#shabdanchal

7768 posts
  • jeffryjose224108 1h

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    अपने गुरूर पर गौर कर, बन्दे |

    ©jeffryjose224108

  • jollymeenu 21h

    ©jollymeenu

  • meandmypenbytoshi 1d

    अपनो के खातिर

    चलो अाज थोड़ा समझदार बनते हैं,
    अपनो के खातिर कुछ दिन और अपनो से दूर रहते हैं,
    चलो शिकायत दूर करते है घरवालों
    की के तुम घर पे नहीं रहते,
    चलो कुछ दिन और इन्हे घर पे रहके दिखाते हैं,
    अपनों के खातिर कुछ दिन और अपनों से दूर रहते हैं,
    चलो नाश्ता केे ठेले को अाज घर पर ले आते हैं,
    कुछ समोसे कुछ पकोड़े कुछ भजीया अाज खुद बना लेते हैं,
    अपनों के खातिर कुछ दिन और अपनों से दूर रहते हैं,
    चलो बाबा से कहते हैं अाज आपका काम हम कर देंगे,
    चलो फ़ाइल उनकी भी थोड़ी हम समेट लेते हैं,
    अपनों के खातिर कुछ दिन और अपनों से दूर रहते हैं,
    अाज संडे हैं बाहर जा नहीं सकते,
    क्यों न अाज घर पर ही बाहर जैसा माहौल बनाते हैं,
    किसीको शिकायत रहती हमेशा हमसे की हम वक़्त नहीं देते,
    चलो अाज कुछ पल उनके साथ बीता केे
    उनकी शिकायत दूर करते हैं,
    अपनों के खातिर कुछ दिन और अपनों से दूर रहते हैं,
    ज़माना हो गया साथ बैठ केे हम लूडो नहीं खेले,
    चलो अाज एक दुसरे को हराने की साज़ीश करते हैं,
    माँ अाज भी रसोयी घर पे खड़े खाना बना रही हैं,
    चलो अाज रसोया बनके उन्हें आराम देते हैं,
    अपनों केे खातिर कुछ दिन और अपनों से दूर रहते हैं,
    वो जो छत पे कपडे सूखे है उन्हें ले आते है,
    भाभी बहना से कह दो कपड़े हम तय कर देते हैं,
    माना की कुछ वक़्त से दफ्तर का काम घर से कर रहे,
    क्यों न कुछ और दिन घर को दफ्तर बना लेते हैं,
    वो जो किराने की दुकान हैं गली में
    सामान लेने केे बहाने बस वही तक थोड़ा घूम आते हैं,
    अपनो केे खातिर कुछ दिन और अपनों से दूर रहते हैं,
    वो जो बाहर मौत से लड़ रहे
    हमें ज़िन्दगी से जीताने की खातिर,
    चलो अाज उनके लिए दुआ थोड़ा हम भी मांग लेते हैं,
    ये जंग हमारा अपनो से नहीं अपनों केे लिए लड़नी है,
    चलो अाज दुर रहकर भी साथ होने का जज़्बा दिखाते हैं,
    अपनों के खातिर कुछ दिन और अपनों से दूर रहते हैं,
    बस कुछ दिन और बस कुछ दिन और
    ये सोच ही हमें इस जंग से जीतायेगी,
    बस यही सोच को लेकर कुछ दिन और चलना हैं,
    अपनों के खातिर कुछ दिन और अपनों से दूर रहना हैं,
    अपनों के खातिर कुछ दिन और अपनों से दूर रहना हैं ...


    ©meandmypenbytoshi

  • writer_banduke_ji 1d

    इश्क़ करते तुमसे और तुम मेरे मरने की दुआ मांगते हो
    ऐसे ही मर जाऊंगा एक दिन इश्क़ में बर्बाद तो होने दो ..
    ..
    ©Writer_Bandukeji

  • writer_banduke_ji 1d

    एक एक लफ्ज़ उनका खंजर हो गया
    हर लफ्ज़ से उनके दिल मेरा बंजर हो गया ..
    ..
    ©writer_banduke_ji

  • khwahishaan 1d

    यहां दीवार की टेक भी मिल जाए
    तो किसी के साथ सा लगता है
    ©ख्वहिशाँ

    #alone #love #loneliness #tired #mirakeeworld #mirakee #mirakeeindia #tweeter #instagram #rekhta #rekhtafoundation #shabdanchal #instawriters #khwahishaan

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    यहां दीवार की टेक भी मिल जाए
    तो किसी के साथ सा लगता है
    ©ख्वहिशाँ

  • dil_k_ahsaas 1d

    @trickypost @bal_ram_pandey @playboy9 @jiya_khan @ru_malik
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    जिंदगी जिंदादिली से जीने का नाम हैं मुर्दा दिल क्या खाक जिया करते हैं।

    ये बहुत ही प्रचलित कहावत हैं।

    कल रात मेरे बचपन के दोस्त ने इस पर कुछ लिखने के लिए कहा मुझे। रात से ही सोच रही हूं कि क्या लिखूं इस विषय पर।

    क्या वाकई में जिंदादिली ही सबकुछ है मुर्दा दिली के कोई मायने नहीं।

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    हर इंसान जिंदा दिल ही पैदा होता हैं
    फिर बड़े होने तक वो मुर्दा दिल कैसे हो जाता हैं

    हालात, मजबूरियां, बेबसी और खलिशे
    शायद यही वजह है कि दिल की स्थिति बदल जाती हैं

    कब तक इंसान खुद को हौसला दे कर खुद से ही लड़ें
    कब तक हालातों से समझौता कर के जिंदगी गुजारे

    एक कभी ना खत्म होने वाली थकान सी बदन में घर करने लगती हैं
    जो रेंग रेंग कर दिल की ओर अपने पांव पसारने लगती हैं

    जब अपने परिवार को भूखा-प्यासा और अभावों से मरता देखो
    तो कैसे कोई जिंदादिली से जी सकता हैं

    क्या सब-कुछ अनदेखा कर के जिया जा सकता हैं
    शायद हां, पर कितने वक्त तक अनदेखा कर सकते हैं

    कभी तो हकीकत को स्वीकार करना ही होगा ना
    कोई कब तक अपने हालातों से दूर भाग सकता हैं

    क्या यूं भाग जाने से हालातों में सुधार होगा
    हालातों को सुधारने के लिए तो हालात से सामना करना ही पड़ता हैं

    क्या हिम्मत की जरूरत नहीं होगी, होगी ना
    पर जब निराशाएं चारों ओर से घेर लेंगी तो हिम्मत कैसे मिलेगी

    कहने को तो कहते हैं

    जिंदगी जिंदादिली का नाम हैं मुर्दा दिल क्या खाक जिया करते हैं
    पर कभी उन लोगों को जीते हुए देखा है

    जिनके दिल तो ना जाने कब के मुर्दा हो चुके हैं पर फिर भी वो जिंदादिली के आडंबर को ओढें बस बेबसी में जिए ही जा रहे हैं

    जिंदगी जिंदादिली का नाम नहीं है

    जिसने जिंदगी के हर हालात का मुकाबला कर के जिया
    वो जिंदा दिल है फिर चाहे उसके दिल को मरे हुए जमाने ही क्यूं ना हो गए हो

    दिल के एहसास। रेखा खन्ना
    ©dil_k_ahsaas

  • anu420 2d

    अपना बचपन

    कुछ ऐसा अपना बचपन था , दिन भर खेलना कूदना दोस्तो के संग छोटी - छोटी बातो पर लड़ना फिर से एक हो जाना कुछ ऐसा मेरा जीवन था । इन्द्रधनुष के सारे रंग थे , फिर भी अपना बचपन कुछ खाली था । आज जब भी सोचती हूं तो लगता है अब कैसा अपना जीवन है । फिर से लौट चले अपने वही बचपन में जहां दादी नानी की कहानियां थी , मम्मी का प्यार पापा की डांट वहां सब अपना था ।
    ©anu420

  • jeffryjose224108 2d

    ***

    मैं बोलूँगा तो बोलोगे की बोलता है !!!
    :P !!! :D !!!

    ©jeffryjose224108

  • dreamy_logophile 3d

    ज़िन्दगी जियो तो गुलाब की तरह,
    खूबसूरती भले ही ढल जाए,
    मगर एहमियत कभी नहीं ढलती....!
    ©dreamy_logophile

  • jeffryjose224108 3d

    Precious !

    You need to loose something Precious ...
    To Learn Something More PRECIOUS.

    ©jeffryjose224108

  • johar_alfaaz 4d

    मैंने चेहरे से लोगों को बदलते देखा है...
    प्यार इज़्ज़त जज़्बातों को ढलते देखा है,
    बेटी जैसी भी ख़ुद की जिन्हें चाँद का टुकड़ा लगती है...
    ऐसे लोगों को मैंने दूसरों पे हस्ते देखा है..!!

  • johar_alfaaz 5d

    LADKI ki shadi tbhi acchi kehlati hai jab ladka paise wala ho
    Aur LADKA ki shadi tbhi acchi kehlati hain jb ladki khubsurat ho.

    ©johar_alfaaz

  • anu420 1w

    बदल लिया

    बदल लिया है मैंने जिस दिन से खुदको,
    दुनिया के आगे तब से मैं रोती नही ।
    सक्षम हूँ हर परेशानी और लोगों से लड़ने के लिए ,
    भरोसा करो सबसे मजबूत हूँ अब मैं गिरती नही । पापा की परी हूं मैं मम्मी की हूं राज दुलारी , खुद उनसे ही तो सीखा है खुद को फौलाद बनाने की। कहते थे गिरोगे लगेंगी भी खूब ,पर खुद को खुद से ही उठाना है । यह ना देखो कौन कहा से तुमको है देख रहा , झूमो नाचो गाओ वो सब करो जो आज तुम्हारे दिल में है जगा । फिर से यह पल ना आयेंगे , दिमाग़ में यह बात रखो सदा , की लोगों का क्या है वो तो आलोचना करेंगे सदा । यह जीवन तुम्हारा है , तुमको क्या करना है बस इसका ध्यान रखो सदा ।
    ©anu420

  • satydev 1w

    "शहर"

    हर खबर,,, पर नज़र ,,,
    हर असर,,, पर खबर ?
    न इधर,,, न उधर,,,
    हर शहर,,, पर खंजर !

    अब ठहर ? बस ठहर,
    जहर,,, पर नजर,,, ?
    मंजर,,, पर ,,, कहर,,,
    दर = बदर,, हर शहर ।

    ©satydev

  • satydev 1w

    "कहर"

    हर शहर पर,कहर बरपा है।
    "कोरोना" से हर ,घर सहमा है।।

    जिन्दगीयाँ बद् से, बदतर हो गई ।
    मौत की रफ्तार, कमतर न हुई।।

    अपने ही अपनों से, ऐसै रूठें।
    मरघटों पे आँसु है, जैसे सुखे ।।
    ©satydev

  • satydev 1w

    विचार

    अंनत प्रवाह,,,,,,✍️ भाग 1

    निरंतर प्रवाहित होने वाले विचारों में मन की गहन भूमिका रहती है।
    मन ही मनुष्य का घोतक होता है।
    जो जिसको चलाता है। कहाँ गया है न कि "मन के हारे हार है,मन के जीते जीत" मन ही विचारों का शक्ति =पुंज है। मन में उठने वाले विचार निरंतर बदलते रहते है।इसीलिए मन को अति "चंचल" भी कहाँ गया है, वह स्थिर नही रहता है।
    समुद्र में उठने वाली छोटी = बड़ी लहरों की भांति मन में नित्य निरंतर विचार बदलते रहते है। वह संसय से युक्त रहता है,संसय में पड़ा मन भ्रमित हो जाता है। जिसे हम भ्रम या भ्रांति कहते है।
    क्रमशः :=

    सत्यदेव बंदुके महेश्वर
    ©satydev

  • satydev 1w

    "हिन्दी"

    हिन्द है हम, हिन्दी का चलन चाहिये ।
    हर जुबां पर, हिन्दी का नाम चाहिये ।।

    हिन्दी मां के भाल की बिंदी है ।
    हिन्दी मां के गौरव का गीत है ।।

    तु शेरे हिन्द, आगे बढ़ हिन्दी के लिये ।
    फलक तलक उठा़ के सर हिन्दी के लिये ।।
    ©satydev

  • satydev 1w

    राष्ट्र धर्म

    स्वदेशी जागरण देश का स्वावलम्बन जन्म सिद्ध अधिकार है। इसे आगे बढाना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है। आओ ! हम सब मिलकर राष्ट्र की संप्रभुता के साथ एक हो जाएँ ।
    ©satydev

  • wannabe__writerr 4d

    अदा

    उसकी इस अदा की तो,
    मैं हमेशा से कायल हूँ ।
    दुनिया की हर खुशी,
    मेरी झोली मे डाल कर,
    बार बार पूछता है,
    तुम खुश तो हो ना मेरी जान।

    ©wannabe__writerr
    -Megha Thakur