#srv

2593 posts
  • sramverma 1d

    Date 27/02/2020 Time 4:30 PM #SRV

    बारिश की ये रिमझिम बूँदें मुझे
    तुम्हारे स्पर्श का एहसास दिलाती है ;
    तब ही तो बारिश की ये रिमझिम बूंदें मेरे ;
    होंठों पर रूककर तुम्हारी तरह इठलाती है !

    ©sramverma

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  • sramverma 1d

    Date 27/02/2020 Time 4:30 PM #SRV

    उस के रेशम से नर्म लहजे के पीछे
    छुपा उसका अपना ही मकसद था ;
    उस के इस मकसद को मै आदतन ;
    उसकी शराफ़त समझ बैठा था !

    ©sramverma

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  • sramverma 1d

    Date 27/02/2020 Time 4:30 PM #SRV

    सुनो अभी अपनी उम्मीदें जगाएं रखना ,
    जब तक घना है अंधेरा इस शब का ;
    तब तक दिल की शम्माएँ जलाए रखना !

    ©sramverma

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  • sramverma 1d

    Date 27/02/2020 Time 4:30 PM #SRV

    उसने अपनी उम्र कुछ इस कदर चैन से काट ली ;
    कि उसे जब भी दुख मिला उसने उसे राहत समझ ली !

    ©sramverma

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  • sramverma 1d

    Date 27/02/2020 Time 4:30 PM #SRV

    मेरी कमी !

    सुनो ये बे-मौसम
    बारिश बे-सबब नहीं है
    ये कुदरत भी अच्छी
    तरह से समझती है
    मेरे ज़ज़्बातों को भी
    अच्छी से जानती है
    और भीगा-भीगा सा
    ये मेरा मन अब
    छलकने को आतुर है
    पर मैं अपनी इन आँखों
    से हर बार तुम्हे वो
    जतलाना नहीं चाहती हूँ
    अपना भींगापन अपनी
    भींगी भींगी आँखों से
    आखिर मैं ही क्यों
    हर बात जतलाऊँ
    क्या तुम्हे मेरी कमी
    बिलकुल नहीं खलती है !

    ©sramverma

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  • sramverma 1d

    Date 27/02/2020 Time 4:30 PM #SRV

    #Love

    True love asks no
    questions, makes no
    reservations, but puts
    itself unconditionally
    into the hands of the
    loved one...

    ©sramverma

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  • sramverma 1d

    Date 27/02/2020 Time 4:30 PM #SRV

    !!जय जय श्री राधे!!

    *आश्लिष्य वा पादरतां पिनष्टु
    मामदर्शनान्-मर्महतां करोतु वा।*
    *यथा तथा वा विदधातु लम्पटो
    मत्प्राणनाथस्-तु स एव नापरः॥८॥*

    एकमात्र श्रीकृष्ण के अतिरिक्त मेरे
    कोई प्राणनाथ हैं ही नहीं और वे ही सदैव
    बने रहेंगे, चाहे वे मेरा आलिंगन करें अथवा
    दर्शन न देकर मुझे आहत करें। वे नटखट
    कुछ भी क्यों न करें - वे सभी कुछ करने के
    लिए स्वतंत्र हैं क्योंकि वे मेरे नित्य आराध्य
    प्राणनाथ हैं ॥८॥

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    !!जय जय श्री राधे!!

    *आश्लिष्य वा पादरतां पिनष्टु
    मामदर्शनान्-मर्महतां करोतु वा।*
    *यथा तथा वा विदधातु लम्पटो
    मत्प्राणनाथस्-तु स एव नापरः॥८॥*

    एकमात्र श्रीकृष्ण के अतिरिक्त मेरे
    कोई प्राणनाथ हैं ही नहीं और वे ही सदैव
    बने रहेंगे, चाहे वे मेरा आलिंगन करें अथवा
    दर्शन न देकर मुझे आहत करें। वे नटखट
    कुछ भी क्यों न करें - वे सभी कुछ करने के
    लिए स्वतंत्र हैं क्योंकि वे मेरे नित्य आराध्य
    प्राणनाथ हैं ॥८॥

  • sramverma 1d

    Collab with a finest writer @mere_khyal_se

    Date 26/02/2020 Time 6:30 PM #SRV

    बीते कल की यादों को मैंने तो ;
    जिंदगी नामक किताब का अध्याय बना कर रखा है!

    ©sramverma

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  • sramverma 1d

    Date 26/02/2020 Time 6:30 PM #SRV

    चाहत अगर ज़िंदगी की ज़रूरत है ;
    तो ग़म उस चाहत की इनायत है !

    ©sramverma

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  • sramverma 1d

    Date 26/02/2020 Time 6:30 PM #SRV

    तेरा हर एक अंग आँखें लिए हुए है ;
    क्या तुर्फ़ा-ए-एहतियात तिरी सादगी में है !

    ©sramverma

    तुर्फा-ए-एहतियात - A care of rare kind

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  • sramverma 1d

    Date 26/02/2020 Time 6:30 PM #SRV

    नाकाम ज़िंदगी हो या नाकाम इश्क़ हो ;
    फिर भी जीने की आरज़ू सभी में ज़िंदा हो !

    ©sramverma

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  • sramverma 1d

    Date 26/02/2020 Time 6:30 PM #SRV

    मेरे अंतस का सन्नाटा जब जोरों से चीखने लगता है ,
    तब एक फुहार तुम्हारे स्पर्श की आकर पास मेरे ;
    उषाकाल सा अद्भुत नयनाभिराम दृश्य पैदा करती है !

    ©sramverma

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  • sramverma 1d

    Date 26/02/2020 Time 6:30 PM #SRV

    परवाह !

    तुम लापरवाह हो
    यही सोच सोच कर
    मैं हर पल करता रहा
    परवाह तुम्हारी
    पर अब लगता है
    मैं हर पल करता रहा
    जो परवाह तुम्हारी
    इसलिए तुम हो गयी
    लापरवाह इतनी
    पर अब ऐसा सोचता हूँ
    कि जब मैं नहीं रहूँगा
    साथ तुम्हारे तब
    तुम्हे कचोटेगी ये
    तुम्हारी लापरवाही
    तब तुम्हे पता चलेगी
    कीमत उस परवाह की !

    ©sramverma

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  • sramverma 1d

    Date 26/02/2020 Time 6:30 PM #SRV

    #Love

    True love begins
    when you accept
    yourself in your totality.
    Then, and only then, you
    can completely love another...

    ©sramverma

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  • sramverma 1d

    Date 26/02/2020 Time 6:30 PM #SRV

    !!जय जय श्री राधे!!

    *युगायितं निमेषेण चक्षुषा प्रावृषायितम्।*
    *शून्यायितं जगत् सर्वं गोविन्द विरहेण मे॥७॥*

    हे गोविन्द ! आपके विरह में मुझे एक क्षण भी
    एक युग के बराबर प्रतीत हो रहा है । नेत्रों से
    मूसलाधार वर्षा के समान निरंतर अश्रु-प्रवाह
    हो रहा है तथा समस्त जगत एक शून्य के समान
    दिख रहा है ॥७॥

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    !!जय जय श्री राधे!!

    *युगायितं निमेषेण चक्षुषा प्रावृषायितम्।*
    *शून्यायितं जगत् सर्वं गोविन्द विरहेण मे॥७॥*

    हे गोविन्द ! आपके विरह में मुझे एक क्षण भी
    एक युग के बराबर प्रतीत हो रहा है । नेत्रों से
    मूसलाधार वर्षा के समान निरंतर अश्रु-प्रवाह
    हो रहा है तथा समस्त जगत एक शून्य के समान
    दिख रहा है ॥७॥

  • sramverma 2d

    Date 25/02/2020 Time 6:00 PM #SRV

    मुझे वो अपनी जागीर समझता है ,
    मैं ता उम्र सिर्फ एक उस की ही हूँ ;
    उसे मुझ पर कुछ ऐसा यक़ीन है !

    ©sramverma

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  • sramverma 2d

    Date 25/02/2020 Time 6:00 PM #SRV

    नग्नता हमारे अंदर ही कहीं पनपती है ,
    वर्ना हम ये भी तो सोचे कभी की कोई
    इन बे-लिबास आँखों का लिबास ढूंढता है !

    ©sramverma

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  • sramverma 2d

    Date 25/02/2020 Time 6:00 PM #SRV

    एक मुट्ठी में जब ज़मीं सिमट जाती है ;
    एक आँसू में तब ही तो आसमां भी समां जाता है !

    ©sramverma

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  • sramverma 2d

    Date 25/02/2020 Time 6:00 PM #SRV

    नितांत अकेलेपन की जंजीरों में
    जकड़ा जो मेरा अस्तित्व होता है ;
    वो तुमसे बंधकर ही तो और सबसे ;
    मुक्त होने की आस पर जीता है !

    ©sramverma

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  • sramverma 2d

    Date 25/02/2020 Time 6:00 PM #SRV

    प्रेम की ऊष्मा !

    जमा हुआ था
    हिमालय सा मैं
    सीने में थी बस
    बर्फ ही बर्फ
    ना ही कोई सरगोशी
    ना ही कोई हलचल
    सब कुछ शांत सा
    स्थिर अविचल सा
    फिर तुम आई
    स्पर्श कर मन को
    अपने प्रेम की ऊष्मा
    उसमें व्याप्त कर दी
    बून्द बून्द बन
    पिघल पड़ा मैं
    बादल बन कर
    बरस पड़ा मैं
    बादल से सागर
    बनने की ओर
    अग्रसर हूँ मैं !

    ©sramverma

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