखला के द्वारा समाज मे परिवर्तन के लिए चेतना के बीज बोए जा रहे हैं।
    तो आप सभी गुनी लेखक-लेखिकाओं के उम्मीद को मेरा नमन।

  • lazybongness 7w

    स्वागत करो सजालो थाल,
    घर पधारेंगे आज नंदलाल,
    श्याम सलोना मुरली धारी,
    ब्रज की माटी पावन हारी।

    यमुना तट पर रास रचाए,
    गोपियों संग मेरे गिरधारी।
    भावे उनको माखन मिश्री,
    कान्हा बजाएं मधुर बांसुरी।

    सुन कर धुन न रोक पाए,
    गोपियां राधा दौड़ी चली आए।
    नटखट स्वांग खूब रचाए,
    वृन्दावन में प्रेम बरसाए।

    किरपा बरसाए रखियो नाथ,
    सर पर हमेशा रखियो हाथ,
    झोली सबकी भर लेना, अपने
    रूप से दुख सबका हर लेना।

    ��️����जय श्री कृष्णा ������️

    #prayasss19 @maakinidhi @goldenwrites_jakir @life09

    Pic credit : Google images

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    नन्हें नन्हें कदमों से देखों, चले आ रहे गोपाल ...
    हर्ष उल्लास से शोभित श्रृष्टि, रंगोली सजी हर द्वार।।
    ©lazybongness

  • aashu_07 7w

    नाम सुनकर कृष्ण का बावरी हो जाती राधा
    सारे संसार मे गुंजती हैं उनकी प्रेम गाथा
    कृष्ण नाम से मिले जीवन
    तो राधा नाम से मोक्ष हैं मिलता
    वो दो नही एक है
    जिससे सारा संसार है चलता....
    Happy janmashtmi
    ©aashu_07

  • gunjit_jain 12w

    #abhivyakti14
    #abhivyakti15

    #prayasss19 @misty_2004 पुरानी रचनायों में से एक पेश है

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    बदलाव

    कुछ सिखा'कर जाता है अगर, तो वो घाव अच्छा है!
    सामने नहीं हुए तो क्या, वर्चुअल ये लगाव अच्छा है!

    कोई ऊंचाइयों पर चढ़ रहा, कोई जीवन में बढ़ रहा
    गर होता हो, किसी का उद्धार तो ये पड़ाव अच्छा है!

    देश प्रगति कर रहा, हर आसमान को अब छू रहा है
    तकनीकों से आया, परिवर्तन का ये प्रभाव अच्छा है!

    माना करीबी रिश्तें कम'ज़ोर पड़ें हैं, पर दूर के रिश्तों
    से भी, बात करने में झलक'ता है, वो चाव अच्छा है!

    पहले से चली आ रही परंपराओं से कुछ परे हट कर
    महिलाओं में जो जोश भर लाया, वो उठाव अच्छा है!

    कुछ प्रथाएं नयी शुरू हुईं पर कुछ कुरीति का गुंजित
    खण्डन भी हुआ, थोड़ा ही सही ये बदलाव अच्छा है!
    ©गुंजित जैन

  • cruxoflife 12w

    बदलाव

    लाभ और हानि तो हर चीज के होते है
    लेकिन बदलाव भी तो जरूरी होते है।

    हर दो पल में कुछ तो बदलता है
    गर बदली है संस्कृति तो कुछ हमे भी तो लाभ हुआ है।

    कुछ कुप्रथाओं का नाश हुआ है
    तो कुछ नई कुप्रथाओं को बढ़ावा भी मिला है।

    घूंघट में रहने वाली औरतों को खुल के सांस लेने का मौका मिला है
    तो वही कुछ लोगो ने बड़ों के प्रति आदर की कमी को भी नया फैशन माना है।

    ना मिल पाने पर वीडियो कॉल पर देख लेने पर खुश हो लिया जाता है
    वही पड़ोसियों के घर न्योता देने के लिए भी मोबाइल का इस्तेमाल किया जाता है।

    नई तकनीक ने घंटो का फासला मिनटों में तय करवा दिया है
    लेकिन कुछ लोगों के दिलों की दूरियों को भी बढ़ा दिया है।

    ©cruxoflife

  • dil_ke_alfajj 57w

    अपनी हर छवि से, सबका दिल चुराने वाले..
    तुमसा न कोई मनमोहक, ओ बाँसुरी वाले..
    MRJ
    ©dil_ke_alfajj